बिहार : 6 फरवरी को सभी प्रखंडों में निकलेगा मार्च - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

बिहार : 6 फरवरी को सभी प्रखंडों में निकलेगा मार्च

  • बिहार में किसान आंदोलन को तेज करने का किया आह्वान, 23 फरवरी को सहजानंद सरस्वती के जन्म दिवस पर किसान दिवस मनाने का निर्णय
  • कारपोरेट कब्जे से खेती-किसानी को बचाने के लिए मार्च और कन्वेंशन, 26 फरवरी को रसोइयों का प्रदर्शन, 1 मार्च को आइसा-आरवाईए का विधानसभा मार्च
  • 16-17 मार्च को आशाओं का संयुक्त महाधरना, 3 मार्च को खेग्रामस-मनरेगा मजदूर सभा का प्रदर्शन, 5 मार्च को स्वंय सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का प्रदर्शन

cpi-ml-farmer-march-on-6-march
पटना. भाकपा-माले की राज्य स्थायी समिति की एकदिवसीय बैठक आज राज्य कार्यालय में संपन्न हो गई. बैठक में माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य, वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य सहित बिहार के सभी प्रमुख नेतागण शामिल थे. माले राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, राजाराम सिंह, अमर, वरिष्ठ किसान नेता केडी यादव, विधायक मनोज मंजिल, गोपाल रविदास, सुदामा प्रसाद, महानंद सिंह, मीना तिवारी, शशि यादव, सरोज चैबे, राजू यादव, सहित अन्य नेता बैठक में शामिल रहे. बैठक के हवाले से धीरेन्द्र झा ने कहा कि हमने बिहार में किसान आंदोलन को नई ऊंचाई और विस्तार देने का निर्णय किया है. किसान आंदोलन पर मोदी सरकार द्वारा साजिश रचने, बर्बर दमन, किसानों-पत्रकारों की गिरफ्तारी के खिलाफ आगामी 6 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आहूत देशव्यापी चक्का जाम आंदोलन के समर्थन में सभी प्रखंडों पर मार्च निकाला जाएगा. बिहार में संगठित किसान आंदोलन के नेता सहजानंद सरस्वती के जन्म दिवस 23 फरवरी को भाकपा-माले ने किसान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया है. कारपोरेट कब्जे से खेती-किसानी को बचाने के लिए सभी जिलों में कन्वेंशन का आयोजन किया जाएगा. बिहार विधानसभा के आगामी सत्र में 26 फरवरी को रसोइया संगठनों के प्रदर्शन, 19 लाख रोजगार के मसले पर 1 मार्च को आइसा-आरवाईए के विधानसभा मार्च, 3 मार्च को खेग्रामस-मनरेगा मजदूर सभा के प्रदर्शन, 5 मार्च को स्वंय सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के प्रदर्शन और 16-17 मार्च को आशाकर्मियों के संयुक्त महाधरना को भाकपा-माले की बैठक में सफल बनाने का निर्णय किया गया. पार्टी की जिला कमिटियां व निचले ढांचों से इन कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया गया है.

कोई टिप्पणी नहीं: