पटना : राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि यह कानून केन्द्र सरकार ने पूंजीपतियों को फायदा पहुँचाने के लिए बनाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व केन्द्रीय मंत्राी उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि किसान सड़कों पर उतर कर इन कानूनों का विरोध कर रहा है। क्योंकि वे समझ गए हैं कि इससे उन्हें क्या नुकसान होगा? कुशवाहा ने कहा कि यह लड़ाई किसान बनाम पूंजीपतियों की है और सरकार पूंजीपतियों के साथ खड़ी है। बिहार में किसानों को इन कानूनों से होने वाले नुकसान की जानकारी देने के लिए रालोसपा किसान चैपाल लगाएगी। दो फरवरी को अमर शहीद जगदेव जयंती से चैपाल शुरू होगा और 28 फरवरी तक चलेगा। दो फरवरी को अमर शहीद जगदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभी जिला मुख्यालयों पर तीनों कानूनों की प्रतियां जलाई जाएगी। कुशवाहा ने बताया कि रालोसपा बिाहर के दस हजार गाँवों में पंचायत लगाएगी। पार्टी का लक्ष्य 25 लाख किसानों को जागरूक करेगी और केंन्द्र सरकार की नियत को उजागर करेगी। कुशवाहा ने कहा कि किसान आंदोलित हैं और बता रहे हैं कि इससे उनका क्या-क्या नुकसान होगा लेकिन सरकार यह नहीं बता रही है कि इसके क्या फायदे है।
शुक्रवार, 29 जनवरी 2021
बिहार : कृषि कानून के विरुद्ध रालोसपा लगाएगी किसान चाौपाल
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