सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 26 मार्च - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 26 मार्च 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 26 मार्च

इनर व्हील क्लब सीहोर द्वारा होली मिलन समारोह मनाया गया ! 

 

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सीहोर। रंगों के त्योहार होली पर इनर व्हील क्लब के सदस्यों द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें क्लब में सभी सदस्यों द्वारा  एक दूसरे को गुलाल लगाकर एवं फूलों के साथ होली खेली गई। होली के इस पावन त्यौहार में  सभी अपने गिले शिकवे भुलाकर प्रेम और सद्भावना के साथ इस पर्व को मानते है। इनर व्हील क्लब के सभी सदस्यों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई एवं आनंदित और हर्षोउल्लास के वातावरण में इस पर्व को मनाया। जिसमे  इनर व्हील अध्यक्षा श्रीमती कांता गट्टानी जी के अलावा सचिव श्रीमती मालती अग्रवाल, हेमा अग्रवाल, तारा अग्रवाल, मीरा कौशल, शशि विजयवर्गीय, नवनीता श्रीवास्तव, नीति ठकराल, हेमलता राठौड़, रेणु शास्त्री, आदि उपस्थित रही।।


पात्रों को हीं मिलेगा पीएम आवास योजना का फायदा, गरीबों के हक पर किसी को नहीं डालने देंगे डाका- विधायक राय  

  • विधायक ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर बीते सालों से लंबित पीएम आवास योजना के 13 सौ हितग्राहियों को दिलाई स्वीकृति
  • अप्रैल माह के पहले साप्ताह में हितग्राहियों के बैंक खातों में मकान बनाने के लिए पहुंचेगी एक लाख रू की पहली किश्त

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सीहोर। विधायक सुदेश राय ने शुक्रवार को कहा की शहर हो या गांव केवल पात्र हितग्राहियों को हीं प्रधानमंत्री आवास योजना का फायदा मिलेगा। गरीबों के हक पर किसी को भी डाका नहीं डालने देंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कोई भी सरकारी कर्मचारी या फिर कोई दलाल रिश्वत की मांग करता है तो सीधे मुझे शिकायत करना सख्त कार्रवाहीं कराएंगे। विधायक सुदेश राय ने कहा की नगर पालिका परिषद क्षेत्र सीहेार के सभी 35 वार्डो में कच्चे चददर और खपरेल वाले घरों में निवासरत शहर के 13 सौ से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के हितगा्रहियों को स्वीकृति प्रदान कराई है। अभी और भी गरीब तबके के आवेदक है जिन्होने नगर पालिका या ग्राम पंचायत जनपद कार्यालय में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया है उनकों भी शीघ्र योजना का लाभ मिलेगा। होली पर्व पर बड़ी सौगात प्रदान की है। पक्के मकानों का सपना देख रहे गरीब तबके के सैकड़ों नागरिकों के सपनों को सकार करने के लिए जनहित में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा कर प्रधानमंत्री आवास योजना के 1335 हितग्राहियों को नगरीय प्रशासन विभाग से योजना अंगर्तत लाभ देने के लिए स्वीकृति प्रदान करा दी है। बैंकों की छुटिटयां समाप्त होने और होली पर्व का समापन होते हीं अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में नगर पालिका परिषद के द्वारा 13 सौ से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के हितगा्रहियों के बैंक खातों में प्रथम किश्त के रूप में एक लाख रूपयें की राशि डाल दी जाएगी। शहरी क्षेत्र के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के लिए केंद्र सरकार के द्वारा नगरीय निकाय विभाग मध्य प्रदेश के माध्यम से कुल 13 सौ करोड़ रूपये का आवंटन नगर पालिका परिषद को किया जाएगा।


कोई रिश्वत मांगें तो बताए कराएंगे कार्रवाहीं

विधायक सुदेश राय ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा संपूर्ण मध्य प्रदेश के साथ विधानसभा क्षेत्र के शहर सहित ग्रामीण अंचलों में कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले कोई भी आवास हीन गरीब बिना आवास के नहीं रहेगा। आगामी महिनों में सभी हितग्राहियों को पक्के मकान के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। विधायक सुदेश राय ने कहा की नगर पालिका या फिर ग्राम पंचायत का कोई कर्मचारी या दलाल आप से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए पैसों की मांग करता है तो सीधे मुझे शिकायत करें इस तरह के लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाहीं कराई जाएगी।


सत्ता परिर्वतन से रूक गई थी फाईल

उल्लेखनीय है की वर्ष 2017 से नगर पालिका परिषद में उक्त सूची में शामिल नागरिकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आने के कारण प्रधानमंत्री आवास का कार्य रूक गया था। इस जनहितैशी मामले को विधायक सुदेश राय ने विधानसभा के पटल पर भी रखा था। जिस के बाद हितग्राहियों की फाईलों को विभागीय कार्रवाहीं के लिए आगे बढ़ाया गया था।


एक लाख रूपये की मिलेगी पहली किश्त

इस संबंध में नगर पालिका सीएमओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया की माननीय विधायक सुदेश राय के प्रयासों से शासन ने नगर पालिका में लंबित 13 सौ से अधिक हितग्राहियों की सूची को योजना का लाभ देने के लिए स्वीकृति किया है। जल्दी हीं राशि का आवंटन नपा को मिलने वाला है। जिस के मिलते हीं हितग्राहियों को पहली किश्त के रूप में एक लाख रूपये मकान बनाने के लिए प्रदान किए जाएगें। तत्पश्चात नियनुसार आगामी दिनों में शेष राशि हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जाएगी।


जिला जेल सीहोर में विषेष स्वास्थ्य परीक्षण षिविर का आयोजन। 

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माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के अंतर्गत संस्था माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देषानुसार एवं माननीय जिला न्यायाधीष/अध्यक्ष महोदय श्री राजवर्धन गुप्ता के मार्गदर्षन में जिला जेल सीहोर मे निरूद्ध पुरूष व महिला बंदियों हेतु आज दिनांक 26.03.2021 को समय 10ः30 बजे से विषेष स्वास्थ्य परीक्षण षिविर का आयोजन किया गया। उक्त विषेष स्वास्थ्य षिविर का शुभारंभ सादे समारोह में हुआ।  श्री एस.के. नागोत्रा अपर जिला न्यायाधीष/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उक्त कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाष डालते हुए व्यक्त किया कि विषेष स्वास्थ्य परीक्षण षिविर के आयोजन के साथ-साथ विधिक सहायता षिविर का आयोजन भी किया जाना है। जिसमें सम्बंधित कैदियों के लिए नियुक्त पैनल अधिवक्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है जो उनके प्रकरण की यथा स्थिति से अवगत कराने के साथ-साथ विधिक सहायता प्रदान करेंगे। उक्त षिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्बद्ध पैरालीगल वालेन्टियर की भी ड्यूटी लगाई गई है जो उक्त षिविर में विधिक सहायता व विषेष स्वास्थ्य परीक्षण षिविर हेतु टीम का सहयोग करेंगे। श्री नागोत्रा द्वारा जेल में उपस्थित बंदियों को निःषुल्क विधिक सहायता एवं प्ली बारगेनिंग योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।  श्री डा. आर.के. वर्मा मेडिकल विषेषज्ञ जिला चिकित्सालय सीहोर द्वारा व्यक्त किया गया कि जेल में निरूद्ध बंदियो का स्वास्थ्य परीक्षण डाक्टर्स की विषेष टीम द्वारा किया जाएगा। डाॅ. आर.के. वर्मा मेडिकल विषेषज्ञ, डाॅ. संध्या राजगीर पीजीएमओ स्त्रीरोग विषेषज्ञ, डाॅ. फैजल अंसारी पीजीएमओ सर्जरी, डाॅ. फैजल सिद्धिकी मनोरोग चिकित्सक, डाॅ. यू.के. श्रीवास्तव पीजीएमओ नेत्र रोग चिकित्सक, डाॅ. गगन नामदेव दंत रोग विषेषज्ञ, डाॅ. भानू मेवाड़ा अस्थि रोग चिकित्सक, डाॅ. षिल्पा पाराषर पैथोलाॅजिस्ट, श्री राहुल विष्वकर्मा लैब टेक्नीषियन, श्री महेन्द्र प्रतापसिंह लैब अटेण्डेड, श्री राय सिंह ठाकुर फार्मासिस्ट, कु. सोनम यादव स्टाॅफ नर्स, श्रीमती गायत्री बेदी स्टाॅफ नर्स, श्री ओमप्रकाष वार्डबाॅय जिला जेल सीहोर में उपस्थित है जिनके द्वारा बंदियो का स्वास्थ्य परीक्षण किया जावेगा।  विधिक साक्षरता षिविर के पष्चात् विषेष स्वास्थ्य षिविर परीक्षण का आयोजन किया गया जिसमें 450 पुरूष बंदी व 16 महिला बंदियों सहित कुल 466 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर बीमार बंदियों को दवाईयां वितरित की गई। जिसमें 03 एचआईवी से पीडित बंदी, 01 हार्ड पैसेंट बंदी, 01 पार्किन्सन डिसीज से सम्बंधित बंदी भी सम्मिलित है। एचआईवी से पीडित बंदियों को दवाई एआरटी सेंटर भोपाल एवं आईसीटीसी केन्द्र सीहोर से उपलब्ध कराई जा रही है।  उक्त विधिक साक्षरता एवं स्वास्थ्य परीक्षण षिविर में श्री शैलेन्द्र कुमार नागोत्रा अपर जिला न्यायाधीष/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर, श्री अनीस अब्बासी जिला विधिक सहायता अधिकारी सीहोर, पैनल अधिवक्ता श्री लखन सिंह परमार, डाक्टर्स की टीम, पैरालीगल वालेन्टियर्स कु. पूजा महेष्वरी, कु. मोना प्रजापति, श्री योगेष यादव, श्री आबिद खान एवं जेलर श्री पन्नालाल प्रजापति और जेल का अन्य स्टाॅफ उपस्थित रहा।  


पीसीपीएनडीटी एक्ट का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही होगी


भ्रूण लिंग जांच करवाना या करना अपराध है। शासन द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मानीटरिंग की व्यवस्था की गई है। शासकीय एवं पंजीकृत अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से सोनोग्राफी का कार्य प्रशिक्षित चिकित्सकों के माध्यमों से किये जाने का प्रावधान है। प्रावधानों का उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान है। जिला स्तरीय बैठक में प्रावधानों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। शासन द्वारा बेटियों की सुरक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए  बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान चलाया जा रहा है। एडीएम श्रीमती माया अवस्थी ने गुरूवार को जिला स्तरीय बैठक में निर्देश दिए है कि चिकित्सालयों में सोनोग्राफी एवं एक्सरे के लिए ओपीडी में पंजीकृत मरीजों की नामजद जानकारी रखी जाए। सेंटर और अशासकीय संस्थाओं से इन मरीजों के एक्सरे एवं सोनोग्राफी होने की जानकारी संकलित की जाए। साथ ही दैनिक रूप से एक्सरे एवं सोनोग्राफी की जानकारी संधारित की जाए। उन्होंने कहा किपीसीपीएनडीटी एक्ट की जानकारी आम जन को नही होने से विसंगतियां सामने आती हैं। इसलिए अधिक आबादी वाले गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में होर्डिंग तथा दीवार लेखन कर एक्ट की जानकारी आमजन को दी जाए। इसी तरह एक्ट का उल्लंघन करने पर सजा के प्रावधान तथा लिंग जांच करवाने की गुप्त सूचना पर पुरस्कार के प्रावधानों की जानकारी आमजन को दी जाए।


जल निगम इसी साल पहुँचायेगा 6 हजार से अधिक ग्रामों को नल से जल, 64 लाख आबादी होगी लाभान्वित


राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश की पूरी ग्रामीण आबादी को नल कनेक्शन के माध्यम से जलप्रदाय करने की व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम द्वारा की जा रही है। वर्तमान में 15 हजार 370 करोड़ रूपये की जलप्रदाय योजनाओं में से जल निगम लगभग 2,662 करोड़ रूपये लागत की जलप्रदाय योजनाओं पर कार्य कर रही है। जल निगम द्वारा 26 जिलों के 6,153 ग्रामों के लिए जिन जलप्रदाय योजनाओं पर कार्य किया जा रहा हैए उन सभी योजनाओं को जुलाई से दिसंबर 21 के बीच पूरा किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। जल निगम की इन 39 जल परियोजनाओं में 9 लाख 77 हजार 640 घरेलू नल कनेक्शन दिए जायेंगे। जलप्रदाय की प्रगतिरत इन योजनाओं के मूल्यांकन अनुसार 40 से 97 प्रतिशत तक कार्य पूर्ण हो चुके हैं। प्रस्तावित ग्रामों की इन जल संरचनाओं से 64 लाख 47 हजार 955 आबादी को लाभ पहुँचेगा। अलग-अलग ग्रामों की जलप्रदाय योजना का कार्य पूर्ण होते ही वहाँ के रहवासियों को नल कनेक्शन कर जल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जायेगी।


अवकाश के दिनों में भी खुलेंगे उप पंजीयक कार्यालय, महानिरीक्षक पंजीयन ने जारी किये निर्देश


जन-सामान्य को दस्तावेजों के पंजीयन कार्य में सुविधा देने के लिये माह मार्च 2021 के समस्त अवकाश दिवसों में समस्त जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक कार्यालय पंजीयन एवं शासकीय कार्य के लिये खुले रहेंगे। इस आशय के निर्देश महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा गत दिवस जारी कर दिये गये है। गृह विभाग द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के लिये जारी दिशा.निर्देशों अनुसार जिलों में लॉकडाउन के दौरान 28 मार्च रविवार के दिन भी पंजीयन एवं उप पंजीयक कार्यालय खुले रहेगें। इनमें कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं सेवा प्राप्त करने वाले नागरिकों के आवागमन को प्रतिबंधित नहीं किया जावेगा। पक्षकार सुविधा अनुसार रविवार 28 मार्च को भी अचल संपत्ति का पंजीयन करवा सकेंगे। जन.सुविधा और शासन के राजस्व के दृष्टिगत प्रदेश के सभी उप पंजीयक कार्यालय 26 मार्च से 31 मार्च 2021 की अवधि में प्रात - 8:30 बजे से खुले रहेंगे।


लॉकडाउन में होली और शब.ए.बारात सांकेतिक रूप से मनाये जायेंगे

  • कोरोना संक्रमण की रोकथाम संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की संख्या में दिनों.दिन हो रही बढ़ोतरी को दृष्टिगत रखते हुए इंदौर, भोपाल जबलपुर, रतलाम ,छिंदवाड़ा, बैतूल और खरगोन में 28 मार्च को रविवार के दिन लॉकडाउन रहेगा। इन शहरों में लॉकडाउन के मद्देनजर होली और शब.ए.बारात को सांकेतिक रूप से मनाये जाने की ही अनुमति दी जा सकेगी। सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये नवीन अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किये हैं। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि जिन जिलों में प्रतिदिन औसतन 20 से ज्यादा कोविड पॉजिटिव केसेस आ रहे हैं वहाँ शादी समारोह में 50 और अंतिम यात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नहीं हो सकेंगे। साथ ही उठावने और मृत्यु भोज इत्यादि कार्यक्रमों में भी 50 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नहीं हो पायेंगे। नवीन निर्देशों अनुसार स्वीमिंग पूलए जिम और सिनेमा.घर बंद रहेंगे। बंद हॉल में क्षमता के 50 प्रतिशतए अधिकतम 100 व्यक्ति ही कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकेंगे। रेस्टॉरेंट में खाने पर प्रतिबंध रहेगाए परंतु रेस्टॉरेंट खाने के पार्सल प्रदाय कर सकेंगे। लॉकडाउन वाले सातों जिलों में डिस्ट्रिक क्रॉयसिस मैनेजमेंट कमेटी धार्मिक स्थलों में लोगों को एकत्रित होने से रोकने के लिये प्रतिबंध लगाने और लॉकडाउन की अवधि में परिवर्तन करने संबंधी निर्णय लेने के लिये अधिकृत रहेगी। नवीन निर्देशानुसार इंदौर भोपाल और जबलपुर के अतिरिक्त छिंदवाड़ाए रतलामए बैतूल और खरगोन में आगामी आदेश तक प्रत्येक रविवार को शनिवार रात्रि 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा। लॉकडाउन के दौरान वस्तुओंए औद्योगिक इकाइयों के श्रमिकोंए कर्मियोंए औद्योगिक कच्चे माल तथा उत्पादए बीमार व्यक्तियों के परिवहन एवं एयरपोर्टए रेलवे स्टेशन आने.जाने की छूट रहेगी। इस छूट में विभिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थी भी सम्मिलित रहेंगे। उक्त सातों शहरों में स्कूलों एवं कॉलेजों में 31 मार्चए 2021 तक शिक्षण बंद रहेगा। समस्त परीक्षाएँ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आयोजित होंगी।


कोविड केस का औसत 20 से कम होने पर कमेटी लेगी निर्णय

डॉ. राजौरा ने बताया कि नवीन निर्देशानुसार साप्ताहिक पॉजिटिव केसेस प्रतिदिन औसतन 20 से कम आने वाले जिलों में जन.सुनवाई को स्थगित रखनेए विवाहए अंतिम संस्कार जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता करने वाले लोगों की संख्या के निर्धारण संबंधी निर्णय डिस्ट्रिक क्रॉइसिस मैनेजमेंट कमेटी द्वारा लिये जा सकेंगे।


रविवार को कोषालय एवं पंजीयक कार्यालय खुलेंगे

डॉ. राजौरा ने बताया कि नवीन निर्देशानुसार आगामी रविवार 28 मार्च को सभी जिलों में शासकीय कोषालयए उप कोषालयए पंजीयक एवं उप पंजीयक कार्यालय खुले रहेंगे। उपरोक्त कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों एवं सेवा प्राप्त करने वाले नागरिकों के आवागमन को प्रतिबंधित नहीं किया जायेगा।


परिजनों के साथ मनायें त्यौहार

डॉ. राजौरा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी नवीन निर्देशानुसार नागरिकों से होली का त्यौहार अपने परिजनों के साथ ही मनाये जाने की अपील की गई है। इससे सभी नागरिकों का संक्रमण से बचाव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में समस्त सामाजिक एवं धार्मिक त्यौहारों में निकलने वाले जुलूसए गेरए मेले में सार्वजनिक रूप से लोगों का एकत्रित होना प्रतिबंधित रहेगा।


कृषकों की खरीफ 2020 की ऋण देय की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल 2021 की गई, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने होली पर कृषकों को दी एक और नई सौगात


सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया के अनुरोध पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा खरीफ 2020  के ऋणों की अदायगी के लिए अंतिम तिथि 28 मार्च 2021  से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2021 कर दी गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अवधि बढ़ाकर प्रदेश के किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। प्रदेश के कृषकों की खरीफ में सोयाबीन एवं अन्य फसलों का उत्पादन बिगड़ने के कारण कृषक 28 मार्च 2021 पर अपने खरीफ 2021 के ऋण की अदायगी करने में सक्षम नहीं थे। इससे अंतिम तिथि पर ऋण की अदायगी न होने के कारण कृषकों का ऋण वितरण से अंतिम तिथि पर 7 प्रतिशत तथा 28 मार्च 2021 से 13 प्रतिशत व्याज का भार आता। तिथि बढ़ जाने से किसानों को शून्य प्रतिशत पर ऋण सुविधा जारी रहेगी। मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने प्रदेश के कृषक हितैषी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह के कृषकों की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया है। श्री भदौरिया ने कृषक भाइयों से अपील की है कि वे अपने खरीफ ऋणों की अदायगी 30 अप्रैल 2021 के पूर्व जमा कर कालातीत होने से बचे और शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण का लाभ लेते हुए अपनी समृद्धि में उत्तरोत्तर वृद्धि करें। 


देश में सीनियर सिटिजन के लिये शुरू होगी हेल्पलाइन, सभी तैयारियाँ पूर्ण करने के साथ मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में


सामाजिक न्याय एवं निरूशक्तजन कल्याण मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों के लिये राष्ट्रीय हेल्पलाइन शुरू की जा रही है। केन्द्र शासन ने इसके लिये प्रदेश को 88 लाख 14 हजार रूपये की राशि जारी कर दी है। मध्यप्रदेश में हेल्पलाइन हेल्पेज इंडिया के सहयोग से शुरू की जा रही है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय के राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार मध्यप्रदेश में इस संबंध में सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। हेल्पलाइन कोरोना काल में अनेक स्तरों पर वरिष्ठ नागरिकों द्वारा कठिनाईयों की जानकारी सामने आने पर एनआईएसडी द्वारा नेशनल हेल्पलाइन लागू करने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल हेल्पलाइन ष्एल्डर लाइनष् का नम्बर 14567 निर्धारित किया गया है। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्री प्रतीक हजेला ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं या प्रश्नों का समाधान स्थानीय स्तर पर स्थापित कॉल सेंटर द्वारा किया जायेगा। राज्य स्तरीय हेल्पलाइन राज्य और जिला स्तरीय प्रशासनए पुलिसए वृद्धाश्रमए स्वैच्छिक संगठनए सीनियर सिटीज़न एसोसिएशनए स्थानीय निकायए स्वास्थ्य विभागए महिला बाल विकास विभाग आदि के समन्वय से काम करते हुए कॉल सेंटर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं को जल्दी निपटाने का प्रयास करेगी। कॉल करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की पहचान गुप्त रखी जायेगी और अगले 6 माह तक कॉल से संबंधित रिकॉर्ड रखा जायेगा। राष्ट्रीय सीनियर सिटीज़न हेल्पलाइन का उद्देश्य वयोवृद्ध नागरिकों का जीवन आसान और सुखमय बनाना है। वरिष्ठजन कॉल लाइन के माध्यम से उत्पीड़न परित्यक्त जीवन पेंशन प्रकरण सुरक्षाए चिकित्सा आदि विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान एक कॉल से बहुत ही आसान तरीके से सुलझा सकेंगे।


कोविड संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

  • विवाह कार्यक्रमों में 100 तथा शवयात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नहीं होंगे
  • बंद हॉल में आयोजित कार्यक्रमों में हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे    

जिले में कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने तथा बचाव के लिए जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने सीहोर जिले में धारा 144  के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं । यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।  ‍िजला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्री गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में  शादी समारोह में 100 व्यक्ति तथा शव यात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नहीं होंगे। बंद हॉल में आयोजित कार्यक्रमों में हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत व्यक्ति ही सम्मिलित हो सकेंगे। इसके साथ ही समस्त साजाजिक एवं धार्मिक त्योहारों में निकलने वाले जुलूस, गैर, मेले तथा सार्वजनिक रूप से लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा । जिला दण्डाधिकारी श्री अजय गुप्ता द्वारा 18 मार्च 2021 को धारा 144 के तहत लगाये गये प्रतिबंध भी प्रभावशील रहेंगे ।


रबी फसलों का उपार्जन आज से   


रबी विपणन वर्ष 2021-22 में गेहूं, चना, मसूर, सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर्गत 27 मार्च 2021, शनिवार से उपार्जन कार्य प्रारंभ होगा। जिले के संबंधित अधिकारियों ने उपार्जन केन्द्र पहुंचकर समस्त व्यवस्थाओं का जायजा लिया ।


दिवड़िया में 101 वर्षीय महिला ने लगवाया कोविड का टीका

  • 25 मार्च को 2555  लोगों ने लगवाया कोविड का टीका,   कोवडि का टीका लगवाने में 2234 बुजुर्गों भी शामिल अब तक 72 हजार 290 का किया गया वैक्सीनेशन

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इछावर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दिवड़िया टीकाकरण केन्द्र पर पहुंचकर चैनपुरा निवासी 101 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रीमती सरजू बाई पति देविसिंह ने कोविड का टीका लगवाया । सरजू बाई का जन्म 1920 में हुआ है। टीका लगने के उपरांत बुजुर्ग महिला ने खुशी जाहिर की तथा कहा कि कोरोना को मात देने के लिए टीका लगाना जरूरी है।  गुरूवार को 48 वैक्सीनेशन सेटर्स पर 2555 हितग्राहियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया। जिसमें 2234 बुजुर्गो ने सेंटर्स पर पहुंचकर टीका लगवाया। अब तक 72 हजार 290 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा चुका है जिसमें हैल्थ केयर वर्कर, फ्रंट लाईन वर्कर, 45 से 59 वर्ष आयु के ऐसे व्यक्ति जिन्हें 20 प्रकार की चिन्हित बीमारियां है जिन्हें केन्द्र सरकार के दिशा निर्देषों के अनुसार टीका लगाया जाना है तथा 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हितग्राही शामिल है जिनका टीकाकरण किया गया है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुधीर कुमार डेहरिया ने जानकारी दी कि बूथ लेवल कार्ययोजना के अनुसार गुरूवार को 48 सेंटर्स पर टीकाकरण किया गया। आष्टा के 2 टीकाकरण केन्द्रों पर 67 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। बुदनी के 16 केन्द्रों पर 498, इछावर के 7 केन्द्रों पर 574, नसरूल्लागंज के 16 केन्द्रों पर 613 , श्यामपुर के 6 केन्द्रों पर 478 तथा अर्बन सीहोर में जिला चिकित्सालय स्थित डीईआईसी टीकाकरण केन्द्र पर 325 हितग्राहियों को टीका लगाया गया। गुरूवार  को 2234 बुजुर्गो को प्रथम डोज लगाया गया तथा 45 से 59 वर्ष आयु वालों में 168 को प्रथम डोज लगा। अब तक 72 हजार 290 हितग्राहियों को कोविड का टीका लगाया जा चुका है। अब तक 62 हजार 606 को प्रथम तथा 9684 को द्वित्तीय डोज लगाया गया है। 49 हजार 334 बुजुर्गो ने पूरे उत्साह और अमंग के साथ टीकाकरण केन्द्र पर पहुंचचकर कोविड का प्रथम डोज लगवाया। 45 से 59 वर्ष आयु वाले 1744 को प्रथम डोज लगाया जा चुका है। 5350 फ्रंट लाईन वर्कर तथा 6178 हेल्थ केयर वर्कर को प्रथम डोज, 5178 हेल्थ केयर वर्कर तथा 4506 फ्रंट लाईन वर्कर को द्वित्तीय डोज लगाया जा चुका है। उल्लेखनीय है  कि सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, गुरूवार तथा शनिवार को टीकाकरण किया जाता है।


जेल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण तथा विधिक सहायता शि‍विर का अयोजन

  • शिविर में 466 बंदियों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण

जिला जेल में पुरूष व महिला बंदियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण तथा विधिक सहायता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में संबंधित कैदियों-बंदियों को उनके  प्रकरण की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। तथा  विधिक सहायता प्रदान की गई । विधिक सेवा प्राधिकरण कं सचिव श्री एस.के नागोत्रा ने  बताया कि शिविर में 450 पुरूष बंदी तथा 16 महिला बंदी सहित कुल 466 बदिंयों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दबा वितरित की गई । उपस्थिति बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता के साथ बारगेनिंग योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।  स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।  डॉ. आरके वर्मा मेडिकल विशेषज्ञ तथा उनकी टीम द्वारा किया गया । शिविर में 466 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण  किया गया । शिविर में बंदियों को उनके प्रकरण के बारे में विस्तृत जानकारी और विधिक सहायता की जानकारी पेरालीगल वॉलेंटियर द्वारा दी गई।


घरेलू हिंसा के मामलों में होगी सख्त से सख्त कार्रवाई, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिए निर्देश 


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे जघन्य अपराधों के लिए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा कैसे मिले, इस संबंध में अन्य आवश्यक वैधानिक प्रावधान किए जाएंगे। ऐसे अपराधों में सजा के वर्तमान प्रावधानों से अधिक सख्त सजा दिए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्मार्ट उद्यान में आज मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि हाल ही में प्रदेश में दो घटनाओं में महिलाओं के हाथ काटे जाने के मामले सामने आए हैं। यह साधारण अपराध न होकर विश्वास की हत्या है। यह भयंकर अपराध है। जिसके साथ जन्म-जन्म का साथ निभाने की कसम खाई गई, उन पर हमला करने और जान लेने का प्रयास घृणित और अति निंदनीय है। यह व्यवहार मध्ययुगीन बर्बरता की तरह है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस बारे में जन-जागरण अभियान भी चलना चाहिए। ऐसे अपराधियों को कठोरतम दंड मिले इसकी व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी को इस तरह के अपराधों के अपराधियों की धरपकड़ कर कठोरतम दंड दिलवाने के निर्देश दिए हैं।


मॉडल मण्डियों का कार्य शीघ्रता से करें प्रारंभ - मंत्री श्री पटेल

  • 10 करोड़ रुपये की लागत के कृषक विश्राम-गृह का शुक्रवार को होगा भूमि-पूजन 

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में मॉडल मण्डियों का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने महाप्रबंधक, मण्डी बोर्ड सुश्री प्रियंका दास से कहा कि मॉडल मण्डियों का कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय पर किया जाये। मंत्री श्री पटेल गुरुवार को मण्डी बोर्ड में विभागीय समीक्षा कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि शुक्रवार को प्रात: 11.30 बजे 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नवीन कृषक विश्राम-गृह-सह-प्रशिक्षण केन्द्र का भूमि-पूजन किया जायेगा। बैठक में मंत्री श्री पटेल ने निर्देशित किया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिये प्रभावी कदम उठाया जाना सुनिश्चित करें। इसके अंतर्गत ग्रेडिंग, शॉर्टिंग के प्लांट तेजी से पूर्ण कराये जायें।


साकेत नगर में बनेगा नया कृषक विश्राम-गृह

बैठक में बताया गया कि शुक्रवार को कृषि मंत्री श्री पटेल, क्षेत्रीय सांसद और क्षेत्रीय विधायक द्वारा एम्स के पास साकेत नगर में कृषक विश्राम-गृह-सह-प्रशिक्षण केन्द्र का भूमि-पूजन करेंगे। नवीन कृषक विश्राम-गृह 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया जायेगा। मण्डी बोर्ड द्वारा 30 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में नवीन भवन बनेगा।


उच्च शिक्षा: कोरोना काल में ऑनलाइन परीक्षा कराने वाला पहला राज्य रहा मध्यप्रदेश  • डॉ. मोहन यादव


राज्य सरकार के एक साल के कार्यकाल के दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किये गये हैं। कोरोना के संकट के बावजूद भी ऑनलाइन माध्यमों से विद्यार्थियों को पठन-पाठन से जोड़े रखा गया। ओपन बुक प्रणाली से स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं की परीक्षाएँ आयोजित कराने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना। बाद में इसका अनुसरण पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य राज्यों ने भी किया। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने के लिये साहित्य, विज्ञान, उद्योग, वाणिज्य, कृषि आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सुझाव लिये गये हैं। यशस्वी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की इच्छानुसार जुलाई-2021 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत 20 घटकों के माध्यम से विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में अकादमिक गुणात्मक एवं उन्नयन संबंधी कार्यवाही की गई है। इसमें भवन निर्माण, स्मार्ट क्लॉस-रूम एवं वर्चुअल लर्निंग सुविधा, एकीकृत पोर्टल का निर्माण, सूचना तकनीक को सुदृढ़ बनाना, महाविद्यालयों में दूरस्थ शिक्षा केन्द्रों की स्थापना, उद्यमिता प्रकोष्ठों का गठन आदि को शामिल किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के लिये सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। रणनीति बनाकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किये जा रहे हैं। महाविद्यालयों के विकास के लिये जन-भागीदारी मद से 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये की राशि खर्च करने की सीमा तय की जा रही है। इस मद में दान करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यदि कोई दानदाता पाँच लाख रुपये या इससे अधिक राशि दान करता है, तो उसे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सम्मानित करेंगे। पिछले एक साल में 44 नवीन अशासकीय महाविद्यालय एवं 4 नवीन निजी विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है। आदर्श प्रयोगशाला उन्नयन के लिये 263 लाख की राशि से 18 महाविद्यालय तथा पुस्तकालय विकास के अंतर्गत 192 लाख की राशि से 25 महाविद्यालयों को उन्नत किया गया है। महाविद्यालय विकास योजनाओं के अधीन 96 करोड़ रुपये की राशि से चल रहे 117 कार्यों में से 14 भवनों का कार्य पूर्ण किया गया है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं की संचालन व्यवस्था के अंतर्गत यू-ट्यूब के माध्यम से 1200 से अधिक पाठ्यक्रम आधारित ऑडियो/वीडियो व्याख्यान उपलब्ध कराये गये। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर करीब 14 लाख 58 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए। ओपन-बुक परीक्षा प्रणाली के माध्यम से 18 लाख परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना में अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का लाभ शासकीय महाविद्यालयों के करीब 19 हजार विद्यार्थियों ने लिया। नियोजन तथा उद्यमिता प्रकोष्ठों के गठन के लिये 200 महाविद्यालयों का चयन एवं ट्रेनिंग प्लेसमेंट सेल की स्थापना की गई। गाँव की बेटी योजना, प्रतिभा किरण योजना, एकीकृत/संस्कृत छात्रवृत्ति, अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तक एवं स्टेशनरी वितरण योजना से 97 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया। विश्व बैंक परियोजना से 260 करोड़ रूपये की राशि से 20 भवनों का निर्माण पूरा किया गया। रूसा, विश्व बैंक परियोजना एवं राज्य मद से निर्मित 29 महाविद्यालयों के भवनों का लोकार्पण हुआ। इन महाविद्यालय भवनों में आवश्यक सुविधाओं के लिये 767 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई। राज्य शासन की मद से 9 महाविद्यालयों के भवन निर्माण, 73 महाविद्यालयों में 600 अध्ययन कक्ष और 45 नवीन भवनों के निर्माण के लिये 206 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया। विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रोत्साहन देने के लिये 136 महाविद्यालयों में गुणवत्ता अध्ययन केन्द्र की स्थापना के लिये उच्च शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के मध्य एमओयू किया गया। मध्यप्रदेश नॉलेज कॉर्पोरेशन तथा विश्वविद्यालयों में उत्कृष्टता केन्द्र एवं इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई। शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कृषि, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा एवं पर्यटन के पाठ्यक्रम तथा माँग अनुसार उपयोगी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की कार्यवाही जारी है। पोर्टल, डिजिटल रिपोजिटिरी, डिजिटल लॉकर, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम आदि की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 200 शासकीय महाविद्यालयों में वर्चुअल लर्निंग एवं स्मार्ट क्लॉस-रूम की सुविधा और 100 उच्च शिक्षण संस्थाओं में सूचना तकनीक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। महाविद्यालय, संकाय तथा पदों का युक्ति-युक्तकरण और विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के लिये ऑनलाइन अजाँच प्रमाण-पत्र की व्यवस्था के अलावा ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेंट एवं ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम का विकास किया गया। पेंशन प्रकरणों को स्वीकृत करने के अधिकार महाविद्यालयों के प्राचार्यों को दिये गये। उच्च शिक्षा संचालनालय एवं महाविद्यालयों के लिये एकीकृत पोर्टल, शिक्षण, प्रशिक्षण नीति का निर्माण, 52 महाविद्यालयों के लिये ए-ग्रेड एवं 20 महाविद्यालयों के लिये ए-प्लस ग्रेड तथा उच्च शिक्षा संस्थानों को एनआईआरएफ की प्रथम 100 संस्थाओं में सम्मिलित करने के प्रयास जारी हैं।


सड़कें होगी आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की रीढ़- गोपाल भार्गव


यूरोप हो या अमेरिका उनके आधुनिक और विकसित नजर आने का पहला अहसास वहाँ की चौड़ी-चौड़ी सड़कें, फ्लाई ओवर और उन पर दौड़ती नजर आती मोटर-कार से आता है। और आए भी क्यों नहीं? ईसा से 2500 वर्ष पुरानी 'सिन्धु व हड़प्पा सभ्यता' हो या फिर मिश्र और मेसोपोटामिया की समृद्धि का मापदण्ड भी वहाँ का आर्किटेक्चर, विकसित सड़कें और मिश्र के पिरामिड के वास्तु-विन्यास को ही माना जाता है। भारत के इतिहास में शेरशाह सूरी जैसे शासक को भी उसके द्वारा तत्कालीन भारत के चढ़गॉव (बांग्लादेश) से वर्तमान काबुल (अफगानिस्तान) के लिए निर्मित वर्तमान जी.टी.रोड (ग्रांड ट्रक रोड) के लिए याद किया जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के समय नार्थ-साउथ कोरिडोर के रूप में देश को आधुनिक विकसित सड़कों से जोड़ने वाले युग का शुभारंभ हुआ। ग्रामीण अंचल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों ने एक तरह से ग्रामों की अर्थ-व्यवस्था को बदल दिया है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश में भी सड़कों के निर्माण, उनके सुदृढ़ीकरण पर राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया गया है। सड़कें विकास की संवाहक है। सड़कों के अभाव में विकास बेमानी हो जाता है। राज्य सरकार द्वारा सड़को के माध्यम से विकास के रथ को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का काम व्यापक-दूरदृष्टि के साथ किया जा रहा है। इसकी झलक राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत 2021-22 के बजट में साफ नजर आती है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने चौथे कार्यकाल के पहले वर्ष में 'आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश' के सुदृढ़ भवन की जो परिकल्पना की, उसके आधार-भूत चार स्तम्भ में भौतिक अधो-संरचना को प्रथम स्तम्भ के रूप में रखा गया है। प्रदेश की भौतिक अधोसंरचना में सड़कें एक मुख्य घटक हैं। सरकार की सभी सेवाएँ, जन-सुविधाएँ, आम-जन तक तभी पहुँच सकेगी जब प्रदेश में सुदृढ़ आधार-भूत संरचना हो, जिसका पहला पायदान है-'सुदृढ़ सड़कें'। वर्तमान में प्रदेश में 8 हजार 858 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। इसके अतिरिक्त 4 हजार 593 किलोमीटर लम्बाई के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए केन्द्र-सरकार से सैद्धान्तिक अनुमति प्राप्त हो गई है। प्रदेश में 11 हजार 389 किलोमीटर राज्य राजमार्ग, 22 हजार 691 किलोमीटर मुख्य जिला मार्ग तथा 28 हजार 023 किलोमीटर अन्य जिला मार्ग है। इस प्रकार कुल 70 हजार 961 किलोमीटर सड़कें शहरी अंचल में तथा लगभग 80 हजार किलोमीटर लंबाई की सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तैयार की गई हैं। इस तरह यदि हम यह कहें कि मध्यप्रदेश सड़कों के मामले में सबसे धनाढ्य है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। वर्ष 2020-21 में विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों के बावजूद प्रदेश में 2 हजार 500 किलोमीटर सड़कों तथा 13 वृहद पुलों का निर्माण कराया गया, इस पर 3 हजार 522 करोड़ रूपये का व्यय किया गया। इस अवधि में एक हजार 300 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण भी कराया गया। प्रदेश में 540 करोड़ रूपये की लागत से 600 किलोमीटर मुख्य जिला मार्गों के निर्माण/उन्नयन का कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही नाबार्ड के ऋण और केन्द्रीय सड़क निधि से भी प्रदेश में सड़कों के निर्माण/उन्नयन कार्य कराये जा रहे हैं। नाबार्ड मद से 3 हजार 640 करोड़ की लागत से 244 सेतु कार्य स्वीकृत है (44 नग आर.ओ.बी., 7 फ्लाय ओवर तथा 193 वृहद पुल), इनमें से 201 का कार्य प्रगति पर है तथा 9 वृहद पुल और 4 आर.ओ.बी. का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।


सुगम यातायात राज्य शासन की प्राथमिकता

मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में लोक निर्माण विभाग को 7 हजार 341 करोड़ रूपये का बजट देने का निर्णय लिया है, जो गत् वित्तीय वर्ष 2020-21 के 6 हजार 866 करोड़ रूपये के बजट से 475 करोड़ रूपये अधिक है। यह सड़कों के निर्माण, सुधार और विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक अप्रैल से शुरू होने वाले इस वित्त वर्ष में राज्य सरकार ने 2 हजार 441 किलोमीटर नवीन सड़कें, 65 नवीन पुल बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही आगामी तीन वर्षों में 3 हजार 105 करोड़ रूपये की लागत से 105 रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण भारत सरकार की भागीदारी के साथ कराया जाना प्रस्तावित है। जाहिर सी बात है कि इन सड़कों और नये पुल के बनने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम यातायात के साथ श्रम और समय की बचत होगी।


अति-महत्वाकांक्षी दो परियोजनाएँ

प्रदेश में प्रस्तावित दो अति-महत्वाकांक्षी परियोजनाऐं (1) अटल प्रोग्रेस-वे (2)नर्मदा एक्सप्रेस-वे, पर काम चल रहा है। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में 358 किलोमीटर लम्बा 'अटल प्रोग्रेस-वे' बनाया जा रहा है। इससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास के नये अध्याय की शुरूआत हुई है। इसका विधिवत शिलान्यास केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा किया जा चुका है। प्रोग्रेस-वे के निर्माण के लिये शासकीय भूमि का आवंटन किया जा चुका है और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने का कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार 'नर्मदा एक्सप्रेस-वे' बनाया जाना प्रस्तावित है। इस मार्ग के निर्माण से प्रदेश में पर्यटन, सांस्कृतिक और व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।


दुर्घटना प्रतिक्रिया प्रणाली एवं यातायात प्रबंधन केन्द्र

एक तरफ नयी सड़कों और नये पुलों के निर्माण के प्रयास है, तो दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये भी राज्य सरकार सजग है। राजमार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए से म.प्र. सड़क विकास निगम मुख्यालय में 'एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम एवं ट्रेफिक मैनेजमेंट सेंटर' बनाया गया है। राजमार्गों पर घटित होने वाली किसी भी दुर्घटना की सूचना कोई भी व्यक्ति 1099 नम्बर पर कॉल-सेंटर को दे सकता है। दुर्घटना की सूचना मिलने पर तत्काल एम्बुलेंस भेजी जाती है, जिससे दुर्घटनाग्रस्त लोगों को निकटस्थ अस्पताल पहुँचाया जा सके और उन्हें त्वरित मेडिकल सहायता मिल सके।


गुणवत्ता पर पैनी-नजर

प्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता नियंत्रण करने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। सड़कों के निर्माण में मुख्य भूमिका 'डामर' की है। राज्य सरकार ने उपयोग से पहले'डामर' की 12 प्रकार की जाँच और घटिया डामर उपयोग करने पर उसकी आपूर्ति करने वाली कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने जैसे कदम उठाये हैं। जन-शिकायत प्राप्त होने पर विशेषज्ञों से आकस्मिक जाँच कराने का निर्णय सामग्री गुणवत्ता जाँच के लिए 13 'चलित मोबाईल प्रयोगशाला' के माध्यम से सड़क, पुल निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखने का प्रयास जारी है। इसी क्रम में धीमा कार्य करने वाले ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त करना और दोषी अधिकारियों के विरूद्ध त्वरित कार्रवाई की जायेगी। यह सब सड़क गुणवत्ता के संबंध में सरकार की मंशा स्पष्ट करता है। साथ ही भारत सरकार के आई.ए.एच.ई. के माध्यम से ठेकेदारों और इंजीनियर्स के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।


जन-भागीदारी

भारत सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार भी सड़कों के रख-रखाव और निर्माण के 'यूजर-फ्री' योजना शुरू करने जा रही है। इनमें टेण्डर प्रक्रिया से 13 चयनित सड़क मार्ग, जिनकी लम्बाई 1098 किलोमीटर है, पर टोल-नाके स्थापित किये जायेंगे। आने-जाने वाले वाहनों से जो टोल टैक्स राशि प्राप्त होगी, उसे सड़क-संधारण पर खर्च कर राज्य सरकार आम-जन की विकास में भागीदारी सुनिश्चित करना चाह रही है। साथ ही वर्तमान में 4 राष्ट्रीय राजमार्ग और 24 राज्य राजमार्ग का संचालन बी.ओ.टी. आधार पर किया जा रहा है। इस पूरी कवायद के पीछे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन का मुख्य लक्ष्य स्वच्छ, स्वस्थ, सुदृढ़ और सुरक्षित सड़कों के माध्यम से आर्थिक रूप से समृद्ध मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करना है।


आज 11 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई, वर्तमान में कोरोना एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 113


पिछले 24 घंटे के दौरान 11 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है। सीहोर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, भोपाल नाका, नारायण दास कंपाउण्ड , गंगा आश्रम, गंज सीहोर, अंबेडकर पार्क रोड से 10 तथा श्यामपुर अंतर्गत कंरजखेड़ा निवासी 01 व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि वर्तमान में जिले में एक्टिव/पॉजिटिव की संख्या 113 है। आज 01 व्यक्ति रिकवर हुआ, अब तक कुल रिकवर की संख्या 2831  है। 48 संक्रमितों की उपचार के दौरान मृत्यु हुई है। आज 335 सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 93,  नसरूल्लागंज विकासखण्ड से28 , आष्टा विकास खण्ड  से 67, इछावर विकासखण्ड से 30, श्यामपुर विकासखण्ड से 61,  बुदनी विकास खण्ड से 56 सैम्पल लिए गए है । आज पॉजीटिव मिले नए कंटेनमेंट जोन सहित समस्त कंटेनमेंट एवं बफर जोन में स्वास्थ्य दलों द्वारा सघन स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है। वहीं पॉजीटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में सर्वे के लिए एक से दो दल लगाए गए है । सर्वे दल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को बनाया गया है तथा स्वास्थ्य सर्वे दल में ए.एन.एम. आशा कार्यकर्ता, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 2992 है जिसमें से 48 की मृत्यु हो चुकी है 2831 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए है तथा वर्तमान में एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 113 है। आज 335 सैंपल जांच हेतु लिए गए। कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 81642 हैं जिनमें से 77039 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आज 78 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 1540 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 71 है। आज पॉजिटिव मिले नये कन्टेनमेंट झोन सहित समस्त कन्टेनमेंट एवं बफर जोन मे स्वास्थ्य दलों द्वारा स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है वहीं पॉजिटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्ये कन्टेनमेंट जोन मे सर्वे के लिए जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में है उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 काल सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर-07562 226470 है एवं 1075 नंबर पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती हैं। जिला स्तर पर मोबाइल नंबर 9425400273, 9425400453, 9479595519 पर कॉल सेंटर पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर काल करके भी टेलीमेडिसीन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104 नंबर पर ई-परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। होन कारोन्टाइन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हल्पलाईन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। होम कारान्टाइन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साईकॉलोजीकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते है।


01 अप्रेल से 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग वालों को लगेगा टीका, टीकाकरण के लिए कमोबिटी प्रमाण-पत्र तथा चिन्हित बीमारियों की बाध्यता समाप्त


45 वर्ष से अधिक आयु वाला कोई भी व्यक्ति टीका लगवा सकेगा।  टीकाकरण 01 अप्रेल  से किया जाएगा । 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों का पंजीयन तथा कोविड-19 टीकाकरण निर्धारित केन्द्रों पर किया जायेगा । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर कुमार डेहरिया ने जानकारी दी कि इसके लिए कमोबिडीटी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। अब तक 45 से 59 वर्ष आयु वर्ग वाले ऐसे व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा था जिन्हें भारत सरकार के निर्देशानुसार टीकाकरण के लिए चिन्हित 20 प्रकार की बीमारिया है तथा जिनके पास एमसीआई से पंजीकृत चिकित्सक का प्रमाण पत्र है।  01 अप्रेल से 45 से उपरी आयु वर्ग वालों के लिए अब यह चिकित्सक के प्रमाण पत्र अथवा चिन्हित बीमारियों बाध्यता समाप्त कर दी गई है।


टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान पर छात्रों की कार्यशाला, जनांदोलन के अंतर्गत आयोजित की गई कार्यशाला


टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान के अंतर्गत शासकीय ग्वालटोली हाईस्कूल में छात्र-छात्राओं की उन्मूखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया । इस कार्यशाला में बताया गया कि भूख ना लगना, वनज घटना, दो सप्ताह से अधिक की खांसी, छाती में दर्द, चलने पर सांस फूलना, कफ में खून आना आदि टीबी होने के प्राथमिक लक्षण है। कार्यशाल में क्विज का अयोजन किया गया जिसमें सही जवाब देने वाले छात्रों को उपहार प्रदान कर पुरूष्कृत किया गया। कार्यशाला में प्राचार्य श्रीमती सुनीता जैन, जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ.जेडी कोरी सहित अन्य चिकित्सकों द्वारा क्षय उन्मूलन के संबंध में जानकारी दी ।

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