सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 15 मार्च - Live Aaryaavart

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सोमवार, 15 मार्च 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 15 मार्च

बारह हजार घुड़सवारों के साथ वतन पर कुर्बान हो गए थे राजा हसन खॉ मेवाती

  • ऑल इंडिया मेव महासभा के द्वारा राजा हसन खां मेवाती का शहादत दिवस कौमी एकता के रूप में मनाया गया, हर वर्ष मनाया जाएगा कौमी एकता दिवस,शमीम अहमद

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सीहोर। ऑल इंडिया मेव महासभा के द्वारा सोमवार को राजा हसन खां मेवाती का शहादत दिवस कौमी एकता के रूप में रविंद्र सास्ंकृतिक भवन टाउन हॉल में मनाया गया। कार्यक्रम में चारों धर्मो के धर्मगुरुओं की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मेव महासभा के राष्ट्रीय महासचिव अरशीद मेव एवं मेवात हरियाणा उमर मोहम्मद पाडला चेयरमैन, हरियाणा मेवात के साहित्यकार सिद्दीक अहमद मेव सलाम उद्दीन एडवोकेट सम्मिलित हुए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ बलबीर सिंह तोमर के द्वारा आयोजन की अध्यक्षता की गई। अतिथियों के द्वारा राजा हसन खां मेवाती के इंतिहास पर प्रकाश डाला गया। कौमी एकता कार्यक्रम को ओम वर्मा धर्मेंद्र सिंह ठाकुर शमीम अहमद राजीव गुजराती सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी शमीम अहमद के द्वारा प्रति वर्ष राजा हसन खां मेवाती का शहादत दिवस कौमी एकता के रूप में मनाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम का संचालन महफूज बंटी के द्वारा किया गया आभार संयुक्त रूप से मोहम्मद अशफाक और दिनेश भैरवे के द्वारा किया गया। कार्यक्र में मुख्य रूप से विष्णु प्रसाद राठौर, राजेंद्र शर्मा,भूरा यादव, पवन राठौर, कलीम पठान, मिर्जा बशीर बैग, डॉक्टर अनीस, खालिद पठान, पूर्व पार्षद हफीज चौधरी, इरफान बिल्डर, मोहम्मद अशफाक, साजिद शाह, सुरेश ठाकुर, देवेंद्र ठाकुर, नईम नवाब, परवेज उमर, दिनेश बेरव,े नरेन्द खगराले, विक्की वर्मा, एडवोकेट शरद जोशी, मुन्नू अहमद,ओसाफ पठान, हैदर अमीर, राशीद मियाँ, मोहम्मद इलियास, सदरु, रफू, विक्रम सिंह, सरपंच डा़ गनी सदरूद्दीन,धर्मेद्र ठाकुर, रईस, आसिफ अली, मुस्तफा अंजुम, अयाज़ उद्दीन, तौसीफ पटेल, मनीष मेवाड़ा, नवाब खा सहित आष्टा सीहोर ईछावर सहित ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों मेवाती नागरिक उपस्थित रहे।


दुग्ध संग्रहण में वृद्धि से पशुपालकों को मिलेगा लाभ- श्री कियावत  


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दुग्ध संघ परिवार की तरह हैं, यदि परिवार के सदस्य संगठित रहेंगे तो परिवार मजबूत और समृद्ध रहेगा। यह बात भोपाल संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने आष्टा तथा पचामा में दुग्ध समितियों के पदाधिकारियों की बैठक में कही। उन्होने कहा कि जो सदस्य समिति छोड़कर अन्यत्र चले गये हैं उन्हें हमें वापस जोड़ना होगा। उन्होने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पशुपालकों के परिश्रम से दुग्ध संघ आज भी चल रहा है। संभागायुक्त श्री कियावत उन्होने कहा कि सहकारिता का अर्थ ही है सबके सहयोग से सबका विकास। उन्होने कहा कि वर्तमान में भोपाल दुग्ध संघ की क्षमता 5.50 लाख लीटर है और वर्तमान में 3.65 लाख लीटर दूध का ही संग्रहण हो रहा है। यदि प्लांट की क्षमता के अनुरूप 5 लाख लीटर से अधिक दुग्ध का संग्रहण हो तो प्लांट के व्यय में कोई बढोतरी नहीं होगी। इससे दूध तथा दूध उत्पादों का विक्रय बढ़ने से जो अतिरिक्त आय होगी उससे पशुपालकों से लिये जाने वाले दूध की दर में वृद्धि की जा सकेंगी । उन्होने दुग्ध संग्रहण में 50 प्रतिशत वृद्धि करने के लिए समिति से सदस्यों को जोड़ने और एनआरएलएम की स्वहायता समूह की महिलाओं को इन गतिविधियों से आवश्यकता है। इससे एक ओर जहां दूध संग्रहण में वृद्धि होगी वहीं महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल होगी। श्री कियावत ने कहा कि पशु आहार संयंत्र द्वारा बनाया जाने वाला पशु आहार की गुणवत्ता देश के सबसे अच्छी संस्थाओं द्वारा प्रमाणित है । उन्होने कहा कि इसकी क्षमता  से 20 प्रतिशत कम पशु आहार का उत्पादन हो रहा है। यदि इसकी उत्पादन क्षमता 100 प्रतिशत से अधिक कर दें तो इसकी लागत भी कम होगी और पशु आहार का दाम भी कम किया जा सकेगा । इसके लिए सभी पशुपालकों को पशु आहार दुग्ध संघ द्वारा निर्मित पशु आहार ही लेना होगा। चर्चा के दौरान सीहोर के ओम वर्मा, नरेश पाटीदार, विक्रम सिंह, महेन्द्र सिंह वर्मा, हरीश सोलंकी तथा आष्ट से   हेमराज सिंह, गजराज सिंह जायसवाल, मांगीलाल, भेरूलाल पाटिल ने संभागायुक्त श्री कियावत को दुग्ध संग्रहण एवं भुगतान से संबंधित कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया। कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने किसानों के केसीसी कार्ड के बैंको में लंबित आवेदन पर कार्यवाही कर केसीसी कार्ड बनवाने के उन्होन पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होने बेंको से समन्वय कर जिन प्रकरणों मे त्रुटियां या कोई दस्तावेज अपेक्षित है उसे पूरा करने के निर्देश दिये। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हर्ष सिंह ने सभी जनपद सीईओ को पशु स्वस्थ्य चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए पशु चिकित्सा विभाग को सभी आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिये।


पशु चिकित्सा शिवर लगाने के निर्देश

संभागायुक्त श्री कविन्द्र कियावत ने पशुपालन विभाग को नि:शुल्क पशु स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिये। इस स्वास्थ्य शिविर की सूचना पंचायत सचिव तथा कोटवार के माध्यम से सभी गांवों मे देने के निर्देश दिये । उन्होने कहा कि शिविर मे समिति के सक्रिय सदस्यों के पशुओ का नि:शुल्क उपचार किया जाये।


दुग्ध समितियां एवं दुग्ध संग्रहण की स्थिति

जिले के सभी पांच विकास खण्डों में कुल 501 समितियां गठित हैं जिसमें 429 क्रियाशील हैं। इन क्रियाशील समिति के सदस्यों की संख्या 20471 है। सीहोर जिले में प्रतिदिन औसतन एक लाख 524 लीटल दुग्ध का संग्रहण हो रहा है। जिले में औसतर 1100 मेट्रिक टन पशु आहार की बिक्री उचित मूल्य सहकारी समितियों के माध्यम से की जाती है। सीहोर जिले में निजी डेरी संस्थाओं द्वारा 1 लाख 436 लीटर दुग्ध का संग्रहण किया जा रहा है। 


आबकारी अमले ने 53 बल्क लीटर कच्ची शराब और 1005 किलो ग्राम महुआ लाहन जाप्त किया


जिले में अवैध मदिरा के कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर श्री अजय गुप्ता के निर्देशानुसार आबकारी विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आबकारी अमले द्वारा जिले भर में सघन जांच और कार्यवाही की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी कीर्ति दुबे  ने बताया कि आबकारी सीहोर, दौराहा, आष्टा, बुदनी, नसरूल्लागंज वृत्त  के अंतर्गत अनेक ग्रामों मे अवैध मदिरा की धरपकड़ हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत  7.42 बल्क लीटर देशी मदिरा, 53 लीटर हाथ भट्टी कच्ची मदिरा और 1005 किलो महुआ लाहन जप्त किया गया।  संबंधित लोगों के विरुद्ध प्रकरण कायम कर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक श्री प्रहलाद सिंह मीना एवं सुश्री शारदा करोलिया की टीम शामिल थी।


अतिरिक्त आय के लिये किसान पशुधन बीमा योजना लागू


किसान पशुपालन अपना कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। पशुधन बीमा योजना लागू होने से पशुपालन व्यवसाय में पशुधन हानि की भरपाई संभव हो गई है। यह योजना सभी जिलों में लागू है। पशुधन बीमा योजना में दुधारू पशु के साथ सभी श्रेणी के पशुधन का भी बीमा कराया जा सकता है। एक हितग्राही अधिकतम 5 पशुओं का बीमा करा सकता है। भेड़, बकरी, शूकर आदि में 10 पशुओं की संख्या को एक पशु इकाई माना जाएगा। इससे यह आशय है कि भेड़, बकरी एवं शूकर पालक एक बार में 50 पशुओं का बीमा करा सकेंगे। बीमा प्रीमियम पर एपीएल श्रेणी को 50 प्रतिशत तथा बीपीएल, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति श्रेणी के पशु पालकों को 70 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। शेष राशि हितग्राही द्वारा  दी जायेगी। बीमा प्रीमियम की अधिकतम दर एक वर्ष के लिये 3 प्रतिशत तथा तीन वर्ष के लिए 7.50 प्रतिशत देय होगी। प्रदेश में वर्तमान में 2.45 प्रतिशत तथा 5.95 प्रतिशत दर लागू है। पशुपालक अपने पशुओं का बीमा एक वर्ष से लेकर तीन वर्ष तक के लिये करा सकेंगे। बीमित पशुओं के पालकों को पशु की मृत्यु की सूचना 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना होगी। पशुपालन विभाग के चिकित्सक शव का परीक्षण करेंगे और रिपोर्ट में मृत्यु के कारणों का उल्लेख करेंगे। बीमा कंपनी को अधिकारी एक माह के अंदर दावे संबंधी प्रपत्र प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद कंपनी 15 दिन में दावे का निराकरण करेगी।


तेदूंपत्ता संग्राहकों के बच्चों का संवारा जा रहा भविष्य- वनमंत्री कुँवर विजय शाह


प्रदेश के वन क्षेत्रों में निवास करने वाले तेन्दूपत्ता संग्राहकों, फड़मुंशी और प्रबंधकों के बच्चों की शिक्षा के बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। लघु वनोपज संघ द्वारा एकलव्य शिक्षा विकास योजना के जरिए संग्राहकों के बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों में सहायता प्रदान कर उनका भविष्य संवारा जा रहा है। वनमंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि वन विभाग में एकलव्य शिक्षा विकास योजना संचालित इस योजना में तेन्दूपत्ता संग्राहक, फड़ और प्राथमिक मुंशी प्राकृतिक वनोपज समिति प्रबंधकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं।


935 छात्र-छात्राओं को 9 करोड़ 88 लाख रूपये की सहायता

वनमंत्री कुंवर शाह ने बताया कि एकलव्य शिक्षा विकास योजना में वित्त वर्ष 2020-21 में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए अब तक 935 छात्र-छात्राओं को 9 करोड़ 88 लाख 43 हजार रूपए की सहायता दी गई है। इनमें स्कूल शिक्षा के 739, स्नातक स्तर के 139 और 57 तकनीकी शिक्षा स्नातक के छात्र-छात्राएँ शामिल हैं।


पात्रता के मापदंड

तेन्दूपत्ता संग्राहक, फडमुंशी और प्राथमिक वनोपज समिति प्रबंधक के बच्चों की पिछली परीक्षा में 60 फीसदी अंक प्राप्त करने पर इस योजना से लाभ लेने की पात्रता है। इसके अलावा संग्राहक के लिए यह जरूरी है कि पिछले 5 वर्ष में कम से कम तीन वर्ष की अवधि में न्यूनतम एक मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया हो। फड़मुंशी और समिति प्रबंधक द्वारा न्यूनतम 3 वर्षों में तेन्दूपत्ता सीजन में कार्य करना जरूरी है।


इसमें दी जाती है सहायता

इस महत्वाकांक्षी योजना में छात्र-छात्राओं को शिक्षण शुल्क, पाठ्य पुस्तकें, छात्रावास व्यय और वर्ष में एक बार घर आने-जाने के लिए यात्रा व्यय की पूर्ति की जाती है।


वार्षिक सहायता

कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थी को 12 हजार रूपये अधिकतम वार्षिक सहायता, कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी को 15 हजार, गैर तकनीकी स्नातक विद्यार्थी को 20 हजार और व्यावसायिक कोर्स के विद्यार्थी को अधिकतम 50 हजार रूपये की वार्षिक सहायता दी जाती है।


नहीं होगी वैक्सीन डोज की कमी : मुख्यमंत्री श्री चौहान

  • आम जनता बरते पूरी सावधानी 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि फेस मास्क के उपयोग के प्रति बिल्कुल लापरवाही न बरतें। मध्यप्रदेश सरकार जन- जागरण और आवश्यक हुआ तो सख्ती से मास्क के उपयोग को लागू करते हुए जुर्माना लगाने पर भी विचार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय गोयल, डायरेक्टर एनएचएम श्रीमती छवि भारद्वाज और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों से निवास पर चर्चा कर रहे थे।


पैनिक होने की नहीं,सावधानी की आवश्यकता है

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में पॉजिटिव प्रकरण बढ़े हैं, जो चिंता का विषय है। महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों में भी संक्रमण बढ़ा है। महाराष्ट्र से आने जाने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जन- सहयोग से कोरोना को पूरी तरह नियंत्रित करना है। इसके लिए पैनिक होने की नहीं, सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति सैनिटाइजर और साबुन से हाथ धोने के प्रति भी सजग रहे। उन्होंने आमजन से आग्रह किया है कि ज्यादा निश्चिंत न हों और सावधानी कम न करें वरना रोग की चपेट में आ सकते हैं। सावधानी में ही पूरी सुरक्षा है। फेस मास्क ही संक्रमण से बचने की गारंटी है, इसलिए इसके उपयोग में ढील न बरतें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है, जो सभी को लगेगी। केंद्र सरकार से वैक्सीन की आवश्यक आपूर्ति हो रही है।


ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना शिक्षा का मूल उद्देश्य : मुख्यमंत्री श्री चौहान

  • प्रदेश के बजट का 10 प्रतिशत शिक्षा पर किया जा रहा व्यय
  • आत्म-निर्भर भारत बनाने के लिए तकनीक को ग्राम स्तर तक ले जाना जरूरी : केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी
  • सार्थक एजुविज़न 2021 के तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस एवं नेशनल एक्सपो का शुभारंभ 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना शिक्षा का मूल उद्देश्य है। भारतीय परम्परा में विश्व के कल्याण और सर्वे भवन्तु सुखिन: का भाव चिरकाल से विद्यमान है। मन के सुख को भारतीय मनीषियों ने सदा से ही सर्वोपरि रखा है। निश्चित रूप से यह ज्ञान से ही संभव है। शिक्षा संचित ज्ञान तो दे रही है पर भावी पीढ़ी नया कुछ सोचे, इसके लिए शिक्षा पद्धति में पर्याप्त व्यवस्था करना आवश्यक है। हर व्यक्ति की नई सोच को मौका देना जरूरी है। शिक्षा का कौशल पक्ष व्यक्ति को आजीविका की व्यवस्था में सक्षम बनाता है। व्यक्ति की क्षमताओं का प्रकटीकरण शिक्षा से ही संभव है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित सार्थक एजुविज़न 2021 के तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस एवं नेशनल एक्सपो के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। शिक्षा नीति में भारतीयता की स्थापना के लिए कुलपति, शिक्षाविद् और अकादमिक जगत के समागम के प्रशासन अकादमी में आयोजित उद्घाटन-सत्र को केन्द्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम मंत्री श्री नितिन गडकरी ने भी संबोधित किया। वेद पठन के साथ आरंभ हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित 'सार्थक एजुविज़न न्यूज' का लोकार्पण और गुरूकुल प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया।


सर्वसुविधा सम्पन्न 9 हजार विद्यालय आरंभ होंगे प्रदेश में

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शालेय और उच्च शिक्षा तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जारी हैं। प्रदेश के बजट का 10 प्रतिशत शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है। शालेय स्तर पर प्रत्येक 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में गुणवत्ता शिक्षा के लिए ऐसे स्कूल विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल मैदान, पर्याप्त शिक्षक व्यवस्था उपलब्ध होगी। इस पर 1500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष कुल 3 हजार स्कूल आरंभ किए जाएंगे। प्रदेश में इस प्रकार के कुल 9 हजार विद्यालय विकसित करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा ही नागरिकता के संस्कार विकसित करती है, जिससे व्यक्ति में देश और समाज के लिए जीने के भाव विकसित होते हैं। कोरोना के कठिन काल में जिस स्वरूप में लोगों ने कठिनाई में फंसी जनता की सेवा की, वह इन भावों का ही प्रकटीकरण था। राज्य सरकार ने भी कोरोना काल में किसानों और गरीबों के खातों में 1 लाख 18 हजार करोड़ रूपए जारी किए।


आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए दें सुझाव

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक नेता हैं। उनके द्वारा कोरोना काल में दिए गए आत्म-निर्भर भारत के मंत्र को साकार करने के लिए ही आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किया गया है। इसके चार आधार स्तंभ क्रमश: अधोसंरचना, शिक्षा व स्वास्थ्य, रोजगार और अर्थ-व्यवस्था तथा सुशासन हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल का यह महाकुंभ शिक्षा को रोजगार और अर्थ-व्यवस्था से जोड़ने के लिए व्यवहारिक सुझाव प्रदान करेगा जो आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सार्थक एजुविज़न 2021 के निष्कर्षों को प्रदेश में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन का आश्वासन भी दिया।


सामाजिक आर्थिक समानता, प्रजातंत्र और नैतिक मूल्य हमारी प्रतिबद्धता

केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि व्यक्ति को स्व-रोजगार और रोजगार देने वाला बनाना शिक्षा द्वारा ही संभव है। आगामी 50 वर्ष की आवश्यकताओं और परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा नीति के उद्देश्यों का निर्धारण किया जाना चाहिए। विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय, संवाद और सहयोग सार्थक प्रगति के लिए आवश्यक है। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि भौतिक प्रगति और आर्थिक प्रगति तो आवश्यक है पर भारतीयता और अनेकता में एकता हमारी मूल विशेषता है। सामाजिक आर्थिक समानता, प्रजातंत्र और नैतिक मूल्य हमारी प्रतिबद्धता है। मूल्याधिष्ट जीवन पद्धति, परिवार पद्धति और शिक्षा पद्धति हमारी शक्ति है। पूरी दुनिया इसे स्वीकार करती है। हमें चुनौतियों को स्वीकार करते हुए राष्ट्र के पुनर्निर्माण का संकल्प लेना है। भय, भूख, आतंक, भ्रष्टाचार से मुक्त विश्व की पहले नंबर की अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। बेरोजगारी से मुक्ति, गाँव, गरीब, किसान, मजदूर का कल्याण, गाँव और शहरों के बीच के अंतर को कम करते हुए आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए सार्थक एजुविज़न 2021 से प्राप्त सुझाव उपयोगी सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गोपाल भार्गव, खेल एवं युवक कल्याण, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा, पर्यटन, संस्कृति और अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, लोक निर्माण राज्यमंत्री श्री सुरेश धाकड़, यूजीसी के चेयरमेन प्रोफेसर श्री डी.पी. सिंह, राष्ट्रीय शिक्षा मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सच्चिदानंद जोशी और राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील कुमार उपस्थित थे।


मत्स्य संपदा योजना में हितग्राही को मिलता है 40 से 60 प्रतिशत अनुदान


मत्स्य पालन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मछली उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता तकनीकी आधारभूत संरचना एवं प्रबंधन के अंतर को कम करना मूल्य श्रृंखला का आधुनिकीकरण एवं सुदृढीकरण करना है। मत्स्य पालन प्रबंधन ढांचा की स्थापना तथा मछुआरों एवं मत्स्य कृषकों की आय को बढ़ाना है। इस योजना में विभिन्न योजनाएं जिसमें मत्स्य बीज उत्पादन के लिए बीज उत्पादन हैचरी की स्थापना, नवीन मत्स्यबीज संवर्धन के लिए पोखर, तालाब का निर्माण, नवीन तालाब, का निर्माण, मिश्रित मत्स्य पालन, पंगेसियस मछली पालन, तिलापिया मछली पालन के लिए इनपुट्स की व्यवस्था शामिल है। इसी तरह जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन रंगीन मछलियों की ब्रीडिंग एवं रिपरिंग के लिए ईकाई की स्थापना, पुनरू संचारी जल कृषि प्रणाली की स्थापना, बायोफ्लॉक की स्थापना, आईस बॉक्स युक्त मोटर साईकिलध् मछली बिक्री के लिए ई-रिक्शा रेफ्रीजरेटर, ट्रक, जलाशय में केजपेन स्थापनाध्फिश फीड मिल प्लांट, मछली क्योस्क का निर्माण, थोक मछली बाजार का निर्माण, आईस प्लांट स्थापना इत्यादि शामिल है। योजना में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं महिला वर्ग के हितग्राहियों को इकाई लागत का 60 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान की सुविधा दी गई है। 


"ब्रीद सेफ" अभियान के तहत 4500  मास्‍क का वितरण


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कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम पंक्ति के कारोना योद्धाओं  को "ब्रीद सेफ" अभियान के तहत एन-95 मास्क का जिला प्रशासन तथा जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारियों को वितरण किया गया । यह मास्क आटीसी मिशन तथा संस्था समर्थन द्वारा वितरित किये गये । डिप्टी कलेकटर श्रीमती प्रगति वर्मा ने यह मास्क प्राप्त किये !


आज 13 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई, वर्तमान में कोरोना एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 57


पिछले 24 घंटे के दौरान 13 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है। सीहोर के शुगर फेक्ट्री से 01, श्यामपुर के बमूलिया, श्यामपुर, दोराहा, बिल्ल्किसगंज एवं रतनखेड़ी से 01-01, बुधनी वार्ड नं-8 से 01, आष्टा के कोठरी से 02 तथा नसरूल्लागंज के शास्त्री नगर से 01  व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि वर्तमान में जिले में एक्टिव/पॉजिटिव की संख्या 57 है। अब तक कुल रिकवर की संख्या 2796  है। 48 संक्रमितों की उपचार के दौरान मृत्यु हुई है। आज 148 सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 21,  नसरूल्लागंज 21, आष्टा से 45, इछावर से 14, श्यामपुर से 30,  बुदनी से 17 सैम्पल लिए गए है । आज पॉजीटिव मिले नए कंटेनमेंट जोन सहित समस्त कंटेनमेंट एवं बफर जोन में स्वास्थ्य दलों द्वारा सघन स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है। वहीं पॉजीटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में सर्वे के लिए एक से दो दल लगाए गए है । सर्वे दल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को बनाया गया है तथा स्वास्थ्य सर्वे दल में ए.एन.एम. आशा कार्यकर्ता, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 2900 है जिसमें से 48 की मृत्यु हो चुकी है 2796 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए है तथा वर्तमान में एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 57 है। आज 148 सैंपल जांच हेतु लिए गए। कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 78412 हैं जिनमें से 74443 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आज 64 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 1010 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 71 है। आज पॉजिटिव मिले नये कन्टेनमेंट झोन सहित समस्त कन्टेनमेंट एवं बफर जोन मे स्वास्थ्य दलों द्वारा स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है वहीं पॉजिटिव मिले व्यक्तियों के करीबी संपर्क वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रत्ये कन्टेनमेंट जोन मे सर्वे के लिए जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में है उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 काल सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर-07562 226470 है एवं 1075 नंबर पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती हैं। जिला स्तर पर मोबाइल नंबर 9425400273, 9425400453, 9479595519 पर कॉल सेंटर पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर काल करके भी टेलीमेडिसीन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104 नंबर पर ई-परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। होन कारोन्टाइन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हल्पलाईन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। होम कारान्टाइन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साईकॉलोजीकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते है।


कोरोना संक्रमण की रोकथाम के निर्देशों का कड़ाई से करें पालन कोविड-19 के रोकथाम एवं बचाव के लिये नवीन दिशा-निर्देश जारी


राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिये नवीन दिशा-निर्देश जारी कर उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। अपर मुख्य सचिव, गृह, डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि नवीन निर्देशों के पालन के लिये प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स को अवगत करवाया गया है। डॉ. राजौरा ने बताया है कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, बालाघाट, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, खण्डवा, खरगौन, बड़वानी, बुरहानपुर, रतलाम एवं उज्जैन में पुलिस तथा नगर निगम के वाहनों से सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, रोको-टोको संबंधी जन-जागरण की सूचनाएँ सतत् रूप से प्रसारित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल और इंदौर जिलों तथा महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती जिलों बालाघाट, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, खण्डवा, खरगौन, बड़वानी और बुरहानपुर में बंद हॉल में जो भी कार्यक्रम आयोजित हो, उसमें समस्त प्रकार के कार्यक्रमों में क्षमता के 50 प्रतिशत और अधिकतम 200 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे।


महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य

डॉ. राजौरा ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती समस्त जिलों में आवागमन करने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती जिले छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, खण्डवा, खरगौन, बड़वानी, बुरहानपुर और बैतूल में महाराष्ट्र से आने-जाने वाले मालवाहक ट्रकों तथा वाहनों के आवागमन को निर्बाध रखा जायेगा। महाराष्ट्र से आने वाले समस्त यात्रियों को 7 दिन के लिये आवश्यक रूप से क्वारेंटाइन करने की सलाह देने के भी निर्देश दिये गये हैं। इसके लिये नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है।


व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कड़ाई से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना होगा

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये प्रदेश के समस्त जिलों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं दुकानों के संचालनकर्ताओं से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं। पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर जिला प्रशासन वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। दुकान संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन रस्सी के माध्यम से या चूने के गोले बनाकर कराना होगा।


जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठकों में होगी समीक्षा

डॉ. राजौरा ने बताया है कि जिलों को क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठकें आयोजित कर कोविड-19 की स्थिति एवं रोकथाम के उपायों की आवश्यक समीक्षा करने के निर्देश दिये गये हैं। जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, रोको-टोको अभियान, कार्यक्रमों के आयोजन, उसमें अधिकतम व्यक्तियों की संख्या और क्वारेंटाइन पीरियड के संबंध में उपयुक्त निर्णय ले सकेंगे।


ग्रामोदय कार्यक्रम केअंतर्गत व्हीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  माध्यम से होगा गृह- प्रवेश


प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत प्रदेश में 1.25 लाख आवासों का गृह प्रवेश ग्रामोदय कार्यक्रम के माध्यम से 18 मार्च को प्रात- 11 बजे मिन्टो हॉल से वर्चुअल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय गृह मंत्री, केन्द्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री भारत सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह की उपस्थिति में आयोजित किया जायेगा। जिसके लिए सभी जनपदों द्वारा निर्मित आवासों के गृह प्रवेश के लिए की तैयारी तय समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। समस्त जनपद पोर्टल पर पूर्ण सभी आवासों को ग्राम पंचायत वार, हितग्राहीवार, सूची बनाकर ग्रामोदय कार्यक्रम के अंतर्गत गृह प्रवेश के लिए सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। पंजीकृत समस्त हितग्राहियों का कार्यक्रम के लिए पंजियन कराने, समस्त हितग्राहियों को कार्यक्रम में भागीदार सुनिश्चित करने के लिए एसएमएस एवं अन्य माध्यम से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा सभी पंचायतों को लाईव कनेक्र करने के निर्देश दिये गये हैं। गृह प्रवेश कार्यक्रम में सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमत्रित करने के लिए कहा गया है।


जन और प्रशासन के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है कोटवार

  • कोटवारों को सशक्त बनाने सभी तहसीलों में दिया जा रहा है प्रशिक्षण

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कोटवार ग्रामीणजन और प्रशासन के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इस कड़ी को मजबूत बनाने के लिए कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने निर्देश दिए हैं। जिले के सभी अनुभागों - तहसीलों में  कोटवारों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाकर न केवल उनकी समस्याओं का निदान किया जा रहा है, बल्कि कोटवारों में आत्मविश्वास जगाकर सक्षम और सशक्त बनाया जा रहा है।




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