गया : दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल होना जरूरी - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

गया : दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल होना जरूरी

  • ● गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने के लिए परिवार नियोजन जरूरी: डीएम
  • ● परिवार नियोजन पर जनसंदेश देने के लिए जागरूकता रथ रवाना
  • ● जागरूकता रथ को जिलाधिकारी व सीएस ने दिखायी हरी झंडी

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गया। मिशन परिवार विकास अभियान के तहत परिवार नियोजन के प्रति जन जागरूकता के उद्देश्य से ज़िला पदाधिकारी, गया के आवास से 10 जागरूकता रथ को ज़िला पदाधिकारी, गया श्री अभिषेक सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है।  जिला पदाधिकारी ने कहा परिवार नियोजन की जरूरत के प्रति दंपतियों को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता रथ परिवार नियोजन के जनसंदेश को लेकर लोगों के बीच जायेंगे। ये अभियान जनवरी से मार्च 2021 तक चलाया जाएगा। अभियान के केंद्र में नवविवाहित तथा एक संतान वाले दंपति विशेष रूप से शामिल हैं। वहीं प्रखंडों के ग्रामीण इलाकों में भी 02-02 जागरूकता रथ को रवाना किया गया है।  आरोग्य दिवस पर भी लोगों को परिवार नियोजन की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा परिवार नियोजन कर गुणवत्तापूर्ण जीवन के साथ अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। उन्होंने अपील किया कि आमजन परिवार नियोजन से संबंधित तथ्यात्मक बातों को जानकर इससे जुड़ी भ्रांतियां व अवधारणों को दूर करें। उन्होंने कहा नवदंपति को जानना जरूरी है कि दो सतानों के बीच तीन साल का अंतराल क्यों आवश्यक है। इसकी जानकारी हर दंपति को होनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ व सुरक्षित मातृत्व परिवार की नींव है। उन्होंने निर्देश दिया कि विभिन्न प्रखंडों के लिए परिवार नियोजन के तहत जो लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं, उसे पूरा करने के लिए प्रत्येक स्तर पर काम किया जाए।  अंत मे जिलाधिकारी ने सभी आमजन, विशेषकर नवविवाहित दंपत्ति एवं युवाओं से अपील किया कि वे शादी के बाद परिवार नियोजन के किसी भी साधन को अपनाएं ताकि 01 या 02 बच्चे को ही जन्म दे सकें और उनका पालन पोषण शिक्षा दीक्षा अच्छी तरीके से कर सकें। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के साधन का उपयोग करके हम देश की बढ़ती हुई जनसंख्या को रोक सकते हैं क्योंकि यह देश के विकास के लिए अतिआवश्यक है। सिविल सर्जन डाॅ कमल किशोर ने कहा सबसे पहले परिवार नियोजन की समझ को बढ़ाना आवश्यक है। इसके बाद आधुनिक गर्भनिरोध के साधनों का इस्तेमाल की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। परिवार नियोजन से माता व बच्चे अधिक स्वस्थ होते हैं क्योंकि इससे जोखिम वाले गर्भों की रोकथाम की जा सकती है। बच्चों के लिए भोजन, शिक्षा व उनके लिए अधिक समय देना माता पिता की इच्छा होती है और ऐसा वे परिवार नियोजन की मदद से हासिल कर सकते हैं। गर्भनिरोधक साधनों का इस्तेमाल अवांछित गर्भ के डर को रोकता है।  इस अवसर पर डीपीएम श्री नीलेश कुमार, केयर इंडिया के टीम लीडर श्री शशि रंजन सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे।

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