बेतिया : मरीजों को मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं : डीएम - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

बेतिया : मरीजों को मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं : डीएम

  • हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सुदृढ़ बनायी जायेगी जीएमसीएच अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था

aitaint-will-get-better-facilities
बेतिया। जी.एम.सी.एच. के सी-ब्लाॅक में संचालित अस्पताल में मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उदेश्य से स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन लगातार प्रयासरस है। इसी कड़ी में डिजिटल टेक्निक के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन की पूरी व्यवस्था सुदृढ़ बनायी जा रही है ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, उन्हें सारी चिकित्सीय एवं अन्य सुविधाएं पूर्ण पारदर्शी तरीके से मुहैया हो सके।  अस्पताल की व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के उदेश्य से एक बेहतर डिजिटल हाॅस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। इसके तहत अस्पताल में भर्ती समय से लेकर डिस्चार्ज के समय तक मरीजों को सभी व्यवस्थाएं सुव्यस्थित तरीके से मुहैया हो सकेगी। चाहे वह इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हो, विशेषज्ञ डाॅक्टर की उपलब्धता हो, दवाईयों की उपलब्धता हो, रेडियोलाॅजी एवं पैथोलाॅजी जांच की सुविधा हो, हाउसकीपिंग की सुविधा हो, खान-पान की सुविधा हो या फिर अस्पताल प्रबंधन द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधा हो, सभी सुविधाएं ससमय पूर्ण पारदर्शी तरीके से मरीजों को उपलब्ध होगी।


इसी परिप्रेक्ष्य में आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बंगलोर के साॅफ्टवेयर इंजीनियरर्स श्री नायन मित्तल एवं श्री ऋषभ अग्रवाल के साथ समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी। श्री मित्तल एवं श्री अग्रवाल द्वारा बारी-बारी से अस्पताल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल ट्रांसफाॅरमेशन से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्रदान की गयी। जिलाधिकारी द्वारा उक्त साॅफ्टवेयर इंजीनियरर्स से कहा गया कि अस्पताल की व्वयस्था बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलाॅजी के माध्यम से बेहतरीन व्यवस्था करें। अच्छे तरीके से साॅफ्टवेयर/एप डेवलप करें, जिससे अस्पताल की व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त हो सके तथा मरीजों को समुचित चिकित्सीय सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा दी गयी सुविधा यथा- रजिस्ट्रेशन, समुचित ईलाज, डाॅक्टर्स, नर्सेंज, पैरामेडिक स्टाॅफ की उपलब्धता, दवाईयां, जांच, हाउस कीपिंग, खान-पान आदि से संबंधित फीडबैक एप के माध्यम से मरीजों से प्राप्त करने की व्यवस्था भी करें। साथ ही डाॅक्टर्स, नर्सेंज, पैरामेडिक स्टाॅफ द्वारा भी फीडबैक प्राप्त करने की व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांसफाॅरमेशन के तहत मुख्यालय से आने वाली दवाईयां अस्पताल के स्टोर रूम में कब और कितनी मात्रा में पहुंची, वहां से नर्सेज के काउंटर पर कितनी एवं कब गयी तथा नर्सेंज द्वारा डाॅक्टर्स के परामर्श के अनुसार संबंधित मरीजों को कितनी दवाईयां मुहैया करायी गयी, सभी प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल किया जाय। यह भी व्यवस्था की जाय कि अगर कोई दवा कुछ महीनों में एक्सपाॅयर होने वाली है तो, संबंधित एचओडी के पास इसका मैसेज तुरंत चला जाय और वे एक्सपाॅयर होने से पहले दवाईयों का सदुपयोग कर सकें। साथ ही जो दवा दो-तीन महीने में समाप्त होने वाली है उसका इंडेंट पूर्व में ही कर लिया जाय ताकि अस्पताल में दवाईयों की उपलब्धता शत-प्रतिशत बनी रहे। इस अवसर पर अधीक्षक, जीएमसीएच सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


कोई टिप्पणी नहीं: