विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 28 दिसंबर - Live Aaryaavart

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सोमवार, 28 दिसंबर 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 28 दिसंबर

सीएम हाउस के आवेदनों पर कार्यवाही से संबंधित विभाग के अधिकारी सीधे अवगत कराएं


vidisha news
मुख्यमंत्री निवास एवं कार्यालय से प्राप्त होने वाले आवेदनों पर त्वरित निराकरण की कार्यवाही कर संबंधित विभाग के जिलाधिकारी निराकरण पहल से सीधे अवगत कराएंगे साथ ही की गई कार्यवाही की एक प्रति जिला कार्यालय को भी उपलब्ध कराएंगे। उक्त आश्य के निर्देश कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने सोमवार को लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक समस्त विभागो के जिलाधिकारियों को दिए है। कलेक्टर डॉ जैन ने कहा कि संभागायुक्त और मेरे भ्रमण के दौरान ग्राम स्तरों पर बिजली, पानी की मूलभूत समस्याओं की ओर ग्रामीणो द्वारा विशेष ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है। अतः भ्रमण के दौरान जिन-जिन ग्रामों में ततसंबंधी समस्याओं की जानकारियां प्राप्त हुई है उन ग्रामो में संबंधित विभाग के अधिकारी विशेष शिविर आयोजित कर समस्याओं का निराकरण करें। कलेक्टर डॉ जैन ने गत दिवस ग्राम बामौरीशाला में भ्रमण के दौरान हायर सेकेण्डरी स्कूल में कम्प्यूटर की उपलब्धता एवं स्कूल में साइंस समूह की कक्षाएं संचालित कराने के आवेदनों पर साक्षेपित कार्यवाही करने के निर्देश आज टीएल बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी को दिए है। कलेक्टर डॉ जैन ने ग्रामीण विकास विभाग के लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान आगामी रबी उपार्जन के कार्यो हेतु स्थलो का चिन्हांकन करने तथा समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु समिति स्तरीय उपार्जन केन्द्रो के लिए 120 चबूतरों का निर्माण कार्य जिले में जनपद पंचायतों के माध्यम से कराया जाना है। उक्त में से अब तक 59 चबूतरों के निर्माण कार्यो की स्वीकृति  प्रदाय की गई है शेष अन्य की स्वीकृति शीघ्र प्रदाय कर निर्माण कार्य शुरू कराएं जाएं। ग्राम पंचायत पथरिया के सचिव श्री आनंद सिंह यादव के द्वारा स्थानांतरण उपरांत राशि आहरण करने की कार्यवाही करने के कार्यो को अनुशासनहीनता की श्रेणी में लेते हुए संबंधित के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए है कि डीपीसी कार्यालय भवन में जिला पुस्तकालय को शिफ्ट कराने का कार्य श्ीघ्र किया जाए इसके अलावा पेपर कंटिग पर हुई कार्यवाही से अवगत कराया गया है। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कॉ-आपरेटिव बैंक, लीड़ बैंक, एमपीईव्ही, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, आरईएस, आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला पंजीयक, डिस्ट्रिक प्लानिंग आफीसर, पशु चिकित्सा, श्रम, कृषि, उद्यानिकी, खेल एवं युवा कल्याण, भू-अभिलेख, महिला एवं बाल विकास विभाग के लंबित आवेदनों पर अब तक क्या-क्या कार्यवाही हुई है से संबंधित विभाग के जिलाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है। नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नीतू माथुर, अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह, संयुक्त कलेक्टर द्वय श्री रोशन राय, श्री शैलेन्द्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर द्वय श्री कुमार शानू देवडिया, सुश्री अमृता गर्ग के अलावा विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी मौजूद थे।


जननी एक्सप्रेस की सुविधा बहाल हुई 


कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा पठारी तहसील क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यानगत रखते हुए मरीजो के लिए वाहन के प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए गए थे के परिपालन में की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने बताया कि पठारी उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए जननी एक्सप्रेस की सुविधा बहाल कराई गई है शीघ्र ही एम्बुलेंस भी मुहैया कराई जाएगी।


सीएम हेल्पलाइन, एल-वन स्तर पर जबाव दर्ज नही करने वालो  की सूची संधारित करने के निर्देश 


कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण की वस्तुस्थिति की भी जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर डॉ जैन ने सीएम हेल्पलाइन के प्राप्त आवेदन पर संबंधित विभाग के एल-वन स्तर के अधिकारी द्वारा जबाव दर्ज किया गया है कि नही की सूचीबद्व करने के निर्देश दिए है ताकि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा सकें। कलेक्टर डॉ जैन ने समस्त विभागो के जिलाधिकारियों को पुनः सचेत करते हुए कहा है कि सीएम हेल्पलाइन के आवेदन स्थानीय स्तर पर लंबित ना रहें। जांच पड़ताल के दौरान यदि ऐसी समस्या जिसका निराकरण जिला स्तर पर संभव था और संबंधित विभाग के एल-वन आफीसर के द्वारा निराकरण में विशेष रूचि नही ली गई है तो ऐसे प्रकरणों मे एल-वन आफीसर के खिलाफ निलंबन करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। 


व्हीसी के माध्यम से समीक्षा 


कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने सोमवार को अनुविभाग स्तर पर लंबित आवेदनों की समीक्षा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से की। उन्होंने समस्त एसडीएमों को सचेत करते हुए कहा कि जिला स्तर पर जो-जो कार्य कलेक्टर के द्वारा सम्पादित किए जाते है ठीक उसी तर्ज पर अनुविभाग स्तर पर वैसे ही कार्यो के लिए संबंधित एसडीएम अपने-अपने कार्य क्षेत्रो के लिए अधिकृत है। कलेक्टर डॉ जैन ने राहत राशि के वितरण प्रकरणो के संबंध में समस्त एसडीएमों को निर्देश दिए है कि उपरोक्त कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने जिला कोषालय से सतत सम्पर्क कर समय सीमा में राहत राशि के देयको को जमा कराएं। कलेक्टर डॉ जैन ने अनुविभाग एवं निकाय स्तर पर सम्पादित किए जाने वाले कार्यो के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। उन्होंने नगरीय निकायो के अधिकारियों को स्वच्छता अभियान के तहत सम्पादित होने वाले कार्यो के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया है।  कलेक्टर डॉ जैन ने विदिशा नगरपालिका क्षेत्र में प्रति माह बीस करोड राजस्व की वसूली करने के निर्देश निकाय के अमले को दिए है। इसी प्रकार अन्य निकायों में भी राशि वसूली की कार्यवाही की जाए। आयुष्मान कार्ड जारी करने के कार्य को युद्वस्तर पर क्रियान्वित करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि पात्रतापर्ची के शेष ऐसे 2208 हितग्राही जिनके द्वारा अब तक खाद्यान्न का उठाव नही किया गया है। ततसंबंध में निकाय एवं ग्राम स्तरीय अमला अपने-अपने कार्यक्षेत्र के चिन्हित हितग्राहियों से सम्पर्क कर खाद्यान्न उठाव के लिए अभिप्रेरित करते हुए उन्हें अवगत कराया जाए कि समय पर खाद्यान्न उठाव नही करने पर जारी पात्रता पर्ची के संबंध में शंकाएं होती है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना, स्ट्रीट वेण्डर शहरी एवं ग्रामीण, स्वामित्व योजना के कार्यो के समीक्षा की है।  कलेक्टर डॉ जैन ने विदिशा एसडीएम से संवाद के दौरान बताया कि विदिशा में श्री रामलीला मेला के आयोजन संबंधी मार्गदर्शन प्राप्ति हेतु राज्य स्तर पर प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। उन्होंने समस्त एसडीएमों को निर्देश दिए है कि भ्रमण अवश्य करें। इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखे कि कार्यालयीन समय की अवधि प्रभावित ना हो। उन्होंने निकाय क्षेत्रो के एसडीएमों को प्रातः भ्रमण कर फील्ड में की जा रही साफ सफाई का जायजा लें और स्वच्छता संबंधी सर्वे से प्राप्त होने वाले अंको की जानकारी आमजनों को भी दें। एनआईसी के व्हीसी कक्ष में वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नीतू माथुर, अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह के अलावा संयुक्त कलेक्टर एवं विभिन्न विभागो के अधिकारी, एनआईसी के डीआईओ श्री एमएल अहिरवार तथा जनपदो के सीईओ मौजूद थे।


सीएम हेल्पलाइन के रैंक संबंध में प्रश्नोत्तर, पांच प्रतिशत ने पूर्ण व 15 प्रतिशत अधिकारियों ने अधूरे जबाव दाखिल किए


सीएम हेल्पलाइन की रैंक के संबंध में विभागो के अधिकारियों को सामान्य जानकारियां है कि नही का आज लिखित प्रश्नोत्तरो के माध्यम से परीक्षण किया गया है। टीएल बैठक में ही कलेक्टर डॉ पंकज जैन के निर्देश पर समस्त विभागो के जिला अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन रैकिंग पर आधारित प्रश्नो के खाली स्थान को भरकर प्रपत्र उपलब्ध कराने हेतु वितरित किया गया था। अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने बताया कि जिलाधिकारियों के द्वारा वापिस लौटाए गए प्रपत्रों में पांच प्रतिशत अधिकारियों के द्वारा ही शत प्रतिशत जानकारियां सही-सही दर्ज की गई है जबकि 10 से 15 फीसदी अधिकारियों के द्वारा आधी अधूरी जानकारी दर्ज कराई गई है वही शेष 80 प्रतिशत अधिकारियों के द्वारा प्रपत्र में निर्धारित सभी कालमों को रिक्त छोडा गया है। अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने बताया कि जिले में पदस्थ अधिकारियों का सीएम हेल्पलाइन के संबंध में सामान्य जानकारीयुक्त टेस्ट लिया गया है जिसमें अधिकारी का नाम, पदनाम, कार्यालय के उपरांत सीएम हेल्पलाइन के बैटेज पर रैंक संबंधी बिन्दु क्रमशः बैटेज का विवरण, बैटेज हेतु निर्धारित अंक (प्रतिशत में), विभाग को प्राप्त अंक (प्रतिशत में) के अलावा अन्य सामान्य जानकारी जो केवल टिक करनी थी उनमें अधिकारी लैबल, क्या आपको सीएम हेल्पलाइन के अवलोकन हेतु जारी विभागीय पासवर्ड हकीकत में याद है, और अंत में अधिकारी को हस्ताक्षर व मोबाइल नम्बर अंकित करने थे। 


नवीन पशुधन बीमा योजनांतर्गत - पशुओं का बीमा कराने की अपील


उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, भोपाल ने जिले के पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुधन का बीमा कराएं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन अंतर्गत नवीन पशुधन बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना में पशुपालकों को पशु की मृत्यु होने पर हुई आर्थिक हानि में राहत मिलती है। उन्होंने पशुपालकों को बताया है कि योजना में पशुधन जैसे गाय, भैंस, घोडा, बकरी आदि को शामिल किया गया है। योजनांतर्गत प्रति परिवार अधिकतम पांच पशुओं का बीमा करा सकते हैं। बीमे की अधिकतम राशि 55 हजार रूपए तक हो सकती हैं तथा प्रीमियम  दर एक वर्ष के लिए 2.92 प्रतिशत है जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत अनुदान तथा बीपीएल, एससी, एसटी के लिए 70 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा दिया जाता है। उन्होंने पशुपालकों से कहा है कि वे अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम पशु चिकित्सालय प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं।


आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना में 10 लाख तक ऋण लेकर शुरू कर सकते हैं स्वयं का रोजगार


मध्यप्रदेश आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना पशुपालन विभाग की एक महत्वपूर्ण योजना है इस योजना से बेरोजगार युवकों को गौ-पालन के लिए 10 लाख तक का लोन मिलेगा। जिसमें मार्जिन मनी सहायता के रूप में इकाई लागत का 25 प्रतिशत सामान्य वर्ग के लिये अधिकतम डेढ़ लाख तथा अनुसूचित जातिध्अनुसूचित जनजाति के लिये 33 प्रतिशत अधिकतम दो लाख रूपए प्रदान की जाएगी। पशुपालक न्यूनतम 5 या इससे अधिक पशु की योजना स्वीकृत करा सकेगा तथा परियोजना की अधिकतम सीमा राशि दस लाख रूपए तक होगी। परियोजना लागत का 75 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करनी होगी तथा शेष राशि की व्यवस्था मार्जिन मनी सहायता एवं हितग्राही का स्वयं के अंशदान के रूप में करनी होगी। इकाई लागत के 75 प्रतिशत पर या हितग्राही द्वारा बैंक से प्राप्त ऋण पर जो भी कम हो 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से अधिकतम 25,000 रूपए प्रतिवर्ष ब्याज की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक विभाग द्वारा की जाएगी। पांच प्रतिशत से अधिक शेष ब्याज दर पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हितग्राही को स्वयं करना होगी। इस योजना का लाभ सभी वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषक ले सकते हैं। हितग्राही के पास 5 पशुओं के लिये न्यूनतम एक एकड़ भूमि होना आवश्यक है तथा पशुओं की संख्या में वृद्धि होने से अनुपातिक रूप से न्यूनतम कृषि भूमि का निर्धारण किया जायेगा।  हितग्राहियों का ग्राम सभा मे अनुमोदन होगा, ग्राम सभा में अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन होगा। जनपद पंचायत में अनुमोदन के बाद जिले के उप संचालक, पशुपालन अनुमोदित प्रकरण को स्वीकृति के लिये बैंक को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त करेंगे। यह एक बहुउद्देशीय योजना है बेरोजगारी कम करना, पशुओं के प्रति जागरूक करना और दूध उत्पादन में वृद्धि करना इस योजना का उद्देश्य है। 


सफलता की कहानी  : योजना ने आर्थिक वृद्वि के द्धार खोले 


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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से ग्राम कटसारा के आठ कृषक एक साथ लाभांवित हुए है। योजना ने कृषकों के लिए आर्थिक वृद्वि के द्धार खोलने का कार्य किया है। लॉक डाउन अवधि में जहां रोजगार नही मिल रहा था वहां योजना के माध्यम से खेत तालाब खनन कार्य कराया गया जिससे स्थानीय लोगो को ग्राम में ही सुगमता से रोजगार मिला है।  विदिशा विकासखण्ड के माइक्रोवाटर शेड ग्राम कटसारा में ग्राम के प्रताप सिंह किरार, राजाराम धाकड़, गुलाबसिंह, नर्मदा प्रसाद किरार, जसवंत सिंह, अजब सिंह किरार, सौदान सिंह और सतीश सक्सेना ने अपने-अपने खेतों में खेत तालाब का निर्माण कराया है जिससे भू-जल स्तर पर बढोतरी हुई वही फसल में परिवर्तन कर आय बढाने के अन्य स्त्रोत बढे है। पौने तीन लाख से पांच करीब पांच लाख तक की लागत के कुल आठ तालाबो का निर्माण ग्राम कटसारा में कराया गया है। इन तालाबो का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर इनमें 38496.25 घन मीटर जल भण्डारण हुआ है वही 35.85 हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधाओं में वृद्वि हुई है।  कृषकों ने बताया कि जहां पहले बडी मुश्किल से सोयाबीन की फसल ले पाते है और पानी नही मिलता था। अब खेत तालाब योजना के निर्माण से पानी लबालब भरा रहने के कारण खरीफ में धान की फसल सभी ने ली है और इसके पश्चात अब गेंहू की फसल लेने की तैयारी की जा रही है। किसानो ने अपनी आमदनी बढाने के लिए तालाब की पार पर तूअर, मुनगा के पौधो के अलावा सब्जी का उत्पादन लिया जा रहा है। जिससे आर्थिक आमदनी के स्त्रोत बढे है। ग्राम के कृषक गुलाब सिंह ने तो अपने खेत तालाब में मत्स्य पालन का कार्य भी शुरू कर दिया है हितग्राही गुलाबसिंह ने बताया कि मत्स्य विभाग के सहयोग से रेउ, कतला, मृगन प्रजाति की मछलियों का पालन किया जा रहा है। खेत तालाब बन जाने से जमीन असिन्चित से सिन्चित हुई है वही आमदनी तथा पैदावार में वृद्वि हो रही है। 


12 सेम्पल पॉजिटिव प्राप्त हुए


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने बताया कि सोमवार 28 दिसम्बर को जिले में कोरोना वायरस कोविड 19 के कुल 12 सेम्पल पॉजिटिव प्राप्त हुए है जिसमें विदिशा विकासखण्ड में छह, बासौदा में चार तथा ग्यारसपुर एवं नटेरन विकासखण्ड में एक-एक सेम्पल पॉजिटिव प्राप्त हुआ है।

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