विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 13 मार्च - Live Aaryaavart

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शनिवार, 13 मार्च 2021

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 13 मार्च

ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का नेत्रांकन सर्वे  


vidisha news
कलेक्टर डाॅ पंकज जैन ने जिले में गत दिवस हुई अचानक ओलावृष्टि, अतिवर्षा से कही कोई नुकसान, फसलें प्रभावित हुई है कि नहीं, उन क्षेत्रों का नेत्रांकन सर्वेक्षण कराने हेतु आज दल रवाना किया था।  कलेक्टर डाॅ जैन के द्वारा नेत्रांकन सर्वे हेतु दल मेें जिला पंचायत सीईओ, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री पीके चैकसे व शमशाबाद एसडीएम श्री प्रवीण प्रजापति एवं तहसीलदार को शमशाबाद तहसील क्षेत्र के प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जायजा लेने हेतु दल गठित किया है। इसी प्रकार सिरोंज, ग्यारसपुर, लटेरी, बासौदा अनुविभाग क्षेत्र में संबंधित एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश दिए थे कि क्षेत्र का भ्रमण कर कही कोई फसलीय अथवा अन्य नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है तो शीघ्र नेत्रांकन सर्वे कर दल गठित करें। गौरतलब हो कि सिरोंज, ग्यारसपुर, लटेरी, बासौदा अनुविभाग क्षेत्र के अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि उनके कार्य क्षेत्रों के ग्रामो मेें ओलावृष्टि, अतिवर्षा से किसी भी प्रकार का नुकसान नही हुआ है। प्रारंभिक सूचना प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र का नेत्रांकन सर्वे कार्य संबंधित क्षेत्र के एसडीएम व तहसीलदार के द्वारा किया गया है।  शमशाबाद एसडीएम श्री प्रवीण प्रजापति ने बताया कि शमशाबाद तहसील अंतर्गत गत दिवस हुई अचानक ओलावृष्टि व अतिवर्षा से 13 ग्रामो की फसले प्रभावित होने की सूचनाएं प्राप्त हुई थी इन ग्रामो का प्रारंभिक तौर पर नेत्रांकन सर्वे कार्य किया गया है।  शनिवार को जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नीतू माथुर, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक सहित अन्य अधिकारियों के द्वारा संयुक्त रूप से भ्रमण कर प्रभावित क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त फसलों का भ्रमण कर आंकलन किया गया है। आज नेत्रांकन सर्वे दल के सदस्यांे द्वारा बरोदिया, नेहरयाई, बरूआखार, जमनयाई, भिंयाखेडी, डंगरवाडा, रूसल्ली, डफरयाई,  करैया, बामौरी,  मोहनपुरा, महूठा, शमशाबाद का भ्रमण किया है। 


सर्वे दल गठित 

शमशाबाद एसडीएम श्री प्रवीण प्रजापति ने बताया कि नेत्रांकन सर्वे के उपरांत फसलों की क्षति के आंकलन हेतु सर्वे दल गठित किया गया है। सर्वे दल मंें राजस्व, कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग के ग्राम स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी को शामिल किया गया है जिसमें पटवारी, आरईओ तथा ग्राम पंचायत सचिव को शामिल किया गया है। निर्धारित मापदण्डो का अनुपालन कर फसलों की क्षति सर्वे रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश गठित सर्वे दल को दिए गए है।


नगरीय  निकाय  आम  निर्वाचन  2021  की गतिविधियों  के संबंध में कराएं  प्रचार-प्रसार


मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने नगरीय निकाय आम निर्वाचन-2021 की गतिविधियों से संबंधित मतदाताओं एवं अभ्यर्थियो को जागरूक करने एवं कोविड-19 से बचाव के साथ मतदान  करने हेतु नगरपालिका परिषदों एवं नगर परिषद वार्डों में प्रचार-प्रसार  कराने के  निर्देश समस्त मुख्य नगर पलिका अधिकारी को दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक नगरीय निकाय के वार्डों में कचरा एकत्रित करने वाले वाहनों में लगे ध्वनि यंत्रो के माध्यम से जिंगल्स का प्रसारण कराना भी सुनिश्चित करें। 


वाहनो  पर फास्‍टैग्‍  लगाया जाना अनिवार्य


परिवहन विभाग द्वारा 1 दिसम्बर 2017 के पश्चात निर्मित या विक्रय किए गए वाहनों पर फास्टैग लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। समस्त राष्ट्रीय परमिट प्राप्त करने वाले वाहनों में 1 अक्टूबर 2019 से फास्टैग लगाया जाना अनिवार्य किया गया है तथा समस्त एम और एन श्रेणी चार पहिया यात्री एवं मालवाहन जो एक दिसम्बर 2017 से पूर्व विक्रित किए गए हो, को भी 1 जनवरी 2021 से फास्टैग लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। समस्त चार पहिया वाहन विक्रेता, समस्त बस संचालक, समस्त ट्रक संचालक तथा समस्त चार पहिया वाहन स्वामियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वाहनों में फास्टैग अनिवार्य लगवा लें अन्यथा बिना फास्टैग वाले वाहनों के पंजीयन, अंतरण, फिटनेश, परमिट जारी नहीं किए जाएंगें। इसलिए अपने वाहनों में फास्टैग अनिवार्य लगवायें और होने वाली असुविधा से बचे।


बिजली  लाइनो  के  नीचे  होलिका  दहन  न करने  की अपील


मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी बिजली उपभोक्ताओं तथा आम नागरिकों से अपील की है कि बिजली की ऐसी लाइनें जिसमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, उनके नीचे किसी भी प्रकार की अग्नि प्रज्जवलित करने वाले आयोजन न करें और लाइनों, उपकरणों के नीचे या ट्रांसफार्मर के समीप होलिका दहन नहीं करें क्योंकि यदि लाइनों के नीचे होलिका दहन किया जाता है तो बड़ी दुर्घटना की संभावना सदैव बनी रहती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने सभी ग्रामीण एवं शहरी उपभोक्ताओं से कहा है कि होलिका का आयोजन और होलिका दहन बिजली लाइनों से कुछ हटकर करें, क्योंकि आग की लपटों से एल्यूमिनियम तारों व केबिल के गलने, जलने और टूटने की संभावना सदैव रहती है। इनके टूटने या गिरने से कोई भी बड़ी अप्रत्याशित घटना घट सकती है। अतः सभी बिजली उपभोक्ताओं एवं नागरिक बंधुओ से अपील है कि होलिका दहन बिजली की चालू लाइनों, उपकरणों से दूर करें।


विदयुत  सुरक्षा  हेतु सावधानियां-सभी  अवश्‍य ध्‍यान दें


विद्युत लाइनों, उपकरणों एवं खंभों से छेड़खानी करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। जरा-सी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा कर सकते हैं। म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी बिजली उपभोक्ताओं तथा आम नागरिकों से अपील की है कि सभी को एक जिम्मेदार नागरिक बनकर विद्युत संबंधी आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।  ऐसी लाइनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है यदि आंधी तूफान या अन्य किसी कारण से अकस्मात् उन्हें छूकर खतरा मोल न लें। आवश्यक बात यह है कि लाइन टूटने की सूचना शीघ्र ही निकटस्थ बिजली कंपनी के अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को दें। संभव हो तो किसी आदमी को उस जगह, अन्य यात्रियों को चेतावनी देने के लिये रखें।  नये घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाइन से समुचित दूरी रखें। यह कानून की दृष्टि से भी आवश्यक है। उचित फासले के विषय में स्थानीय बिजली कंपनी के अधिकारी से सलाह लें। आपके बच्चों एवं कुटुम्बीजनों की सुरक्षा के लिए यह अति आवश्यक है।  खेतों खलिहानों में ऊंची-ऊंची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियॉं, झोपड़ी, मकान अथवा तंबू आदि विद्युत लाइनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाइनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊंची भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें, इससे आग लगने एवं प्राण जाने का खतरा है। बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलते तरह-तरह के धागे और डोर विद्युत लाइनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाइनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर चढ़ने न दें। लाइन पर तार या झाड़ियां न फेकें। यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना पास के पुलिस थाने या विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र में दें। विद्युत लाइनों के पास लगे वृक्ष या उनकी शाखा न काटें। यदि कटी डाल लाइन पर गिरे तो आपके लिए घातक सिद्ध हो सकती है। बिजली के तारों पर कपड़े आदि डालना दुर्घटना को निमंत्रण देना है। अपने खेत खलिहान पर या संपत्ति की सुरक्षा हेतु अवरोधक तारों (फेन्सिंग वायर्स) में विद्युत प्रवाहित न करें। यह कानूनी अपराध भी है। इस प्रकार विद्युत का उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।  बिजली के खंभों पर कदापि न चढ़ें एवं स्टे-वायर आदि विद्युत उपकरणों से छेड़खानी न करें। ऐसा करने से आपका जीवन संकट में पड़ सकता है। बिजली के खंभों या स्टे-वायर से जानवर आदि न बांधे और न ही इससे जानवरों को रगड़ने दें। इससे जनधन की हानि हो सकती है।  यदि कोई व्यक्ति सजीव (चालू लाइन के) तारों के संपर्क में आ जाता है तो निम्न सावधानी बरतनी चाहिए। स्विच से विद्युत प्रवाह तुरंत बंद कर दें।  यदि स्विच बंद न कर सकें तो दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी रस्सी, सूखा कपड़ा या सूखी लकड़ी की सहायता से सजीव तारों से अलग करें। ऐसा न करने से सहायता करने वाले को भी झटका (शॉक) लग सकता है। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सजीव तारों से शीघ्र ही अलग करें क्योंकि एक सेकेण्ड की भी देरी घातक हो सकती है।  दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी जमीन या सूखे फर्श पर लिटायें एवं कृत्रिम सांस देकर उसका प्रथमोपचार करें। डॉक्टर को तत्काल बुला कर कृत्रिम श्वॉंस देवें अथवा उसे शीघ्र अस्पताल पहुंचायें। घरों में बिजली के तार सुव्यवस्थित ढंग से लगावें। अव्यवस्थित एवं ढीले-ढाले या झूलते तार खतरे से खाली नहीं है। सभी विद्युत यंत्रों के उपयोग में सावधानी बरतें।  विद्युत तारों अथवा उपकरणों की खराबी दूर करने के लिए तथा बिजली का फ्यूज सुधारने के लिये किसी जानकार की ही सहायता लें। इससे एक ओर जहॉं दुर्घटना को टाला जा सकेगा वहीं दूसरी ओर आप आर्थिक हानि से भी बच सकेंगे।  घरेलू उपकरणों एवं विद्युत फिटिंग का अर्थिंग करना अति आवश्यक है। सही अर्थिंग न होने से विद्युत दुर्घटना हो सकती है।  प्रकाश/थ्रेशर चलाने के लिये लम्बे एवं जोड़ वाले तारों का उपयोग न करें। थे्रशर के तारों को बिजली कंपनी की लाइनों से अनधिकृत रूप से न जोड़ें। ऐसा करने से दुर्घटना हो सकती है एवं आपके विरूद्ध विद्युत चोरी का इल्जाम लगाया जा सकता है और कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। 


सावधानी  बरतें  तो  नहीं  होगी  गर्मी  में वनो  में आग दुर्घटना


वातावरण का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तापमान में वृद्धि के साथ वनों में आग दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। महुआ तथा अन्य वनों उपज संग्रहण के लिए भी पेड़ों के नीचे गिरे पत्तों को नष्ट करने के लिए लापरवाही से आग का उपयोग किया जाता है। इससे कई बार बड़े वन क्षेत्र में आग का प्रकोप हो जाता है। आग लगने से हरे-भरे वृक्ष झाडि़यां तथा घास नष्ट हो जाती हैं। जंगली जानवरों को भी इससे हानि पहुंचती है। आग से अनमोल वनसंपदा नष्ट हो जाती है। आग लगने से मिट्टी की ऊपरी सतह कठोर हो जाती है तथा कई पोषक सूक्ष्म, जीव नष्ट हो जाते हैं। आग को वनों में फैलने से रोकने के लिए सावधानी रखना आवश्यक है। वनों उपज संग्रहण के लिए वनों में आग न जलायें, वनों में आग की सूचना मिलने पर तत्काल क्षेत्र के वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दें। सबके सहयोग से ही वनों को आग से बचाया जा सकता है।


कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए जारी की समसामयिक सलाह


जिले के किसानों को कृषि विभाग द्वारा समसामयिक सलाह जारी की गई है। किसानो से कहा गया है कि वे गेहूं फसल पकते ही अर्थात जब पत्तियां और तना पीला व सूखा दिखाई देने लगे, साथ ही दाना कड़ा हो जाए व दाने में नमी लगभग 20 से 25 प्रतिशत हो, कटाई करे, कटाई के उपरांत गेहूं को बण्डल बनाकर 3 से 4 दिन तक धूप में सुखाकर गहाई/थ्रेसिंग करे। इसी तरह से चना फसल की पत्तियां तथा तना सूख जाएव दाने में नाखुन गड़ाने पर न गड़े, तब फसल की कटाई करे तथा कटाई उपरांत 1 से 2 दिन धूप में सुखाकर फसल की गहाई करे। मटर फसल में जब ऊपरी पत्तियां हल्की पीली होने लगे तो फसल की कटाई करे। मसूर की फसल पकने की अवस्था में जब ऊपरी पत्तियां सूख जाए और फलियां हल्की पीली हो जाए तब कटाई करे अधिक परिपक्वता होने पर फलियां गिरने व चटकने लगती है।  चना, मसूर, मटर फसल का भंडारण करने के पूर्व फसल के दानों से कटे, हरे और निम्न आकार के दानो को अलग कर लेना चाहिए व दानो में 10 प्रतिशत से अधिक नमी न हो, जिससे भंडार कीटों से सुरक्षा मिलती है। भंडारण के दौरान दानो को अधिक नमी से बचाना चाहिए। गन्ने की बसंत कालीन फसल बुवाई करे, क्षेत्र विशेष के अनुसार उचित किस्म का चयन करे व बुवाई से पूर्व गन्ने के टुकड़ो को कार्वेन्डाजिम 1 किलोग्राम प्रति लीटर पानी के घोल में डुबाकर उपचारित करें, ग्रीष्मकालीन अवस्था में तापमान के अनुसार फसल को 10 से 15 दिन के अंतराल पर उपलब्धता के अनुसार सिंचाई करे, जब गन्ने की फसल बोये तो उसमें अन्तर्वर्ती फसल के रूप में बसंत/गीष्मकालीन मूंग, उर्द की बुवाई कर सकते हैं। इसी तरह से सरसों फसल की 75 प्रतिशत फलियां सुनहरे रंग की हो जाए तो फसल की कटाई एवं मड़ाई करके दाने अलग कर लेना चाहिए। देरे से कटाई करने पर दानो के झड़ने की आशंका रहती है। जिन किसान भाईयों ने मूंग व उड़द की बुवाई नही की है वह शीघ्र बुवाई करे। 20 से 25 किलोग्राम बीजप्रति हेक्टर पर्याप्त होता है एवं पंक्तियों से पंक्तियों की दूरी 30 सेंटीमीटर होना चाहिए। बुवाई पूर्व बीजोपचार 2 ग्राम थायरम व 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से जरूर करें। इसके उपरांत राइजोबियम व पीएसबी कल्चर से उपचार करे। मूंग व उड़द में पीला मोजेक रोग निरोधक जातियों मूंग पीडीएम-139, विराट आईपीएम 205-07, शिखा आईपीएम 410-03 व उड़द पंत उर्द-31 का उपयोग करे। किसानो से कहा गया है कि वे गहाई की मशीन व गहाई के स्थान को गहाई से पहले साफ करे जिससे किसी प्रकार का मिश्रण गहाई में शामिल न हो सके। फसल गहाई के उपरांत उत्पाद को उचित नमी तक धूप में सुखायें तत्पश्चात भंडारगृह को साफ करके उसमें फसल का भंडारण करें। उप संचालक कृषि ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों, बीटीएम/एटीएम आदि को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत कृषक भाईयों से संपर्क करे और उन्हें समयानुकूल सलाह देना सुनिश्चित करें।


विद्यार्थियों के स्‍टीम  आधारित  शिक्षण  हेतु  उन्‍मुखीकरण  16-17  मार्च को 


विद्यार्थियों को STEAM आधारित शिक्षण के लिए स्कूल शिक्षा विभाग 1500 विद्यालयों के शिक्षकों को दो दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम  16-17 मार्च 2021 को यू-ट्यूब द्वारा दिया जायेगा । प्रशिक्षण में अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के स्टीम विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिया जायेगा। प्रतिदिन लाइव प्रश्नोत्तरी का सत्र भी आयोजित होगा, जिसमें प्रतिभागियों के स्टीम पद्धति आधारित प्रश्नों का समाधान किया जायेगा। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री धनराजू एस. ने बताया कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य और जिला परियोजना समन्वयक को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। संबंधित शिक्षक 16 मार्च 2021 को यूट्यूब लाइव लिंक Youtube Link :- https://youtu.be/xcbY2T2195s और 17 मार्च 2021 को  यूट्यूब लाइव लिंक Youtube Link:- https://youtu.be/7HCHuzi1-m0 पर ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रथम चरण में स्टीम शिक्षा की स्थानीय परिस्थितियों में प्रभाव देखने के लिए 1500 स्टीम विद्यालयों का चयन किया गया है। इसी अनुक्रम में सर्वप्रथम स्टीम आधारित शिक्षण अधिगम उपागम  पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण 1500 स्टीम विद्यालयों के प्राचार्य, हेडमास्टर, और समस्त शिक्षकों को एवं डाइट के सभी अकादमिक विशेषज्ञों, APC, BRCC, BAC एवं CAC  को दिया जाना है। स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत STEAM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित) पद्धति का उपयोग बच्चों को अधिक रोचक और ज्ञानवर्धक तरीके से पढ़ाने के लिए किया जाएगा।


आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर मिशन नगरोदय कार्यक्रम में एक बार फिर से मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह जी ने झूठ बोलने का कीर्तिमान स्थापित कर विदिशा की जनता को नगरी अन्य चुनाव में पूर्व ठगने का प्रयास किया है। -     विधायक भार्गव


मुख्यमंत्री ने लाइव प्रसारण कर 191. 72 करोड़ के चल रहे विकास कार्यों का लोकार्पण किया।  सत्यता यह है कि मुख्यमंत्री ने 98. 71 करोड़ की लागत से सीवरेज परियोजनाओं का शिलान्यास किया जबकि शहरवासी जानते हैं कि सिविल लाइन एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट विधिवत रूप से चालू नहीं किया गया है जिन गलियों में सीवरेज लाइन निकली है उस लाइन में अवैध रूप से नगरपालिका ने 2350 रुपये शुल्क जमा करवाकर नए कनेक्शन दिए हैं। कनेक्शन जोड़ने के बाद हालात यह है कि जिन गरीब लोगों के घर में सीवेज लाइन कनेक्शन जोड़ दिया गया है उनके घरों में बदबू के कारण रहना मुश्किल है यहां तक कि गरीबों ने अपने घर के संडास में एग्जॉस्ट फैन भी लगा दिए उसके बाद भी पूरा परिवार बदन से परेशान है  माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा अटल पार्क का लोकार्पण भी इसी कार्यक्रम में किया गया जिसकी लागत 1.58 करोड रूपए दर्शाई गई है इस पार्क को बनाने में जो राशि बताई गई वह जनता की आंखों में मिर्ची झोंकने के समान है इस पार्क की असली अनुमानित लागत 20 लाख से अधिक नहीं है इसके इस पार्क घोटाले की जांच कर जनता के सामने सच उजागर होना चाहिए। सन 2013-14 में डॉ मनमोहन सिंह जी की यूपीए सरकार द्वारा 415 राजीव आवास बनाने के लिए पूर्ववर्ती केंद्र सरकार द्वारा 18 .24 रुपये नगरपालिका को दिए गए थे जिसका काम आज 7 वर्षों में भी पूरा नहीं हुआ और हितग्राहियों को  भवन आवंटन भी नहीं किया गया है लेकिन चुनाव के मद्देनजर मध्य प्रदेश सरकार की कोई राशि नहीं होने के बाद भी इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री महोदय ने कर दिया है जल आवर्धन योजना के अंतर्गत 26. 55 करोड की राशि से डाली गई पेयजल डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का कार्य भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गया इस लाइन को डालने के पश्चात संपूर्ण नगर में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी थी लेकिन आज रेलवे लाइन के इस तरफ़ हरीपुरा से उदयनगर कॉलोनी तक 2 दिन में 1 बार पानी मात्र 15 मिनट से 20 मिनट के लिए पानी सप्लाई किया जाता है। नई पाइप लाइन होने के बाद नगरपालिका के इंजीनियर बताते हैं कि प्रेशर ज्यादा होने की वजह से पुरानी लाइन फूट जाती है, जिसकी वजह से लाइन के इस पार पानी की सप्लाई नहीं हो पाती है इतनी भारी-भरकम रकम 26. 55 करोड की राशि खर्च करने के बावजूद जनता को 2 दिन में 1 दिन पानी उपलब्ध हो रहा है इस घोटाले की जांच कर जनता के सामने रिपोर्ट आना चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी ने इसके अलावा तीन करोड़ की लागत से पीतलमिल चौराहा, रामलीला चौराहा व विवेकानंद चौराहा के सौंदर्यीकरण का भी भूमि पूजन किया इन संबंधित चौराहों पर पूर्व में थोड़ा पैसा खर्च किया गया है वह पैसा इन तीन करोड़ में ही समाहित हो जावेगा यह एक नया भ्रष्टाचार होगा मुख्यमंत्री जी द्वारा ₹1 भी सिंगल क्लिक के माध्यम से आज तक प्राप्त नहीं हुआ है जबकि उन्होंने जनता को भावनात्मक रूप से छलने के लिए भाषण में कह दिया कि विदिशा की पंचवर्षीय योजना के लिए 21 करोड़ का अनुदान और निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से दी जा चुकी है पुनः पेरिस बनाने के सपने बनाने का रोडमैप 5 साल के लिए तैयार कर 213 करोड़ की लागत से होने वाले विकास कार्यों का रोडमैप जारी किया है - मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से आप के माध्यम से पूछना चाहता हूं कि नगरीय निकाय चुनाव की आहट से पुनः विदिशा की जनता को झूठे सपने दिखाने का काम पुणे शुरू कर दिया गया है । माननीय मुख्यमंत्री जी  आपको याद होगा 11 वर्ष पूर्व नपा चुनाव में उन्होंने मंच से घोषणा की थी कि मैं विदिशा को पेरिस  बनाऊंगा, विदिशा को मध्यप्रदेश की उपराजधानी बनाऊंगा क्या यह 213 करोड़ के पांचसाला  सपने भी मात्र कोरी घोषणा है?? बड़े आश्चर्य के साथ कहना पड़ता है कि जिस व्यक्ति ने 15 साल लोकसभा में विदिशा संसदीय क्षेत्र से प्रतिनिधित्व किया हो 15 साल विदिशा को अपना गृह जिला मानकर मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया हो इन 30 वर्षों में झूठे सपने दिखा कर जनता के साथ छलावा कर आज पुनः नगरीय निकाय चुनाव की आहट से आगामी 5 वर्षों में ₹213 करोड़ रूपये के सपने दिखाकर पुनः जनता को छलने का  प्रयास माननीय शिवराज जी ने किया है. जनता सच्चाई जान चुकी है कि असलियत क्या है!!!

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