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बुधवार, 4 नवंबर 2020

पार्टी विरोधी कार्य करने के आरोप में जदयू से निष्कासित करने का सिलसिला जारी

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मुजफ्फरपुर. MLC दिनेश सिंह पर जेडीयू ने की कार्रवाई की है.पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से किया है निष्कासित.बेटी को लोजपा के टिकट पर बनाया है उम्मीदवार. जेडीयू नेता,कार्यकर्ताओं को धमकाने का भी है आरोप.  जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए  एमएलसी दिनेश सिंह (MLC Dinesh Singh) को पार्टी से निलंबित कर दिया है.प्रदेश महासचिव नवीन कुमार आर्य के हस्ताक्षर से जारी निलंबन पत्र में 10 दिन में जवाब देने को कहा है. बता दें कि दिनेश सिंह की बेटी गायघाट से लोजपा की उम्मीदवार है और दिनेश सिंह पर उनकी मदद के साथ ही जदयू के कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने एवं धमकी देने का आरोप लगा है. पार्टी ने जो पत्र जारी करते हुए लिखा,  विधानसभा क्षेत्र 88 गाय घाट जिला मुजफ्फरपुर से आपकी सुपुत्री लोजपा की अधिकृत प्रत्याशी है जबकि एनडीए गठबंधन से जदयू उम्मीदवार श्री महेश्वर प्रसाद यादव चुनावी मैदान में हैं. जैसे की सूचना मिली है कि उक्त विधानसभा क्षेत्र के जनता दल (यू) के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं /साथियों पर आपके द्वारा दबाव दिया जा रहा है कि लोजपा उम्मीदवार के पक्ष में काम करें. इतना ही नहीं आपके द्वारा पार्टी के पदाधिकारियों के घर एवं मोबाइल पर अवांछित तत्वों के माध्यम से धमकी भी दी जा रही है. अतः निर्देशानुसार आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करते हुए निर्देश दिया जाता है कि 10 दिनों के अंदर लिखित रूप से अपना पक्ष राज्य पार्टी को प्रस्तुत करें. बता दें कि दिनेश सिंह सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते रहे हैं. उनकी बेटी कोमल सिंह गायघाट से एलजेपी की उम्मीदवार हैं. दिनेश सिंह पर आरोप है कि वह लगातार अपनी बेटी के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे थे. दिनेश सिंह पर यह आरोप भी है कि उन्होंने गायघाट विधानसभा क्षेत्र से जुड़े जेडीयू कार्यकर्ताओं और नेताओं को धमकाने का काम किया. मिली जानकारी के अनुसार जब इस बात की खबर जेडीयू नेतृत्व तक के बाद पहुंची तो आखिरकार उन पर एक्शन लिया गया. दिनेश सिंह मुजफ्फरपुर से आते हैं और फिलहाल बार जेडीयू के एमएलसी हैं जबकि उनकी पत्नी वीणा देवी वैशाली से एलजीपी की सांसद हैं. चिराग पासवान ने इनकी बेटी कोमल सिंह को विधानसभा का टिकट दिया है.


बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश जदयू अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने अपने दल के बागी नेताओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. ये सभी जदयू नेता अस्थावां विधानसभा के हैं.मंगलवार की शाम पार्टी विरोधी कार्य करने के लिए श्री सिंह ने अस्थावां के जिन 33 नेताओं को जदयू से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया है उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया है. जदयू के प्रदेश महासचिव अनिल कुमार ने इस कार्रवाई की जानकारी दी. निष्कासित नेताओं में अरुण कुमार सिंह, दीपक कुमार पटेल, अनिता सिंह, विनय कुमार सिन्हा, अंजनी कुमार सिंह, अमरेन्द्र कुमार मुन्ना, त्रिनयन कुमार, भरत भूषण, ओमप्रकाश रंजन, प्रो. अशोक कुमार सिंह, शंभू प्रसाद, चंद्रकिरण सिन्हा, प्रेमशीला कुमारी, प्रो. अजीत कुमार, सविता चौधरी, बिहारी प्रसाद, चमारी प्रसाद, वीरवल प्रसाद, सुनील कुमार यादव, कुमार उमा शंकर, सुनील कुमार शर्मा, दिनेश प्रसाद, अनूप पटेल, पंकज कुमार, अजय कुमार केसरी, ई. सुरेश प्रसाद, अनिल पांडेय, भोला प्रसाद, रमेश कुमार, आजाद कुमार, चन्द्रमनी प्रसाद, संजय प्रसाद सिंह, रामस्वार्थ तिवारी शामिल हैं. जेडीयू ने बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. बागी होकर किसी दूसरे दल या निर्दलीय चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे लोगों को पार्टी ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. इसको लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से पत्र भी जारी कर दिया गया. जेडीयू ने 15 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. जिसमें डुमरांव विधायक ददन पहलवान, पूर्व मंत्री रामेश्वर पासवान, पूर्व मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक डॉ. रणविजय सिंह, पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ कंचन कुमारी गुप्ता, अति पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य प्रमोद सिंह चंद्रवंशी, युवा जदयू के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूण कुमार, जिला जदयू औरंगाबाद के पूर्व संयोजक तजम्मुल खां, रोहतास के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवशंकर चौधरी, 2015 में सिकन्दरा से पूर्व प्रत्याशी सिंधु पासवान, डुमरांव से कार्यकर्ता करतार सिंह यादव, बरबीघा विधनासभा प्रभारी राकेश रंजन और चेनारी से कार्यकर्ता मुंगेरी पासवान का नाम शामिल है. जेडीयू के प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी को पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने के कारण प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित किया है. पार्टी की ओर से पहले इनसे सफाई की मांग की गयी. जवाब संतुष्टिपूर्ण नहीं मिंलने के कारण कार्रवाई की गयी है. बता दें कि इसके पहले बीजेपी ने भी 9 बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्त दिखा दिया है. प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल की ओर से इसको लेकर पत्र भी जारी कर दी गयी है. जिसमें राजेन्द्र सिंह-रोहतास, रामेश्वर चौरसिया-रोहतास, डॉ0 उषा विद्यार्थी-पटना ग्रामीण, रवीन्द्र यादव-झाझा, श्वेता सिंह-भोजपुर, इन्दु कश्यप-जहानाबाद, अनिल कुमार-पटना ग्रामीण, मृणाल शेखर, और अजय प्रताप-जमुई को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है.

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