सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 22 अप्रैल - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 22 अप्रैल

अखिल भारतीय किसान सभा और संयुक्त किसान मोर्चा ने तेरह सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम को भेजा ईमेल ज्ञापन, सत्ता बनाने के चक्कर में कोरोना को रोकने में सरकार हुई फेल-  बैरागी

 

सीहोर। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महासचिव प्रहलाददास बैरागी ने गुरूवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को ईमेल किया है। बेरागी ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण फेलाने का दौषी सरकार को ठहराया है। उन्होने सरकार से अब प्रदेश में कोरोना संक्रमित नागरिकों के लिए समुचित ईलाज की व्यवस्था करने की मांग की है। अखिल भारतीय किसान सभा संयुक्त किसान मोर्चा ने विभिन्न 13 सूत्रीय मांगों को लेकर 37 किसान संगठन के साथ गुरूवार को जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन ईमेल किया है। अखिल भारतीय किसान सभा संयुक्त किसान मोर्चा प्रदेश महासचिव प्रहलाद दास बैरागी ने कहा की कोरोना महामारी की रोकथाम की सरकारी व्यवस्था चरमार गई है। अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड आक्सीजन पीपीई किट ,टेस्टिंग किट , टीकाकरण तथा जरूरी इंजेक्शन _दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलव्ध नहीं है सरकारी व निजी अस्पतालों को सरकार आपने नियंत्रण में लेकर कोरोना नियंत्रण का कार्य कर सकती है। प्रदेश मे कोरोना संक्रमण के कारण कृषि मण्डीयां बंद है,अपनी आवशयक जरूरत के अलावा बिज़ली बिल, बैंक का ॠण कृषि लागत की बकाया राशि आदि के भुगतान के लिए किसान की मजबूरी के चलते व्यापारियों को अपनी उपज कम दाम पर बैचने को मजबूर होना पड़ रहा है सरकारी सही व्यवस्था कराने के लिए निर्देश जारी करें। छत्तीसगढ़ उडीसा झारखंड की तरह मध्यप्रदेश में भी 49 लघु वनोपजो की एम एस पी पर खऱीदी जाऐ ताकि कोरोना लाकडाउन के कारण संकट की घड़ी में वनांचल के वनवासी-ग्रमीण को काफी राहत मिल सकें। सब्जी फल बागबानी तथा दूध  का समर्थन मूल्य निर्धारित कर खऱीदी की जाए जिससे उत्पादक ओर उपभोक्ता लुटने से बचे रहे। गेहूँ ई उपार्जन केन्द्रो पर किसानों को बैठने  भोजन करने के लिए छायादार स्थान तथा शुद्द पेयजल की वयवस्था की जाए।  सरकार ने 2018 का सोयाबीन का भावंतर तथा  गेहूँ पर वोनस देने का वादा किया था लेकिन वह भी अभी तक किसानों को नहीं मिला है 2018 की खरीब फसल खऱाब हुईं थीं  जिसकी 25त्न राशि किसानों को दिगाई थी शेष 75त्नराशि किसानों को नहीं दी गई वह भुगतान तत्काल किया जाऐ। 2020 में  अतिवृषटी ओर किटरोग से सोयाबीन की बर्बाद फसल के मुआवज़े की बाकी किस्त किसानों के खातों में जमा कारवाई जाए एव प्रधानमंत्री फसल बीमा किसानों को तत्काल दिया जाए।  गेहूँ खऱीद के मापदंडों में  परिवतज़्न कर दिया गया है चमक विहीन गेहूँ खऱीदी केन्द्रो से लोटा दिया जाता है।   किसानों का गेहूँ इन मापदंडों पर खरा नहीं उतरता है तो प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसल मानकर प्रधानमंत्री फसल बीमा दिलवाया जाए। समर्थन मूल्य के केन्द्रो पर सैम्पल के नाम पर  हम्मालो द्वारा सूपडी से अनाज की लूट पर रोक लगाये जाए उपार्जन केन्द्रो पर गेहूं का विल बनते समय रूपये कटाते है इस संकट के समय किसानों के साथ अन्याय पूणर््ा कार्य बंद किया जाए है।   किसानों के समस्त कर्ज माफी की जाऐ कांग्रेस सरकार की कर्ज माफी योजना आपने बंद कर रखी तत्काल चालू कि जाऐ। बिजली विभाग की अवैध बिल वसूली पर रोक लगाई जाऐ। 3 हॉसपावर का 5 हॉसपावर ओर हॉसपावर का साडे सात  हॉसपावर बिल बसूला  जा रहा है बिधुत मण्डल की लापरवाही से किसी किसान की मौत हो जातीं हैं तो पीडि़त परिवार को 5 लाख की क्षतिपूर्ति राशि तत्काल दि जाए। सहित ज्ञापन में अन्य मांगे शामिल है।  


मुख्यमंत्री 23 अप्रैल को पंचायत प्रतिनिधियों, सदस्यों को संबोधित करेंगे, मुख्यमंत्री श्री चौहान ग्राम पंचायतों को करेंगे संबोधित 


प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड महामारी के नियंत्रण एवं रोकथाम, कोरोना गाईड लाईन के पालन, क्वांरनटाई सेंटरों और ग्रामों में जनता कोराना कर्फ्यू के संबंध में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 23 अप्रैल को अपरान्ह 04 बजे त्रिस्तरीय पंचायतों की प्रशासकीय समितियों के प्रधानों, सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में जिला एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि संबोधन कार्यक्रम स्थान समुचित रूप से सेनेटाईजर हो, सभी व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क लगाएं एवं कोविड गाइड लाईन का पालन करें। संबोधन कार्यक्रम से जुड़ने के लिए http//cmevents.mp.gov.in अथवा nic webcast एवं अन्य माध्यमों से जुड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। 


सीहोर जनपद एवं मेहतवाड़ा ग्राम पंचायत को मिला राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार


कोविड महामारी संक्रमण के निराशात्मक दौर में हुए राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार की घोषणा ने जिले के पंचायत कर्मियों में एक नई उर्जा का संचार किया हैं। इस पुरस्कार के लिए जिले की जनपद पंचायत सीहोर एवं आष्टा जनपद की ग्राम पंचायत मेहतवाड़ा का चयन किया गया है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा केंद्र सरकार प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के सुचारू संचालन एवं समयब़द्व क्रियान्वयन के आधार पर प्रतिबर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इन पुरस्कारों के अंतगर्त चयनित जनपद पंचायत को 25 लाख एवं ग्राम पंचायत को 05 लाख की नकद राशि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम के माघ्यम से प्रदान की जाती है। इस वर्ष कोरोना संकट के चलते यह पुरस्कार 24 अप्रैल को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से दिया जायेगा जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर शामिल होंगे। पुरस्कार के लिए गत वर्ष अक्टूबर में विभिन्न विंदुओं के आधार पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गये थे। प्राप्त आवेदनों के विशलेषण के बाद केन्द्रीय दल द्वारा चयनित ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर पुरस्कार के लिए चयनित जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। इस वर्ष मध्यप्रदेश को कुल 15 पुरस्कार मिले हैं जिनमें 02 जिला पंचायत 02 जनपद पंचायत एवं 13 ग्राम पंचायते सम्मिलित हैं। ऐसे में एक ही वर्ष में जिले को जनपद पंचायत श्रेणी में 01 तथा ग्राम पंचायत श्रैणी मे 01 कुल 02 राष्ट्रीय  पुरस्कार मिलने से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में हर्ष व्याप्त हैं। जनपद पंचायत श्रैणी में उत्कृष्टता का राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले जनपद सीइओ श्रभ्‍ दिलीप जैन एवं ग्राम पंचायत मेहतवाड़ा को पुरस्कार मिलने पर आष्टा जनपद के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री डी एन पटेल ने इन पुरस्कारों का पूरा श्रैय जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हर्ष सिंह के उर्जावान नेतृत्तव को दिया है। इस अवसर पर श्री हर्ष सिंह ने जिले के सभी अधिकारी कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसी तरह से लगन एवं उर्जा के साथ काम करने का आव्हान किया है ताकि आगामी वर्षो में जिले की अन्य ग्राम पंचायतों एवं जनपद पंचायतों को भी यह पुरस्कार प्राप्त हो सके।


पृथ्वी दिवस विशेष- प्रकृति को अनर्थ से बचाने का संकल्प है अर्थ-डे


सम्पूर्ण विश्व में पृथ्वी ही एकमात्र गृह है जिस पर जीवन जीने के लिए सभी महत्वपूर्ण और आवश्यक परिस्थितियां उपयुक्त अवस्था में पाई जाती हैं। यही कारण है कि पृथ्वी मानवजाति, विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ, पशु-पक्षी और विविध प्रकार के सजीवों का भरण-पोषण करने में सक्षम है। हम भी ऐसे सजीव प्राणी हैं जो पृथ्वी के परोपकार पर जीवित हैं। पृथ्वी दिवस एक वार्षिक कार्यक्रम है जो 22 अप्रैल को पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन प्रदर्शित करने के लिए मनाया जाता है। यह पहली बार 22 अप्रैल 1970 को आयोजित किया गया था और इसमें पूर्व में अर्थ-डे नेटवर्कद्ध द्वारा विश्व स्तर पर समन्वित घटनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। आदिकाल से मानव ने प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करना प्रारंभ किया और विकास के पथ पर अग्रसर हुआ। अग्रगामी होती आज की आधुनिकता में मानव ने उपयोग को दोहन में शीघ्रता से परिवर्तित कर दिया है। वर्तमान में युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को इन विषयों के प्रति जागरूक होना होगा, क्योंकि हम पर वर्तमान और भविष्य में अत्यधिक प्रभाव पर्यावरणीय समस्याओं से जनित ही होगा। ऐसे कारकों को भी जानना आवश्यक है जो प्रत्यक्ष रूप से हम पर प्रभाव तो डाल रहे हैं किन्तु हम उनके कारणों से हम अनजान हैं। उदहारण के लिए निरंतर बढ़ते हुए तापमान का वायुमंडल में गर्मी का बढ़ना आदि हम रोजमर्रा के जीवन में महसूस कर रहे हैं। इसका कारण है जलवायु परिवर्तन जो कि अब एक वृहद् स्तर की वैश्विक समस्या का रूप धारण कर चुका है। मानवीय क्रियाकलापों से जन्मी यह समस्या कार्बन फुटप्रिंट कम करने, जलाशयों का संरक्षण कर जल की आपूर्ति करने, अपशिष्ट और प्लास्टिक को न जलाने, वृक्षारोपण करने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में वृद्धि करने से संतुलित हो सकती है। हमारी पृथ्वी के पास सीमित मात्रा में प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता है। प्राकृतिक भंडारों से हम यदि सिर्फ दोहन और उपयोग ही करते रहे तो हमें हर्जाने के रूप में प्रकृति का प्रकोप झेलना होगा। हमारे द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के उपभोग का लेखा-जोखा हमें अर्थ ओवरशूट डे बताता है। अर्थ ओवरशूट डे अर्थात् साल का वह दिन जब हम धरती द्वारा पूरे साल के लिए उपलब्ध कराए गए समस्त संसाधनों का उपभोग कर चुके होते हैं। साल भर के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधन से मतलब संसाधनों की उस मात्रा से होता है जिसका पृथ्वी एक साल में पुनर्सृजन कर सकती है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो साल के जिस दिन यह दिवस मनाया जाता हैए उस दिन के बाद से वर्ष भर मानव जितने भी ईंधन, पेयजल, कपड़ा, अनाज, मांस-मछली-अंडा आदि का उपभोग करेगाए उन्हें अपनी सहज गति में उपजाने की क्षमता पृथ्वी में नहीं है। कोरोना महामारी के कारण विश्व आज इस स्थिति में नहीं है कि वृहद् स्तर पर सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर सकें या सार्वजनिक स्थानों पर पेड़ लगा सकें। किन्तु अपने घरों में सुरक्षित रहकर सिंगल यूज प्लास्टिक के त्याग, जल संरक्षण, पर्यावरण की सुरक्षा और पक्षियों के लिए दाना-पानी उपलब्ध कराने के प्रयास से संकल्पित तो हो ही सकते हैं। इस प्रकार के प्रयासों से हम अपने भविष्य की नींव मजबूत करने की दिशा में कदम बाधा सकते हैंए ताकि भविष्य में कोरोना के बाद कोई ऐसी महामारी न आए, जिससे मानवजाति का अस्तित्व संकट से घिर जाए।


जिला कोविड कमांड केंद्र 24 घंटे कार्यरत रखने के निर्देश, सभी सेंटर पर आपात व्यवस्था के लिए एक एंबुलेंस रखी जायेगी, राज्य शासन ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए


प्रदेश में सभी संक्रमित जिलों में कार्यरत जिला कमांड कंट्रोल सेंटर पर बेहतर प्रबंधन और लगातार कार्य करते रहने के लिए राज्य शासन ने नए दिशा निर्देश जारी किए है।  जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं समय पर  उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए लगातार बेहतर प्रयास करने के लिए कमांड सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों का रोटेशन और मनोबल बनाए रखने के लिए  भी विशेष दिशा निर्देश दिए गए है। स्वास्थ्य आयुक्त मध्यप्रदेश श्री आकाश त्रिपाठी ने प्रदेश के समस्त कलेक्टर, समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, समस्त सिविल सर्जन को जिला कोविड कमांड सेन्टर के संबंध में एकीकृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह के यह निर्देश हैं कि कोविड पॉजिटिव  ऐसे मरीज जिनमें गंभीर लक्षण नहीं हैं, उन्हें होम आइसोलेशन  में अच्छी देखभाल के जरिए ठीक करने का प्रयास किया जाय जिससे अस्पतालों पर अधिक बोझ न पड़े और अस्पतालों में बेड गंभीर मरीजों के लिए उपलब्ध रहें। इसके लिए प्रत्येक जिले में जिला  कोविड कमांड कंट्रोल सेंटर (DCCC) की स्थापना की गई है। जिला कमांड कंट्रोल सेंटर की कार्यप्रणाली के संबंध में एकीकृत दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि जिला कमांड कंट्रोल सेंटर के मुख्य कार्य होम  आइशोलेशन में रहने वाले प्रत्येक मरीज से दिन में दो बार संपर्क करना और उनकी कुशलक्षेम पूछना।  कुशलक्षेम पूछने पर किसी मरीज की स्थिति गंभीर पाए जाने पर अस्पताल में दाखिल करने की कार्यवाही करना। यह सुनिश्चित करना कि होम आइशोलेशन के मरीज को दवाओं की किट उपलब्ध हो जाए।  जिले में किसी समय अस्पतालों में उपलब्ध खाली बेड की जानकारी संधारित करना जिससे मरीजों को सही जानकारी मिल सके।  होम  आइशोलेशन में रह रहे मरीजों की शंकाओं का समाधान करना। जिला स्तरीय कॉल सेन्टर (1075) का संचालन जिससे कोविड संबंधी जानकारियां नागरिकों को मिल सकें।  कॉल सेन्टर (1075) की पर्याप्त संख्या में लाईनों को क्रियाशील रखना आवश्यक है। प्रत्येक जिले को राज्य स्तर से 30 लाईनें स्वीकृत की गई हैं। बड़े शहर वाले जिले, जहां इसे बढ़ाने की आवश्यकता हो वे कलेक्टर के अनुमोदन से इसे बढ़ा सकेंगे तथा मुख्यालय को सूचित करेंगे। सामान्यत: जितने कॉलर हों, उतनी लाईनें क्रियाशील होनी चाहिए और उतने टेलीफोन रहने चाहिए।  जिला कमांड कंट्रोल सेंटर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना आवश्यक है। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति दिनभर में 50 मरीजों से बात कर सकता है अत: जिले में DCCC की कार्यप्रणाली-उपरोक्त कर्तव्यों को अच्छे ढंग से निभाने के लिए निम्नानुसार कार्यप्रणाली अपनाया जाना आवश्यक होगा-होम आइशोलेशन में रहने वाले प्रति 50 मरीजों पर एक कॉल करने वाले व्यक्ति की ड्यूटी लगानी चाहिए। मरीजों से DCCC का संपर्क संवेदनापूर्ण हो।  इसके लिए आवश्यक है कि एक मरीज को एक ही कॉलर हर दिन संपर्क करेगा। अत: यह व्यवस्था बनाई जाए कि प्रत्येक कॉलर को मरीज आवंटित कर दिया जाए। सभी कॉल करने वालों को यह प्रशिक्षण दिया जाए कि वे मरीजों की कुशलक्षेम पूछते समय यांत्रिक तरीके से न कर संवेदनापूर्ण तरीके से करें।  महामारी के इस दौर में तनाव से मुक्ति प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण पहलू है अत: जिला कमांड कंट्रोल सेंटर में कार्यरत सभी अधिकारी/कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए कि वे मरीज से बात करते समय उसकी हिम्मत बनाए रखें और बीमारी के संबंध में सही जानकारी दें।  यह आदर्श स्थिति होगी कि प्रत्येक कॉल करने वाले को एक कम्प्यूटर टर्मिनल उपलब्ध कराया जाए जिस पर वह कॉल करने के साथ-साथ प्रविष्टियां भी करता चले। किन्हीं कारणों से यदि ऐसा करने में कठिनाई हो तो पर्याप्त संख्या में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर भी लगाए जाएं जिससे सार्थक पोर्टल पर कॉल के साथ- साथ डाटा की प्रविष्टि तत्काल हो सके।   जिला कमांड कंट्रोल सेंटर 24 घंटे संचालित होना चाहिए जिसमें मरीजों को कॉल करने का कार्य दिन में 9 बजे से लेकर शाम 6 जे तक समस्त स्टाफ के साथ और बाकी समय मरीजों की तरफ से आने वाले कॉल के जवाब के लिए एक न्यूनतम व्यवस्था एक चिकित्सक एवं एक पैरा मेडिकल स्टाफ की हो। पूर्व में यह निर्देश दिए गए थे कि जिला कमांड कंट्रोल सेंटर में एक एम्बूलेंस सदैव तैनात रहे। यदि किन्हीं कारणवश ऐसा करना संभव न हो तो एक एम्बूलेंस कॉल पर उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि किसी मरीज की स्थिति बिगड़ने पर तत्काल एम्बूलेंस भेजकर उसे भर्ती कराया जा सके। तिदिन होम आइशोलेशन  में जाने वाले नए मरीजों को दवाई की एक किट उपलब्ध कराना है जो स्थानीय नगर निगम, नगर पालिका के सहयोग से की जाना होगी। DCCC से कॉल करते समय इस बात की अवश्य पुष्टि की जाए कि मरीज के पास दवाई की किट उपलब्ध है अथवा नहीं।   जिला कमांड कंट्रोल सेंटर में जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध रिक्त बिस्तरों की संख्या की अद्यतन जानकारी रखी जाए और उसे एक निश्चित समयावधि में लगातार अपडेट  किया जाए। जिससे 1075 कॉल करने वाले लोगों को सही स्थिति बताई जा सके। जिला कमांड कंट्रोल सेंटर में चिकित्सकों की ड्यूटी इस प्रकार लगाई जाए जिससे हर समय कम से कम एक चिकित्सक बात करने के लिए उपलब्ध रहे।  जिन मरीजों के पास स्मार्ट फोन है, वे ई-संजीवनी ओ.पी.डी का लाभ ले सकते है। उन्हें ई- संजीवनी ओ.पी.डी. एप डाउनलोड करने का परामर्श दिया जाये। यह आवश्यक है कि ई-संजीवनी ओ.पी.डी. पर सदैव चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिले। इसके लिए यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं जिनमें राज्य के समस्त जिला चिकित्सालयों में एन.सी.डी नोडल अधिकारी एवं अन्य चिकित्सकों का चयन किया गया है जिनके द्वारा ई-संजीवनी ओ.पी.डी. के माध्यम से चिकित्सा सुविधा नागरिकों को दी जा रही है। इन चयनित चिकित्सकों का प्रशिक्षण और ई-संजीवनी ओ.पी.डी. पर रजिस्ट्रेशन का कार्य राज्य द्वारा पूर्ण कर दिया गया है। समस्त सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि जिला चिकित्सालय पर उपलब्ध हब पर चिकित्सकों की उपलब्धता घंटे हो (प्रति 8 घंटे में एक चिकित्सक) जिस हेतु चिकित्सकों का निर्धारित रोस्टर तैयार कर राज्य स्तर पर साझा किया जाये।   जिला चिकित्सालय पर तैयार किये गये हब हेतु नोडल अधिकारी को निर्धारित किया जाये और चिकित्सक जिनकी ड्यूटी हब में लगाई गई है, का प्रशिक्षण तथा ई- संजीवनी ओ.पी.डी. में रजिस्ट्रेशन का कार्य जिला एम.एण्ड.ई. अधिकारी/आई.डी.एस.पी . डाटा मैनेजर द्वारा सुनिश्चित कराया जाये।  ई-संजीवनी ऐप को डाउनलोड करने की विधि एवं किये जाने वाले टेलीकन्सलटेशन हेतु आई.ई.सी. तैयार की गयी है, जिसकी जानकारी होम आईसोलेशन के मरीजों को दिया जाना सुनिश्चित करना शामिल है।


मजदूर भाई-बहन कोरोना संकट में परेशान न हो : मुख्यमंत्री श्री चौहान

  • भोजन से लेकर काम देने तक की होगी पूरी व्यवस्था, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की श्रमिकों से अपील

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण बनी परिस्थितियों में मजदूर भाई-बहनों को काम देने की पूरी व्यवस्था की गई है। काम की तलाश में उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने टेलीविजन और सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि मनरेगा के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों में लगभग 21 लाख मजदूर नियोजित हैं। इन मजदूरों की हरसंभव सहायता की जाएगी। तीन महीने का नि:शुल्क राशन भी उनको दिया जा रहा है। श्रमिकों को मध्यप्रदेश से बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है। मध्यप्रदेश में जो मजदूर भाई-बहन आएंगे, उनका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। चाय, नाश्ता, भोजन से लेकर जरूरत पड़ने पर काम देने तक सारी व्यवस्था करने का प्रयास होगा। यह कोशिश होगी कि मजदूर भाई-बहनों को कोरोना संकट के समय कोई परेशानी न हो।


जिले में प्रभावी ढंग से कराया जा रहा कोरोना कर्फ्यू का पालन, उल्लंघन करने वाले पर निरंतर जारी है कार्यवाही


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जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में कोरोना कर्फ्यू का पालन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा रहा है। सभी एसडीएम, एसडीओपी,  तहसीलदार तथा पुलिस का अमला कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए पूरी मुस्तैदी से दिन रात काम कर रहा है। कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि अत्यावश्यक सेवाओं तथा अत्यावश्यक कार्यों से अथवा स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इलाज-दवा के लिए जो लोग आवागमन कर रहे हैं उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न हो। श्री गुप्ता ने यह भी निर्देश दिए हैं कि दूध, फल, सब्जी, किराना आदि की आपूर्ति के लिए जो तिथि एवं समय निर्धारित किया गया है। वह उसी समय सीमा में खोले एवं बंद की जाए। कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर सीहोर स्थित खुशबू साड़ी सेंटर दुकान को सील किया गया। इसके साथ ही अन्य उल्लंघन कर्ताओं पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह इछावर में धाड़ीवाल इलेक्ट्रॉनिक को सील किया गया तथा 1000 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई। आष्टा में कपड़े की दुकान सील की गई। जिले भर में अधिकारियों द्वारा कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है।


ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना कर्फ्यू का पालन

ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना कर्फ्यू का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्थानीय अमला अत्यावश्यक वस्तुओं की दुकानों को निर्धारित समय सीमा में खोलना तथा बंद करना सुनिश्चित करा रहे हैं। कोटवारों द्वारा निरंतर मुनादी एवं कोरोना कर्फ्यू के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।


एएनएम, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा स्वास्थ्य परीक्षण


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कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए कलेक्टर श्री अजय गुप्ता के निर्देश पर जिले में  ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम, आशा एवं आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रत्येक घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है तथा सर्दी, जुखाम, बुखार, खांसी के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति काफी दिनों से बीमार है तो उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा रहा है।  एएनएम, आशा एवं आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को समझाईश भी दी जा रही है कि यदि कोरोना वायरस से बचना है तो हमेशा मास्क लगाएं और दो गज की दूरी बनाए रखनी होगी। साथ ही अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोना एवं सेनेटाईज करना होगा।


राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति चयन परीक्षा (NMMSS) स्थगित, अब 15 मई तक कर सकेंगे आवेदन


राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति (NMMSS)" के लिए 2 मई 2021 को आयोजित होने वाली चयन परीक्षा" को कोविड 19 की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। परीक्षा की नवीन तिथि पृथक से घोषित की जाएगी। राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक श्री ओ. एल. मंडलोई ने बताया कि NMMSS परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि पूर्व में 15 अप्रैल थी, जिसे 15 मई 2021 तक बढ़ाया गया है। इच्छुक छात्र एमपी-ऑनलाइन के माध्यम से परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2008 में प्रारंभ की है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा नौवीं से बारहवीं तक प्रतिवर्ष 12 हज़ार रुपये के मान से छात्रवृत्ति दी जाती है। कक्षा आठवीं में अध्यनरत नियमित छात्र, जिन्होंने कक्षा सातवीं में कम से कम "सी" ग्रेड प्राप्त किया है और जिनके अभिभावकों की सकल वार्षिक आय एक लाख पचास हजार रूपए से अधिक नहीं है, इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह छात्रवृत्ति केवल शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकायों के विद्यालयों में अध्ययनरत नियमित विद्यार्थियों के लिए है।


कोविड-19 संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिये सरकार द्वारा उठाये प्रभावी, कदम व्यवस्थाओं के लिए नवाचार भी


राज्य सरकार द्वारा कोरोना के नियंत्रण और उपचार की व्यवस्थाओं के लिये प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की जाँच से लेकर मरीजों को सु-व्यवस्थित उपचार देने आवश्यक संसाधनों को जुटाने के साथ जीवन रक्षक ऑक्सीजन के इंतजाम भी युद्ध स्तर पर किये जा रहे हैं। व्यवस्थाओं की प्रतिदिन मॉनीटरिंग भी अलग-अलग स्तर पर की जा रही है। राज्य सरकार ने संकट की इस घड़ी में अनेक नवाचार कर जनहित में उपचार की व्यवस्थाओं में भी बढ़ोत्तरी की है। कोरोना जाँच- 20 अप्रैल को रिकार्ड 54 हजार 548 टेस्ट प्रदेशभर में किये गये, जो अब तक की सर्वाधिक टेस्ट संख्या है। टेस्ट का पॉजिटिविटी रेट 24.76 प्रतिशत से घटकर 24.02 प्रतिशत हुआ। होम     आइसोलेट मरीजों से सम्पर्क-प्रदेश में 41 हजार 200 से अधिक रोगी वर्तमान में होम आइसोलेशन में हैं। इनमें से 96 प्रतिशत मरीजों को कम से कम एक बार कॉल करके सम्पर्क किया गया है। प्रत्येक होम आइसोलेटेड मरीज को मेडिकल किट की होम डिलेवरी की जा रही है। 136 कोविड केयर सेंटर-अब तक प्रदेश के सभी 52 जिलों में 136 कोविड केयर सेंटर स्थापित किये जा चुके हैं। इनमें 8 हजार 181 बिस्तरों की संख्या है। प्रत्येक कोविड केयर सेंटर पर बेड्स, पानी, भोजन, दवाई, मेडिकल स्टॉफ, संगीत, योग, ध्यान आदि व्यवस्थाएँ भी की जा रही हैं। बढ़ाए गये बिस्तर-प्रदेश के शासकीय और अशासकीय चिकित्सा केन्द्रों में बिस्तरों की संख्या में लगातार इजाफा किया जा रहा है। वर्तमान में 45 हजार 729 बेड्स उपलब्ध हैं। पिछले 20 दिनों में 25 हजार 570 बेड्स बढ़ाये गये हैं।  सी.टी. स्केन मशीन प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्केन और एमआरआई मशीनों को लगाने का अनुबंध किया गया है। ये मशीनें शीघ्र स्थापित की जा रही हैं। 350 वेंटीलेटर भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को 350 से अधिक वेंटीलेटर प्राप्त हुए। इन्हें आवश्यकतानुसार जिलों को भेजा गया है।     रेमडेसिविर इंजेक्शन- 8 अप्रैल से अब तक सरकारी सप्लाई और निजी क्षेत्र से लगभग एक लाख 33 हजार 900 रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुए। सरकारी सप्लाई के ऑर्डर किये गये 50 हजार डोज में से 35 हजार डोज 23 एवं 24 अप्रैल को मायलान कम्पनी से प्राप्त हो जायेंगे। ऑक्सीजन की व्यवस्था प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में 7 हजार बेड्स के लिये ऑक्सीजन पाइप-लाइन बिछाई जा रही है। ये काम लगभग एक सप्ताह में पूरा होगा। ऑक्सीजन उपलब्धता 20 अप्रैल को 398 मीट्रिक टन हुई, वास्तविक खपत 382 मीट्रिक रही। मंगलवार को 405 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। कौंसिल ऑफ साइंटिफिक एण्ड इण्डस्ट्रियल रिसर्च, भारत सरकार द्वारा अधिकृत संस्था के माध्यम से प्रदेश के 5 जिला चिकित्सालयों भोपाल, रीवा, इंदौर, ग्वालियर और शहडोल में नवीनतम तकनीक आधारित ऑक्सीजन प्लांट्स एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से लगाये जा रहे हैं। इनमें से 300 से 400 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट बनेगी। प्रदेश के 37 जिलों में 37 नये ऑक्सीजन यूनिट्स लगाये जा रहे हैं। चार जिलों में ऑक्सीजन यूनिट ने काम शुरू कर दिया है।  


आत्मानुशासन का परिचय देकर उदाहरण प्रस्तुत करें - मुख्यमंत्री श्री चौहान

  • कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जनता कर्फ्यू आवश्यक, "मेरा गाँव कोरोना मुक्त गाँव" के भाव को चरितार्थ करें, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों से ऑडियो ब्रिज से किया संवाद

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बुधनी विधानसभा क्षेत्र के निवासी 30 अप्रैल तक अपने-अपने गाँव, गली, मोहल्ले में जनता कर्फ्यू के माध्यम से ऐसे आत्मानुशासन का परिचय दें कि वह दूसरे क्षेत्रों के लिए एक उदाहरण और मिसाल बन सके। प्रदेश में फैल रहे कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए अपनी गतिविधियों को सीमित करना आवश्यक है। जनता कर्फ्यू इसका प्रभावी उपाय है। अत: सभी लोग अपने-अपने स्तर पर आत्मानुशासन का परिचय दें। मुख्यमंत्री श्री चौहान बुधनी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों से ऑडियो ब्रिज के माध्यम से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति ष्मेरा गाँव कोरोना मुक्त गाँवष्, ष्मेरा मोहल्ला कोरोना मुक्त मोहल्ला] मेंरी गली कोरोना मुक्त गली, का संकल्प लें और इसका पालन करें। हम यदि अपनों से प्यार करते हैं तो घर में रहें। वर्तमान समय में हम स्वस्थ रहें, यही सबसे बड़ी देश सेवा है। कोरोना से अपने आप को बचाना सबसे बड़ी चुनौती है और इस पर हमें खरा उतरना है।


यह आपातकाल है, सीमित लोगों में हो विवाह आयोजन-   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शादी, विवाह का समय है, आयोजन में सीमित संख्या में लोग शामिल हों। शासन-प्रशासन से विधिवत अनुमति लेकर घर पर ही शादी, विवाह की गतिविधियाँ सीमित लोगों में संचालित की जाए। शादियाँ नहीं रूकेंगी पर यह आपातकाल है, अतरू इसके लिए अनुमति लेना और कम से कम लोगों के साथ आयोजन समय की मांग है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्षेत्र के लोग अपने-अपने आसपास के बारे में सतर्क रहें। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो तुरंत जाँच कराएँ, होम आयसोलेशन में रहें। पर्याप्त संख्या में कोविड केयर सेंटर विद्यमान हैं। जहाँ मार्गदर्शन लेकर और उसका पालन कर स्वास्थ्य लाभ लिया जा सकता है।


पॉजिटिविटी रेट के आधार पर होगी कलेक्टरों की रैंकिंग - मुख्यमंत्री श्री चौहान

  • जनता कर्फ्यू का प्रभावी क्रियान्वयन 30 अप्रैल तक सुनिश्चित किया जाए, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को संबोधित किया

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की जिलों की पॉजिटिविटी रेट के आधार पर कलेक्टरों की रैंकिंग की जाएगी। सभी जिलों में 30 अप्रैल तक जनता कर्फ्यू का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जिन जिलों में कोरोना संक्रमण अधिक है, वहाँ तत्काल किल कोरोना अभियान-2 आरंभ किया जाए। होम आयसोलेशन और कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान निवास से जिला कलेक्टरों को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। होम आयसोलेशन और कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था पर ध्यान दें- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि न्यूनतम लक्षण वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनकी जाँच, आवश्यक उपचार और आयसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्हें तत्काल मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। होम आयसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में कोविड केयर सेंटर में ऐसे व्यक्तियों को रखा जाए। इन सेंटरों पर डॉक्टर की विजिट, पर्याप्त स्टाफ, चाय, नाश्ता, भोजन आदि की व्यवस्था ऐसी हो कि लोगों में कोविड केयर सेंटर में सही देखभाल के लिए विश्वास स्थापित हो। इन सेंटरों पर एम्बूलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे आवश्यक होने पर मरीजों को तत्काल अस्पताल शिफ्ट किया जा सके। कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की दिशा में छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, खण्डवा आदि कई जिलों में अनुकरणीय कार्य हुआ है। कोरोना से प्रभावित लोग मार्गदर्शन के लिए नहीं भटकें- मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के लक्षण वाले व्यक्तियों को सही समय पर सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए जिला कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर से उपयुक्त व्यवस्था करना आवश्यक है। इससे लोग भटकने और भ्रम से बचेंगे। बाहर से आने वालों को आयसोलेट करें मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कुंभ से लौटने वाले व्यक्तियों तथा अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों के आयसोलेशन के लिए गाँवों में पंचायत भवन, स्कूल भवन आदि में भोजन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए यह आवश्यक है। जनता कर्फ्यू के लिए वातावरण निर्माण आवश्यक- प्रदेश के सभी नगरों, गाँवों, गली-मोहल्लों में जनता कर्फ्यू का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। इस प्रकार का वातावरण निर्मित किया जाए कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोग स्वयं आत्मानुशासन से व्यवहार करते हुए अपने गली-मोहल्ले, गांव में जनता कर्फ्यू लगाने और उसका पालन करने के लिए स्वयं प्रेरित हों। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संक्रमण से स्वयं को और अपने गाँव और शहरों को बचाने के लिए यह आवश्यक है। जनता कर्फ्यू के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में आगामी कुछ दिनों में संक्रमण की चेन तोड़ी जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए आवश्यक सभी गतिविधियों का पूरी गंभीरता से पालन करें।  


मध्यप्रदेश में अब तक 75.77 लाख व्यक्तियों का हुआ टीकाकरण, 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को एक मई से लगेगा टीका


प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने, प्रभावितों के उपचार की व्यवस्थाओं के साथ ही कोविड-19 टीकाकरण का कार्य भी युद्ध-स्तर पर किया जा रहा है। शुरूआती दिन से 20 अप्रैल तक प्रदेश में 75 लाख 77 हजार 909 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसमें 67 लाख 56 हजार 349 व्यक्तियों को वैक्सीन की प्रथम डोज और 8 लाख 21 हजार 560 व्यक्तियों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। आगामी एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू होगा। अब तक हुए टीकाकरण में 7 लाख 45 हजार 262 हेल्थ केयर वर्कर, 6 लाख 37 हजार 767 फ्रंटलाइन वर्कर, 30 लाख 83 हजार 144 सिटीजन (45 से 59 वर्ष) और 31 लाख 11 हजार 736 सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से अधिक) का टीकाकरण हो चुका है। टीकाकरण अभियान सभी जिलों में जारी है। टीकाकरण की स्थिति हेल्थ केयर वर्कर्स  को प्रथम डोज 4,29,374 द्वितीय डोज 3,15,888, फ्रंटलाइन वर्कर्स   को प्रथम डोज 3,92,633    एवं द्वितीय 2,45,134, सिटीजन-45-59 वर्ष  प्रथम डोज 30,19, द्वितीय डोज 79863,346, सिटीजन-60 वर्ष से अधिक    प्रथम डोज 29,14,544 द्वितीय डोज 1,97,192   योग    67,56,349    8,21,560 लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश व्यापी टीकाकरण अभियान में सभी वर्गों से सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान के आव्हान पर अनेक समाजसेवी संगठनों, संस्थाओं ने आगे आकर टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया है। मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद द्वारा सभी 52 जिलों में कोरोना वॉलेंटियर्स की भूमिका निभाई जा रही है। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को कोविड-19 टीकाकरण के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार की पहल पर ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों की 37 लाख से अधिक महिलाओं द्वारा भी कोरोना वॉलेंटियर्स बनकर जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। इन महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना की रोकथाम के लिये जरूरी प्रशिक्षण भी दिया गया है। समूह की महिलाएँ, ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाने और उसके फायदे भी बता रही हैं।


संभागायुक्त ने नसरूल्लागंज में  कोविड केयर सेंटर का किया निरीक्षण, समुचित इलाज और बेहतर इंतजाम के दिए निर्देश


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भोपाल संभागायुक्त श्री कविन्द्र कियावत ने आज नसरूल्लागंज में शासकीय अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास में बनाये गये कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री कियावत ने यहां आने वाले मरीजों के त्वरित इलाज और बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अजय गुप्ता एवं एसडीएम श्री डीएस तोमर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। इस छात्रावास का कोविड केयर सेंटर 50 बिस्तरों का होगा जिसमें 20 बिस्तर ऑक्सीजन युक्त होंगे। इसके अलावा अस्पताल में 20 बिस्तर ऑक्सीजन युक्त होंगे। संभागायुक्त श्री कियावत ने मरीजों के आते ही त्वरित समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड सेंटर में सभी जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक नास्ता एवं  भोजन दिया जाना चाहिए। कोविड केयर सेंटर के निरीक्षण के दौरान श्री कियावत ने कहा कि कोविड केयर सेंटर में जांच के लिए आने वाले मरीजों के लिए सोशल डिस्टेसिंग, मास्क लगाना पूर्णतः मरीजों के बीच में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही कोविड गाइड लाईन का पालन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने जिले में वर्तमान समय में कोविड की स्थिति तथा जिला प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। इस दौरान उन्होंने जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रवि मालवीय एवं अन्य जन प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कोरोना संक्रमण को रोकने तथा बचाव के लिये लोगों को जागरूक करने की अपील की।


कोविड टीकाकरण में लापरवाही बरतने पर एएनएम निलंबित


सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इछावर के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र दौलतपुर में पदस्थ एएनएम श्रीमती ममता राजपूत को कोविड-19 राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में घोर लापरवाही बरतने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुधीर कुमार डेहरिया तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इछावर बीएमओ तथा प्रभारी पीएचसी दिवडिया ने दौलतपुर टीकाकरण केन्द्र का निरंतर निरीक्षण किया गया जिसमें एएनएम श्रीमती ममता राजपूत की घोर लापरवाही पाई गयी। श्रीमती राजपूत का निलंबन अवधि में मुख्यालय सिविल अस्तपाल नसरूल्लागंज निर्धारित किया गया है।


कोरोना काल में जिले के 45061 परिवारों को मिला रोजगार


कोरोना कर्फ्यू के दौरान प्रदेश के साथ ही जिले में भी आर्थिक गतिविधियों सीमित हो गई हैं ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित मनरेगा योजना मजदूरों के लिये वरदान साबित हो रही है। मौजूदा समय में जिले की सभी जनपदों में मनरेगा के तहत अनेक निर्माण एवं विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में सड़क निर्माणए तालाबए नाला खुदाईए मेड़बंदीए स्टाप डेम तथा ट्रांच आदि जलसंरक्षण के कार्य चल रहे हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हर्ष सिंह बताया कि इस समय जिले में 45061 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसमें अलग.अलग गतिविधियां शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले में मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों एवं उपलब्ध आवंटन के तहत अधिक से अधिक रोजगार मूलक कार्य प्रारंभ किये जा रहे हैं। इछावर के हरीलालए बसंत और रमेश कहते हैं कि कोरोना महामारी के संकट काल में कामकाज बहुत कम हो गये हैं ऐसे में मनरेगा के तहत काम मिलना बड़ी मदद है। हम रोजगार से की चिंता से मुक्त हो गये। अब परिवार के भरण पोषण में कोई कठिनाई नहीं होगी।


जिले में 199 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले, वर्तमान में कोरोना एक्टिव-पॉजीटिव की संख्या 1083, 3 कोरोना संक्रमितों की मृत्यु, मृतकों की कुल संख्या 69


पिछले 24 घंटे के दौरान 199 व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव मिले। इनमें सीहोर शहरी क्षेत्र के 104 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जो लुनिया चौराहा, पुलिस लाईन, अवधपुरी, गल्ला मंडी, बस स्टेणड, विश्नाथपुरी, गंगा आश्रम, शुगर फैक्ट्री चौराहा, एसबीआई लाईफ कार्यालय, इंग्लिशपुरा, श्रीराम कॉलोनी, बद्री महल, भोपाल नाका, ड्रीम सिटी, शारदा स्कूल के पास, नेहरु कॉलोनी, लीसा टॉकिज, कोली मोहल्ला, पुलिस लाईन, फारेस्ट कॉलोनी, गंज, फिश मार्केट, डोहर मोहल्ला, बड़ियाखेड़ी, दीवान बाग, सुभाष नगर, छावनी, देवनगर, बिजोरी, जनता कॉलोनी, अंबेडकर नगर, नेहरु कॉलोनी, जयंती कॉलोनी, दुर्गा मंदिर रोड़, नीजामत रोड़, छीपापुरा, न्यू कलेक्ट्रेट क्षेत्र, कोलीपुरा, हाउसिंग बोर्ड, गुलाब विहार, सुदामा नगर, अंबेडकर पार्क क्षेत्र, पलटन एरिया, एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र एरिया, राधे विहार, एलआईसी एरिया, सुभाष कॉलोनी, अमर टाकिज, मंडी, लोधी मोहल्ला, दशहरा बाला बाग, इंदौर नाका, आराकश मोहल्ला, वैशाली नगर, देवेन्द्र नगर, खजांची लाईन, बड़ा बाजार, इंदिरा कॉलोनी के निवासी हैं। इसी तरह आष्टा क्षेत्र से 56 व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है जो अलीपुर, शांतिनगर, बालाखेड़ा, सेमनरी रोड, किला क्षेत्र, जैन मंदिर रोड़, दादाबाड़ी रोड़, मेवाड़ा, कॉलोनी, जावर, सेकूखेड़ा, लंगापुरा, कुरावर, बैरागढ़ खुमान, सेल कंपनी, मेहतवाड़ा, बांदरिया हाट, खामखेड़ा, शास्त्री कॉलोनी, मरपुरा, अंजनी नगर, पुरानी सब्जी मंडी, साई कॉलोनी, बजरंग कॉलोनी, रायल कॉलोनी के निवासी हैं। बुदनी क्षेत्र अन्तर्गत 3 व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। जो बुदनी के वार्ड नंबर 09, मालीबायां एवं सेमरी के निवासी हैं। इसी प्रकार नसरुल्लागंज क्षेत्र से 15 व्यक्ति पॉजीटिव मिले हैं जो बाईबोड़ी, राला, भादाकुई, वार्ड नंबर 15 नसरुल्लागंज, जेल रोड़, अमीरगंज, लाड़कुई, सेमलपानी, सतराना, गोपालपुर, मगरिया, बजरंग कुटी के निवासी हैं। इछावर अन्तर्गत 07 व्यक्ति संक्रमित पाए गए जो इछावर के वार्ड नंबर 04, 06, 08, अमलाहा, नयापुरा, दिवड़िया, बरखेड़ा, खेरी, वीरपुरडेम, बरखेड़ाकुर्मी के निवासी हैं। श्यामपुर क्षेत्र से 14 व्यक्ति संक्रमित मिले हैं जो बिशनखेड़ी, नापली, पचामा, बावड़िया जमुनिया, खजूरिया, श्यामपुर, बरखेड़ी, पड़लिया, बमूलिया, मोगराफूल, दोराहा के निवासी हैं। जिला चिकित्सालय स्थित डेडिकेटेट कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) में पिछले 24 घंटे के दौरान 2 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। तथा भोपाल नाका स्थित आवासीय परिसर में स्थित कोविड हेल्थ सेंटर में 1 संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। मृतकों में 1 महिला तथा 2 पुरुष शामिल हैं। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले में एक्टिव पॉजिटिव 1083 हैं। आज 63 व्यक्ति रिकवर हुए। कुल रिकवर व्यक्तियों की संख्या 3889 हैं। कुल कोविड संक्रमित मृत व्यक्तियों की संख्या 69 है । आज 731 सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 175, श्यामपुर से 30, विकासखंड नसरुल्लागंज से 65, आष्टा से 161 एवं बुदनी विकासखंड से 209 तथा इछावर से 91 सेंपल लिये गए हैं। जिले में कुल कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की संख्या 5041 है जिसमें से 69 की मृत्यु हो चुकी है 3889 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए है। तथा वर्तमान में एक्टिव/पॉजीटिव की संख्या 1083 है। आज 131 सैंपल जांच हेतु लिए गए। कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 96196 हैं जिनमें से 89800 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। आज 593 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 1284 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथालॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या  कुल 71 है। जिले मे जो व्यक्ति होम क्वारन्टाईन में हैं उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। जिसका संपर्क नंबर- 07562-1075 है। जिला स्तर पर मोबाइल नंबंर 9425400273, 7987652577, 9479595519 पर कॉल सेंटर पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर कॉल करके भी टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104 नंबर पर ई-परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। होम क्वारन्टाईन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हेल्पलाईन नंबंर 18002330175 जारी किया गया है। होम क्वारन्टाईन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साइकॉलाजीकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं।     


आशा, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा किल कोरोना अभियान का सर्वे, कोविड-19 वैक्सीन लगवाने तथा कोविड नियमों का पालन करने दी जा रही समझाईश


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वैश्विक कोविड-19 महामारी के चलते किल कोरोना अभियान-3 के अंतर्गत आशा एवं आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के दल द्वारा जिले के प्रत्येक गांव में घर-घर पहुंचकर थर्मल स्क्रीनिंग एवं ऑक्सीमीटर से जो भी बुखार या खांसी, सर्दी से पीड़ित व्यक्ति है उनकी जांच की जा रही है। जिन लोगो का ज्यादा दिनों से बुखार या सर्दी खांसी है, तो उन्हें स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर आरटी-पीसीआर कोविड-19 जांच कराने की सलाह दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि सर्वे दल द्वारा  45 से अधिक आयु के व्यक्तियों को कोविड-19 का टीका लगवाने के लिए टीकाकरण केन्द्र पर जाने की सलाह दी जा रही है। टीका लगाने के पश्चात भी तथा कोविड-19 आपदा के चलते मास्क अनिवार्य रूप से पहनने तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी कोरोना कर्फ्यू के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया।  जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने सोशल डिस्टेंश बनाए रखने तथा समय-समय पर या बार-बार साबुन-पानी से हाथ धोने एवं एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर उपयोग करने, साफ-सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।


38524 किसानों से 3 लाख 3 हजार 260 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी


जिले में आज 38524 किसानों से 3 लाख 3 हजार 260 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी जिले के उपार्जन केन्द्रो द्वारा की गई। अधिकारियो द्वारा उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण करें और यह देखें की किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की कोई भ्री असुविधा न हो।


2869 व्यक्तियों को लगा कोरोना का प्रथम एवं द्वितीय टीका


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर प्रदेश के साथ ही सीहोर जिले में कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में कुल 87 केन्द्रों पर 2869 व्यक्तियों को कोरोना का प्रथम एवं द्वितीय टीका लगाया गया। गुरुवार को शहरी सीहोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित जिला चिकित्सालय क़े 5 सत्र में कुल 438, आष्टा के 25 सत्र में 893, बुदनी के 11 सत्र में 219, इछावर के 12 सत्र में 355, नसरुल्लागंज के 13 सत्र में 308, श्यामपुर के 21 सत्र में 656 व्यक्तियों को कोविड का प्रथम एवं द्वितीय टीका लगाया गया।

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