सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 03 अगस्त - Live Aaryaavart

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सोमवार, 3 अगस्त 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 03 अगस्त

कृषि हितैशी कार्यो में सर्वश्रेष्ठ रहा सीहोर कृषि विज्ञान केंद्र , मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की हुई कृषि जोनल कार्यशाला

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सीहोर। कृषि विज्ञान केंद्र सीहोर ने अपनी उन्नत किस्मों के चलते मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के 27 कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रमुख स्थान प्राप्त किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान अटारीद्ध जबलपुर में तीन दिवसीय जोनल कार्यशाला हुई। मुख्य आतिथ्य के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों और उन्नत किसानों को संबोधित किया। वर्चुअल वीडियो के माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्र सीहोर के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक डॉ जे के कनोजिया, संदीप तोड़वाल, देवेंद्र पाटिल, दीपक कुशवाह, विमलेश कुमार,धर्मेन्द्र पटेल ने कृषि मंत्री के समक्ष कृषि विज्ञान केंद्र सीहेार के द्वारा कुल 10 तकनीकी सत्र के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से कृषि  के विकास एवं उत्थान के लिए जिले में किए जा रहे कृषि और किसान हितैशी कार्यो को प्रस्तुत किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीहोर जिले की जल वायू और उन्नतशील भूमि से अवगत कराया। किसानों ने भी अपने कृषि से संबंधित प्रशनों को रखा और कृषि मंत्री के विचारों वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुना। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित कार्यशाला के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने कहा की कृषकों का परिश्रम एवं कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान के कारण देश को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त  हुआ है। उन्होने कहा की गांवों व किसानों की ताकत को ना मुगल खत्म कर पाए ना अंग्रेज, देश को आत्मनिर्भर बनाने में कृषि विज्ञान केंद्रों और किसानों की अग्रणी भूमिका है। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रमुख वैज्ञानिक डॉ एस आर के सिंह द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन डॉक्टर बीपी चहल द्वारा किया गया।

संस्कृत सप्ताह के तहत सोमवार को किया वैद्य रामायण व धार्मिक ग्रंथों का पूजन
  • - मध्य भारत संस्कृत भारती द्वारा 31 जुलाई से 6 अगस्त तक मनाया जा रहा है संस्कृत सप्ता
सीहोर-   संस्कृत भारती द्वारा 31 जुलाई से 6 अगस्त के बीच संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है इसके तहत सोमवार को वैद, रामायण गीता सहित धार्मिक ग्रंथों के पूजन का कार्यक्रम घर-घर किया गया ,सीहोर जिले में सोमवार को रक्षाबंधन के साथ संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में वैद्य पूजन का आग्रह  संस्कृत भारती के राकेश सिंह ठाकुर, जितेन्द्र राठौर ,मनोज तिवारी, पवन शर्मा ,विष्णु प्रसाद परमार, दुर्गा सिंह ,ओमप्रकाश सेन ने स्थानीय लोगों से अपने अपने घर पर मौजूद धार्मिक ग्रंथों एवं पुस्तकों का पूजन संस्कृत दिना चरण के तहत किया।

जिला स्तरीय व्याख्यान में वक्ता डॉ मनीष सिमरिया ने बताया संस्कृत भाषा का महत्व, संस्कृत सप्ताह के तहत आयोजन

  सीहोर - संस्कृत भारती जिला सीहोर द्वारा संस्कृत सप्ताह के तहत द्वितीय दिवस गूगल मीट पर व्याख्यान का आयोजन किया ,जिसमें वक्ता डॉ मनीष खेमरिया ने संस्कृत भाषा के महत्व ,उपयोगिता को विस्तार से बताया ,डॉ खेमरिया ने कहा की संस्कृत सरल समृद्ध और वैज्ञानिक भाषा है विश्व का संपूर्ण ज्ञान संस्कृत भाषा में है वही संस्कृत में व्यक्तियों के नाम का भी विशेष अर्थ होता है जो कि अन्य भाषा में नहीं होते हैं भारत को विश्व गुरु बनाने में संस्कृत भाषा का विशेष योगदान रहेगा ,इस व्याख्यानमाला का आयोजन गूगल मीट पर किया गया, जिसका संचालन व्याख्यान माला प्रमुख विष्णु प्रसाद  परमार ने किया तथा सरस्वती वंदना व स्वागत गीत श्रीमती दुर्गा सिंह ने प्रस्तुत किया,ध्येय मंत्र राकेश सिंह ठाकुर ने एवं कल्याण मंत्र पंडित गजेंद्र शर्मा ने बोला कि इस व्याख्यान में सीहोर जिले से संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार में लगे कार्यकर्ताओं सहित संस्कृत शिक्षक -शिक्षिकाएं एवं संस्कृत अनुरागीयों ने भाग लिया ।

आज 8 की रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई
  • आज 25 व्यक्ति स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज किए गए वर्तमान में कुल पॉजीटिव एक्टिव व्यक्तियों की संख्या 134
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकार डॉक्टर सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि आज 8 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है। जिसमें  बुदनी की मधुबन कॉलोनी से 3,अआष्टा बुधवारा से 1 व्यक्ति तथा इछावर के 4 व्यक्ति वार्ड नंबर एवं वार्ड नंबर 11 सुभाषचन्द्र बोस वार्ड निवासी है जिनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। जिले में वर्तमान में पॉजीटिव /एक्टिव व्यक्तियों की संख्या 134  है। आज 25 व्यक्तियों को कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज किया गया है। डिस्चार्ज किए गए व्यक्तियों में सीहोर, नसरूल्लागंज, इछावर एवं आष्टा के व्यक्ति शामिल है। जिले में अब तक 155 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज किया गया है। जिले में अब तक 11 कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी  है। आज 12 व्यक्तियों के  सैम्पल कोरोना जांच हेतु लिए गए है। जिसमें  बुदनी के 11 तथा सीहोर जिला चिकित्सालय से 1 सैम्पल शामिल है। आज पॉजीटिव मिले नए कंटेनमेंट जोन सहित समस्त कंटेनमेंट एवं बफर जोन में स्वास्थ्य दलों द्वारा सघन स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है। वहीं पॉजीटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में सर्वे के लिए एक से दो दल लगाए गए है। सर्वे दल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को बनाया गया है तथा स्वास्थ्य सर्वे दल में ए.एन.एम., आशा कार्यकर्ता,आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 300 है जिसमें से 11 की मृत्यु हो चुकी है 155 स्वस्थ्‍ होकर डिस्चार्ज हो गए है तथा वर्तमान में 134 पॉजीटिव व्यक्तियों का उपचार चल रहा है। आज कुल 12 सैंपल जांच हेतु लिए गए। जिले से अब तक कुल 4931  सेम्पल जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें से 4156 सेंपलों की रिपोर्ट अब तक निगेटिव प्राप्त हुई है। आज 57 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 446 सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 29 है। जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में है उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 काल सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर.7247704181 है कोविड.19 से संबंधित जानकारी इस संपर्क नंबर पर ली व दी जा सकती है। वहीं जिला चिकित्सालय सीहोर में टेलीमेडिसीन के लिए संपर्क नंबर 07562-401259 जारी किया गया है तथा राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर काल करके भी टेलीमेडिसीन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104  नंबर पर ई.परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। ई.संजीवनी ओपीडी सेवा हेतु www.esanjeevaniopd.in पंजीयन कराया जा सकता है। कलेक्ट्रेट कार्यालय सीहोर में भी जिला स्तरीय काल सेंटर बनाया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562.226470 है तथा होम क्वारंटाइन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। जिस पर संस्थागत क्वारंटाइन अथवा होम क्वारंटाइन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साईकोलाजिकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से निःशुल्क प्राप्त कर सकते है।

प्रदेश में तकनीकी पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर के 36 हजार से ज्यादा विद्यार्थी देंगे ऑनलाइन परीक्षा 

प्रदेश में तकनीकी पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएँ 24 अगस्त से ऑनलाइन मोड पर प्रारंभ होंगी। इसमें बी.ई., बी. आर्क तथा बी.फार्मिसी के लगभग 36 हजार 962 विद्यार्थी शामिल होंगे। इस वर्ष बी.आर्क के अंतिम सेमेस्टर के 242 छात्र, बी.फार्मेसी के 4 हजार 240, बी.ई. कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के 8 हजार 571 छात्र, सिविल इंजीनियरिंग के 6 हजार 601, इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के 3 हजार 528, मेकेनिकल इंजीनियर के 7 हजार 312, एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी के पाँच, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के 125, केमिकल इंजीनियरिंग के 98 छात्र, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के एक हजार 943, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 857, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्ट्रूमेन्टेशन इंजीनियरिंग के 40, फायर टेक्नालॉजी एवं सेफ्टी इंजीनियरिंग के 197 छात्र इस वर्ष ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होंगे। इसी प्रकार इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी के एक हजार 724 छात्र, माइनिंग इंजीनियरिंग के 154 छात्र, टेक्सटाइल टेक्नालॉजी के सात छात्र, इण्डस्ट्रियल इंजीनियरिंग मैनेजमेंट का एक तथा एमसीए के एक हजार 312 छात्र अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएँ देंगे। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत इस वर्ष सेमेस्टर 2 से 7 तक के विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन एवं गत वर्ष में उनके प्रदर्शन के आधार पर आगामी कक्षा में प्रोन्नत किया जायेगा।

स्वाधीनता संग्राम पर ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रविष्टि, 15 अगस्त तक आमंत्रित 

संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों एवं बच्चों में स्वाधीनता संग्राम के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता के लिये प्रविष्टि भेजने की तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी गई है। इन प्रतियोगिताओं में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यालयीन एवं स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिये फोटो क्विज एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता होगी। इसी प्रकार दो अन्य श्रेणी कविता लेखन एवं देशभक्तिपूर्ण रचना की संगीतमय प्रतियोगिता होगी। संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने बताया कि विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतियोगिताओं में 48 विजेताओं को एक लाख 79 हजार के पुरस्कार वितरित किये जाएंगे। चित्र पहचानो प्रतियोगिता में क्रमश: 5 हजार, 3 हजार और एक हजार के एक-एक और 5 पुरस्कार 500-500 रुपये के दिये जायेंगे। महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिये 8 और विद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिये 8, कुल 16 पुरस्कार दिये जायेंगे। स्वाधीनता पर केन्द्रित प्रेरक स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में भी क्रमश: 5 हजार, 3 हजार और एक हजार के एक-एक और 500-500 रुपये के 5 पुरस्कार दिये जायेंगे। महाविद्यालयीन और स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये 8-8 पुरस्कार होंगे। इसी क्रम में देश भक्ति पूर्ण कविता लेखन प्रतियोगिता विजेताओं को क्रमश: 10 हजार, पाँच हजार और तीन हजार के प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार एवं एक-एक हजार के पाँच पुरस्कार प्रमाण-पत्र के साथ दिये जाएंगे। इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के एक जनवरी 2020 की स्थिति में 35 वर्ष तक की आयु के निवासी भाग ले सकते हैं। एकल एवं समूह स्वर में 1947 से पूर्व की देश भक्ति पूर्ण रचना या स्वयं की मौलिक रचना की एकल या समूह स्वर में संगीतमय प्रस्तुति के लिये क्रमश: 50 हजार, 25 हजार और 10 हजार के एक-एक और पॉच पुरस्कार 5-5 हजार रुपये के दिये जाएंगे। उक्त सभी श्रेणी के विजेताओं को स्वाधीनता संग्राम पर केन्द्रित पुस्तकें और देश भक्ति गीतों की ऑडियों सीडी भी प्रदान की जाएगी। 

नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश लीड ले 6 वीं कक्षा से ही प्रारंभ करें व्यवसायिक शिक्षा 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि केंद्र द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति देश में शिक्षा के क्षेत्र में  मील का पत्थर साबित होगी। इसके  क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश लीड ले। इसके सभी प्रावधानों पर राज्य की परिस्थितियों के अनुसार तत्परता के साथ अमल किया जाए। विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान न देकर उनका कौशल विकसित करने के लिए प्रदेश में कक्षा छठवीं से ही व्यवसायिक शिक्षा दिए जाने के प्रावधान को जल्द से जल्द लागू किया जायेगा। स्कूली पाठ्यक्रम में संगीत दर्शन कला नृत्य के साथ ही योग का भी समावेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चिरायु अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा विभाग की गतिविधियों तथा नई शिक्षा नीति के संबंध में प्रदेश में की जाने वाली कार्रवाईयों संबंधी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को तत्परता के साथ लागू करने के लिए शिक्षा मंत्री एक टीम गठित करें जो इस संबंध में कार्रवाई के लिए रूपरेखा बनाए। प्रदेश में विशेष रूप से व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाना है, जिससे बच्चा शुरू से ही अपने क्षेत्र में दक्षता हासिल कर ले तथा उसे भावी जीवन में एक अच्छी आजीविका प्राप्त हो सके।

कर्मयोग एवं नैतिक शिक्षा का समावेश
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूली पाठ्यक्रम में योग एवं नैतिक शिक्षा को विशेष महत्व दिया जाए। इसके साथ ही संगीत, दर्शन कला, नृत्य, आदि विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।

उच्च गुणवत्ता वाले स्कूल विकसित किए जाएंगे
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में गांवों के क्लस्टर में उच्च गुणवत्ता वाले स्कूल विकसित किए जाएंगे। इस संबंध में भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार के 10 हजार स्कूल विकसित किए जाने की योजना बनाई जा रही है।

निजी स्कूल किसी विद्यार्थी का नाम नहीं काट सकेंगे
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संकट के चलते निजी विद्यालय विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य शुल्क वसूल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करे कि यदि कोई अभिभावक बच्चे की फीस नहीं चुका पा रहा है तो भी उसका नाम विद्यालय से किसी भी हालत में नहीं कटना चाहिए। कोरोना संकटकाल में  निजी विद्यालयों की समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार से कहा कि वे प्रदेश के स्कूल संचालकों एवं अभिभावकों से बातचीत कर हल निकाले।

कोविड-19 में डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था
प्रदेश में कोविड-19 काल में डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्री प्राइमरी के विद्यार्थियों के लिए भी डिजिटल शिक्षा प्रारंभ होगी जो उन्हें प्रत्येक सप्ताह 3 दिन दी जाएगी तथा प्रतिदिन 30 मिनट का समय निर्धारित होगा। इसके अलावा पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में सप्ताह में 5 दिन तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल में सप्ताह में 6 दिन डिजिटल शिक्षा दी जाएगी।

लैपटॉप वितरण के लिए रूपरेखा बनाएं
मुख्यमंत्री श्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश में 12 वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण के लिए रूपरेखा बनाई जाए। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि इस कार्य में लगभग 40 करोड़ की राशि खर्च होगी।

328 शाला भवनों का होगा लोकार्पण
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश में 328 स्कूल भवन पूर्ण हो गए हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि इनके लोकार्पण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों आदि के माध्यम से लोकार्पण कराए जाने की रूपरेखा बनाई जाए।

गांवों में टीवी के माध्यम से शिक्षा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि कोरोना संकटकाल में गांवों में टीवी के माध्यम से शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने एवं शिक्षा देने की व्यवस्था की जाए। इससे विद्यार्थी अपने घर बैठे ही टीवी पर शैक्षणिक सामग्री प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री निर्देश दिए कि इस कार्य को अभियान के रूप में जन सहयोग से किया जाए। ग्राम पंचायत आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। स्कूल शिक्षा विभाग प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने जानकारी दी कि 10 वीं परिणाम में इस वर्ष सुधार हुआ है जबकि कोरोना संक्रमण की वजह 12 वीं के परिणाम में मामूली गिरावट आई है। उन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान अब पढ़ाई नहीं रूकेगीष् की थीम पर विभाग द्वारा किये गये नवाचारों जैसे रेडियो स्कूल कार्यक्रम, डिजिटल लर्निंग एनहांमेंट कार्यक्रम, टीवी/केबल प्रसारण, वर्कबुक एवं पाठ्य पुस्तक वितरण, शिक्षक छात्र संवाद, लॉकडाउन का अनुभव साझा करने वाली बहुभाषायी लॉकडाउन प्रतियोगिता, हमारा घर-हमारा विद्यालय प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी।

शिक्षक प्रशिक्षण
प्रमुख सचिव श्रीमती शमी ने शिक्षक के प्रशिक्षण के लिये सीएम राईज डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों द्वारा बच्चों से घर-घर सम्पर्क कर पाठ्य पुस्तकों एवं दक्षता उन्नयन की वर्क बुक्स का वितरण किया गया। राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा फेस बुक लाइव के माध्यम से संभाग, जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं पालकों से सीधा संवाद किया गया।

सीएम राइज-शिक्षक प्रशिक्षण
सीएम राइज कार्यक्रम के तहत शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों के व्यवसायिक उन्नयन एवं कौशल विकास के लिये कुल 15 लाख कोर्स पूर्ण किये गये हैं। जिनमें 3 लाख 50 हजार यूजर्स ने लगभग 18 लाख घंटे प्रशिक्षण लिया। राजस्थान और हरियाण सरकार द्वारा भी सीएम राइज के कोर्स का अनुसरण किया जा रहा है। दस हजार शिक्षकों को आनन्दम संस्थान में  अलोहा हैप्पीनेस कार्यक्रम के तहत ष्खुशहाल और सन्तुष्ट जीवन के तहत प्रशिक्षित किया गया। ब्रिटिश काउंसिल के साथ 6 वीं से 12 वीं कक्षा के 7 हजार अंग्रेजी भाषा शिक्षकों को मूक (एमओओसी) कोर्स का प्रशिक्षण दिया गया।

कैरियर पोर्टल
विद्यार्थियों के कैरियर काउंसिलिंग के लिये यूनीसेफ के सहयोग से  एमपी एस्पायर पोर्टल तैयार किया गया है जिसमें 550 से अधिक कैरियर एवं 1150 से अधिक परीक्षाओं एवं व्यवसायिक कोर्स तथा 1120 से अधिक छात्रवृत्ति की जानकारी दी जाती है। इससे अभी तक लगभग 2 लाख विद्यार्थियों ने जानकारी ली है।

उमंग हेल्पलाइन
यूएनएफपीए के सहयोग से जीवन कौशल कार्यक्रम के तहत उमंग हेल्पलाइन नम्बर 14425 क्रियान्वित किया जा रहा है। इसमें कोविड-19 के दौरान किशोरों के लिये मनो सामाजिक काउसिलिंग की जा रही है। इसमें प्रशिक्षित काउंसलर द्वारा सुबह 8 से रात 8 तक विद्यार्थियों की समस्या का समाधान किया जाता है।   

प्री-प्राईमरी और प्रारंभिक कक्षाओं में भी दी जा सकेगी ऑनलाइन शिक्षा

भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा ऑनलाइन डिजिटल शिक्षण प्रज्ञता के संबंध में जारी निर्देशानुसार अब प्रदेश में प्री-प्राईमरी एवं प्राइमरी कक्षाओं में भी ऑनलाइन/डिजिटल कक्षाओं के माध्यम से शिक्षण कार्य किया जा सकेगा। केन्द्रीय मानव एवं विकास संसाधन मंत्रालय ने दूरस्थ शिक्षा विशेषकर मोबाइल/लैपटॉप/कम्प्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन को देखते हुए निर्देश जारी किये हैं। प्री-प्राईमरी कक्षाओं में सप्ताह में 3 दिन, अधिकतम 30 मिनट तक ऑनलाइन क्लास ली जा सकती है। इसके लिये पालक एवं अभिभावकों से भी चर्चा की जायेगी। प्रारंभिक कक्षाओं (पहली से आठवीं तक) के लिये नियत दिवसों में सप्ताह में 5 दिन अधिकतम 2 सत्र किये जा सकेंगे एवं प्रत्येक सत्र की अवधि 30 से 45 मिनट तक होगी। हाई एवं हायर सेकंडरी (कक्षा 9वीं से 12वीं) कक्षाओं के लिये नियत दिवसों में सप्ताह में 6 दिन अधिकतम 4 सत्र किये जा सकेंगे। प्रत्येक सत्र की अवधि 30 से 45 मिनट तक होगी।

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