मानव श्रृंखला बनाकर किसानों के पक्ष में अपनी एकजुटता का अहसास - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 28 जनवरी 2021

मानव श्रृंखला बनाकर किसानों के पक्ष में अपनी एकजुटता का अहसास

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पटना. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने किसान विरोधी काले कानूनों के विरुद्ध "मानव श्रृंखला" को सफल बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने गरीबी के दुष्चक्र में फँसे किसान,बेरोजगारी से हताश नौजवान,छात्र, शिक्षक- अभ्यर्थी के अन्य सब को एक हो जाने पर बल दिया.शहीद दिवस 30 जनवरी के दिन दोपहर 12 बजे से सड़क पर उतरकर मानव श्रृंखला बनाकर किसानों के पक्ष में अपनी एकजुटता का अहसास कराए. इस मानव श्रृंखला में महागठबंधन के तमाम दल शामिल होंगे. आरजेडी की इस बात से महागठबंधन दल के तमाम नेता सहमत दिखे.


कृषि कानूनों को लेकर महागठबंधन ने सरकार के सामने यह मांग रखी है-

  • किसान विरोधी तीनो कृषि कानूनों को सरकार वापस ले
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को सरकार कानूनी दर्जा दें
  • प्रस्तावित बिजली बिल 2020 और पराली जलाने के कानून वापस लिया जाए

बिहार में न्यूनतम समर्थन मूल्य एक्ट को फिर से बहाल करने तथा धान सहित तमाम फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी की मांग विपक्ष ने की है. जनवरी को बिहार में किसानों के समर्थन और कृषि बिल के विरोध में महागठबंधन की ओर से मानव श्रृंखला बनने वाला है. इस श्रृंखला को सफल बनाने के लिए आरजेडी के कई नेताओं को जिम्मेवारी दी गई है.  राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने 40 नेताओं कार्यक्रम प्रभारी बनाया है. सभी प्रभारियों पर पार्टी द्वारा तय किए गए सभी कार्यक्रमों को सफल  क्रियान्वयन की जिम्मेवारी दी गई है. इस मानव श्रृंखला को लेकर तेजस्वी यादव ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि आजतक कोई भी मानव श्रृंखला सफल नहीं हुआ है. इसलिए इसको सफल करने के लिए आरजेडी के नेताओं को कड़ी मेहनत करने की जरूरत है.  जगदानंद सिंह ने बगहा से मनोज कुमार यादव, पश्चिम चंपारण को मोहम्मद इसराइल,पूर्वी चंपारण से अनिल कुमार साहनी, बेलसर सीतामढ़ी के लिए समीर कुमार महासेठ, मधुबनी के लिए सुनील कुमार कुशवाहा, सीतामढ़ी-दरभंगा जिला के लिए सीताराम यादव, मुजफ्फरपुर शिवचंद्र राम, वैशाली के लिए छोटे लाल राय समेत कई नेता और विधायकों को अलग-अलग जिम्मेवारी दी गई है. पार्टी ने सभी विधायकों को उनके क्षेत्र के जगह पर अलग-अलग विधानसभा या जिला बार जिम्मेवारी दी है. राजद के इस सूची में पार्टी के सभी विधायकों को अलग-अलग जिला में भेजा गया है. जिनके कंधे पर पार्टी की तमाम कार्यक्रम को सफल बनाने की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.  इसी तरह भाकपा-माले ने एनडीए विरोधी राजनैतिक दलों, गैर राजनैतिक-नागरिक संगठनों से सहयोग व समर्थन मांगा है.माले नेता केडी यादव के नेतृत्व में माले की तीन सदस्यों की टीम ने सघन जन संपर्क चलाया.आइसा ने पटना विवि कैंपस में मानव श्रृंखला  के पक्ष में छात्रों के बीच अभियान चलाया.देश बचाने के लिए 30 जनवरी को 30 मिनट के लिए मानव  श्रृंखला का हिस्सा बनें. तीनों कृषि कानूनों को तत्काल रद्द करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, बिहार में एपीएमसी एक्ट पुनर्बहाल करने और प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लेने की मांग पर महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर 30 जनवरी को आयोजित मानव श्रृंखला  को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाकपा-माले ने एनडीए विरोधी राजनैतिक दलों, गैरराजनीतिक-नागरिक संगठनों, सामाजिकर्मियों, शिक्षकों और तमाम न्यायप्रिय नागरिकों से सक्रिय समर्थन देने की अपील की है. इस संदर्भ में माले ने सभी संगठनों को एक पत्र भी लिखा है. भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल के हस्ताक्षरयुक्त पत्र को लेकर भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता केडी यादव के नेतृत्व में एक टीम ने सभी जगहों का दौरा किया. इस टीम में उनके साथ ऐक्टू के राज्य सचिव व पार्टी की राज्य कमिटी के सदस्य रणविजय कुमार तथा पटना नगर भाकपा-माले की स्थायी समिति के सदस्य काॅ. मुर्तजा अली भी शामिल थे. टीम ने आज इमारत-ए-शरिया का दौरा किया और मानव श्रृंखला में शामिल होने की दावत दी. सीपीआईएम के विभिन्न ग्रुफ को भी आमंत्रण दिया गया है. भारत जन पहल के बलदेव झा, कम्युनिस्ट सेंटर आॅफ इंडिया के सतीश कुमार, श्रम मुक्ति संगठन के जयप्रकाश ललन, सर्वहारा जन मोर्चा के अजय सिन्हा, सीपीआईएमएल क्लास स्ट्रगल के अरविंद सिन्हा, दलित विकास मिशन के फादर जोंस, सामाजिक कर्मी सत्यनारायण व कंचनबाला, एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट के पूर्व निदेशक डीएम दिवाकर, गांधी संग्रहालय के निदेशक रजी अहमद, असंगठित क्षेत्र कामगार यूनियन के पंकज कुमार आदि से मानव श्रृंखला में शामिल होने की अपील की. शिक्षकों में एनआईटी के पूर्व शिक्षक प्रो. संतोष कुमार, पटना विवि इतिहास विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. भारती एस कुमार, पत्रकार इंदू भारती, एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट में कार्यरत शिक्षक विद्यार्थी विकास के अलावा फादर मंथरा, अरशद अजमल, विनोद रंजन, सामाजिक कार्यकर्ता रूपेश आदि से मुलाकात की, तीनों कृषि कानून पर चर्चा की और 30 जनवरी को होने वाली मानव श्रृंखला में संगठन व व्यक्ति के स्तर पर शामिल होने की अपील की. उधर दूसरी ओर आज छात्र संगठन आइसा ने पटना विवि के साइंस काॅलेज व पटना काॅलेज में छात्रों के बीच 30 जनवरी की मानव श्रृंखला को लेकर सघन अभियान चलाया. आइसा नेता विकास यादव, दानिश, सरोज, कार्तिक पासवान, सुधाकर व अपूर्व झा के नेतृत्व में छात्रों ने कैंपस व हाॅस्टल में सघन अभियान को संगठित किया तथा छात्रों के बीच मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों की असलियत पर अपनी बातें रखीं. छात्र नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए ये कानून न केवल खेती को बर्बाद करने वाले हैं, बल्कि अंग्रेजों के जमाने का कंपनी राज लाने वाले हैं. 30 जनवरी की मानव श्रृंखला में पटना विवि के छात्र भी देश में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेंगे, मानव श्रृंखला में शामिल होंगे और किसान आंदोलन से अपनी एकजुटता जाहिर करेंगे.

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