विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 04 दिसंबर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 04 दिसंबर

 पूरनपुरा निवासियों ने ज्ञापन दे कर विदिशा विधायक भार्गव से सूचारू विद्युत व्यवस्था की मांग की।  


vidisha news
विदिशा:-  पूरनपुरा स्थित गली नंम्बर 4 के अंदर बस्ती बहुत लम्बी बन रही है जहाॅ पर विद्युत के खम्बे न होने के कारण रहवासियो को विद्युत की सुविधा प्राप्त नही हो पा नही है, और कई जगहो पर स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था नही तो कई मकानों की दूरी विद्युत खम्बों से अधिक होने के कारण विद्युत के स्थाई कनेक्शन भी नही दिये जा रहे है। जिस कारण से रहवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इन्ही सभी समस्याओं के चलते वार्ड क्रमाक 37 पूरनपुरा के दजर्नांे रहवासियों सहित एन.एस.यु.आई काॅग्रेस नेता संजीव प्रजापति के साथ विधायक शशांक भार्गव के निवास पर ज्ञापन देने पहुॅचे। ज्ञापन में रहवासियांे ने बताया अस्थायी कनेक्शन यदि विद्युत विभाग द्वारा लिया जाता है तो रीडिंग चार्ज महंगा होता है जिससे हितग्राही  की आर्थिक बोझ के कारण कमर टूट जाती है उसी पर कभी चोर केवल लाइन भ्ज्ञी काट कर ले जाते है। अतः वार्ड 37 पूरनपुरा पर विद्युत व्यवस्था सूचारू रूप से करने हेतु स्ट्रीट लाइट एवं विद्युत खम्बे लगाये जाये। जिसके जबाव में विधायक भार्गव ने शीघ्र ही सभी समस्याओ का निराकरण करने का भरोसा दिलाया। 


विधायक भार्गव ने शहर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए नियमित वार्डों में सेनेटाइज एवं विशेष रूप से साफ-सफाई  कराने को नगर पालिका परिषद विदिशा को दिये निर्देश

 

विदिशा:- आज सिर्फ हमारा भारत ही नही बल्कि पुरी दुनियां कोरोना संक्रमण से जूझ रही है दो गज दूरी, मास्क हे जरूरी, की तर्ज पर यथा संभव शासन प्रशासन अपना काय्र कर रहा है लेकिन कई गली और मोहल्ले ऐसे भी है जहाॅ नियमित रूप से सफाई नही होती कीटाणु पनपते रहते है जा आगे चल कर बड़ी बीमारी का कारण बनते है। विदिशा में लगातार कोरोना संक्रमण के मरोजो की संख्या बढ़ रही है है जिस के बचाव के लिए नगर पालिका को शहर में सभी वार्डों में नियमित विशेष साफ-सफाई एवं सेनेटाईज करने का लिखा है। विधायक ने निर्देशित किया की स्वास्थ्य में सुधार हेतु सभी क्षेत्रो में साफ- सफाई के साथ साथ सार्वजनिक स्थानों पर पडे हुए कचरे को बिशेष रूप साफ किया जाये एवं कही भी कचरे के ढेर न लगने दिया जाये। नाली एवं नालो की सफाई क विशेष इंतजाम किये जाये, विशेष दल गठित कर प्रत्येक वार्ड को नियमित सेनेटाइज करने के भी निर्देश दिये। 


किसान खेत पाठशाला का आयोजन आज से


किसान खेत पाठशालाओं का द्वितीय चरण जिले में पांच दिसम्बर से शुरू होगा। पाठशालाएं प्रत्येक ग्राम पंचायत में जारी कार्यक्रम अनुसार आयोजित की जाएगी। इन किसान खेत पाठशालाओें में कृषि राजस्व पशु चिकित्सा, कृषि यंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग, मत्स्य, रेशम, उद्यानिकी, सहकारिता के अधिकारी उपस्थित होकर एकत्रित कृषक समूह को विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर लाभांवित करेंगे।  किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री पीके चौकसे ने बताया कि संभागायुक्त द्वारा व्हीसी में दिए निर्देशो के अनुपालन में किसान खेत पाठशाला का द्वितीय चरण 18 दिसम्बर तक पूर्ण किया जाना है। उपरोक्त कार्यक्रम के तहत कृषि एवं पशुपालन की नवीन तकनीकी, चना की उन्नत किस्मो के प्रयोग, कृषकों द्वारा चना बोनी उपरांत तेवडा (खेसरी) उगने पर उसकी पहचान कर उसको निकालने हेतु किसानो को सलाह, किसान खेत पाठशाला में किसानो से अतिरिक्त फसल लेने के उपाय घर पर गृह वाटिका उन्नत करने के अलावा पशुओं से संबंधित पशु आहार, स्वास्थ्य प्रबंधन, पशुओं का टीकाकरण एवं दवाईयों का वितरण, फल पौधे, सब्जी बीज वितरण एवं अन्य औषधी व वानिकीय पौधो का वितरण के अलावा उर्वरको को संतुलन उपयोग कैसे करें। मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, नरवाई ना जलाने इत्यादि की सलाह दी जाएगी। साथ ही कृषि यंत्रो व आधुनिक कृषि के लिए वैज्ञानिक पद्वतियों की जानकारी दी जाएगी।  किसान खेत पाठशाला का मुख्य उद्वेश्य किसानो की आमदनी में वृद्वि करना है। खेत पाठशाला के माध्यम से कृषको तक संदेश पहुंचे इसके लिए जिले में कुल 54 दल गठित किए गए है। जो सभी ग्राम पंचायतों में पहुंचकर किसानो को पूर्व उल्लेखित जानकारी देगे साथ ही किसानो की कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान करेंगे। 


कलेक्टर द्वारा राजस्व कार्यो का जायजा


vidisha news
कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने आज राजस्व कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगामी रबी सीजन में समर्थन मूल्य पर गेंहू उपार्जन के भण्डारण हेतु आठ लाख मैट्रिक टन को ध्यानगत रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्माणाधीन गोदामो के कार्य शीघ्रतिशीघ्र पूरे हो पर संबंधित एसडीएम सतत नजर रखें। इसी प्रकार जिले में स्थित वेयर हाउसों में में भण्डारण हेतु रिक्त कराने इसी प्रकार सायलो को खाली कराने के संबंध में निर्देश दिए है।  कलेक्टर डॉ जैन ने समस्त एसडीएमो से कहा कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में कलेक्टर के समतुल्य दायित्वों का निर्वहन करते है। अतः अन्य विभागो के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं में समन्वय की भूमिका अदा कर सुपात्रो को लाभ दिलाएं। इसी प्रकार विकास कार्यो का सम्पादन कर क्षेत्रवासियों को उनका लाभ मिले के प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।  कलेक्टर डॉ जैन ने पात्रता पर्ची के वितरण संबंधी कार्य की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन हितग्राहियों को पर्चियां प्रदाय की गई है उनके द्वारा संबंधित उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न का उठाव किया गया है कि नहीं। यदि किसी उचित मूल्य दुकान से संबंधित हितग्राही के द्वारा उठाव नही किया गया है तो उस हितग्राही तक सूचनाएं राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग का ग्राम स्तरीय अमले द्वारा पहुंचाई जाएंगी। कार्यवाही से स्थानीय नायब तहसीलदार को अवगत कराएगा। प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी श्री केके द्विवेदी ने बताया कि जिले के निकाय क्षेत्रों में 24 हजार 895 पात्रता पर्चीधारियों के लिए आधार नम्बर भी अंकित कराए जाने है।  कलेक्टर डॉ जैन ने सीएम हेल्पलाइन के तहत अनुविभाग स्तर पर लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए है कि आवेदककर्ता से चर्चा के उपरांत प्रतिवेदन अनिवार्यतः अंकित किए जाए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के तहत प्रदेश स्तर पर जिलो की ग्रेडिंग कैसे निर्धारित की जाती है कि पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्ति के उपरांत जबाव दर्ज नही करने पर बीस पाइंट कम हो जाते है।  कलेक्टर डॉ जैन ने समस्त एसडीएम सहित अन्य राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का निराकरण विशेष अभियान के रूप में क्रियान्वित कर करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभागो के साथ-साथ अन्य विभागो में लंबित आवेदनों की समीक्षा एसडीएम प्रत्येक सप्ताह में अनिवार्य रूप से आयोजित करें।  कलेक्टर डॉ जैन ने राजस्व वसूली की आशातीत प्रगति परलिक्षित नही होने पर असंतोष जाहिर करते हुए तहसीलदारो को राजस्व वसूली के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु विशेष निर्देश दिए है। उन्होंनें कहा कि भ्रमण के दौरान एनएच एवं स्टेट हाइवे की सड़को के सोल्डरो से ही बागड लगा दी गई है जो धीरे-धीरे अतिक्रमण की ओर इंगित करती है अतः राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाईवे के अलावा अन्य डामरीकृत सडकों के किनारे इस प्रकार के अतिक्रमण को अविलम्ब हटाने की कार्यवाही करें।  कलेक्टर डॉ जैन ने कहा कि लोक सेवा केन्द्रो के माध्यम से अनेक आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। केन्द्र के द्वारा आधे-अधूरे आवेदन प्राप्त किए जाते है तो संबंधितों के खिलाफ एसडीएम कार्यवाही करें।  कलेक्टर डॉ जैन ने निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि सर्वेक्षण सर्वे अवधि के दौरान जिन प्राथमिक कार्यो का सम्पादन किया जाना अति आवश्यक है। उन कार्यो को लिस्टिंग कर प्लान अनुसार क्रियान्वित करें।  अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने इससे पहले गौ-शालाओ के लिए चारागाह, प्लास्टिक संग्रह हेतु ग्रामों में कचरा भण्डारित स्थलों का चयन करने तथा स्थानीय विधायको की उपस्थिति में  विकास कार्यो की समीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी अपने उत्कृष्ट कार्यो से क्षेत्रों में जाने जाएं इसके लिए आपसी समन्वयक स्थापित करते हुए अन्य विभागो के कार्यो की भी सतत मानिटरिंग करें। नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई इस बैठक में समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के अलावा अन्य विभागो के जिलाधिकारी मौजूद थे।


संभागायुक्त द्वारा व्हीसी के माध्यम से समीक्षा 


vidisha news
भोपाल संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत जी ने आज संभाग के जिलो में कृषि, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा विभागो के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा की साथ ही राजस्व कार्यो और राजस्व अमले की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए है।  संभागायुक्त श्री कियावत ने संभाग के सभी जिलो में 18 दिसम्बर तक किसान खेत पाठशाला के द्वितीय चरण का सम्पादन किया जाए। उन्होंने शेड्यूल तय अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमला पहुंचे की सूचना मुनादी से दी जाए। साथ ही राजस्व एवं ग्राम पंचायत के अमले को सक्रिया किया जाए। मुनादी कार्य कोटवारो के माध्यम से जबकि कृषक मित्र एवं दीदी संबंधित किसानो को सूचित करेंगे।  संभागायुक्त श्री क्रियावत ने निर्देश दिए है कि किसान खेत पाठशाला खुले परिसर में हो। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि पंचायत भवन के अंदर तथा प्रभावी व्यक्ति की देलान में आयोजन कदापि ना हो। उन्होंने किसान खेत पाठशाला में उपस्थिति कम से कम एक सौ हो पर बल देते हुए कहा कि ग्राम के समृद्व किसान को आईकॉन स्थापित करते हुए अन्य किसानो को इसकी जानकारी दी जाए ओर उत्पादन कैसे बढे से संबंधित किसान अवगत कराएंगे। 


’दुग्ध उत्पादकों को सोसायटी से जोड़ें’

विटनरी और सहकारिता का अमला दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध सोसायटी से जोड़े। दूध के दाम बढ़ने वाले हैं। डीआरसीएस अमले के साथ फील्ड में जाएं। दुग्ध उत्पादक किसानों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए जानकारी और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाएं। दुग्ध कलेक्शन सेंटर पर दूध की मात्रा बढ़ना चाहिए, अन्यथा विटनरी एवं सहकारिता के अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


’एक्सट्रा रीपर के साथ ही फसल कटाई सुनिश्चित करें’

संभागायुक्त श्री कियावत ने एक्सट्रा रीपर नहीं होने पर मशीन के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। सभी कृषकों को एक्सट्रा रीपर अटेचमेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करें। फसल कटाई में प्रदेश के बाहर की मशीनों पर प्रतिबंध रहेगा। नरवाई जलाने पर सख्त कार्यवाही और मशीन जप्ती के निर्देश दिये।


’सभी किसानों को उन्नत कृषि संबंधित मैसेज होंगे प्रसारित’

संभागायुक्त श्री कियावत ने निर्देश दिये कि आत्मा, रबी एवं खरीफ पंजीयन और किसान खेत पाठशाला के किसानों के पंजीयन के दौरान मिले किसानों के फोन नम्बर लेकर फिल्टर कर एकीकृत फोन नम्बर्स का रिकॉर्ड तैयार किया जाए। सोमवार 7 दिसम्बर से प्रत्येक किसान को प्रतिदिन कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए उन्नत कृषि संबंधी मैसेज प्रसारित किये जाएंगे जिससे कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि होगी। एक तरह से ये मोबाइल पर कृषि पाठशाला होगी। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि इससे एक भी किसान छूटे नहीं। संभागायुक्त श्री कियावत ने प्रथम चरण के किसान खेत पाठशाला की समीक्षा कर द्वितीय चरण की किसान खेत पाठशाला को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राजस्व एवं जिला पंचायत को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिये। बैठक में सभी जिलों के जिला पंचायत सीईओ, एडीएम, उप संचालक एग्रीकल्चर, विटनरी, मत्स्य एवं सहकारिता के अधिकारी उपस्थित थे।


कोटवारो को सशक्त बनाएं

संभागायुक्त ने व्हीसी के दौरान राजस्व के ग्राम स्तरीय अमले को सशक्त बनाने हेतु विशेष निर्देश आज वीडियो कांफ्रेसिंग समीक्षा में दिए है। उन्होंने कहा कि पटवारी ओर कोटवार अपने कार्य क्षेत्रों में सतर्क, जागरूक रहें। उन्होंने अक्षम एवं बुर्जुग कोटवारो को अलग करने के निर्देश दिए हैं। कोटवारो के सभी क्लेम्वो का भुगतान करने, सेवा भूमि, केसीसी, नरेगा का भी लाभ दिलाया जाए। ग्राम स्तर की तमाम जानकारियों के स्त्रोत कोटवार स्मार्ट बनें। इसके लिए सर्किलवार 15-15 दिन में बैठक आयोजित कर उन्हें स्मार्ट फोन की उपयोगिता और महत्वता तथा संचार प्रचार-प्रसार के संसाधन का सदुपयोग कैसे करें की जानकारी दी जाए। संभागायुक्त ने कोटवारो को मुनादी हेतु ड्रम यंत्र ग्राम पंचायतों के माध्यम से मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए हैं।  संभागायुक्त द्वारा राजस्व अधिकारियो को भ्रमण के दौरान पानी बिजली, ग्रामीण विकास, उचित मूल्य दुकान, राजस्व के अलावा कृषि संबंधी सूचनाएं प्राप्त करनी चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी प्रकार से सुपात्र वंचित ना हो सकें। उन्होंने समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं जनपदो के सीईओ को भ्रमण कर रात्रि विश्राम ग्राम पंचायतों में करने के निर्देश दिए है। एनआईसी के व्हीसी कक्ष में अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह के अलावा समस्त एसडीएम मौजूद रहें। 


जिला कौशल समिति की बैठक सम्पन्न 


संकल्प योजना के तहत उद्योगपतियों की एक दिवसीय वर्कशॉप सह जिला कौशल समिति की बैठक आज कलेक्ट्रेट के सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई है। उक्त बैठक में जिला कौशल समिति द्वारा इण्डस्ट्रीज कंसलटेशन के माध्यम से आवश्यक सुझाव दिए गए है।  औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से आयोजित उक्त कार्यशाला में विधायक श्री शशांक भार्गव के अलावा विदिशा लघु उद्योग संघ के सचिव श्री प्रदीप मित्तल, अडानी विल्मर लिमिटेड, नेशनल केप्सूल लिमिटेड एवं विदिशा जिले के अन्य लघु मध्यम एवं विशाल उद्योगो के उद्योगपति एवं संबंधित विभागो के प्रतिनिधि मौजूद रहें। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी, आईटीआई के प्राचार्य श्री एपी श्रीवास्तव द्वारा कौशल विकास विभाग एवं केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना संकल्प के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई है एवं उद्योगपतियों से सुझाव प्राप्त किए गए है। 


’आयुष्मान गोल्डन कार्ड के लिए निर्देश जारी’


आयुष्मान भारत योजना का गोल्डन कार्ड प्राप्त करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में बताया गया है कि आयुष्मान भारत निरामय योजना में गोल्डन कार्डधारक परिवार कोविड-19 सहित अन्य गंभीर रोगों का निःशुल्क उपचार करा रहे हैं। कार्ड नहीं होने पर नागरिक नहीं घबराएं कॉमन सर्विस सेंटर या कियोस्क सेवा केन्द्र पहुँचकर पात्रता की जाँच कराएं। 30 रूपए की फीस जमाकर गोल्डन कार्ड बनवाएं जा सकते है। गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पारिवारिक समग्र आईडी, मतदाता पहचान पत्र या अन्य कोई सरकारी फोटो पहचान पत्र साथ में अवश्य लेकर लोक सेवा केन्द्र जाना होगा। नागरिक अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 14555/18002332085 पर कॉल कर सकते हैं या वेबसाइट ayusmanbharat.mp.gov.in/  पर लॉग इन करने के अलावा लोक सेवा केन्द्र या जन सेवा केन्द्र पर संपर्क कर सकते हैं।


अति गंभीर कुपोषित बच्चों के परिवारों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि दो किस्ते में 400 रूपये मिलेगी प्रोत्साहन राशि


सुपोषित प्रदेश की संकल्पना को साकार करने के लिए कुपोषण जैसे गंभीर विषय पर समुदाय एवं परिवार की सहभागिता पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत कुपोषित परिवार-सुपोषित मध्यप्रदेश कार्यक्रम के अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आने वाले बच्चों के परिवार को बच्चे के पोषण स्तर में उनके सक्रिय प्रयास से आयें सुधार के लिए प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जायेगा। प्रमुख सचिव, महिला-बाल विकास ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र लिख कर अवगत कराया है। यह प्रोत्साहन राशि एक परिवार को 200 रुपये प्रति किश्त की दर से दो किश्तों में 400 रूपये दी जायेगी। इसके तहत दो प्रावधान सुनिश्चित किये गए है। पहले प्रावधान में ऐसे पंजीकृत अति गंभीर कुपोषित बच्चे जिनका पोषण स्तर अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी से मध्य गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आ गया हो, ऐसे परिवार को प्रोत्साहन की प्रथम किश्त की राशि देय होगी। दूसरे प्रावधान में ऐसे पंजीकृत अति गंभीर कुपोषित बच्चे जो कार्यक्रम में मध्यम गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आने के बाद सामान्य पोषण स्तर की श्रेणी में आ गए है, ऐसे परिवार को द्वितीय किश्त की राशि भी देय होगी। इसके अतिरिक्त बच्चे से संबंधित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं जैसे बच्चे की उम्र अनुसार टीकाकरण सारणी का अनुपालन, 6 माह से 2 वर्ष की आयु हो उनके 6 माह के बाद बच्चे के ऊपरी आहार की शुरूआत एवं उसकी निरन्तरता का स्तर निर्धारित मानक अनुसार है या नहीं तथा परिवार द्वारा अपनाये जाने वाले स्वास्थ्य एवं पेषण व्यवहार अथवा शिक्षा के स्तर का भी आंकलन किया जायेगा। वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों के चिन्हाकंन एवं पंजीयन के बाद 12 सप्ताह अथवा 3 माह तक सतत प्रयास कर उन्हें सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाता है। इस दौरान बच्चों के परिवार को परामर्श देकर उनके सहयोग से बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य स्थिति में सुधार का प्रयास किया जाता है। कुपोषित परिवार- सुपोषित मध्यप्रदेश में इन परिवारों का सम्मान किया जायेगा जिनके प्रयासों से पंजीकृत अति गंभीर कुषोषित बच्चों के पोषण स्तर में बदलाव परिलक्षित हो रहा है।


पॉजिटिव के साथ परिजनों को प्रोटोकॉल का पालन करना होगा


जिले में कोरोना के संक्रमण की वृद्धि को देखते हुए जिला स्तरीय आरआरटी टीम द्वारा निर्णय लिया है कि कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के साथ-साथ उनके परिजनो को भी कोविड-19 के प्रोटोकाल अनुसार सोशल डिस्टेशिंग का पालन करने हुए घर में ही होमकोरेन्टाइन रहना है उल्लघंटन करने पर म.प्र. पब्लिक हेल्थ एक्ट -1949, महामारी रोग अधिनियम-1897 एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम-2008 की धारा-51 के तहत जारी होम कोरेन्टाइन  व्यक्तियों पर वैधानिक कानूनी कार्यवाही की जावेगी। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति एवं उनके परिजनो को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य असुविधा होने पर डिस्ट्रिक कोविड कमान्ण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर के मोबाइल नम्बर 9406917572, 9406917573 एवं 9406917574 पर सम्पर्क करे। अतः आम नागरिको से अनुरोध की आसपास कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति एवं उसके परिजनो द्वारा उल्ल्घंन करने पर तत्तकाल हेल्प लाइन नम्बर 07592-1075 पर साक्ष्य सहित शिकायत दर्ज करा सकते है।

कोई टिप्पणी नहीं: