बिहार : रामविलास पासवान को ‘भारत रत्न’ से अलंकृत करने की मांग - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 13 अक्तूबर 2020

बिहार : रामविलास पासवान को ‘भारत रत्न’ से अलंकृत करने की मांग

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पटना. राष्ट्रपति और पीएम को पत्र लिख कर पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को ‘भारत रत्न’ से अलंकृत करने की मांग उठने लगी है. मधुबनी लोजपा अध्यक्ष बचनु मंडल ने दलितों के मसीहा के लिए मधुबनी से आवाज़ बुलंद की है, मंडल जी ने मांग करते हुए कहा कि बेदाग राजनीति करने वाले दलितों के मसीहा ने ईमानदारी से हर मंत्रालय के कार्य किये और मानक स्थापित किया, उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान में दलितों के साथ जब गरीब अगड़ों की बात आई तो सबसे पहले अगड़ों के आरक्षण का समर्थन पासवान जी ने किया। बिहार में रेल की पहचान भी रामविलास पासवान से हुआ करती थी. रिकार्ड मतों से जीतने कारनामा बार बार करने वाले पासवान भारत रत्न के सच्चे अधिकारी हैं। 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने महामहिम राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि मरन्नोपरांत रामविलास पासवान जी को ' भारत रत्न' दें।वहीं बिहार सरकार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी पीएम से मांग कर दी है. बिहार के हम प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan ram Manjhi) ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा. उन्होंने पत्र में रामविलास पासवान को भारत रत्न और उनके दिल्ली आवास को स्मारक बनाने की मांग की है. रामविलास पासवान (Ram vilas Paswan) के निधन से आहत पूर्व मुख्यमंत्री हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी अपने गया के सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर उनके अंतिम दर्शन करने व श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे. इस दौरान मांझी पत्रकारों से बातचीत करते हुए भावुक हो गए और कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान दलितों एवं अभिवंचितों के लिए प्रेरणा स्रोत थें और रहेंगे. मांझी ने उनको याद करते हुए कहा कि स्वर्गीय राम विलास पासवान भारत सरकार के रेल मंत्री के रूप में रेलवे स्टेशनों पर काम कर रहे कुलियों को उन्होंने स्थायित्व प्रदान किया और उनको सुविधा देखकर कुलियों को मर्यादित किया, जो पूर्व में किसी रेलवे मंत्री ने ऐसा नहीं किया था. हम प्रमुख ने कहा कि उनके इस काम से मेरे दिल में उनके प्रति प्रतिष्ठा काफी बढ़ गई थी और उनके उस कार्य से मैं उनका मुरीद हो गया. आज मैं दलितों के मसीहा के आत्मा के शांति के लिए प्रार्थना एवं अंतिम दर्शन के लिए यहां आया हूं. मांझी ने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कहा कि आज जो भ्रम फैली है कि दलितों में प्रशासनिक क्षमता का अभाव है, इस ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भ्रम में नहीं रहे कि दलितों में प्रशासनिक क्षमता का अभाव है.  पहली बार बाबूजी (जगजीवन राम) जिस विभाग के मंत्री रहे उस विभाग को चमकाने का काम किया और स्वर्गीय रामविलास पासवान भी जिस भी विभाग में रहे, उसे प्रगति के उच्च पायदान पर ले जाने का काम किया जो उनकी प्रशासनिक क्षमता का द्योतक है.जीतनराम मांझी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर रामविलास पासवान को भारत रत्न देने और उनके दिल्ली आवास को स्मारक घोषित करने की मांग की है और कहा कि इससे हमारी आने वाली पीढ़ी रामविलास पासवान के बारे में जानेगी और उनके कार्यों से समाज को दिशा मिलेगी. इसी तरह की मांग लोजपा-सेक्यूलर ने रविवार को कर दी है.राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान को भारत रत्न की उपाधि देने की मांग की है.पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सत्यानंद शर्मा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विष्णु पासवान, युवा लोजपा-सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार पासवान, शिक्षाविद् प्रो. रामप्रवेश यादव ने भी पत्र में लिखा है कि रामविलास पासवान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नेता थे.मंडल कमीशन के नायक थे. समाजिक न्याय के प्रवर्तक थे. आज देश जैसे डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पूजा करते हैं, कल वैसे ही पूरे देश में रामविलास पासवान की पूजा होगी. इसलिए रामविलास पासवान को भारत रत्न की उपाधि से अलंकृत किया जाये, साथ ही उनके सरकारी आवास 12, जनपथ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जायें.सरकार प्राथमिकता के आधार पर भारत रत्न से शीघ्र अलंकृत नहीं करेंगी तो लोजपा सेक्यूलर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएगी. रघुनाथ सिंह ने कहा किक्या बात है,जिसको राजनीति में मौसमी चिड़िया कहने वाले को आज भारत रत्न कि मांग कर रहे हैं ?कभी आपने स्टूडेंट्स कि परीक्षा की मांग किए है? कभी आपने रोजगार कि मांग की है बिल्कुल नहीं किए है। एक ने कहा कि बस कर यार। बिहार में ही महान गणितज्ञ वशिष्ट नारायण थे। उनके लिए मांग लेते भारत रत्न। जिसको मिलना चाहिए उसको देते नहीं हैं।

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