झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 28 ऑक्टूबर - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 29 अक्तूबर 2020

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 28 ऑक्टूबर

चिकनगुनिया कि चपेट मे पारा मे दो दर्जन से ज्यादा लोग सीएमएचओ सहीत स्वास्थ्य विभाग कि टिम ने किया दोरा

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पारा । कोरोना कि महामारी से जुझ रहे पारा के हालात अभी सुधरे ही थे कि चिकन गुनिया ने भी दि दस्तक । दो दर्जन से भी ज्याादा लोग आए इसकी चपेट मे। हर गली मोहल्ले मे चिकन गुनिया से प्रभावित मरिज की संख्या रोज बढ रही हे। वर्षा जनित रोगो से बचाव के लिए शासन प्रशासन ने जिले भर मे हरी झण्डी दिखकर रथ निकाले कि आम जन को वर्षा जनित रोगो से बचाव करने के लिए जानकारी मिल सके । उक्त रथ कहा कहा व किस किस गांव पहुचे इस जानकारी तो प्रशासन के पास होगी ही पर ग्रामीण अंचल मे इन रथ से आमजन मे कितनी जागरुकता फेली इस बात पता इससे चलता हे कि वर्षा ़ऋतु बितने के बाद सरकारी व निजि अस्पतालो मे बिमारो कि संख्या मे कितनी बढोतरी हुई । हालत ये हे कि आज अस्पतालो मे कोरोना के बाद चिकनगुनिया के मरिजो कि वृद्धि हुई हे। अकेले पारा के कुम्हार मोहल्ला, सदर बाजार, कोठारी मोहल्ला, बखतपुरा बोरी रोड सहीत कई ईलाको मे दो दर्जन से से भी ज्यादा लोग इसकी चपेट मे आए हे। प्रति दिन पारा नगर मे चिकन गुनिया के मरिजो कि संख्या बडती ही जा रही हे। कोरोना के बाद आई इस बिमारी से लगभग हर एक धर मे कोई न कोई दर्द के मारे कहराह रहा हे।

मच्छर से फेल रही बिमारी-- विज्ञानिको व जिला प्रशासन सहीत स्वाथ्य विभाग का कहना हे कि मलेरिया, चिकनगुनिया डेंगु व फाईलेरिया जेसी बिमारी मच्छरो के प्रकोप से फेलती हे। जिसका एक मात्र उपाय हे अपने घर के आसपास गंदगी न फेलने दे व पानी जमा नही होने दे। समग्र स्वच्छता अभीयान का ढिढोरा पिटने वालो को इसका जवाब देना चाहीए कि जब समग्र स्वच्छ हे तो फिर गंदगी केसे फेल गई। ऐसा लगता हे कि समग्र स्वच्छता सिर्फ कागजो मे सिमट कर रह गई। 

नही हो रहा दवा का छिटकाव-- वर्षा ऋतु बितने के बाद ग्रामीण व शहरी क्षेत्र मे स्वास्थ्य विभाग ़द्वारा मच्छरो को खत्म करने के लिए दवाई छिटकाव किया जाता था किन्तु विगत कुछ वर्षो उक्त मच्छर मार दवाई छिटकाव लगभग बंद सा हो गया हे। इसकि वजह शायद यह हे कि गुणवता हीन दवाई होने पर लोगो ने अपने अपने घरो पर दवाई का छिटक करवाना बंद करवाय दिया।

मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी ने किया दोरा-- पारा नगर मे चिकन गुनिया फेलने कि खबर जिला प्रशासन को लगते ही आज स्वास्थ्य विभाग कि टिम पे पारा नगर का दोरा किया। जिसमे मुख्यचिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा जे सी ठाकुर, जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ दिनेश्वर सिसोदिया खण्ड चिकित्सा अधिकारी डा शेलेष बबेरिया सामुदायीक स्वास्थ्य केन्द्र पारा के चिकित्सक डा के एस डोडवा उपस्थित थे। टिम ने पारा के सदर बाजार सहीत सभी दुर का दोरा कर बिमारो के हाल जाने । बताया जाता हे कि बाजार मे नगर कि नालीयां चैक मिली कई जगह गंदा पानी रुका हुआ था जिससे बिमारयां पनप रही थी। अधिकारीयो ने पंचायत को नगर कि गंदी नालीयो व जमा पानी आदी के साफसफाई करवाने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता के चार दल बनाए हे। जो घर घर जाकर सर्वे करेगे।

भीली भाषा में हो पढ़ाई, पाठ्यक्रम में शामिल करें, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर सांसद गुमानसिंह डामोर ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

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झाबुआ । राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा का समावेश हर क्षेत्र में किया गया है। आदिवासी क्षेत्रों की स्थानीय भाषा भीली है। इसे भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए विशेष तैयारियों के तहत डिक्शनरी तैयार कर हिंदी और अंग्रेजी को भीली भाषा में रूपांतरित करने की ओर कार्य करना होगा। रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के सांसद गुमानसिंह डामोर ने इसके लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। साथ ही सांसद ने एक पत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति आयोग को भी लिखा है। डामोर ने बताया कि मातृभाषा और स्कूल की भाषा में अंतर होने से 25 प्रतिशत बच्चे सीखने की कमी का सामना करते हैं। इससे सबसे ज्यादा आदिवासी, सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के अलावा वे बच्चे प्रभावित होते हैं जो स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करते हैं, लेकिन घर या अन्य किसी मौके पर अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं। डामोर ने कहा कि शिक्षा में भाषाओं का मानचित्रण होना जरूरी है। मौखिक शिक्षण क्षेत्र में बच्चों की मातृभाषा को शामिल करने की शुरुआत होना सुखद पहलू है। बच्चों की शिक्षण सामग्री स्थानीय भाषा में तैयार की जानी होगी। शिक्षकों की भर्ती या किसी खास इलाके में तैनाती को उस क्षेत्र की स्थानीय भाषा से जोड़ी जा सकता है। पाठ्यक्रमों में भाषाई कौशल के विकास पर ध्यान दिया जाए।

मातृभाषा और स्थानीय भाषा को दी अहमियत

डामोर ने शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार की योजना है कि स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा तक भारतीय भाषाओं को शामिल किया जाए। इसमें इंजीनियरिंग और मेडिकल पढ़ाई भी शामिल है। नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा में अब त्रिभाषा फार्मूला चलेगा। इसमें संस्कृत के साथ तीन अन्य भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। इलेक्टिव में ही विदेशी भाषा चुनने की भी आजादी होगी। सरकार ने पांचवीं क्लास तक मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई का माध्यम रखने की योजना बनाई है, इसे कक्षा आठ या उससे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सेकंडरी लेवल से होगी। नीति में अलग-अलग भाषाओं पर ही जोर दिया गया है। हालांकि नई शिक्षा नीति में यह भी कहा गया है कि किसी पर कोई भी भाषा थोपी नहीं जाएगी।

क्यों है मातृभाषा जरूरी

नई शिक्षा नीति में निचले स्तर की पढ़ाई के माध्यम के लिए मातृभाषा, स्थानीय भाषा के प्रयोग पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी मातृभाषा और संस्कृति से जोड़े रखते हुए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। अपनी मातृभाषा, स्थानीय भाषा में बच्चे को पढ़ने में आसानी होगी और वह जल्दी सीख पाएगा। छोटे बच्चे घर में बोले जाने वाली मातृभाषा या स्थानीय भाषा में जल्दी सीखते हैं। यदि स्कूल में भी मातृभाषा का प्रयोग होगा तो इसका ज्यादा प्रभाव होगा और वे जल्दी सीख पाएंगे और उनका ज्ञान बढ़ेगा। इसके साथ ही शिक्षा प्रणाली में भारतीय भाषाओं को शामिल करने का एक उद्देश्य उन्हें सहेजना और मजबूत बनाना है। शिक्षा में स्थानीय भाषा शामिल करने से लुप्त हो रही भाषाओं को नया जीवनदान मिलेगा और बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़े रखने में मदद मिलेगी।

घर में सो रहीं नाबालिग लड़की को 5 भाई घर से उठाकर ले गए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन देने पर पुलिस कोतवाली झाबुआ ने एक ही आरोपी के विरूद्ध की एफआईआर

घटना के 18 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस नाबालिग लड़की का पता नहीं लगाने के साथ आरोपियांे को भी नहीं किया गिरफतार

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झाबुआ। झाबुआ विकासखंड के ग्राम गेहलर निवासी एक नाबालिग लड़की का उसके घर से ग्राम बाबड़ी बड़ी के एक ही परिवार के 5 भाईयांे ने मध्य रात में अपहरण कर मोटरसाईकिल पर उसे बिठाकर संभवतः गुजरात ले गए और वहां उसके साथ अपहरणकर्ता 5 भाईयों मंे से एक भाई के साथ शादी करने के लिए लड़की पर जबरन दबाव बना रहे है। जिसकी जानकारी लड़की द्वारा मौका मिलने पर एक भाई के मोबाईल से अपनी माता को दी गई। इस संबंध में पुलिस थाना झाबुआ पर महज एक लिखित आवेदन लेकर 10 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता के माता-पिता ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर षिकायत दर्ज करवाई। इसके बावजूद पुलिस थाना झाबुआ पर दर्ज की गई एफआईआर में एक ही आरोपी का नाम लिखा गया है। ना ही पुलिस अब तक आरोपियों के चंगुल से नाबालिग लड़की को छुड़ा पाई है और ना ही आरोपियों को गिरफतार करने में झाबुआ पुलिस को अब तक सफलता मिली है।

5 भाई बालिका को मोटसाईकिल पर बिठाकर ले गए

पूरा मामला इस प्रकार है कि झाबुआ थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम गेहलर में श्रीमती बदु पति जलिया भाबोर जिसके पति जलिया एवं पुत्रगण मजदूरी के लिए बाहर जाने से प्रार्थी बदुबाई अपनी दो पुत्रियांे के साथ घर में सो रहीं थी। मां एवं छोटी पुत्री एक कमरे में एवं बड़ी पुत्री दूसरे कमरे में सो रहंी थी। तभी बीती 10 अक्टूबर की रात्रि करीब 12 बजे बदुबाई को उसकी बड़ी पुत्री, जिसकी उम्र 17 वर्ष नहीं दिखने पर आसपास देखा तो दो मोटरसाईकिल पर सवार 5 युवकों द्वारा उसे उठाकर ले जाया जा रहा था।

आरोपी के मोबाईल से प्रार्थीयां के पास आया फोन

प्रार्थीयां द्वारा अपनी पुत्री की काफी तलाष करने के बाद नहीं मिलने पर इस बीच उसके मोबाईल नंबर पर फोन आया, जिसमें उसकी अपहत पुत्री ने बात करते हुए कहा कि उसका अपहरण ग्राम बावड़ी बड़ी तहसील एवं जिला झाबुआ के रहने वाले पतंग पिता मनजी निनामा एवं उसके 4 अन्य भाई रमसू, दीपा, पिनू एवं दिवान ने कर लिया है तथा ये सभी उसके साथ मारपीट कर रहे है तथा प्रथम आरोपी पतंग निनामा से शादी करने के लिए जबरन दबाव बना रहे है। अपहत बालिका ने बताया कि वह किसी तरह छिपकर मौका पाकर आरोपी पतंग के मोबाईल से बात कर रहीं है।

पुलिस थाने पर तत्काल नहीं लिखी गई रिपोर्ट

उक्त घटना की जानकारी श्रीमती बदुबाई ने विदिषा से मदजूरी कर लौटे अपने पति जलिया को दी। बाद दोनो द्वारा जाकर पुलिस थाना झाबुआ पर षिकायत करने पर पुलिस द्वारा तत्काल गुमषदगी की रिपोर्ट नहीं करते हुए औपचारिक रूप से रोजानमचे में केवल बालिका का गुम होना दर्ज कर परिजनो को लौटा दिया गया।

एएसपी को दिया षिकायती आवेदन

10-12 दिन तक पुत्री का पता नहंी लगने एवं आरोपियांे की गिरफतारी नहीं होने से परिजनों द्वारा बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आनंदसिंह वास्कले को लिखित मंे आवेदन देकर षिकायत दर्ज करवाई। बाद एएसपी द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए झाबुआ थाना प्रभारी को मामले को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई करने हेतु निर्देषित किया गया। बावजूद इसके पुलिस कोतवाली झाबुआ पर घटना में एफआईआर करते हुए आरोपियों में केवल पतंग निनामा का ही नाम लिखा गया। शेष 4 भाईयांे के नाम दर्ज नहीं किए गए, जबकि बालिका ने मोबाईल से फोन कर साफ बताया कि पांचों भाईयों ने मिलकर उसका अपहरण कर लगातार मारपीट करने के साथ पतंग से विवाह करने के लिए दबाव बना रहे है।

मोबाईल आ रहा स्वीच आॅफ, संभवतः आरोपियों के गुजरात में होने की संभावना

अपहत लड़की द्वारा जिस मोबाईल से फोन कर अपनी माता को अपहरण की सूचना दी गई थी, वह मोबाईल उक्ताषय की जानकारी देने के बाद से लगातार स्वीच आॅफ आ रहा है। साथ ही गुजराती आवाज में कैसेट द्वारा मोबाईल स्वीच आॅफ होने की जानकारी दी जा रहीं है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपी पांचांे युवक गुजरात में रह है तथा बालिका को एक कमरे में बंद कर लगातार उसे प्रताड़ता दी जा रहीं है।

सायबर सेल कर रहंी मोबाईल ट्रेस

उक्त घटना में जांचकर्ता अधिकारी पुलिस थाना झाबुआ के एएसआई श्री गामड़ ने बताया कि उनके द्वारा अपहत लड़की ने जिस मोबाईल से फोन किया था, उसका नंबर ट्रेस करने हेतु सायबर सेल में यह नंबर दे दिया र्है, जैसे ही नंबर ट्रेस होगा, तो आरोपियों की लोकेषन पता कर वहां आकस्मिक दबिष देकर धरपकड़ की जाएगी। संपूर्ण घटनाक्रम में जांच जारी है।

दक्षिण मुखी महाकालिका मंदिर में किया गया सम्मान कार्यक्रम, नवनीत कला मंडल ने जिला होमगार्ड विभाग के सिविल डिफेंस टीम द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने पर किया सम्मानित

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झाबुआ। शहर के नेहरू मार्ग स्थित अति प्राचीन दक्षिण मुखी महाकालिका माता मंदिर में जिला होमगार्ड विभाग द्वारा गठित सिविल डिफेंस की टीम द्वारा टीम प्रभारी पं. द्विजेन्द्र व्यास के नेतृत्व में शारदेय नवरात्रि एवं विजयादषमी तक पूरे 10 दिनांे तक तन-मन से उत्कृष्ट सेवाएं देने पर नवनीत कला मंडल के वरिष्ठ सदस्यांे ने पूरी टीम का प्रषस्ति-पत्र देकर सम्मान किया। ज्ञातव्य रहे कि सिविल डिफेंस प्रभारी पं. द्विजेन्द्र व्यास के नेतृत्व में पूरी टीम अर्थात सभी सदस्यों ने मंदिर में पूरे समय उपस्थित रहकर नवरात्रि पर्व में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं से कोरोना वायरस (कोविड-19) के नियमों का पालन करवाने के साथ समस्त व्यवस्थाएं बनाने रखने में भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस हेतु सिविल डिफेंस की पूरी टीम का प्रषस्ति-पत्र देकर सम्मान नवनीत कला मंडल के वरिष्ठ सदस्यों में हेमेन्द्रप्रसाद अग्निहोत्री (मुन्नाभाई), कन्हैयालाल राठौर, श्री त्रिवेदी, आतिष शर्मा आदि ने करते हुए उनका हौंसला अफजाई किया तथा भविष्य में भी कोई कार्य होने पर समिति को इसी तरह सहयोग करने की अपेक्ष्ज्ञा व्यक्त की।

निर्धारित गणवेष में शामिल हुई टीम

इस अवसर पर सिविल डिफेंस की पूरी तरह कोविड-19 के तहत फेस मास्क के साथ अपनी निर्धारित गणवेष मंे सम्मिलित हुई। अंत मंे इस भावभरा सम्मान हेतु सिविल डिफेंस प्रभारी पं. द्विजेन्द्र व्यास ने नवनीत कला मंडल का आभार व्यक्त किया।

श्री चारभुजा नाथ मंदिर में मां सर्व मंगला देवी की आराधना करते हुए हवन का हुआ आयोजन,  दषा नेमा समाज ने दो वर्ष पूर्व मंदिर में कुलदेवी मां सर्व मंगलाजी की स्थापना की

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झाबुआ। स्थानीय दशा नेमा समाज के श्री चारभुजानाथ मंदिर में शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान देवी हवन का आयोजन हुआ। यह देवालय लगभग 156 वर्ष पुराना है। यहां नेमा समाज की कुलदेवी मां सर्व मंगलाजी की स्थापना दो वर्ष पूर्व की गई थी। तभी से यहां नवरात्रि में नवचंडी पाठ एवं सप्तमी पर मां की प्रतिमा के सम्मुुख हवन किया जाता है। जानकारी देते हुए युवा आचार्य पं. हिमांषु शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष भी शारेदय नवरात्रि पर्व के दौरान पं. विश्वनाथ शुक्ल के मार्गदर्शन में विधि-विधान पूर्वक हवन किया गया। हवन शाम 4 बजे से आरंभ हुआ, जो देर शाम साढ़े 7 बजे तक चला। हवन के लाभार्थी पं. हिमांशु शुक्ल, शशिभाई वरदिया एवं श्रीमती अरूणा वरदिया, संजय शाह (लालाभाई) एवं उनकी धर्मपत्नि ने संपूर्ण विधि-विधान से हवन में आहूतियां प्रदान की।

कोविड के नियमों का रखा गया ध्यान

समाज अध्यक्ष मनमोहन शाह ने बताया कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए नवरात्रि मंे नौ दिनों तक पांच गरबे, पूजन एवं देवी हवन का कार्य रखा गया। जिसमें समाज के विभिन्न सदस्यों ने हवन दर्शन एवं कुलदेवी की आरती का लाभ लिया। सभी आयोजन को सफल बनाने मंे राजेन्द्र शाह, यश त्रिवेदी आदि का विशेष सहयोग रहा।

महाकालिका माता मंदिर के पूजारी अमृतपूरी गोस्वामी का भक्तों ने किया आत्मीय स्वागत, 9 दिनांे तक माताजी का अलग-अलग रूपांे में किया सुंदर श्रृंगार

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झाबुआ। शहर के नेहरू मार्ग स्थित अति प्राचीन दक्षिणमुखी महाकालिका माता मंदिर में शारेदय नवरात्रि में 9 दिनांे तक प्रातः 5 बजे काकड़ आरती बाद माताजी के 9 रूपो का अलग-अलग दिनों के अनुसार सुंदर एवं मनमोहक श्रृंगार युवा पंडित अमृतपूरी गोस्वामी ने किया। इस उपलक्ष में मंदिर के भक्तगणों द्वारा पं. अमृतपूरी गोस्वामी का भावभरा सम्मान किया गया। नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर मंे प्रातःकाल काकड आरती में सम्मिलित होने वाले भक्तजनों में विजय  चैहान, अलकेश मेड़ा, भारू मावी, मनीष बारिया, शेलेन्द्र भावसार, महेंद्र गेहलोत ने पं. गोस्वामी का सम्मान पुूष्पमाला पहनाकर एवं शाल ओढ़ाकर तथा श्रीफल भेंटकर किया। इस अवसर पर अन्य श्रद्धालुओं में  संजय सादेरा, रवि बारिया, राहुल डामोर सुजल डाबी, निलेश खरकटिया, अनिल बघेल, गोपाल बसोड़, मिनेश  बैरागी, शुभ नीमा, तरुण बसोड़ के साथ महिलाओं में श्रीमती शैलू नीमा, जेतली मावी, चन्द्रबाला नीमा आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी भक्तांे ने निर्णय लिया कि अगले वर्ष कोरोना महामारी का प्रकोप पूरी तरह से समाप्त होने पर आने वाली नवरात्रि में माताजी की प्रातःकाल काकड़ आरती भव्य रूप से की जाएगी।

लड़कियों को मोबाईल की जगह हाथों में शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान देना जरूरी -ः जिला संगठन मंत्री अनिल पोरवाल

सभी हिन्दू संगठनों ने मिलकर भारत माता की आरती कर शस्त्र पूजन किया

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झाबुआ। आज भारत में हिन्दू संप्रदाय एकजुट है। वर्तमान परिस्थितियों में देखने में आ रहा है कि देष में कई स्थानांे पर हिन्दू संप्रदाय की लड़कियां लव जिहाद का षिकार होने के अतिरिक्त उनके साथ तरह-तरह के घिनौने अपराध हो रहे है। इससे बचने के लिए हमे लड़कियांे को मोबाईल की जगह हाथों में शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान देना होगा। तभी वह अपनी सुरक्षा स्वयं करने के साथ उनमें संस्कार की भावना भी स्थापित हो सकेगी।   उक्त बात शहर के काॅलेज मार्ग पर मां अम्बे माता मंदिर में विजयादषमी के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में बजरंग सेना के जिला संगठन मंत्री अनिल पोरवाल (भुरूभाई) ने कहीं। अम्बे माता मंदिर पर राष्ट्रीय हिन्दू सेना, बजरंग सेना, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, हिन्दू जागरण मंत्र, त्रिवेणी परिवार एवं विष्व हिन्दू परिषद् सहित अन्य हिन्दू संगठनों द्वारा रात्रि मंे मां अम्बे की आरती के बाद भारत माता की आरती का आयोजन रखा गया।

शस्त्रों की विधि-विधान से की पूजा

बाद हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने मिलकर विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। पूजन विधि युवा आचार्य पं. जैमिनी शुक्ला ने संपन्न करवाई। इस अवसर पर हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों में विरेन्द्रसिंह चैहान, रविराजसिंह राठौर, स्वीट गोस्वामी, युवा पार्षद पपीष पानेरी, त्रिवेणी परिवार से महेन्द्रसिंह पंवार, पं. विजय शर्मा, हिमांषु त्रिवेदी, लक्की राठौर, श्री चैरसिया, धर्मेन्द्र सोलकी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपसिथत थे।

श्री देवधर्म राज मंदिर में माता को छप्पन भोग लगाकर की गई महाआरती, छप्पन भोग का प्रसाद भक्तों को किया गया वितरित

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झाबुआ। शहर के राजवाड़ा के समीप स्थित श्री देवधर्म राज मंदिर में श्री देवधर्म राज नवदुर्गा महोत्सव समिति राजवाड़ा द्वारा विजयादषमी के उपलक्ष में माताजी का सुंदर श्रृंगार कर उनके चरणों में छप्पन भोग अर्पण किया गया। बाद रात्रि में महाआरती कर भोग का प्रसाद भक्तांे को वितरण किया। जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक युवा अंकुष कांठी ने बताया कि प्रतिवर्ष शारदेय नवरात्रि के बाद आने वाली विजयादषमी पर श्री देवधर्म राज मंदिर मंे मां की महाआरती कर प्रसादी वितरण किया जाता है। इस वर्ष रात्रि में माताजी की प्रतिमा के सम्मुख छप्पन भोग सजाकर महाआरती की गई। महाआरती के दौरान गाजों-बाजों और ताषांे की आवाज से पूरा राजवाडा गूंजायमान हुआ। बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाआरती में सम्मिलित होकर पश्चात् महाप्रसादी प्राप्त की। इस हेतु समिति द्वारा अलग से स्टाॅल लगाकर सभी महिला-पुरूष श्रद्धालुओं को कतारबद्ध खड़े कर महाप्रसादी प्रदान की गई। इस दौरान सभी भक्तजन फेस मास्क के साथ सम्मिलित हुए। साथ ही सोष्यल डिस्टेनसिंग के पालन हेतु समिति की ओर से गोले भी बनाए गए।

मंदिर पर की गई सुंदर सज्जा

इस दिन मंदिर पर रात्रि में आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ पूरे मंदिर को ब्लूनस से सुंदर सजाया गया। मंदिर मंे माता के जयकारों के साथ भगवान श्री राम के भी जयकारे सामूहिक रूप से गूंजायमान हुए। इस अवसर पर मुख्य रूप से श्री देवधर्म राज नवदुर्गा महोत्सव समिति से जुड़े जितेन्द्र पटेल, बंटी ब्रजवासी, अजय सोनी, अमित कांठी, नीरजसिंह राठौर, कमलेष पटेल, पंकज जैन मोगरा, हरिष शाहलालाभाई, राजेष मेहता, हार्दिक अरोरा, शंषाक संघवी, गोपीभाई बंुदेला, हेमेन्द्र नाना राठौर, भेरूभाई पोरवाल, दिलीप संघवी आदि सहित अनेक भक्तजन उपसिथत थे। उक्त आयोजन से पूर्व मंदिर में जिला कलेक्टर रोहितसिंह द्वारा भी आकर दर्षन-पूजन का लाभ लिया गया।

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