बिहार : बैकुंठपुर से चुनाव लड़ेंगे साधु यादव - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 19 सितंबर 2020

बिहार : बैकुंठपुर से चुनाव लड़ेंगे साधु यादव

पार्टी बिहार में 40 विधानसभा सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार
sadhu-yadav-will-fight-election-baikunthpur
पटना 19 सितंबर, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधानमंडल दल की नेता राबड़ी देवी के भाई अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव में बैकुंठपुर से दाव आजमाने की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी गरीब जनता दल सेक्यूलर 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी । पूर्व सांसद श्री यादव ने शनिवार को यहां बताया कि इस बार वह गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर से विधान सभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी गरीब जनता दल सेक्यूलर बिहार की 243 में से 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी । श्री यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन और उनके राजद छोड़ने के लिए विधायक एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के ज्येष्ठ पुत्र तेजप्रताप यादव के बयान को जिम्मेवार बताए जाने पर कहा कि श्री सिंह का राजद अध्यक्ष के बच्चों के साथ पितृवत स्नेह था। उन्होंने इन बच्चों को अपनी गोद मे खेलाया है। इसलिए वह तेजप्रताप के बयान से आहत नहीं थे। पूर्व सांसद श्री यादव ने कहा कि उन्हें श्री सिंह के मार्गदर्शन में काम करने का लंबाअ अनुभव है। वह उन्हें काफी अच्छी तरह से जानते थे। उन्होंने कहा कि दरअसल श्री सिंह महनार से रामा सिंह की पत्नी को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर दुखी थे। उन्होंने हमेशा जिनका विरोध किया उसे राजद के द्वारा तरजीह दिया जाना उन्हें आहत कर गया। उल्लेखनीय है कि श्री साधु यादव ने इससे पूर्व 2019 में महाराजगंज संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा। वर्ष 2004 में श्री यादव ने राजद प्रत्याशी के रूप में गोपालगंज लोकसभा सीट को जीत हासिल की थी। लेकिन, 2009 में उन्हें राजद ने टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उनके रिश्तों में खटास आ गई।

कोई टिप्पणी नहीं: