बिहार : आन्दोलन पर दमन के लिए मोदी राज की भर्त्सना हो! : दीपांकर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 27 जनवरी 2021

बिहार : आन्दोलन पर दमन के लिए मोदी राज की भर्त्सना हो! : दीपांकर

dipankar-bhattacharya-condemn-modi
पटना (आर्यावर्त संवाददाता) देश के सभी कोने कोने से आये लाखाें किसानों ने अश्रु गैस के गोले, पुलिसिया लाठीचार्ज समेत भारी दमन के बीच अपने ट्रैक्टरों पर सवार हो शान से तिरंगा लहराते हुए सड़कों पर आ भारत गणराज्य की लोकतांत्रिक भावना का उत्सव मनाया है. इस हिम्मत और दृढ़ निश्चय के लिए देश के किसान बधाई  के पात्र हैं. हम पुलिस दमन की भर्त्सना करते हैं जिसमें एक किसान की जान चली गई.  बैनर और तिरंगे से सजे दसियों हजार ट्रैक्टरों ने दिल्ली की सड़कों पर मार्च किया. जहां तक नजर जाती किसानों की परेड ही दिखाई दे रही थी जिसका दिल्ली के नागरिकों ने सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर स्वागत किया, जगह-जगह उनके लिए पानी और स्वल्पाहार आदि की व्यवस्था की, उनके ऊपर फूलों की बरसात की. यह खूबसूरत छवि दिल्ली वासियों के हृदय में अनन्त काल के लिए दर्ज हो चुकी है.  इस शानदार तस्वीर को कुछ छिटपुट घटनाओं से खराब करने की कोशिश की है, जिसके लिए प्राथमिक रूप से मोदी सरकार का अड़ियल रूख और किसानों पर किया गया पुलिस दमन जिम्मेदार हैं. कड़ाके की ठण्ड में मोदी सरकार ने किसानों को दो महीनों से दिल्ली के बाॅर्डर पर कैम्प करने को मजबूर कर दिया है जिसमें अब तक 70 से ज्यादा किसानों की मौतें हो चुकी हैं. फिर भी इस आन्दोलन ने, यदा-कदा व्यग्रता में हुई कुछ घटनाओं के बावजूद, अभूतपूर्व रूप से धीरज और संयम से काम लिया है.  मोदी सरकार व प्रशासन को मनगढ़ंत विमर्ष गढ़ कर किसानों को दोषी बताने की इजाजत हरगिज नहीं दी जा सकती. तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग से जनता का ध्यान भटकाने की इस साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जा सकता। हमारी किसानों से अपील है कि वे बिना किसी उकसावे और ध्यान बंटाने की चाजबाजी में फंसे अपने आन्दोलन को पूर्ववत जारी रखें. इस न्याय संगत आन्दोलन के लिए हमारा पूरा समर्थन व सहयोग रहेगा. किसानों का यह प्रतिरोध आन्दोलन हमारे संविधान, हमारे लोकतंत्र की अवधारणा और जन अधिकारों की रक्षा के लिए भारतीय जनता के संघर्ष की आधारशिला बन गया है. अपनी शुभेच्छाओं, उम्मीदों और एकजुटता के साथ हमें इस आन्दोलन का समर्थन करना चाहिए. 

कोई टिप्पणी नहीं: