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शुक्रवार, 14 मई 2021

बिहार : पटना एम्स में सर्वाधिक 4 मरीजों में ब्लैक फंगस पाए गए

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बांका. बिहार में कोरोना हर जगह तबाही मचा रखी है. ये तबाही अभी थमी भी नहीं थी कि अब एक और नई मुसीबत ने बिहार में दस्तक दे दी है. कोरोना महामारी के बाद अब राज्य में 'ब्लैक फंगस' बीमारी के भी मरीज मिलने शुरू हो गए हैं.पटना में 10 मरीजों में पुष्टि और बांका में 2 की मौत हो गयी है. बिहार में 'ब्लैक फंगस 'का मामला बढ़ने लगा है और अब तक राजधानी पटना के विभिन्न अस्पतालों में 10 ऐसे मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 'ब्लैक फंगस' पाए गए हैं.पटना एम्स में 4, रुबन हॉस्पिटल में 2,आईजीआईएमएस में 2 और पारस हॉस्पिटल में 2 पुष्टि की गयी. इलाजरत मरीजों में 'ब्लैक फंगस' पाया गया है. पारस हॉस्पिटल में 'ब्लैक फंगस' के 2 मरीज ट्रीटमेंट के बाद ठीक हो चुके हैं और बाकी आठ मरीज इलाजरत हैं. वहीं बांका जिला में कोरोना संक्रमण से जूझ रहे जिलावासियों पर अब 'ब्लैक फंगस' का भी खतरा मडराने लगा है. रजौन प्रखंड के अंतर्गत खैरा गांव में खतरनाक 'म्यूकोरमाइकोसिस' यानी 'ब्लैक फंगस' ने दस्तक दे दिया है. जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है. बताया जा रहा है कोरोना संक्रमण की यह तीसरी लहर है. बता दें कि खैरा गांव निवासी धनंजय यादव और बब्लू उर्फ नवल किशोर शर्मा की 'ब्लैक फंगस' से मौत हो गई.इन दोनों मरीजों का इलाज भागलपुर के मायागंज अस्पताल में चल रहा था. इस जानलेवा बीमारी के कारण मौत से जिले भर में दहशत फैल गया है. ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी से ग्रसित लोगों का इलाज भागलपुर में चल रहा है. इसके बाद भी रजौन स्वास्थ विभाग बेखबर है. प्रखंड में कोरोना का दूसरा रूप 'ब्लैक फंगस' के प्रवेश करने से प्रखंड क्षेत्रों में दहशत देखा जा रहा है.  गांव में एक साथ दो लोगों की मौत होने से ग्रामीण अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. बताया जा रहा है उक्त गांव के धनंजय यादव कई दिनों से बीमार चल रहे थे. जिसके बाद उनका कोरोना जांच कराया गया. जिसमें उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई. लेकिन उसके बाद भी तबीयत और बिगड़ने लगा. जिसे देखकर परिजनों ने भागलपुर के मायागंज में भर्ती कराया. जहां जांच में 'ब्लैक फंगस' बताया गया. मृतक की मौत के पूर्व उसकी आंख काफी लाल हो गई थी और फूल गया था.

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