सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 12 सितम्बर - Live Aaryaavart

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शनिवार, 12 सितंबर 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 12 सितम्बर

भाजपा युवा मोर्चां ने कंगना के समर्थन में जलाया, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव का नारेबाजी कर पुतला
लक्ष्मी बनी मनु ने उद्धव के फोटो को तलवार की नोंक पर घुमाया
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सीहोर। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की कुचक्र सरकार के द्वारा कंगना राणावत के साथ किए दुर्वव्यहार को लेकर शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जिला महांमत्री सुदीप प्रजापति के नेतृत्व में कोतवाली चौराहा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का पुतला जलाया। प्रदर्शन के दौरान महारानी लक्ष्मी बाई बनी कुमारी मनू सेन ने तलवार की नोंक पर सीएम उद्धव ठाकरे के फोटो को घुमाया। कार्यकर्ताओं ने कंगना के चित्र के साथ जमकर नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।   भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को संबोंधित करते  हुए जिला महांमत्री सुदीप प्रजापति ने कहा कि उद्धव ठाकरे की सरकार के द्वारा जो गुण्डागर्दी की जा रही है वह लोकतंत्र के खिलाफ है और हम इसका पुरजोर विरोध करते है और उद्धव ठाकरे से इस्तीफा देने की मांग करते हैं। श्री प्रजापति ने कहा कि हमारे देश की रक्षा करने वाले नौसेना के रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी के साथ उद्धव ठाकरे सरकार के गुण्डों द्वारा बेहरहमी से मारपीट की गई है इस कृत्य की भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता घोर निन्दा करते हैं देश के चौथे स्तम्भ कहलाने वाले रिपब्लिक भारत के पत्रकार पब्लिक की आवाज को बुलन्द कर रहे है। न्याय का साथ दे रहे है उनको उद्धव ठाक रे के इशारे पर पुलिस द्वारा जबरिया गिरफ्तार कर लिया है उसका भी युवा  मोर्चा विरोध करता हैं। पुतला दहन प्रदर्शन में प्रदेशकार्य समिति सदस्य ईशान मुन्ना शर्मा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुनील परमार,जिला उपाध्यक्ष कुलदीप राजपूत, नगर मण्डल प्रवक्ता हर्ष ताम्रकार, युवा नेता समीर नानू सेन,नट्टु राठौर, सुमित कन्नोजिया, जितेन्द्र यादव, आनन्द पाठक, प्रिंस राठौर छोटे, मंयक राठौर, मनीष खेलवाल, आयूष राठौर, नरेन्द्र मेवाड़ा, नैतिक राय, शुभम धाकड़, हर्षित त्यागी, हर्ष राजपूत, पीयुष खनकर, जितेन्द्र मालवीय, तरुण चौरसिया, राज खरे, पवन कुशवाह, अभय त्यागी, आयूष मेवाड़ा, आशीष वर्मा, संजय परमार, शुभम, विक्की भावसार, सागर सोनी, शेरु यादव,नीरज राठौर, अंकित पटेल,मयंक श्रीवास, छोटू राव आदि कार्यकर्ता शामिल  रहे।



क्षेत्र के हर गरीब को मिलेगा पीएम आवास ग्रामों में होंगे करोड़ों रूपये के विकास कार्य-विधायक सुदेश राय  
झरखेड़ा में गृह प्रवेशम कार्यक्रम आयोजित हितग्राही को विधायक ने कराया गृह प्रवेश
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सीहोर। शनिवार को ग्राम पंचायत झरखेड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत गृह प्रवेशम कार्यक्रम विधायक सुदेश राय के मुख्य अतिथिय में  आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ऑनलाइन कर कमलों के द्वारा विधायक सुदेश  राय  के द्वारा  प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना की हितग्राही कैलाशी शर्मा को विधिविधान से गृह प्रवेश कराया। कार्यक्रम के दौरान विधायक सुदेश राय के द्वारा गृह प्रवेशम शिलालेख का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुदेश राय ने कहा की प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशानुसार वर्ष 2022 तक विधानसभा  क्षेत्र के  हर पात्र  गरीब को पक्का मकान पीएम आवास  योजना  के तहत बनाकर दिया  जाएगा। कोई व्यक्ति पक्के आवास  से वंचित नहीं रहेगा। विधायक श्री राय ने कहा की विधानसभा की हर ग्राम पंचायत में करोड़ों रूपये के निर्माण कार्य कराए जा रहे है। उन्होने बड़ते कोरोना प्रकोप को लेकर कहा की ग्रामीणजन  दो गज की दूरी बना रखने के नियम का पालन जरूर करें। सुरक्षा  के  लिए  मास्क सहित सैनीटाईजर का उपयोग भी करें। कार्यक्रम में पहुंचे विधायक सुदेश राय का सरपंच सुरेश विश्वकर्मां, विधायक प्रतिनिधि मंडल उपाध्यक्ष गोविंद पाटीदार,, जिला सरपंच संघ एलम सिंह दांगी ,जिला महामंत्री नवीन चौहान, युवा मोर्चा जिला महामंत्री भूपेंद्र पाटीदार,  कार्यकारिणी सदस्य नंदकिशोर पाटीदार, मंडल महामंत्री परमानंद मीणा, मंडल कार्यकारिणी सदस्य ओम पाटीदार, जनपद सदस्य मुकेश मेवाडा, मांगीलाल मीणा, तरुण पाटीदार, राकेश पाटीदार, विकास सेन ने पुष्प मालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल रहे।

"गृह प्रवेशम्" कार्यक्रम तहत 577 परिवारों ने किया अपने पक्के घर मे गृह प्रवेश

प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण अंतर्गत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार 12 सितंबर को प्रदेश स्‍तरीय आयोजित वीडियो कॉन्‍फ्रेसिंग के जरिये प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत पूर्णं हुए आवासों के हितग्राहियों को "गृह प्रवेशम्" कार्यक्रम द्वारा डिजीटल गृह प्रवेश कराया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए । जिले में कोविड-19 के दौरान 577 आवास पूर्ण हुए है, इनमें से सर्वाधिक आवास नसरूल्लागंज जनपद पंचायत अंतर्गत पूर्ण किये गये है। हितग्राहियों ने अपने सपनों से सुंदर घर मे हर्षोल्लास से गृह प्रवेश किया। सभी हितग्राहियों में खुशी की लहर दिखाई दी।

15 सितंबर को आयोजित होने वाला रोजगार मेला निरस्त

मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला पंचायत सीहोर के माध्यम से 15 सितंबर को आयोजित किए जाने वाले रोजगार मेले का आयोजन अपरिहार्य कारणों से निरस्त किया जाता है आगामी कार्यक्रम आते ही सूचना दी जाएगी।  

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु आवेदन 21 तक आमंत्रित

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार वर्ष 2019-20 के लिए प्रस्ताव 21 सितम्बर तक आमंत्रित किए गए है ततसंबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश पूर्व में ही जारी किए गए है कि समस्त विभागों के अधिकारियों को पुरस्कार की पात्रता व मापदण्ड की जानकारियां प्रेषित की गई है।

47 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई वर्तमान में कोरोना एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 361 है

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मुख्य  चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर  सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि आज 47 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है। सीहोर शहरी क्षेत्र से 13 व्यक्तियों की कोरोना जांच पॉजीटिव आई जो पल्टन एरिया गुलाब विहार, गंज, कोतवाली चौराहा, गांधी रोड़, दीवानबाग, नेहरु कॉलोनी, यादव मोहल्ला के निवासी हैं। आष्टा विकासखंड से 10 व्यक्तियों की जांच पॉजीटिव आई है जो कजलास रोड़, अलीपर, वार्ड नंबर 12, जावर रोड़, चंदन नगर, मूडला, इंदौर नाका एवं वार्ड नंबर 17 के निवासी हैं। नसरुल्लागंज  6 व्यक्तियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है जो नीलकंठ, रीठवाड एवं नसरुल्लागंज के निवासी हैं। बुदनी से 6 व्यक्तियों की  रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव प्राप्त हुई है। जो शाहगंज, देवगांव, रेहटी एवं स्‍थानीय निवासी है। इछावर अन्तर्गत 10 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। जो लसुड़िया गोयल, रामदासी, वावड़िया, नवावाद, भाउखेड़ी इछावर के निवासी हैं। जिले में कुल एक्टिव/ पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 361 है। आज 22 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज किया गया है। अब तक कुल रिकवर/डिस्चार्ज किए गए व्यक्तियों की संख्या 618 हो गई है। जिले में कोरोना संक्रमण से मृत्यु की संख्या 23 हो गई है। आज 431 व्‍यक्तियों के  सैम्पल कोरोना जांच हेतु लिए गए है। जिसमें सीहोर शहरी क्षेत्र से आज 84 सैम्पल जांच हेतु लिए गए है। श्यामपुर के 75, आष्टा से 71, नसरूल्लागंज के 69, बुदनी के 77 इछावर के 55 सैम्पल कोरोना जांच हेतु लिए गए हैं।   आज पॉजीटिव मिले नए कंटेनमेंट जोन सहित समस्त कंटेनमेंट एवं बफर जोन में स्वास्थ्य दलों द्वारा सघन स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है। वहीं पॉजीटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्येक  कंटेनमेंट जोन में सर्वे के लिए एक से दो दल लगाए गए है । सर्वे दल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को बनाया गया है तथा स्वास्थ्य सर्वे दल में ए.एन.एम. आशा कार्यकर्ता, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 1002 है जिसमें से 23 की मृत्यु हो चुकी है 618 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए है तथा वर्तमान में 361 पॉजीटिव व्यक्तियों का उपचार चल रहा है।  आज कुल 431 सैंपल जांच हेतु लिए गए। जिले से अब तक कुल 17696 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें से 15145 सेंपलों की रिपोर्ट अब तक निगेटिव प्राप्त हुई है। आज 285 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है। कुल 1484 सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 65 है। जिले में कुल कंटेंमेंट एरिया 303 है जिनमें से 82 एक्टिव एवं 221 इनेक्टिव एरिया हैं। जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में है उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 काल सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर-7247704181 है कोविड-19 से संबंधित जानकारी इस संपर्क नंबर पर ली व दी जा सकती है। वहीं जिला चिकित्सालय सीहोर में टेलीमेडिसीन के लिए संपर्क नंबर 07562-401259 जारी किया गया है तथा राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर काल करके भी टेलीमेडिसीन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104  नंबर पर ई-परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। ई-संजीवनी ओपीडी सेवा हेतु www.esanjeevaniopd.in पंजीयन कराया जा सकता है। कलेक्टेट कार्यालय सीहोर में भी जिला स्तरीय काॅल सेंटर बनाया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-226470 है तथा होम क्वारंटाइन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। जिस पर संस्थागत क्वारंटाइन अथवा होम क्वारंटाइन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साईकोलाजिकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्ष मानसिक सेवा प्रदाताओं से निःशुल्क प्राप्त कर सकते है।

ट्रायसायकल मिली तो अगरबत्ती एवं प्रसाद के धंधे से बड़ने लगी आमदनी : (सफलता की कहानी)

दशहरा वाला बाग इन्दौर नाका सीहोर निवासी कल्याण सिंह अस्थिी बाधित दिव्यांगता से ग्रसित हैं। कल्याण सिंह मठ मन्दिर सीहोर में अगरबत्ती प्रसादी की दुकान का संचालन करते हैं। लेकिन एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में अपने दैनिक कार्य करने में कठिनाई का सामना करना पडता था जिससे दुकान का सामान लाने ले जाने में भी परेशानी होती थी। कलयाण सिंह ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में जाकर अपनी समस्या बताए एवं दिव्यांगता के बारे में चर्चा की। जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र द्वारा शासन की योजनाओं  के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किये गये एवं केन्द्र द्वारा कल्याण सिंह को ट्रायसायकल प्रदाय की गई एवं रेल रियायत प्रमाण पत्र रेल मण्डल रतलाम द्वारा जारी किया जाता है उसके हेतु दस्तावेज प्राप्त किये गये। कल्याण सिंह बताते हैं कि अब वह अपनी अगरबत्ती की दुकान संचालन करने में काफी खुश हैं क्योंकि अब वह बाजार से सामान लाने ले जाने में स्वयं सक्षम हैं और दुकान भी अच्छी तरह से चलाने लगे हैं जिससे आमदनी भी बड़ने लगी है। ट्रायसायकल मिलने से आवागमन  आसान हो गया। कल्याण सिंह शासन, सामाजिक न्याय, जिला विकलांग एवं पुनर्वास केन्द्र का आभार व्यक्त किया गया।

प्रदेश में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
कोविड के मरीज बढ़ रहे हैं, सावधानी आवश्यक दीर्घकालिक योजना में 200 टन क्षमता का नवीन संयंत्र शुरु करने की तैयारी कोरोना पर समीक्षा बैठक संपन्न
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी। कोविड-19 के मरीजों को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति हर हलात में सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में विद्यमान प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य राज्यों से समन्वय का प्रयास निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवास पर आयोजित बैठक में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है पर हर स्थिति में व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन आवश्यक है। सितम्बर माह के अंत तक 150 टन ऑक्सीजन उपलब्ध हो जाएगी। नए ऑक्सीजन प्लांट के लिए भी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे से प्रदेश में ऑक्सीजन आपूर्ति के संबंध में फोन पर बात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि श्री ठाकरे ने आश्वस्त किया है कि ऑक्सीजन की समस्या महाराष्ट्र में भी है पर वे पूरे प्रयास करेंगे कि मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन की आपूर्ति जारी रहे। ऑक्सीजन आपूर्ति गुजरात और उत्तरप्रदेश से होगी वैकल्पिक व्यवस्था बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश को 20 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति महाराष्ट्र से है। यह आपूर्ति आईनॉक्स कंपनी द्वारा की जाती है। यह कंपनी आवश्यकता होने पर गुजरात और उत्तरप्रदेश के अपने प्लांट से मध्यप्रदेश को ऑक्सीजन की आपूर्ति करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में हमारे पास 50 टन ऑक्सीजन उपलब्ध थी इसको बढ़ाकर हमने अपनी क्षमता 120 टन कर ली है और 30 सितम्बर तक यह क्षमता 150 टन हो जाएगी। प्रदेश में विद्यमान ऑक्सीजन प्लांटों की क्षमता वृद्धि के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि ये प्लांट 100 प्रतिशत क्षमता पर कार्य करेंगे तो हमें अतिरिक्त ऑक्सीजन प्राप्त हो सकेगी। प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी की स्थिति नहीं आएगी। किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है। ऑक्सीजन का दुरुपयोग न हो मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि ऑक्सीजन का दुरुपयोग न हो। मरीज को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन उपलब्ध हो। ऑक्सीजन का अपव्यय और दुरुपयोग रोकने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण तथा निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए दूरगामी योजना पर भी कार्य कर रहा है। आईनॉक्स कंपनी का ऑक्सीजन प्लांट प्रदेश में लगाने की अनुमति दी जा रही है। होशंगाबाद के मोहासा बावई में यह प्लांट लगेगा। इसमें 200 टन ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। कोविड के मरीज बढ़ रहे हैं:सावधानी आवश्यक - मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य में कोविड के मरीज बढ़ रहे हैं यह वास्तविकता है। परन्तु हर स्थिति में व्यवस्थाएं ठीक चलती रहें उसके लिए राज्य शासन प्रतिबद्ध है। अस्पताल में बिस्तर बढ़ाने की आवश्यकता भी है। इस दिशा में भी राज्य सरकार कार्यरत है। चिकित्सा महाविद्यालयों तथा जिला चिकित्सालयों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पतालों में कोविड के प्रभावी इलाज की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश लॉक से अनलॉक की ओर बढ़ा है। अर्थव्यवस्था को पुनरू लॉक नहीं कर सकते। आर्थिक गतिविधियां बंद नहीं हो सकती। इस परिस्थिति में सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से मॉस्क का उपयोग हर स्थिति में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मॉस्क और परस्पर दूरी कोरोना से बचाव का प्रभावी उपाय है।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लक्ष्य आधारित रणनीति क्रियान्वित की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी जिलों में फीवर क्लीनिक पर आवश्यक जांच और उपचार की व्यवस्था हो। फीवर क्लीनिक को और अधिक सशक्त किया जा रहा है। सभी जिलों में सोमवार तक कोविड कमांड तथा कंट्रोल सेंटर आरंभ करने के निर्देश दिए गए। इससे होम आईसोलेशन में जो मरीज हैं उनकी मॉनीटेरिंग की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। कमांड कंट्रोल सेंटर पर एम्बूलेंस की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। अगर किसी भी मरीज को जरूरत पड़े तो उसे तत्काल अस्पताल भेजा जा सके। श्री चौहान ने कहा कि होम आइसोलेशन व्यवस्था सुदृढ़ कर इसे प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। निवास पर आयोजित बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री संजय शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

जल, जंगल, जमीन और वन प्राणियों के रक्षक है आदिवासी समाज

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प्राचीनकाल से आदिवासियों का जंगल एवं वन प्राणियों से गहरा लगाव रहा है। आदिवासी प्राचीनकाल से वन क्षेत्रों में निवास करते हुए जल, जंगल, जमीन और वन प्राणियों की रक्षा करते रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय संस्कृति में आदिवासियों को “धरती पुत्र” कहा गया है। आदिवासी बाहुल्य मध्यप्रदेश राज्य में 43 जनजाति समूह निवास करते है। जो मध्यप्रदेश की कुल जनसंख्या का 5वां हिस्सा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश में एक करोड़ 53 लाख के करीब जनजाति वर्ग की आबादी है। देश में स्वतंत्रता के पश्चात केन्द्र सरकार ने आदिवासी वर्ग के उत्थान के लिये संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की और संविधान में उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये अनेक प्रावधान भी किये। इसी के अनुरूप मध्यप्रदेश में आदिवासी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिये आदिवासी उपयोजना की रणनीति अपनाते हुए विभिन्न विकास विभागों के माध्यम से आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक उत्थान एवं अनेक विकास कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है। प्रदेश में जनजाति जनसंख्या के अनुपात में 21.09 प्रतिशत से अधिक बजट प्रावधान करके आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जा रहा है। आदिवासी भाई-बहनों को राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं ऑनलाइन करने के लिये MPTAAS सॉफ्टवेयर विकसित किया है। आदिवासी वर्ग के शैक्षणिक विकास के लिये छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को सुगम बनाया गया है। पिछले वर्ष 2019-20 में प्रदेश के करीब 25 लाख आदिवासी विद्यार्थियों को 465 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गयी। इस वर्ष छात्रवृत्ति का लाभ 27 लाख 57 हजार आदिवासी विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। इसके लिये राज्य सरकार ने अपने विभागीय बजट में 475 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। आदिम जाति कल्याण विभाग की 34 हजार 440 शैक्षणिक संस्थाओं में 25 लाख 64 हजार विद्यार्थी अध्यनरत है। आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के मकसद से आवासीय सुविधा के साथ 2629 छात्रावास आश्रम संचालित किये जा रहे है। इनमें डेढ़ लाख विद्यार्थियों की रहने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में संचालित 126 विशिष्ठ संस्थाओं में करीब 27 हजार 586 अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी अध्ययन प्राप्त कर रहे है। प्रदेश में इस वर्ष नवीन छात्रावास और उच्चत्तर माध्यमिक शाला के उन्नयन के लिये बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में वर्ष 2020-21 में अनुसूचित जनजाति के 24 सीनियर छात्रावास और 15 महाविद्यालयीन छात्रावास प्रारंभ किये जाएंगे। इस वर्ष आदिवासी बहुल्य क्षेत्र के 50 हाई स्कूलों को उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन कर संचालित किया जाएगा। आदिवासी वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जिन्हें छात्रावासों में स्थान नहीं मिल पाता है। उनके लिये आवास सहायता योजना संचालित की जा रही है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन नगरों में प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 2 हजार रूपये, जिला मुख्यालय पर प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 1250 एवं तहसील विकासखण्ड मुख्यालय पर प्रति विद्यार्थी एक हजार रूपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले वर्ष आवास सहायता योजना में करीब 69 हजार विद्यार्थियों को 110 करोड़ रूपये की राशि वितरित की गयी। इस योजना में इस वर्ष आदिवासी वर्ग के 70 हजार विद्यार्थियों को 165 करोड़ रूपये वितरित किये जाएंगे। आदिवासी वर्ग के विद्यार्थी विदेशों में प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश कर अध्ययन कर सकें। इसके लिये विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। योजना में चयनित विद्यार्थियों को दो वर्ष के लिये अधिकतम 75 लाख रूपये की राशि उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान रखा गया है। पिछले वर्ष 4 विद्यार्थियों को इस योजना में करीब 198 लाख रूपये की मदद दी गई। इस वर्ष योजना में 2 करोड़ 20 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। आदिवासी वर्ग के विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग की कोचिंग प्राप्त कर सकें इसके लिये नई दिल्ली में 100 विद्यार्थियों कोचिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष 100 विद्यार्थियों की कोचिंग पर 5 करोड़ रूपये का विभाग द्वारा प्रावधान किया गया है। प्रदेश में रहने वाले आदिवासियों की संस्कृति के संरक्षण और उनके कुल एवं ग्राम देवी-देवता के स्थानों में निर्मित देवठान के निर्माण और जीर्णोद्धार पर विशेष व्यवस्था किये जाने के लिये 8 करोड़ 40 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से इन स्थानों पर सामुदायिक भवन, सभाकक्ष, पेयजल, विद्युत व्यवस्था आदि की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा आदिवासी वर्ग के लिये चलाई जा रही योजनाओं का कम्प्यूटरीकरण कर ऑनलाइन लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रोफाइल पंजीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 9 लाख 40 हजार आदिवासी हितग्राहियों का ऑनलाइन प्रोफाइल पंजीकरण किया गया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर द्वारा उनके आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान किये जाने की व्यवस्था की गयी है। आदिवासी वर्ग के 78 हजार 688 विद्यार्थियों को उनके बैंक खातों में 115 करोड़ रूपये की राशि ट्रांसफर की गयी है। शिक्षक प्रोफाइल पंजीकरण में अध्यापक संवर्ग के 55 हजार अध्यापकों का विभाग में ऑनलाइन संविलियन आदेश जारी किये गये हैं। छात्रावास योजना में विभाग के 1563 छात्रावासों में 57 हजार 274 विद्यार्थियों को करीब 75 करोड़ रूपये की राशि ऑनलाइन भुगतान के लिये ऑनबोर्ड की गई है। आकांक्षा योजना में आदिवासी वर्ग के विद्यार्थी जेईई, नीट और क्लैट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी प्रदेश के चार महानगरों जबलपुर भोपाल ग्वालियर इंदौर में कर सकें। इसके लिये इस वर्ष एक हजार विद्यार्थियों को कोचिंग दिये जाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिये 11 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। आदिवासी वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेश स्पेशल ऐण्ड रेसीडेंशियल एकेडिमिक सोसायटी का गठन किया गया है। इस सोसायटी में 126 विशिष्ठ आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इनमें 64 एकलव्य आदर्श आवासीय, 54 कन्या शिक्षा परिसर एवं 8 आवासीय विद्यालय है। इन आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहरिया, बैगा और भारिया विशेष पिछड़ी जनजातियों के संरक्षण और विकास के लिये पोषण शक्ति, सोलर स्टेट लाइट, बैगा जनजाति महिलाओं के लिये आजीविका कार्यक्रम, हॉस्टल में अतिरिक्त सुविधाएँ, पीव्हीटीजी विकासखण्ड मुख्यालयों में 10 कम्यूनिटी सेंटर का निर्माण और हाई सेकण्डरी स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिये विभाग द्वारा इस वर्ष 140 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जाएगी। विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिये परिवार की महिला मुखिया के खाते में एक हजार रूपये की राशि प्रतिमाह राज्य सरकार द्वारा जमा कराई जा रही है। इस वर्ष इस योजना में 218 करोड़ रूपये खर्च किये जाएंगे। राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी के हितों के प्रति सजग एवं संवेदनशील है। प्रदेश में वर्ष 2006 से अब तक दो लाख 30 हजार वन निवासियों को व्यक्तिगत और करीब 28 हजार सामूदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किये गये है। वन अधिकार अधिनियम में पूर्व के निरस्त दावों के निराकरण के लिये एम.पी. वन मित्र सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। अब तक तक 20 हजार 830 ग्राम पंचायत सचिव की प्रोफाईल अपडेट की जा चुकी है। 36 हजार 711 ग्राम वन अधिकार समितियों को पोर्टल में दर्ज किया जा चुका है। ग्राम वन अधिकार समितियों द्वारा 2 लाख 56 हजार 491 पूर्व के निरस्त दावों का पुन: परीक्षण किया जा रहा है। उपखण्ड स्तरीय समितियों द्वारा परीक्षण के पश्चात 33 हजार 707 दावों का निराकरण कर अनुशंसा के साथ जिलास्तरीय समितियों को भेजा गया है। जिलास्तरीय समितियों द्वारा 4540 दावों का निराकरण कर 2136 दावों को मान्य किया गया है। आदिवासी बाहुल्य जिलों में स्वास्‍थ्य, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों को विकसित करने के लिये विशेष केन्द्रीय सहायता मद में इस वर्ष 292 करोड़ रूपये व्यय किये जाएंगे। इनमें बैतूल में 200 बिस्तर अस्पताल के लिये 5 करोड़, रूपये, बालिका छात्रावासों के लिये 7 करोड 78 लाख रूपये, शंकर शाह म्यूजियम की स्थापना के लिये 3 करोड़ रूपये और प्रदेश के 12 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सीट वृद्धि और उन्नयन पर करीब 25 करोड़ रूपये की राशि व्यय की जाएगी। राज्य सरकार आदिवासियों के हितों के संरक्षण के लिये कृत-संकल्पित है और इसी भावना के साथ उनके निरंतर विकास के लिये लगातार कार्य कर रही है।  

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