मधुबनी : वुमन इन लीडरशीप एचिविंग ए फ्यूचर इन ए कोविड-19 वल्र्ड पर कार्यशाला - Live Aaryaavart

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सोमवार, 8 मार्च 2021

मधुबनी : वुमन इन लीडरशीप एचिविंग ए फ्यूचर इन ए कोविड-19 वल्र्ड पर कार्यशाला

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मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) 8 मार्च, आज दिनांक 08 मार्च को जिला पदाधिकारी श्री अमित कुमार के अध्यक्षता में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस: वुमन  इन लीडरशीप एचिविंग ए फ्यूचर इन ए कोविड-19 वल्र्ड विषय पर कार्यशाला का आयोजन नगर भवन, मधुबनी में किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, मधुबनी, विशेष कार्य पदाधिकारी, मधुबनी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, मधुबनी, निदेशक, जिला समाजिक सुरक्षा कोषांग, मधुबनी, जिला पोषण समन्वयक स्मित, मधुबनी, पी.एम.एम.वी.वाई. समन्यक, अंजनी कुमार झा, एयूनिसेफ एस.एम.सी., प्रमोद कुमार झा, सईदा बानो एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी, मधुबनी श्री अमित कुमार एवं पुलिस अधीक्षक मुधबनी डॉ. सत्यप्रकाश ने दीप प्रज्जवलित कर की । और कहा प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। महिला विकास निगम, समाज कल्याण विभाग और बिहार सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के साथ बेहतर सामाजिक वातावरण निर्माण की दिशा में प्रयासरत है।  इस मौके पर आईसीडीएस की आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा रैली निकाली गई। रैली को एडीएम अवधेश राम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी अमित कुमार ने जिले की समस्त महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया समाज के नव निर्माण एवं सर्वांगीण विकास में आधी आबादी की भागीदारी एवं भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कोरोना संक्रमण के दौर में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बेहतर कार्य किया। सेविकाओं ने कोरोना काल में न सिर्फ घर की जिम्मेदारी संभाली बल्कि खुद और परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाते हुए सफलतापूर्वक समाज के सभी वर्गों के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने का फर्ज अदा की। उन्होंने बताया कोविड-19 महामारी काल को सेविकाओं ने चुनौती की तरह लिया।

जिला पदाधिकारी ने ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ अभियान के अवसर पर उपस्थित आंगनबाड़ी सेविकाओं छात्राओं एवं अधिकारियों. कर्मचारियों को शपथ दिलाई। सभी ने परिवार तथा दोस्तों में बेटियों का जन्म उत्सव मनानेए बेटियों और बेटों को एक समानता रखने बेटियों को लेकर गर्व करने स्कूल में लड़कियों के दाखिले और अधिकारिता को सुरक्षित करने लड़कियों के स्वतंत्र होने तथा किसी भी घटना की सूचना देने महिलाओं और बालिकाओं के लिए अपने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित तथा हिंसा मुक्त करने सादगी पूर्ण विवाह को बढ़ावा देने विरासत और संपत्ति में महिलाओं के समान अधिकार का समूह समर्थन करना आदि की का शपथ ली। आई.सी.डी.एस. डी.पी.ओ. डॉ. रश्मि वर्मा ने कहा कि ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढाआ’’ एक अभियान है जो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की एक मिलीजुली सरकारी योजना है। जिसका उद्देश्य भारत में लड़कियों के लिए जागरूकता पैदा करना और कल्याणकारी सेवाओं में सुधार करना है। उन्हें शिक्षा का अधिकार और अन्य कल्याणकारी योजना के जरिये समानता प्रदान करना है। उन्होंने बताया  गिरता लिंगानुपात लड़कियों का कम या बिल्कुल भी पढ़ा लिखा ना होना जीवन में असामनता का अधिकार एक जटिल समस्या बनी हुई है। भारत सरकार ने इसी ओर और ध्यान देते हुए ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’’ अभियान की शुरुआत की है।

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