विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 10 फ़रवरी - Live Aaryaavart

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बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 10 फ़रवरी

कलेक्टर ने टीकाकरण कराया, फ्रंटलाइन वर्करो का टीकाकरण कार्य जारी


vidisha news
कोविड 19 वैक्सीन का टीकाकरण कार्य विदिशा जिले में जारी है। कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने आज बुधवार को जिला चिकित्सालय में स्वंय पहुंचकर वैक्सीन का टीकाकरण कराया।  कलेक्टर डॉ पंकज जैन बुधवार को श्रीमंत माधव राव सिंधिया शासकीय जिला चिकित्सालय में पहुंचकर सीधे कोविड 19 वैक्सीन टीकाकरण कक्ष में अपनी आईडी प्रूफ की जांच कराई ततपश्चात् कलेक्टर डॉ जैन को नर्स श्रीमती नीलम भार्गव ने कोविड 19 वैक्सीन का टीकाकरण किया है। इस अवसर पर सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ संजय खरे समेत अन्य चिकित्सकगण मौजूद थे। 


टीकाकरण कराने की अपील


कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने स्वंय बुधवार को कोविड 19 वैक्सीन का टीकाकरण कराने के उपरांत जिले के समस्त फ्रंट लाइन वर्करो से अपील की है कि वे भी शीघ्रतिशीघ्र कोविड 19 वैक्सीन का टीकाकरण कराएं ताकि स्वंय सुरक्षित रहे और अन्य को सुरक्षा प्रदान करें। गौरतलब हो कि जिले में फ्रंट लाइन के पांच हजार 895 का टीकाकरण कार्य किया जाना है।


सफलता की कहानी : उद्यानिकी योजनाओं ने आर्थिक समृद्वि की ओर बढाया 


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परम्परागत खेती कर रहे कृषको का रूझान अब उद्यानिकी फसलों की ओर बढ रहा है। विभाग के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं का लाभ लेने के लिए कृषक स्वंय पहल कर रहे है। नटेरन विकासखण्ड में ग्राम गोकुलपुर के कृषक श्री रामबाबू भी इसी श्रेणी में शामिल है। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग की योजना से ड्रिप स्थापित कर सिंचाई के प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। जहां पहले मेरे द्वारा गेंहू, चना, सोयाबीन की फसल ली जा रही थी वही अब उद्यानिकी फसलों से होने वाली आमदनी की जानकारी प्राप्त होने पर और विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन से हमारे संयुक्त परिवार के द्वारा उद्यानिकी फसलों की पैदावार ली जा रही है।  जहां पहले अदरक, लहसुन, धनिया की फसल ली थी वही इस वर्ष खीरा की फसल ली जा रही है ग्रीष्मकाल में तरबूज की फसल लेने हेतु मर्चिंग कर बीज बोया गया है। कोरोना काल में उद्यानिकी फसलों ने हमे आर्थिक रूप से पिछडने नही दिया है। उद्यान विभाग में पंजीयन कराने के उपरांत दो हेक्टेयर ड्रिप का रजिस्ट्रेशन कर उद्यानिकी फसलो का पौधरोपण कर विक्रय किया जा रहा है।  कृषक राम बाबू मीना का कहना है कि उद्यानिकी फसलों से हमे हर रोज पैसो की आवक हो रही है जहां पहले साल में एक बार पैसा मिलता था वही अब रोज मिल रहा है। निश्चित ही आमदनी में वृद्वि होने से आर्थिक सबलता बढी है।


सफलता की कहानी : वनाधिकार पट्टाधारक महिला हितग्राही की भूमि कपिलधारा से सिंचित हुई


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आदिवासी श्रीमती मोहनबाई की वनाधिकार पट्टा भूमि में सिंचाई के प्रबंध हो जाने से असिंचित को सिंचित में  परिवर्तन होने से हितग्राही श्रीमती मोहनबाई के चेहरे पर प्रसन्नता प्रकट हो रही है। विदिशा विकासखण्ड के ग्राम भट्टखेडी की रहने वाली श्रीमती मोहनबाई मोंगिया को कहना है कि हमने तो सपने में नही सोचा था कि हमें वनाधिकार पट्टे का मालिक बन जाएंगे और सिंचाई के लिए शासन द्वारा मुफ्त में कुंआ खोदकर दिया जाएगा। जहां हमें कुंआ खुदाई में हर रोज मजदूरी मिली वही कुंआ के पानी से सिंचाई की सुविधा भी हुई है।  जिले में सिंचित खेती रकवा बढाने के लिए महात्मा गांधी नरेगा की उपयोजना कपिलधारा कूप निर्माण से हितग्राहियों की भूमि असिंचित क्षेत्र को सिंचित कर रही है। भाटखेडी की हितग्राही श्रीमती मोहनबाई मोंगिया को वर्ष 2017-18 में कूप खनन की जानकारी मिलने पर उनके जिज्ञासा और इच्छा की पूर्ति जनपद के माध्यम से संभव हुई है। कूप निर्माण होने से अपनी भूमि में गेंहू सोयाबीन एवं प्याज के अलावा अब समय-समय पर अन्य मौसमी फसलो की पैदावार ले रही है। सिंचाई के साधन नही थे तब रबी एवं खरीफ की फसले लेने में भी कई प्रकार की दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा था। खेत में सिंचाई के प्रबंध हो जाने से हितग्राही की सालाना आय में दस से 15 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी बढी है।  


आधार पंजीयन करने हेतु आवेदन आमंत्रित


प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के निर्देशानुसार जिलो में आधार पंजीयन केंद्र स्थापित किया जाना है। आधार पंजीयन, अपडेशन के कार्य हेतु इच्छुक व्यक्ति जिनके पास स्वयं की आधार पंजीयन मशीन उपलब्ध है और वो शासकीय परिसर में आधार पंजीयन का कार्य जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी केमाध्यम से अनुबंध कर करना चाहते है, अपना आवेदन ऑनलाइन पोर्टल https://mpsedc.mp.gov.in के माध्यम से कर, हार्डकॉपी  अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय (राजस्व) में पदस्थ सहायक प्रबंधक ईदृगवर्नेंस को जमा करवाये। अधिक जानकारी के लिये https://vidisha.nic.in/  पर देखे। 


मेपआईटी का विघटन-एमपीएसईडीसी में मर्ज, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने जारी किए आदेश


आईटी यानी एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी (MAP_IT) का विघटन कर इसे इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एम पी एस ई डी सी (MPSEDC) में मर्ज कर दिया गया है।राज्य शासन ने सोमवार को इस सम्बंध में आदेश भी जारी कर दिए है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मेप आई टी की समस्त आस्तियों एवं देयताओं को विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को हस्तांतरित किया जाये। अब मेप आई टी की गतिविधियों का संचालन एवं अनुबंधों का निष्पादन मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) द्वारा किया जाएगा, जिसके लिये मध्यप्रदेश एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ़ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी को दिए जाने वाले भविष्य के सभी अनुदान, बजट आदि मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को दिए जाएंगे। मेप आई टीम के स्वीकृत पदों को म.प्र. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को हस्तांतरित किया गया है। इस विघटन एवं विघटन में उद्भूत होने वाले अन्य समस्त विषयों एवं सांविधिक दायित्वों उपरोक्त प्रक्रियाओं को पूर्ण कराने के लिए आगामी कार्यवाही कराने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मेप आई टी और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम तथा संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश एजेन्सी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी मेप आई टी के पश्चात मध्यप्रदेश कार्य आवंटन नियम में विभाग के अंतर्गत कार्यरत संस्थाओं की सूची में से मेप आई टी को विलोपित करने संबंधी कार्यवाही सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संपादित की जायेगी।


वन स्टॉप सेंटर की जानकारी आम लोगों को भी हो, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती श्यामला ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा


राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती श्यामला एस. कुदंर ने मंगलवार को महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। श्रीमती कुदंर दो दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश में है। बैठक मे श्रीमती श्यामला एस. कुदंर ने कहा कि प्रदेश में संचालित वन स्टाप सेंटर की जानकारी आम-जन को भी होना चाहिये। इसके लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर महिलाओं को इस सेंटर की जानकारी होना चाहिये जहाँ पर किसी भी हिंसा पीड़ित महिला को एक ही स्थान पर चिकित्सा सेवा, कानूनी एवं पुलिस सहायता, रहने की व्यवस्था तथा मानसिक और भावनात्मक सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि यह कोशिश हो कि सभी वन स्टॉप सेंटर अपने भवन में ही चलें। ऑगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से गाँव में ग्राम सभा के दौरान वन स्टॉप सेंटर की जानकारी और उसकी महत्ता के बारे में बताये। महिलाओं से संबंधित जो कानून बने है इसकी जानकारी भी साझा की जाए। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती श्यामला ने कहा कि हर विभाग में चाहे संगठित हो या असंगठित, आंतरिक शिकायत समिति का होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल को मूर्तरूप से क्रियान्वित करने के लिए ऑगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से स्व-सहायता समूह को जोड़ने का कार्य करें। स्व-सहायता समूहों को सशक्त करना आवश्यक है। विभाग स्वंय भी शासकीय योजनाओं के अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण के विभिन्न विषयों पर प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर उसे क्रियान्वित कराने की कोशिश करें। श्रीमती श्यामला ने मध्यप्रदेश में संचालित लाड़ली लक्ष्मी योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस सफल योजना को दूसरे राज्यों ने भी अपनाया है। संचालक महिला-बाल विकास श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने अतिरिक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के समस्त 52 जिलों में वन स्टॉप सेंटर संचालित है। इनमें लगभग 29 हजार 826 महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है। पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता प्राप्त हो सके इसके लिए सभी सेंटर्स को महिला हेल्पलाइन 181 से जोड़ा गया है। श्रीमती नायक ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है जिसमें कुल 39 वन स्टॉप सेंटर को आई.एस.ओ.प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि अन्य प्रदेशों की लगभग 523 महिलाओंध्बालिकाओं को उनके निवास स्थान, ग्रहों में पुर्नवास किया गया। इसके अतिरिक्त 130 महिलाओं को कम्प्यूटर ऑपरेटर, कॉलसेंटर, केयर टेकर, कोचिंग सेंटर, ब्यूटी पार्लर, हाउस कीपिंग, कैब ड्राइवर आदि क्षेत्रों में रोजगार दिलाकर आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम की सुरक्षा के संबंध में निर्देश 


राज्य निर्वाचन आयोग ने स्थानीय निकायों के आम निर्वाचन, उप निर्वाचन के दौरान स्ट्रांग रूम में रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने के निर्देष सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्थानीय निकायों के आम निर्वाचन, उपनिर्वाचन के दौरान जिला स्तरीय स्ट्रांग रूम तथा रिटर्निंग अधिकारी मुख्यालय पर बनाए गए अस्थाई स्ट्रांग रूम में रखी जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा स्थापित कराने का निर्णय लिया गया है। निर्वाचन के दौरान प्रत्येक जिला मुख्यालय पर स्ट्रांग रूम में रखी गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के प्रथम रेंडमाईजेशन के बाद निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी अपने अपने निर्वान क्षेत्र के लिए आवंटित कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट का प्रभार लेंगे और समुचित सुरक्षा व्यवस्था के अधीन रिटर्निंग अधिकारी के स्ट्रांग रूम तक मशीने ले जाई जाएगी जहां उनकी 24ग7 सुरक्षा की जाएगी। स्ट्रांग रूम में केवल एक प्रवेश प्वाईंट तथा डबल प्रणाली होनी चाहिए। ताले की एक चाबी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के पास तथा दूसरी चाबी कोषालय अधिकारी/उप कोषालय अधिकारी की अभिरक्षा में कोषालय/उप कोषालय में रखी जाएगी। स्ट्रांग रूमों के भीतर कोई प्रवेश न कर पाए। इसके साथ ही स्ट्रांग रूम में रखी गई इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रथम रेंडमाईजेशन किए जाने के बाद चौबीसों घंटै सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं की जानी चाहिए तथा स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए मतगणना समाप्त होने तथा परिणाम घोषणा होने के एक सप्ताह बाद तक चौबीसों घंटे सीसीटीवी कवरेज होगा। स्ट्रांग रूम के पास में तथा उसके भीतर अग्निशामकों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जानी चाहिए। किराए पर लिए गए सीसीटीवी कैमरों का भुगतान कार्य समाप्ति के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा अन्य प्रभार मद में उपलब्ध राशि से किया जाएगा। 


ई-मतदाता पहचान पत्र अब डाउनलोड हो सकेंगे 28 फरवरी तक’


भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान जोड़े गये नवीन मतदाताओं को ई-मतदाता पहचान पत्र डाउनलोड करने की सुविधा बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी है। इस तिथि तक नवीन मतदाता अपने ईपिक कार्ड को डाउनलोड कर सकेंगे, पूर्व में यह तिथि 30 जनवरी नियत थी।


बाल सुरक्षा के लिये घर-घर दल द्वारा देंगे दस्तक, दस्तक अभियान 15 फरवरी से 20 मार्च तक चलाया जायेगा


जिले में दस्तक अभियान 15 फरवरी से 20 मार्च तक चलाया जायेगा अभियान के दौरान कोविड-19 के बचाव व नियंत्रण के लिये शासन की गाईड-लाईन का पालन किया जावेगा। जिला टीकारण अधिकारी द्वारा बताया गया कि दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर पाँच वर्ष तक बच्चों में प्रमुख बालकालीन बीमारियों, गंभीर कुपोषण, गंभीर एनीमिया, निमोनिया, दस्त, निर्जलीकरण, खतरे के लक्षणों, नवजात विकृतियों तथा अन्य बीमारियों की सक्रीय पहचान कर शीघ्र प्रबंधन सुनिश्चित करना है ताकि बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। अभियान के दौरान बीमार नवजातों एवं बच्चों की पहचान बालकालीन निमोनिया की त्वतरित पहचान 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग व प्रबंधन, स्तनपान, दस्त रोग के नियंत्रण के लिये ओ.आर.एस. व जिंक गोली के उपयोग संबंधी समझाईश। 0 से 5 वर्ष के समस्त बच्चों को बिटामिन अनुपूरण, समुचित शिशु एवं बाल आहार पूर्ति व्यवहार को बढ़ावा एस.एन.सी.यू. व एन.आर.सी. से छुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फॉलोअप को प्रोत्साहन गृह भेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत व छूटे हुये बच्चों की टीकाकरण की स्थिति की जानकारी दी जायेगी। दस्तक दल में ग्राम की आशा, ऑगनवाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम द्वारा ग्राम के 0 से 5 वर्ष के बच्चों को घर-घर जाकर बीमारियों की पहचान, उपचार व रिफर कार्य करेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आम जन से अपील की है कि वह अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को दस्तक दल घर पर भ्रमण के दौरान जॉच हेतु उपलब्ध रहे ताकि सेहत के लिये बाल सुरक्षा व बाल मृत्यु दर कम की जा सके।


स्वच्छता सर्वेक्षण’ : ’संभागायुक्त ने की सभी 41 नगरीय निकायों की समीक्षा’, ’गतिविधियों के फीडबैक के निर्देश’


संभाग आयुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने भोपाल संभाग के सभी 41 नगरीय निकाय के सी एम ओ और शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वच्छता एप में अपनी निकाय की रह गई इंट्री बुधवार 10 फरवरी तक हर हाल में कर दें अन्यथा उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी । आईएसबीटी सभागार में सम्पन्न हुई बैठक में कमिश्नर नगर निगम भोपाल आदि उपस्थित थे ।  श्री कियावत ने नगरीय प्रशासन विभाग के अमले को भी निर्देश दिए कि वे स्वच्छता सर्वेक्षण की प्रत्येक गतिविधि से नगर पंचायत और नगर पालिकाओं को प्रशिक्षित करें । उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ बनाने के लिए विभिन्न चरणों में की जाने वाली कार्यवाही का गतिविधिवार कैलेंडर बनाकर दिया जाए । श्री कियावत ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गतिविधि सभी निकायों में एक साथ की जाए और दो दिन पूर्व नगरीय प्रशासन विभाग इसकी तैयारी कराए ।  बैठक में प्रत्येक नगर पंचायतवार गंभीर समीक्षा की गई । सबसे न्यूनतम स्तर पर राजगढ़ के नगरीय क्षेत्र हैं । रायसेन और सीहोर में भी अनेक सुधार किए जाने की जरूरत है । श्री कियावत ने विशेषतरू नागरिकों के फीडबैक पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई । उन्होंने कहा है कि सभी सी एम ओ सुबह पांच बजे से अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था को चाक चौबंद करेंगे । उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निकाय सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत शौचालय के उपयोग के साथ ही सामुदायिक शौचालयों का व्यवस्थित रख-रखाव हो । उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालय के लिए तय मापदंड अनुसार सभी आवश्यक सुविधा और व्यवस्थाएं की जाएं । उन्होंने बड़ी नालियों, नालों की सफाई के साथ कचरा संग्रहण और विभक्तिकरण प्रक्रिया पर ध्यान देने के निर्देश दिए । 


’प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में प्रगति हो’

संभाग आयुक्त ने नगरीय निकायों के सी एम ओ को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लक्ष्य आगामी 15 दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं । बैठक में नगरीय निकायवार तैयार प्रकरण, बैंकों को भेजे गए प्रकरण और ऋण वितरण की समीक्षा की । श्री कियावत ने निर्देश दिए कि रेहड़ी-पटरी-हाथ ठेला आदि पर छोटे छोटे रोजगार करने वाला कोई भी व्यक्ति योजना के लाभ से नहीं छूटे । उन्होंने लीड बैंक की बैठक में भी बैंकों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं । 


’जीवन प्रमाण पत्र 28 फरवरी तक जमा होंगे’


कर्मचारी भविष्य निधि से पेंशन प्राप्त करने वालों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अवधि 28 फरवरी तक दी गई है। सहायक भविष्य निधि आयुक्त भोपाल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार, से पेंशन प्राप्त कर रहे सभी ईपीएस पेंशन धारकों कहा है कि कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2021 तक कर दी गई है एवं इसकी वैधता जारी होने की तिथि से एक वर्ष कर दी गई है। जिन पेंशनरों को जनवरी, 2020 के पश्चात पीपीओ जारी किया गया है अथवा जिन्होंने दिसम्बर 2019 या उसके बाद जीवन प्रमाण पत्र बनवाया है, उन्हें संबंधित माह में अगले वर्ष डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होगा। जिन पेंशन धारकों को जीवन प्रमाण करवाने की आवश्याकता है, वे अपने बैंक शाखा या निकटतम जन सेवा केन्द्र या निकटतम डाकघर पर अपना डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनवा सकते है। डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र हेतु अपना मोबाईल, आधार कार्ड, पीपीओ संख्या एवं बैंक पासबुक अवश्य लेकर जाएं। डिजिटल जीवन प्रमाण सफल होने की स्थिति में किसी प्रकार का दस्तावेज कार्यालय में जमा कराना या प्रेषित करना अनिवार्य नहीं है।


’कक्षा 9वीं से 12वीं के परीक्षा फार्मों में ऑनलाइन संशोधन की सुविधा’


माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं के परीक्षा आवेदन-पत्रों में ऑनलाइन संशोधन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी प्राचार्य अपनी संस्था के माध्यम से भरे गये नियमित और स्वाध्यायी छात्रों के नामांकन एवं परीक्षा आवेदन-पत्र में आवश्यक संशोधन करा सकते हैं। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए मण्डल परीक्षाओं के लिए भरे गये नामांकन और परीक्षा आवेदन-पत्र में नाम, जन्मतिथि, फोटो, विषय, माध्यम, लिंग, शुल्क छूट श्रेणी आदि में संशोधन किया जा सकेगा। मंडल ने 20 फरवरी तक 25 रूपये प्रति छात्र एवं 05 मार्च 2021 तक 300 रूपये प्रति छात्र संशोधन शुल्क निर्धारित किया है। मण्डल के निर्देशों के अंतर्गत कक्षा 9वीं,10वीं,11वीं में किसी भी नाम के प्रथम केरेक्टर के संशोधन, कक्षा 9वीं,10वीं तथा कक्षा 12वीं में केवल अन्य राज्य या बोर्ड से उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण छात्रों में छात्र, पिता, माता का नाम, जन्म तिथि एवं फोटो में से दो से अधिक श्रेणी में संशोधन और कक्षा 12वीं में अन्य राज्य या बोर्ड से उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण छात्रों को छोड़कर शेष छात्रों को नाम, माता-पिता के नाम में संशोधन की अनुमति नहीं होगी। वर्ष 2021 की परीक्षा में परीक्षा केन्द्र पर किसी भी प्रकार का संशोधन (माध्यम या विषय) परिवर्तन मान्य नहीं किया जाएगा। मण्डल ने यह निर्देश मण्डल से मान्यता,संबद्धता प्राप्त संस्थाओं को देने के साथ ही मंडल की वेबसाईट एमपीबीएसई एनआई इन पर भी अपलोड किए है।


’ऑनलाइन डाउनलोड किये जा सकेंगे ई-मतदाता पहचान पत्र’


भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं के लिए आनलाईन ई-मतदाता पहचान पत्र डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी 2021 से मतदाताओं को ई-मतदाता पहचान पत्र आनलाईन डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए मतदाता का यूनिक मोबाईल नंबर मतदाता पहचान पत्र से लिंक होना जरूरी है। ई-मतदाता पहचान पत्र आनलाईन डाउनलोड करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट एनव्हीएसपीइन, वोटर पोर्टल ईसीआई गर्वरमेंट इन पर जाकर अपना लागिन आईडी एवं पासवर्ड बनाना होगा। यह सुविधा वोटर हेल्पलाईन मोबाईल एप पर भी उपलब्ध रहेगी। ई-मतदाता पहचान पत्र आनलाईन डाउनलोड करने की सुविधा मिलने से मतदाता कहीं पर भी अपना वोटर पहचान पत्र डाउनलोड कर उसका प्रिंट प्राप्त कर सकता है।


’मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय 134 नये केन्द्र खोलेगा’, ’कार्यक्रम 16 फरवरी को मिंटो हॉल में’


मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा 134 शासकीय महाविद्यालयों में नये अध्ययन केन्द्र खोले जायेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के नवीन अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने की अनुमति प्रदान की गई है। इन  शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं कुल सचिव, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के मध्य अनुबंध निष्पादन करने के लिये 16 फरवरी को मिंटो हॉल में कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त, समस्त अतिरिक्त संचालक, भोपाल स्थित विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कुलसचिव को आमंत्रित किया गया है। कुलपति डॉ. जयंत सोनवलकर की अध्यक्षता में अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए विभिन्न समितियाँ गठित कर उनकी जिम्मेदारियाँ तय की गई हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी विश्वविद्यालय द्वारा 277 शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जा चुके हैं।


’खरीदी केन्द्रों पर मेले लगाकर और गांव गांव जाकर किसानों को चना में तेवड़ा और

  • गेंहू में मिट्टी की रोकथाम के उपाय बताएं - संभागायुक्त श्री कियावत’
  • ’खरीदी प्रारंभ होने के पूर्व ही पंजीयत सभी किसानों को भेजे सन्देश’

संभागायुक्त श्री कवींद्र कियावत ने सम्भाग के सभी जिलों के कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर सभी तरह के विवाद से बचने के लिए किसानों को जागरूक कर गेंहू में मिट्टी मिलने से रोकने और चना में तेवड़ा रोकमे के उपाय बताए।श्री कियावत सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक ले रहे थे।  श्री कियावत ने निर्देश दिए कि किसानों को किसान खेत पाठशाला के अलावा पंजीयन केंद्र पर शिविर आयोजित कर बताएं कि खेत मे ही चने के साथ पैदा हुए तिवड़ा को कैसे दूर किया जाए।उन्होंने कहा कि किसान तिवड़ा का उपयोग पशुचारे के रूप में भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि धान वाले क्षेत्रों और मेड़ से लगकर बोए गए गेहूं में थ्रेसर के दौरान मिट्टी मिलने की आशंका रहती है। उन्होंने सभी उपसंचालक से कहा कि किसानों को थ्रेसर के समय मेड से लगी फसल को हाथ से ही काटने की सलाह देने की किसानों को समझाइश दी जाए।उन्होंने कहा कि पंजीयन शिविरों के अलावा सभी तरह के सन्देश और प्रचार कर यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


’नरवाई न जलाने तथा गौशाला में भूसा दान करने के लिए संकल्प पत्र’

संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी किसानों को जनहित और पर्यावरण हित में नरवाई नहीं जलाने के लिए संकल्प पत्र भरवाएं जिसमें एस्ट्रारीपर के साथ ही थ्रेसिंग करवाने का संकल्प लिया जाए । उन्होंने कहा कि नरवाई नहीं जलाने पर भूसा भी मिलता है। नरवाई जलाने के दुष्परिणामों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। हर साल नरवाई जलाने से जन-धन की हानि के साथ ही पर्यावरण का नुकसान होता है एवं मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम होती है। साथ ही शासकीय गौशालाओं के पशुओं के लिए चारा दान करने के लिए भी संकल्प पत्र भरवाया जाए।  खरीदी केन्द्रों पर किसानों को सभी नियमों की अच्छे से जानकारी दी जाए दें। सम्मेलन में भी स्थानीय जनप्रतिनिधि, मीडिया सहित गणमान्य नागरिकों को भी शामिल किया जाए । उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की जागरूकता के लिए किसान दीदी और किसान मित्रो को भी खेत खेत पहुंचाया जाए। उल्लेखनीय है कि विदिशा में एक लाख हेक्टेयर में चना की बोवनी हुई है।


नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित’ ’दावे, आपत्तियाँ 15 फरवरी तक’


उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) श्री रोशन राय ने बताया कि जिले की नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों की प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन निर्धारित तिथि को नियत केन्द्रों पर प्रकाशित करने का कार्य पूर्ण किया गया है।  प्रारूप मतदाता सूची पर दावे आपत्तियाँ प्राप्त किये जाने की कार्यवाही 15 फरवरी तक क्रियान्वित की जाएगी। दावे आपत्तियाँ प्राप्त किये जाने के लिए प्राधिकृत कर्मचारी नगरीय निकायों में वार्ड-वार और पंचायत में संबंधित सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय और संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में उपलब्ध हैं।मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और अपना नाम अवलोकन के लिए प्राधिकृत कर्मचारी (बी.एल.ओ.) से सम्पर्क किया जा सकता है। ऐसे व्यक्ति जो जनवरी 2021 को 18 वर्ष के हो गये हैं, वे केन्द्र पर जाकर निर्धारित फार्म भरकर जमा करा दें। पिछली बार जो लोग अपना नाम नहीं जुड़वा पाये वे भी आवेदन कर सकते हैं। नाम एवं पता आदि में संशोधन भी करा सकते हैं।


3 से 6 वर्ष के बच्चों को मिलेगा पूरक पोषण आहार


महिला बाल विकास विभाग शहरी क्षेत्रों में संचालित समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं उप आंगनवाड़ी केन्द्र के 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार प्रदाय करेगा। शहरी परियोजना एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र या उप आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ताजे पके हुए पूरक पोषण आहार की व्यवस्था राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, राज्य शहरी आजीविका मिशन के पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूह तथा तेजस्विनी समूहों से कराई जाएगी। इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। स्व-सहायता समूहों को संशोधित परिपत्र के जारी होने के दिनांक से 3 वर्ष पूर्व से राष्ट्रीय एवं राज्य शहरी आजीविका मिशन के पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूह एवं तेजस्विनी के तहत् पंजीकृत होकर 3 वर्ष की आधार सीडेट बैंक खाते में बचत राशि शेष होना चाहिए।


’17 फरवरी तक सड़क सुरक्षा माह’


सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा थीम पर जिले में 18 जनवरी से 17 फरवरी तक 32वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है ।  इस दौरान यातायात नियमों का प्रचार प्रसार किया जायेगा । सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों केपालन में यातायात पुलिस द्वारा किये जा रहे कार्यों को प्रचारित किया जाएगा । साथ ही विभिन्न माध्यम से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी एवं पालन हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा।


फ्रंटलाइन वर्कर्स की पहचान और स्क्रीनिंग के लिए विभागीय कर्मचारियों को तैनात करें


कोरोना वेक्सीनेशन के दूसरे चरण में टीके लगवाने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स की पहचान, स्क्रीनिंग और उनसे सहमति पत्र भरवाने के कार्य में सुविधा के मद्देनजर सीएमएचओ  ने सभी संबंधित विभागों के जिला प्रमुखों को पत्र भेजकर अपने विभाग के दो-दो कर्मचारियों को वेक्सीनेशन सेंटर के रूप में चिन्हित अस्पतालों में तैनात करने का आग्रह किया है। 

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