बेतिया : विश्व के काथलिकों को पूर्ण दण्डमोचन की प्राप्ति का अवसर - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

बेतिया : विश्व के काथलिकों को पूर्ण दण्डमोचन की प्राप्ति का अवसर

  • 12  दिसम्बर को विश्व के काथलिकों को पूर्ण दण्डमोचन की प्राप्ति का अवसर

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बेतिया. विश्व के विख्यात धर्मगुरू संत पापा फ्राँसिस ग्वादालूपे की माता मरियम का पर्व मनाने के लिए संत पेत्रुस महागिरजाघर में पवित्र मिस्सा अर्पित करेंगे.वहीं बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबास्टियन गोबियस 13 दिसम्बर को 4:00 बजे से मां मरियम सदगुणों की माता पर विश्वास पर प्रार्थना का संचालन करेंगे.इसका सीधा प्रशारण बेतिया दर्पण से किया जाएगा. बता दें कि पश्चिम चंपारण अन्तर्गत बेतिया धर्मप्राप्त में है दुसैया. जो बेतिया शहर से निकट है.यहां पर विख्यात है दुसैया चर्च. दुसैया स्थित ग्वादालूपे माता मरियम का नाम भक्तों के जुबान पर है.माता मरियम भक्तों की मुरादें पूरी करती हैं.दुसैया स्थित ग्वादालूपे माता मरियम की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है. इनके दरबार में पहुंचने वाले भक्त कभी निराश नहीं होते है.जो सच्चे दिल से यहां पहुंचते हैं और मन्नत मानते हैं.माता उनकी सभी मुरादें पूरी करती हैं. दुसैया चर्च के फादर क्लाउड कार्ड्स ने कहा कि कोरोना काल में दुसैया स्थित ग्वादालूपे मां मरियम का वार्षिक उत्सव के अवसर पर 04 दिसम्बर से 4:00 बजे से नोवेना प्रार्थना शुरू हो गयी है.आज सातवां दिन 10 दिसम्बर को 4:00 बजे से मां मरियम में उत्तम सेवा मनोभाव पर फादर पंकज के द्वारा महामारी कोरोना पर प्रार्थना की गयी . कल 11 दिसम्बर को 4:00 बजे से मां मरियम में वीर सहनशीलता पर फादर तोबियास के द्वारा क्रिश्चियन पर प्रार्थना का संचालन करेंगे.12 दिसम्बर को 4:00 बजे से मां मरियम में दिव्य ज्ञान पर फादर हेनरी फर्नाडो के द्वारा विश्व में शांति लाने को लेकर  प्रार्थना का संचालन करेंगे.13 दिसम्बर को 4:00 बजे से मां मरियम सदगुणों की माता पर बिशप पीटर  सेबास्टियन गोबियस के द्वारा विश्वास पर प्रार्थना का संचालन करेंगे.  इस बीच संत पापा फ्राँसिस के अनुमोदन पर वाटिकन के प्रेरितिक दण्डमोचन विभाग ने पूरे विश्व के काथलिकों को पूर्ण दण्डमोचन की प्राप्ति का अवसर दिया है.यह अवसर ग्वादालूपे की माता मरियम को संत पापा लेओ 13वें के द्वारा आधिकारिक रूप से मुकूट प्रदान करने की 125वीं वर्षगाँठ पर 12 दिसम्बर को प्राप्त होगी. कोविड -19 के कारण पर्व के समय मेक्सिको शहर में माता मरियम को समर्पित महागिरजाघर के बंद रहने के कारण संत पापा ने कहा है कि विश्वासी माता मरियम की भक्ति करते हुए पूर्ण दण्डमोचन प्राप्त कर सकेंगे यदि वे आवश्यक शर्तों को पूरा करेंगे.   किस तरह पूर्ण दण्डमोचन ग्रहण किया जा सकता है?


इस अवसर पर पूर्ण दण्डमोचन प्राप्ति के लिए  अग्रलिखित शर्तें हैं-  

- घर में ग्वादालूपे की माता मरियम से प्रार्थना करने के लिए एक वेदी अथवा प्रार्थना का स्थान तैयार करना.

- 12 दिसम्बर को टेलीविजन पर ग्वादालूपे की माता मरियम के महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग को लाईव देखना एवं सक्रिय रूप से भाग लेना ... पवित्र यूखरिस्त के प्रति विशेष भक्ति रखना और ध्यान देना.

- पूर्ण पापा मुक्ति की सामान्य शर्तों को पूरा करना अर्थात् संत पापा के मतलब के लिए प्रार्थना करना, पापस्वीकार संस्कार में भाग लेना, एक पूरा मिस्सा में भाग लेना एवं पवित्र परमप्रसाद ग्रहण करना. पत्र में इस बात को रेखांकित किया गया है कि अंतिम तीन शर्तों को उस समय पूरा किया जा सकता है जब स्वास्थ्य संकट में सुधार आये और इसे पूरा करना संभव हो. 


मेक्सिको की सीमा से परे भक्ति पाप मुक्ति विश्व के किसी भी व्यक्ति को प्राप्त हो सकता है किन्तु कार्डिनल अगुवाइयर ने स्वीकार किया कि अमरीका तथा फिलीपीन्स के लोग ग्वादालूपे की माता मरियम की विशेष भक्ति रखते हैं, जिसका पर्व 12 दिसम्बर को मनाया जाता है. कार्डिनल ने लिखा, "फिर भी, सच्चाई को जानते हुए कि कुँवारी मरियम की भक्ति हमारी सीमा के परे फैल चुकी है, इसलिए संत पापा ने उचित समझा कि इस पाप मुक्ति को विश्व के सभी काथलिक विश्वासियों के लिए प्रदान किया जाए ताकि वे भी पाप मुक्ति प्राप्त करते हुए हमारे समारोह में भाग ले सकें."   उन्होंने कामना की कि जो लोग अति पवित्र माता मरियम की चाह रखते, उनकी सांत्वना, सुरक्षा एवं कोमलता की खोज करते हैं, वे इस कृपा का लाभ उठा सकते हैं जिसको संत पापा ने हमें प्रदान किया है और उन विश्वासियों को भी जो मर चुके हैं. "हम हमारी माता मरिमय को इस साल हमारे घरों में प्रवेश करने दें. हम उनके लिए अपना द्वार खोलें तथा अपना हृदय उनकी ओर उठायें ताकि वे हमें आशीष प्रदान करें तथा अपनी आंचल से हमें ढंक लें. हमारे प्रभु येसु ख्रीस्त एवं उनकी माता अति पवित्र माता मरियम, ग्वादालूपे की माता मरियम हमारा साथ देती रहें और इस दुखद यात्रा में ईश्वर के सभी लोगों को आशीष प्रदान करें जो अपने धर्मप्रांतों में एवं विश्व में उनकी खोज करते हैं."

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