नेपाल के भैरवा में चौथी आईसीपी बनाएगा भारत - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

नेपाल के भैरवा में चौथी आईसीपी बनाएगा भारत

india-will-create-fourth-icp-in-bhairawa-nepal
नयी दिल्ली 15 जनवरी, भारत ने नेपाल में भैरवा में चौथी एकीकृत जांच चौकी बनाने, सिलीगुड़ी से नेपाल के झापा तक एक नयी गैस पाइपलाइन बिछाने तथा काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर में रिवरफ्रंट एवं पाटन में भंडारखाल बगीचे को विकसित करने का प्रस्ताव को गति देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय भारत-नेपाल संयुक्त आयोग की आज यहां हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर और नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञावाली ने संयुक्त रूप से की जिसमें दोनों देशों के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला एवं डॉ. भरत राज पौड्याल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित है। बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने कनेक्टिविटी, कारोबार, ऊर्जा, तेल एवं गैस, जल संसाधन, राजनीतिक एवं सुरक्षा संबंधी विषयों, सीमा प्रबंधन, विकास साझीदारी, पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में आपसी सहयोग के बारे में चर्चा की। दोनों देशों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने के बारे में बात की। नेपाल ने भारत को कोविशील्ड और कोवैक्सीन के विकास एवं उत्पादन के लिए बधाई दी और नेपाल के लिए टीका जल्द सुलभ कराने का अनुरोध किया। मोतिहारी-अमलेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन को चितवन तक बढ़ाने तथा सिलीगुड़ी से झापा तक एक नयी पाइपलाइन बिछाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने जयनगर से जनकपुर के रास्ते कुर्था तक पहली यात्री रेल लाइन के पूर्ण होने पर संतोष व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने रक्सौल से काठमांडू तक रेललाइन बिछाने के बारे में चर्चा की। बैठक में दोनों देशों ने नेपालगंज में तीसरी आईसीपी का निर्माण शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और भैरवा में चौथी आईसीपी का निर्माण शुरू करने का इरादा जताया। पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित विभिन्न पनबिजली परियोजनाओं को पूरा करने पर भी बात हुई। भारत ने कहा कि वह नेपाल में दो अन्य सांस्कृतिक परियोजनाओं - काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर में रिवरफ्रंट एवं पाटन में भंडारखाल बगीचे को अनुदान से विकसित करेगा। नेपाल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार होने पर भारत की स्थायी सदस्यता के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

कोई टिप्पणी नहीं: