सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 09 जुलाई - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 09 जुलाई

खेतों में अंकुरित हीं नहीं हुआ 500 रू किलों का मक्का बीज, कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों को अवैधानिक रूप से बेचा गया बीज

  • आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर और कृषि, विभाग कार्यालय पहुंचकर उपसंचालक कृषि को सौपा शिकायती पत्र
  • धोकाधड़ी के शिकार हुए किसानों ने की कृषि विज्ञान केंद्र सेवानियां इछावर के प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाही करने और मुआवजा राशि दिलाने की मांग


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सीहेार। जिले के सैकड़ों किसानों को लाखों रूपयें का नुकसान हो गया है। किसानों के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र सेवानियां इछावर से खरीदा गया मक्का बीज खेतों में अंकुरित हीं नहीं हुआ है। ग्रामीण विकास एवं पर्यावरण कृषि विज्ञान केंद्र सेवानिया के द्वारा की गई धोकाधड़ी के शिकार हुए हैरान परेशान ग्राम गांजीखेड़ी, बिर्जिश नगर, भाउखेड़ी सेमलीजदीद सहित अन्य गांवों के किसानों ने गुरूवार को अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष भानू प्रताप मेवाड़ा के नेतृत्व में कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर आदित्य जैन और कृषि विभाग कार्यालय पहुंचकर कृषि उप संचालक श्रीमति मिनी चौकसे को शिकायती पत्र दिया है। किसानों ने विकास एवं पर्यावरण कृषि विज्ञान केंद्र सेवानिया के प्रभारी पर सख्त कार्रवाहीं करने और मक्का फसल खराब होने पर हुए आर्थिक नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष भानू प्रताप मेवाड़ा ने कहा की इछावर में संचालित ग्रामीण विकास एवं पर्यावरण कृषि विज्ञान केंद्र सेवानिया अवैधानिक कृषि कारोबार केंद्र बनकर रह गया है। कृषि विज्ञान केंद्र अब किसानों को उन्नत कृषि का प्रशिक्षण नहीं दे रहा है बल्की किसानों को अमानक घटिया बीज बेच कर धोकाधड़ी कर रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा पंजाब हरियाणा महाराष्ट्र की निजी कंपनियों के पेकेंट बंद मक्का बीज 350 रूपये से 500 रू किलों के भाव दिया गया और बीज बिक्री का मांगने पर भी बिल नहीं दिया। किसानों ने इस की लिखित में कृषि विज्ञान केंद्र कार्यालय को शिकायत की तो केंद्र प्रभारी ने बीज बेचने वाली कंपनी को शिकायत करने के लिए कहा। किसानों ने कहा की केंद्र प्रभारी की बातों में आकर बिल नहीं लिया खरीदी का बिल नही है जिस कारण अब हम किसी कंपनी पर क्लेम भी नही कर सकते है। ग्राम गाजीखेड़ी के किसान महेंद सिंह वर्मा ने कृषि विज्ञान केंद्र पर भरोशा कर गांव के अनेक किसानों को लगभग 400 किलों मक्का का बीज खरीदवा दिया जिस से गांव की 100 एकड से अधिक खेत में बीज अंकुरित हीं नहीं हुआ इसी प्रकार गा्रम बिर्जिश नगर के किसान रमेश जायसवाल कृषि विज्ञान केंद्र सेवानियां  उन्नत कृषि और अच्छी क्वालिटी के मक्का बीज की जानकारी लेने गए थे केंद्र प्रभारी ने बातों में उलझा कर निजी कंपनी का घटिया स्तर का मक्का बीज 350 रूपये किलों के भाव थमा दिया लेकिन बिल नहीं दिया। किसान रमेश ने कलेक्टर को बताया की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है खेत में बीज अंकुरित हीं नहीं हुआ है। बीज को बोवनी खाद मजदूरी में एक लाख रूपये का खर्च आया अब कोई दूसरी फसल भी नहीं हो सकती है। किसान मनोहर ने कहा की कृषि विज्ञान केंद्र किसानों की मदद के लिए बना है या फिर किसानों को लूटने के लिए संचालित किया जा रहा है। महंगे दामों पर बीज बेच कर किसानों को ठगा जा रहा है। कलेक्टोरेट कार्यालय और कृषि विभाग कार्यालय पहुंचे किसान राधेश्याम जयसवाल, छन्नूलल जयसवाल, महेंद्र कुमार जयसवाल, कृष्णा राठौर, मनोज कुमार, करण सिंह, शेखर लाल, चंद्र सिंह, शंकरललल, लखनलाल, बलराम, कमल सिंह, लखन लाल वर्मा, मानसिंह, कालूराम, कमल सिंह, राधेश्याम, कालूराम, राम सिंह,मनोहर, बापू सिंह, धनेंद्र आदि ने सख्त कार्रवाहीं करने के लिए शिकायती पत्र दिया है। 

किसानों के खातों से प्रीमियम राशि तो काटी लेकिन सहकारी बैंक मंडी ने बीमा कंपनी को भेजी हीं नहीं, किसानों को नहीं मिली 2019 की बीमा राशी


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सीहोर। जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक शाखा मंडी के कृषी ऋण खातेदार किसानों ने शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष राम प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम का ज्ञापन कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर को दिया। किसानों ने कहा की जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक शाखा मंडी सीहोर के कृषी ऋण खातेदार है बैंक द्वारा हमारे खातो से वर्ष 2019 खरीब सीजन कि फसल की बीमा प्रीमियम राशी नियमानुसार काटी गई थी लेकिन जब किसानों के खातों में 2019 कि बीमा राशी मिलना प्रारम्भ हुई तो हमें बीमा राशी नहीं मिली हम सोसायटियों के लगातार चक्कर काटते रहे बैंक अधिकारियो द्वारा हमे लगातार आश्वाशन दिया जाता रहा कि जल्द ही बीमा राशी खातों में आ जावेगी। बीमा राशि नहीं मिलने को लेकर किसानों ने बीमा कम्पनी से सम्पर्क किया तो पता चला की जो प्रीमियम राशी हम सब किसानों के खातो बैंक द्वारा काटी थी वो बैंक द्वारा बीमा कम्पनी को भेजी ही नही गई है। जब इस सम्बंध में जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक से किसानों द्वारा जानकारी ली गई तो उन्होने बताया कि बैंक द्वारा बीमा प्रीमियम राशी बीमा कम्पनी को भेजी गई थी लेकिन बैंक कर्मचारियों द्वारा यु.टी.आर नम्बर नहीं चढ़ाने कि वजह से बीमा कम्पनी को प्रीमियम राशी नहीं दिख पा रही है। महाप्रबंधक से किसानों ने कहा कि बैंक के कर्मचारियों कि गलती कि सजा हम हजारों किसान क्यों भुगते। तो प्रबंधक ने गलती करने वाले बैंक कर्मचारियों को शोकाज नोटिस जारी किए। जिलाधीश और कृषी उपसंचालक को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया था। किसानों ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाहीं कर बीमा राशि दिलाने की मांग मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपकर जिला प्रशासन से की है। ज्ञापन देने सौपने वालों में शिवराज सिंह वर्मा, राजेश वर्मा, भगवान सिंह, शिवचरण गौर,ओमप्रकाश चौधरी, कमल सिंह गौर,शिव प्रसाद पटेल, रामनारायण पाटीदार रामसिंह, रमेश कुमार हेमराज, प्रेमनारायन,रामेश्वर आदि किसान शामिल रहे।


नपा कर्मचारियों की लापरवाही से नहीं मिला, मजदूरों को पीएम आवास योजना का लाभ, असंगठित कामगार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कलेक्टर को सौपा ज्ञापन


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सीहोर। असंगठित कामगार कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौपा गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नपा कर्मचारियों पर पीएम आवास योजना से संबंधित कार्यो में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिणाम स्वरूप मजदूरों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला सका है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असंगठित कामगार कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र नागर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा की हितग्राहियों ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ नगर पालिका कार्यालय में आवेदन किया था मजदूर हितग्राहियों का नाम लिस्ट में शामिल किया गया था।  कई हितग्राहियों ने कम्प्युटर में दर्ज सूची में नाम भी देखा था। लेकिन नगर पालिका के कर्मचारियों के द्वारा दस्तावेजों  में की गई लापरवाही के कारण अशिक्षित मजदूर वर्ग के लोगों को अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। शहर में अनेक नागरिक कच्चे घरों में रह रहे है। सर्वे टीम के द्वारा भी ठीक तरिके से जमीनी स्तर पर सर्वे नही किया गया है। कर्मचारियों ने लापरवाही करने के बाद स्वयं को बचाने के लिए कई लोगों को बेवजह अपात्र घोषित कर दिया है। अब एैसे नागरिकगण नगर पालिका कार्यालय के चक्कर लगा लगा कर परेशान हो चुके है। नपा कर्मचारियों के द्वारा नागरिकों को कार्यालय से भगा दिया जाता है। जिसके कारण नगर के नागरिकों में काफी आक्रोष व्याप्त है। असंगठित कामगार कांग्रेस सभी पात्र मजदूर हितग्राहियों को प्रधानमंत्री योजना का लाभ देने के लिए दोवारा सर्वे कराने की मांग करती है। मांग पूरी नहीं होती है तो हितग्राहियों के साथ असंगठित कामगार कांग्रेस कार्यकर्ता धरना आन्दोलन करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापन देने वालों में पिछड़ा वर्ग प्रदेश महामंत्री प्रीतम दयाल चौरसिया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयंत शाह, जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा, समाजकल्याण प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नवेद खान, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामप्रकाश चौधरी,राजेश रैकवार, भगत सिंह तोमर, महफूज खा,ं ओम सोनी, सुरेंद्र कौशल, कपिल विश्वकर्मा, अखिलेश परमार, राहुल कीर, जितेंद्र भंडारी, राजेश नागर आदि शामिल रहे


महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत समेकित बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस)संविदा अधिकारी/कर्मचारियों ने दिया ज्ञापन—


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प्रमुख मांगों को लेकर संविदा कर्मचारियों का आंदोलन शुरू समस्त विभागों में संविदा कर्मचारियों को संविदा नीति 5 जून 2018 लागू करते हुए चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा अधिकार आंदोलन के बैनर तले गुरूवार से 3 दिवसीय काली पट्टी बाॅंधकर विरोध किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 18 मार्च 2018 को सार्वजनिक रूप् से कहा था कि मैं मानता हूॅं कि संविदा की व्यवस्था अन्यायपूर्ण है। मैं शोषण की इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए संकल्पित हॅूं। तथा 01 अप्रैल 2018 को उक्त ट्वीट भी किया तथा नियमितीकरण के लिए 05 जून 2018 को संविदा नीति जारी की गई। माननीय मुख्यमंत्रीजी ने 22 नवम्बर 2018 को समस्त संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा भी की, किन्तु 03 साल बाद भी नियमितीकरण तो दूर 05 जून 2018 के अनुसार 90 प्रतिशत मानदेय भी नहीं दिया। इसके अलावा अन्य मांगों को लेकर संविदा अधिकार आंदोलन प्रबंधन टीम ने गुरूवार से आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में  महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत समेकित बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस)संविदा अधिकारी/कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को दिया ज्ञापन


विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को 11 जुलाई से 11 अगयत तक मनाया जाएगा जनसंख्या स्थिरता माह


जिले में 11 जुलाई से 11 अगस्त 2021 तक जनसंख्या स्थिरता माह के रूप में मनाया जाएगा। जनसंख्या स्थिरता माह  मे जिला चिकित्सालय एवं जिले की समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर निर्धारित दिवस पर चिन्हित हितग्राहियों की महिला नसबंदी एवं पुरूष नसंबंदी की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जानकारी दी कि 11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस के अन्तर्गत 10 जुलाई तक लक्षित दम्पत्ति से घर-घर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से परिवार नियोजन के अस्थाई व स्थाई साधनों की जानकारी व परामर्श दिया दिया जाएगा। चिन्हित हितग्राहियों की सूची बनाकर ब्लाक स्तर पर संधारण कर उक्त दोनों प्रकार की सेवायें सरलता से उपलब्ध कराई जाएंगी। समस्त संस्था प्रभारियो को निर्देश दिये गये है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन,  लोकल चैनल,  न्यूज चैनल,  मास मीडिया,  अन्य डिजिटल मंचों एवं व्यवहार परिवर्तन संचार के माध्यम से एवं एएनएम अपने टैब के माध्यम से वीडियो और आईईसी को हितग्राहियों तक पहुचाया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में आने वाले हितग्राहियों टीवी के माध्यम से भी परिवार नियोजन के साधनो से अवगत कराया जाएगा। मुनादी,  माईकिंग,  बैनर पम्पलैट द्वारा अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुचने का कार्य किया जायेगा। 10 जुलाई तक लक्ष्य दंपत्तियों की सूची बनाई जायेगी ताकि चिन्हित हितग्राहियों परिवार नियोजन के साधन की उपलब्धता कराई जा सकें।


जिले में अब तक 246.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज, बीते 24 घंटे में 12.3 मिलीमीटर औसत वर्षा


जिले में 01 जून से 9 जुलाई, 2021 तक 246.7 मिलीमीटर औसत  वर्षा  दर्ज की  गई । जो कि गत वर्ष इसी अवधि में हुई औसत वर्षा से 345.5 मिलीमीटर कम है। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1148.4 मिलीमीटर है। अधीक्षक भूण्अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 01 जून से 9 जुलाई, 2021  तक  जिले  के  वर्षामापी  केन्द्र  सीहोर में 291.6  मिलीमीटर, श्यामपुर में 258.0 आष्टा में 227.0 जावर में 230.0 इछावर में 230.0  नसरुल्लागंज में 280.0 बुधनी में 289.0, रेहटी में 168.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।


बीते 24 घंटे में 12.3 मिलीमीटर औसत वर्षा

जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 12.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 20.0 श्यामपुर में 47.0 आष्टा में 14.0 जावर में 12.0 इछावर में 5.0 नसरुल्लागंज में 0.0, बुधनी में 0.0, रेहटी में 0.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।


आज से संभाग के सभी ग्रामों में राजस्व अभियान नामांकन – बटवारा का एक भी प्रकरण लंबित नहीं रहे – संभागायुक्त श्री कियावत


संभाग के सभी जिलों के सभी गांवों में शनिवार 3 जुलाई से विशेष राजस्व अभियान प्रारंभ किया जा रहा है जिसमें फौती, नामांतरण और बटवारा के शत-प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण करने के प्रयास किए जाएंगे। संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों से लेकर तहसील स्तर की बैठक लेकर अभियान की सफलता के लिए दिशा निर्देश दिए। श्री कियावत ने निर्देश दिए हैं कि शनिवार - रविवार और सोमवार को सभी पटवारी अपने कार्यक्षेत्र के गांवों में सरकारी अमले, जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीणों की मौजूदगी में बी-1 का वाचन कर फौती, नामांतरण एवं बटवारा के प्रकरण दर्ज कर तहसील कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही नायब तहसीलदार और तहसीलदार के रीडर उप पंजीयक से कृषि भूमि संबंधी हुई रजिस्ट्रियों की जानकारी संकलित  करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त दोनों तरह की जानकारी के आधार पर प्रकरण दर्ज किए जाएं। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी तहसीलों में पटवारियों की निर्धारित दिवस को बैठक कर उनसे उक्त सभी प्रकरणों में प्रतिवेदन प्राप्त किए जाएं। प्रतिवेदन प्राप्त होते ही आवेदक से निर्धारित शुल्क जमा कराकर निराकरण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि दर्ज प्रकरणों में प्रतिवेदन के बाद इश्तिहार जारी करने में भी समय सीमा का ध्यान रखें तथा अपील के मामलों में कनिष्ठ से वरिष्ठ न्यायालयों को उसी दिन प्रकरण प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली से शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में कोई आपत्ति नहीं है, उन्हें एक दिवस में ही निराकृत करें। संभागायुक्त ने कहा कि यह अपने आप में उदाहरण होगा कि जिस माह में प्रकरण दर्ज हुआ है उसी माह निराकरण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि फौती नामांतरण और बटवारा का 6 माह से पुराना कोई प्रकरण लंबित नहीं रह जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि रोज-रोज सतत सुनवाई की जाए। उन्होंने पटवारियों द्वारा प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में रीडर को भी दक्षता से कार्य करने की जरूरत है। श्री कियावत ने कहा कि सभी मजिस्ट्रेट अपने और अधीनस्थ न्यायालयों का निरीक्षण कर लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं। उन्होंने निर्देश दिया कि दायरे को कम किया जाए और पटवारी का उनके कार्य क्षेत्र के मुख्यालयों पर उपलब्ध रहना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने पटवारियों को सार्थक गिरदावरी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तरह की गतिविधियों की प्रविष्टि आवश्यक रूप से की जाए।


"राजस्व संग्रहण कार्य की समीक्षा"

राजस्व संग्रहण कार्य की समीक्षा करते हुए श्री कियावत ने निर्देश दिए कि नवीन संपत्तियों को दर्ज कर व्यापर्तित संपत्तियों के साथ ही भू राजस्व वसूली में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भ्रमण के दौरान कृषि भूमि पर बने नवीन संपत्तियों से नियम अनुसार राजस्व वसूला जाए। उन्होंने अवैध खनन परिवहन के प्रकरणों में वसूली की कार्रवाई तत्काल करने और वसूली नहीं होने पर राजसात खनिज तथा वाहन आदि को नीलाम कर राजस्व की वसूली करने के निर्देश दिए।


"अवैध कालोनाइजर्स पर वसूली की जाए"

अवैध कालोनाइजर्स और डेवलपर्स के मामले में भी श्री कियावत ने संबंधित की संपत्तियों को कुर्क कर और नीलामी की प्रक्रिया अपना कर राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल जिले के राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेरा के द्वारा प्रेषित वसूली प्रकरणों में भी तेजी लाए जाने और कालोनाइजर्स से वसूली किए जाने की कार्यवाही की जाए।


"15 अगस्त तक 100 प्रतिशत आबादी सर्वे करें"

श्री कियावत ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत आबादी सर्वे के रूप में चयनित संभाग के 4 जिलों भोपाल, सीहोर, विदिशा और राजगढ़ जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त तक आबादी भूमि का 100 प्रतिशत सर्वे सुनिश्चित किया जाए। भू अर्जन कार्यों की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि अवार्ड पारित करने, मुआवजा देने और भूमि अधिग्रहण का कार्य प्राथमिकता से करें जिससे विकास कार्यों की लागत नहीं बढ़े।


ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र भी अब लोक सेवा गारंटी अधिनियम में अधिसूचित


आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को आय एवं सम्पत्ति प्रमाण पत्र जारी करना ईडब्ल्यूएस की सेवा मध्यप्रदेश प्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 अंतर्गत अधिसूचित की गई है। इस सेवा का उद्देश्य मध्यप्रदेश का आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग जो संविधान के अनुच्छेद 341 एवं 342 के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य के लिए अधिसूचित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधित अधिसूचना क्रमांक एफ 85-25-4-84 26 दिसम्बर 1984 द्वारा विर्निर्दिष्ट अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रदत्त आरक्षण की परिधि में नहीं आते हैं, को शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश एवं शासकीय नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण हेतु आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाना है।  इस सेवा के लिए पदाभिहित अधिकारी के रूप में तहसीलदार को अधिकृत किया गया हैं एवं सेवा के निराकरण की समय सीमा 15 दिवस है। इस सेवा को प्राप्त करने के लिए ऐसे नागरिक पात्र हैं, जिनके परिवार की कुल आय 8 लाख रूपये से अधिक न हो। आय में सभी स्त्रोतों की आय शामिल होगी जो वेतन, कृषि, व्यवसाय आदि से होवे। ईडब्ल्यूएस की सेवा प्राप्त करने के लिए नागरिक तहसील मुख्यालयों में स्थापित लोक सेवा केन्द्र में जाकर निर्धारित दस्तावेज व शुल्क जमा कर अपना आवेदन जमा करा सकते हैं।


शिक्षा का अधिकार अधिनियम - आवेदन की अंतिम तिथि आज


शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत, सत्र 2021-22 में निजी स्कूलों की प्रथम कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुक्रवार 9 जुलाई 2021 अंतिम तिथि है । पूर्व में यह तिथि 30 जून निर्धारित थी। छात्र हित को ध्यान में रखते हुए सत्र 2021-22 के निःशुल्क प्रवेश की गतिविधियों के लिए संशोधित समय.सारणी जारी की गयी है। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं त्रुटि सुधार के लिए विकल्प 9 जुलाई 2021 तक, ऑनलाइन आवेदन के पश्चात पोर्टल से पावती डाउनलोड कर तथा मूल दस्तावेजों से सत्यापन केन्द्रों मे सत्यापनकर्ता अधिकारियों से सत्यापन 10 जुलाई तक कराना, रेण्ड़म पद्वति से ऑनलाईन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन और चयनित आवेदको को एसएमएस द्वारा सूचना 16 जुलाई 2021 तक दी जाएगी। जिस बच्चे को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटन हुआ है, उसके द्वारा पोर्टल से आवंटन पत्र डाउनलोड कर आवंटित स्कूल में प्रवेश हेतु उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त करना प्रवेश की तिथि 16 से 26 जुलाई 2021 तक रहेगी। आर.टी.ई पोर्टल www.educationportal.mp.gov.in/Rte> Portal पर ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रारूप उपलब्ध है।


धान, सोयाबीन और मक्का फसल के लिए किसानों को सलाह


कृषि वैज्ञानिकों द्वारा धान की नर्सरी से खरपतवार अलग करने, सोयाबीन एवं संकर मक्का की बोवनी से पूर्व उचित बीजोपचार करने की किसानों को सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जी उत्पादक किसानों को बताया है कि भिण्डी में पीत शिरा मोजेक कीट व्याधि की संभावना है। भिण्डी की फसल में यदि पत्तियों की शिराओं का रंग पीला पड़ रहा है तो ये पीत शिरा मोजेक रोक के लक्षण हो सकते है अतः ऐसे पौधों को उखाड़कर जमीन में गाड़ दे तथा संक्रमण के प्रारंभिक चरण में रस चुसक कीटों को नियंत्रित करने के लिए इमेडाक्लोरप्रीड 5-7 मिलीलीटर प्रति पम्प का छिड़काव करें। बैंगन, टमाटर, मिर्च के पौध तैयार करे। इसी प्रकार अमरूद, आम, नीबू के वृक्षों में खाद व नत्रजन उर्वरक दें। इसी प्रकार गन्ना, धान की फसल वर्तमान में वानस्पतिक अवस्था में है। जिन स्थानों पर गन्ने की फसल घुटने की ऊँचाई तक आ गई है वहां किसान भाई फसल में निराई-गुड़ाई कर मिट्टी चढ़ाने का कार्य करें, साथ ही साथ जिन स्थानों पर पिछले माह गन्ने की बुवाई की गई है, उन स्थानों पर अंधी गुड़ाई करने की सलाह दी गई है। साथ ही गन्ने के नीचे की सूखी हुई पत्तियों को निकाल कर गन्ने की बंधाई करने के लिए कहा गया है।


नेशनल लोक अदालत आज, नेशनल लोक अदालत में होगा अनेक प्रकरणों का निराकरण


राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार आज नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजवर्धन गुप्ता के निर्देशन में नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला एवं तहसील स्तर पर 19 खण्डपीठों का गठन किया गया है। नेशनल लोक अदालत में आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण के लिए जिला एवं तहसील न्यायालयों में लंबित 94 आपराधिक शमनीय प्रकरण, 618 धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम चेक बाउंस, 110 क्लेम प्रकरण, 1280 विद्युत प्रकरण, 279 वैवाहिक विवाद से सम्बंधित प्रकरण, 96 सिविल प्रकरण एवं 07 अन्य प्रकरण मिलाकर कुल 2484 प्रकरण रखे गए है। बैंक रिकवरी, विद्युत बिल और जलकर से संबंधित कुल 14221 प्रिलिटिगेशन प्रकरण नेशनल लोक अदालत में रेफर किये गये है। वर्ष की प्रथम लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निराकरण समझौता सहमति के आधार पर कराया जाकर लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।


"आओ सीखें कार्यक्रम" 15 जुलाई से प्रयास-अभ्यास पुस्तिका 15 जुलाई से पहले होगी वितरित


छोटे बच्चों में भावनात्मक विकास और शैक्षणिक समझ विकसित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा "आओ सीखें कार्यक्रम" में 15 जुलाई 2021 तक विभिन्न विषयों पर तैयार किए गए ऑडियो-वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाए जाएंगे। इस पर आधारित विभिन्न छोटे ऑडियो और वीडियो भेजे जाएँगे। इसके साथ ही हमारा घर-हमारा विद्यालय के अंतर्गत बच्चों में विषय की प्रारंभिक समझ को विकसित करने की दृष्टि से प्रयास-अभ्यास पुस्तिका का वितरण भी 15 जुलाई से पहले किया जाएगा। इसके साथ ही 15 जुलाई के पहले अभ्यास पुस्तिका बच्चों को उपलब्ध कराने के संबंध में सभी जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 16 जुलाई से 15 अगस्त तक विद्यार्थियों को मेल पर प्रेषित की जाएगी। अभ्यास पुस्तिका के 48 पेज की सामग्री को जिले स्तर पर कक्षा 1 व 2 और कक्षा 3 से 5 के लिए बहुरंगी तथा कक्षा 6 से 8 के लिए ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंट में मुद्रित कराकर बच्चों को उनके घर पर कार्य करने के लिए 15 जुलाई के पूर्व उपलब्ध कराई जाएगी।


दस्तक अभियान - बच्चों की बीमारियों की पहचान और उपचार की पहल


स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त दल एएनएम, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 5 वर्ष तक की उम्र के बच्चों वाले परिवारों के घर-घर जाकर बच्चों में प्रायः पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए दस्तक अभियान 19 जुलाई से 18 अगस्त 2021 तक आयोजित किया जाएगा। दस्तक अभियान का उद्देश्य 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान एवं त्वरित प्रबंधन करना है, जिससे बाल मृत्यु दर में वांछित कमी लाई जा सके। उल्लेखनीय है कि माह-जुलाई में सघन दस्त रोग नियंत्रण पखवाड़ा आईडीसीएफ गतिविधियां भी आयोजित की जाना है, जिन्हें दस्तक अभियान की गतिविधियों के साथ 10 जुलाई से 18 अगस्त 2021 तक आयोजित किया जायेगा। 9 माह से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का विटामिन ए अनुपूरण पृथक से न कर दस्तक अभियान अंतर्गत दिनांक 19 जुलाई से 18 अगस्त 2021 तक घर-घर जाकर किया जायेगा तथा रिपोर्टिंग भी दस्तक अभियान अंतर्गत दस्तक मॉनिटरिंग टूल में की जायेगी। समुदाय में बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान प्रबंधन एवं रेफरल। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान, प्रबंधन एवं रेफरल। 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान, रेफरल एवं प्रबंधन। 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग की पहचान एवं नियंत्रण हेतु ओआरएस एवं जिंक के उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्येक घर में गृहमेंट के दौरान ओआरएस पहुँचाना, सघन दस्त रोग पखवाड़ा-आईडीसीएफ गतिविधि आयोजन 9 माह से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण। बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों एवं वृद्धि विलंब की पहचान, समुचित शिशु एवं बाल आहारपूर्ति संबंधी समझाइश समुदाय को देना, एसएनसीयू एवं एनआरसी से छुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फॉलोअप को प्रोत्साहन, गृह भेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छूटे हुए बच्चों की टीकाकरण स्थिति की जानकारी लेना। दस्तक अभियान के दौरान यदि किसी बच्चे में कोविड-19 के लक्षण तथा पिछले 3 दिन से बुखार, सांस लेने में कठिनाई, कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के संपर्क की हिस्ट्री हो आदि मिलने पर बच्चे को कोविड-19 की जांच के लिए रेफर किया जायेगा।


आपदा नियंत्रण एवं निगरानी के लिए डिजास्टर कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम स्थापित

  • सीहोर और रायसेन में भी स्थापित हुआ सेंटर, कलेक्टर श्री ठाकुर ने बाढ़ पूर्व तैयारियों की दी जानकारी

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राज्य में विभिन्न आपदाओं की निगरानी एवं नियंत्रण हेतु स्टेट डिजास्टर कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम की स्थापना की गई है। यह व्यवस्था राज्य में विभिन्न प्रकार की आपदा, संकट अथवा आपातकालीन समय की स्थिति से निपटने के लिए लाइव निगरानी, नियंत्रण, जानकारी प्राप्त करना एवं जानकारी अनुसार सही निर्णय लेने में सहयोग प्रदान करेगा।  सिस्टम के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तर पर डिजास्टर कमांड एवं कण्ट्रोल सिस्टम स्थापित किए गए है। राज्य स्तर एसडीईआरएफ अंतर्गत होमगार्ड द्वारा, भोपाल में संचालित स्टेट डिजास्टर कमांड एंड कण्ट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। वल्लभ भवन में स्थापित स्टेट सिचुएशन रूम स्थापित किया गया है। जिला स्तर पर प्रत्येक जिले में डिस्ट्रिक्ट कमांड एंड कण्ट्रोल कॉल सेंटर डीसीसीसी स्थापित किये जा रहे हैं। जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम से कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर ने नर्मदा तट के अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों के बारे में अवगत कराया। कलेक्टर श्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गयी। जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम स्थापित कर लिया गया है। साथ ही बाढ़ राहत एवं बचाव दल गठित कर लिया गया है। उल्लेखनीय है, कि  पायलेट व्यवस्था अंतर्गत जिला सीहोर, रायसेन एवं होशंगाबाद में जिला स्तरीय कॉल सेंटर प्रारंभ किये जा चुके हैं, शेष जिलों में 1 अगस्त तक कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली अर्ली वार्निंग सिस्टम भी विकसित किया गया है, जो बांधों, नदी के जल स्तर, जल संसाधन विभाग, मौसम विज्ञान विभाग एवं अन्य केंद्रीय और राज्य की विभिन्न एजेंसियों द्वारा वर्षा एवं बाढ़ सम्बन्धी इनपुट प्राप्त करेगी एवं सम्बंधित अधिकारियों, व्यक्तियों को सूचना एवं चेतावनी प्रेषित करेगी। राज्य सिचुएशन रूम, वल्लभ भवन में प्रारंभिक स्तर पर 16 डिजिटल फीड प्राप्त किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों की जैसे धार्मिक स्थल उज्जैन एवं ओंकारेश्वर, 7 स्मार्ट सिटी के आईसीसीसी, सभी बिजली वितरण कंपनियां, 62 शहरों से ट्रैफिक आईटीएमएस एवं सीसीटीवी इनपुट, राज्य की जेलें एवं डायल 100,108 वाहनों की लाइव लोकेशन ट्रैकिंग आदि का लाइव फीड प्रसारित किया जाएगा। सिचुएशन रूम अन्य आपातकालीन सेवाओं डायल 108, डायल 100 और सी.एम हेल्पलाइन के साथ पूर्ण रूप से इंटीग्रेट किया गया है। वाक्षित स्थानों से ड्रोन फ़ीड के माध्यम से लाइव विडियो प्रसारण की सुविधा भी वल्लभ भवन सिचुएशन रूम में उपलब्ध कराई गयी है। इसमें जिलों और विभागों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी है। मुख्यमंत्री एवं उच्च स्तरीय अधिकारीगण किसी भी आपदा की स्थिति में एक स्थान पर बैठे - बैठे पूरे घटनाक्रम, स्थानीय स्थिति की वास्तविक स्थिति की लाइव विडियो एवं इमेज फीड देख सकते हैं एवं सिचुएशन रूम से ही निर्देश जारी कर सकते हैं। इसी तरह, जिला स्तर पर डीसीसीसी, आपदा एवं आपातकालीन स्थिति में जिला स्तरीय कॉल सेंटर के रूप में उपयोग किया जायेगा जहाँ फील्ड स्तर से व्हाट्सएप विडियो कॉल, ड्रोन, फेसबुक लाइव के माध्यम से विडियो प्रसारित किये जाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी|  यह शासन के लिए नर्व सेंटर के रूप में कार्य करेगा, जिससे कलेक्टर और अन्य पदाधिकारियों को जानकारी प्राप्त करने एवं स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सामान्य समय के दौरान, डीसीसीसी सूचना प्रदान करने, शिकायतों को दर्ज करने एवं नागरिकों की प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए सीएम हेल्पलाइन के विस्तार के रूप में बहुत उपयोगी होगा। डीसीसीसी तीन जिलों होशंगाबाद, सीहोर और रायसेन में पायलट परियोजनाओं के रूप में प्रारंभ किया जा चुका है। ग्राउंड ऑपरेशन 52 ईओसी,  272 डीआरसी और 93 क्यूआरटी द्वारा निष्पादित किए जाएंगे, जिसमें होम गार्ड एवं एसडीईआरएफ द्वारा समन्वित लगभग 5500 कर्मचारी शामिल होंगे। नागरिकों को आने वाली आपदाओं के बारे में एसएमएस अलर्ट की सुविधा भी है।


आज जिले में किसी भी केन्द्र पर नहीं होगा टीकाकरण


जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एमके चंदेल ने जानकारी दी कि शनिवार 10 जुलाई 2021 को कोविड-19 का टीका जिले के किसी भी टीकाकरण सत्र पर नहीं लगाया जाएगा। नागरिकों से अनुरोध किया गया है, कि वे टीकाकरण के लिए किसी भी केन्द्र पर ना पहुंचे।


आपदा जैसा दृश्य निर्मित कर बाढ़ राहत एवं बचाव दल ने किया पूर्वाभ्यास


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नर्मदा नदी के बुधनी तट पर आये लोगों को घाट में मची अफरा-तफरी को देख कर लगा की कोई हादसा हो गया है। एसडीईआरएफ की टीम और होमगार्ड के जवान नदी से किसी को निकालने का युद्ध स्तर पर आपरेशन चला रहे हैं। यह दृश्य देख कर जिज्ञासावश घटना स्थल पहुंचे तो पता चला कि यह एक काल्पनिक दृश्य है जो एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड की टीम द्वारा पूर्वाभ्यास के लिए निर्मित किया था। इस पूर्वाभ्यास का मुख्य उद्देश्य तैयारी का मूल्यांकन करना और उसे बेहतर बनाना, बचाव हेतु मशीनरी और संबंधित राहत में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों के आपसी समन्वय का मूल्यांकन करना है। बाढ़ आपदा अत्याधिक विनाशकारी प्राकृतिक आपदा है और जब यह पैदा होती है तो बचाव का समय सीमित होता है। बाढ़ की तीव्रता को देखते हुए कुशलता के साथ बाढ़ पीडितों को बचा कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना तथा तत्काल राहत देने के के उद्देश्य से जिले में बुदनी नर्मदा तट पर पूर्वाभ्यास कराया गया। पूर्वाभ्यास में डिस्ट्रीक कमाण्डर श्री कमलनाथ दुरवे सहित अन्य सैनिक शामिल थे।


जिले में आज एक भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला, वर्तमान में कोरोना एक्टिव पॉजिटिव की संख्या 02


पिछले 24 घंटे के दौरान प्राप्त रिपोर्ट में जिले में आज कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक कुल कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या 10133 है। वर्तमान में एक्टिव पॉजिटिव 02 हैं। कुल रिकवर व्यक्तियों की संख्या 10016 हैं। कुल कोविड संक्रमित मृत व्यक्तियों की संख्या 115 है। आज 1267 सैम्पल लिए गए है। जांच के लिए सीहोर शहरी क्षेत्र से 233, श्यामपुर से 250, विकासखंड नसरुल्लागंज से 242, आष्टा से 243,  बुधनी से 187 तथा इछावर से 112 सेंपल लिए गए हैं। अभी तक कुल जांच के लिए भेजे गए सेंपल 183562 हैं जिनमें से 171774 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। आज 1129 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कुल 1584 सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। पैथोलॉजी द्वारा कोरोना वायरस सेंपल की रिजेक्ट संख्या कुल 71 है। जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में हैं उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। जिसका संपर्क नंबर- 07562-1075 है। जिला स्तर पर जिला कोविड कमांड कंट्रोल सेंटर का मोबाइल नंबर 9425400273, 7987652577, 9425400453 पर कॉल सेंटर पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर कॉल करके भी टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104 नंबर पर ई परामर्श सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। होम क्वारंटाईन व्यक्तियों तथा उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 जारी किया गया है। होम क्वारंटाईन व्यक्ति अथवा उनके परिजन इमोशनल वेलनेस अथवा साइकोलॉजिकल सपोर्ट एवं अन्य जरूरी परामर्श मानसिक सेवा प्रदाताओं से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा होम आईसोलेट व्यक्तियों की सतत निगरानी की जा रही है।


प्रदेश में माइनिंग गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जायेगा: मुख्यमंत्री श्री चौहान


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड से अर्थ-व्यवस्था प्रभावित हुई है। खनिज गतिविधियां अर्थ-व्यवस्था को गति देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अधिकतम सहयोग करना हमारा संकल्प है। प्रदेश में माइनिंग गतिविधियों को गति देने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। हमारा प्रयास होगा कि वर्ष 2022 तक प्रदेश में एक सौ से अधिक खनिज ब्लाक्स की नीलामी हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केंद्रीय खनिज मंत्री श्री प्रहलाद जोशी से प्रदेश के खनिज संबंधित विषयों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे। वीडियो कांफ्रेंस में दिल्ली से केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री श्री राव साहब दानवे भी शामिल हुए। प्रदेश के खनिज मंत्री श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव खनिज संसाधन श्री सुखवीर सिंह भी उपस्थित थे।


खनिज ब्लाक्स की नीलामी में तेजी लाई जाए

केन्द्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि खनिज गतिविधियाँ मूलभूत अर्थ-व्यवस्था में योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की मंशा है कि आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए खनिज क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरलीकृत कर खनिज ब्लाक्स की नीलामी में तेजी लाई जाए। इसके लिये विभिन्न कानूनों में आवश्यक सुधार भी किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत कार्यवाही जारी है। केंद्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में ब्लाक्स की नीलामी के लिए जारी गतिविधियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि समय-सारणी निर्धारित कर आगामी नीलामी प्रक्रिया संचालित की जाए।


प्रदेश में कोल गैसीफिकेशन की आवश्यकता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोयले के भंडार प्रचुर मात्रा में हैं। प्रदेश में कोयला खनन का कार्य भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में इन कंपनियों को कोल गैसीफिकेशन और लिक्विडिफिकेशन के लिए कार्य करने के निर्देश दिए जाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के स्रोत को समृद्ध करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग द्वारा बैतूल और छतरपुर जिले में दुर्लभ खनिजों की खोज के लिए सर्वे जारी है। यह कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चूना पत्थर की रॉयल्टी दरों को पुनरिक्षित करने का अनुरोध भी किया।


भोपाल में भारतीय खान ब्यूरो का कार्यालय आरंभ किया जाए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में खनिज ब्लाकों के खोज कार्य और नीलामी प्रक्रिया में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा एमईसीएल से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। भोपाल में भारतीय खान ब्यूरो का कार्यालय आरंभ करने का भी अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उर्वरक उत्पादन के लिए उपयोगी ग्लोकोनाइट खनिज का औसत मूल्य निर्धारित करने की मांग की। बैठक में मॉयल मैगनीज ओर इंडिया लिमिटेड  द्वारा बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों में 1961 से आरक्षित क्षेत्रों को अनारक्षित करने के संबंध में भी चर्चा हुई।


5 हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर खनिज पट्टा स्वीकृत करने की व्यवस्था हो

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 5 हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर खनिज पट्टा स्वीकृत नहीं करने के प्रावधान को शिथिल करने और मुख्य खनिजों की 2014 से अधिसूचित रायल्टी दरों का पुनर्निर्धारण करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने छतरपुर के मडदेवरा रॉक फास्फेट ब्लाक में यूरेनियम की संभावना को देखते हुए एटामिक मिनरल डिवीजन द्वारा लगाई गई रोक पर पुनर्विचार करने का अनुरोध भी किया। केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया।


वर्ष 2020-21 में खनिज से प्राप्त हुआ 4446 करोड़ रूपये का राजस्व

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में मुख्य खनिज की 831 खदानों से वर्ष 2020-21 में 2908 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ। गौण खनिज की 6338 खदानों से वर्ष 2020-21 में 1538 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ। आगामी वर्षों में नीलाम होने वाले खनिज ब्लाक्स से 50 साल तक लगभग 30 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य है।


आरक्षण रोस्टर शीघ्र तैयार करें, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो


राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने कहा है कि आरक्षण रोस्टर के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायें। समय-सीमा निर्धारित कर सभी कार्यों को पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ रोस्टर के संबंध में चर्चा करें। समस्याओं का प्रभावी समाधान शीघ्र किया जाए। इस कार्य में आवश्यकता होने पर विधि विशेषज्ञों का भी परामर्श प्राप्त करें। रोस्टर को अंतिम रुप देकर नयें पदों की पूर्ति की प्रक्रिया शीघ्र शुरु की जाए। राज्यपाल आज राजभवन में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन से चर्चा कर रहे थें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के समस्त स्टाफ को लग गई है। इसकी सुनिश्चितता की जाए। इसी तरह शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं का वैक्सीनेशन कम से कम समय में हो जाए। इसके लिए जरुरी प्रबंध किए जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा अकादमिक कैलेण्डर के अनुसार परीक्षाओं के संचालन के साथ परीक्षा परिणामों की समय बद्धता का भी कड़ाई से पालन हो। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री पटेल ने विश्वविद्यालयों में हो रहें निर्माण कार्यों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जो कार्य स्वीकृत किए जाए, उनका निर्माण समय-सीमा में पूर्ण होना चाहिए। भवन स्वीकृति के साथ ही निर्माण आवश्यकता के अनुसार बजट का भी प्रावधान किया जाना चाहिए। भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित कार्यों के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर उनका शीघ्र निराकरण कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय बद्धता पर विशेष ध्यान देने समुचित व्यवस्थाएँ करने और कार्य प्रगति की समीक्षा के लिए निगरानी समितियाँ बनाने के लिए कहा है। निगरानी समितियों से कार्य की सतत् मानीटरिंग करते हुए निर्माण की गुणवत्ता और अवधि की समय बद्धता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के वित्तीय प्रबंधन और ऑडिट की लंबित कंडिकाओं की नियमित समीक्षा होनी चाहिए, जिससे वित्तीय प्रबंधन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो।


रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने छापामार कार्रवाई, संयुक्त दल ने रेत से भरी नाव, ट्रेक्टर ट्राली और डम्पर किए जप्त


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जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए खनिज, राजस्व और पुलिस के संयुक्त दल द्वारा छापामार कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त दल द्वारा आज ग्राम बाबरी, आम्बा तथा नीलकंठ में छापामार कार्रवाई करते हुए डम्पर, ट्रेक्टर ट्राली तथा नाव जप्त की। खनिज अधिकारी श्री राजेन्द्र परमार ने बताया कि संयुक्त दल की छापामार कार्रवाई में 02 डम्पर, 04 ट्रेक्टर ट्रॉली सहित 09 नाव जप्त की गई। जप्त सभी नावों से इंजन निकाल कर थाने में रखे गये है। इनके द्वारा खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सभी वाहन चालक एवं अन्य लोग छोड़कर भाग गए। इस छापामार कार्रवाई में बुधनी एसडीएम श्री शैलेन्द्र हिनोतिया, एसडीओपी पुलिस श्री पटेल तथा खनिज निरीक्षक श्री संतोष सूर्यवंशी,  टीआई रेहटी श्री अरविन्द कुमरे, नसरूल्लागंज टीआई सुश्री कंचन कुमरे के अलावा पुलिस एवं राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी भी शमिल थे। श्री परमार ने बताया कि रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन को रोकने की छापामार कार्रवाई जारी रहेगी।


कोरोना वालेंटियर्स ने अंकुर अभियान के तहत किया पौधारोपण


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जिले के ग्राम शेखपुरा में गोस्वामी समाज समाधि स्थल मठ पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् ब्लॉक समन्वयक प्रदीप सिंह सेंगर के साथ कोरोना वालेंटियर्स एवं प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने अंकुर अभियान के अंतर्गत 20 पौधें लगाए। ब्लाक समन्वयक प्रदीप सिंह सेंगर ने बताया कि शासन द्वारा हमारी धरती को हरियाली और सौंदर्य में वृद्धि के साथ-साथ ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए अंकुर कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाना है। अंकुर कार्यक्रम के माध्यम से हम सब अपने प्रदेश की धरती को अधिक हरा-भरा और समृद्ध बना सकते हैं। लोगों से प्रतिदिन न सही, लेकिन विशिष्ट अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाए और अपने आस-पास एवं पहचान के व्यक्तियों को पौधारोपण हेतु प्रेरित करने की अपील की। इस अवसर पर ग्राम शेखपुरा में प्रस्फुटन समिति सदस्यों व कोरोना वालंटियर्स ने 51 पौधारोपण का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में रवि सोनी, नरेश गिर सहित कोरोना वालेंटियर्स एवं प्रस्फुटन समिति के सदस्य उपस्थित थे।


80 हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और 60 हजार को मिलेगा रोजगार - उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव


उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 80 हजार महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किये जाने की योजना है। अतः अपने क्षेत्राधिकार में स्थित महाविद्यालयों से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिये ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार करे जिन्होंने पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया हो। वर्तमान वर्ष में 60 हजार विद्यार्थियों को रोजगार देने का लक्ष्य है अतः विद्यार्थियों को रोजगार- स्वरोजगार स्टार्टअप प्रेरित करने और मार्गदर्शन प्रदान करने के प्रयास करें। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव मंत्रालय भोपाल से रीवा में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के तहत संभागस्तरीय मार्गदर्शन एवं परामर्श केन्द्र का ऑनलाइन शुभारंभ कर रहे थे। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योजना की गतिविधियों का संचालन समस्त महाविद्यालयों में सुनिश्चित करने हेतु संभागीय नोडल अधिकारी निरंतर अपने-अपने जिला नोडल अधिकारियों, प्रकोष्ट प्रभारियों से संपर्क स्थापित कर योजना का क्रियान्वयन कराए, ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें। संभागीय और जिला नोडल अधिकारी क्षेत्रान्तर्गत स्थित उद्योगों से संपर्क कर महाविद्यालयों से एमओयू करने के लिये आवश्यक कार्यवाही करें। इन उद्योगों में विद्यार्थियों को रोजगार देने के लिये आवश्यक ड्राइव का आयोजन भी कराने हेतु सम्पर्क स्थापित कर बेहतर प्रयास करें। संगठित क्षेत्र के आलावा असंगठित क्षेत्र में विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर निर्मित करने के आवश्यक प्रयास करें, साथ ही आगामी 03 माह की कार्ययोजना बनाकर राज्य नोडल कार्यालय को प्रेषित करें। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत माह फरवरी-मार्च 2021 में अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण जो कि नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल द्वारा ऑनलाइन के माध्यम से संपन्न हुआ था कि लिंक कक्षावार मेंटर्स को उपलब्ध कराकर प्रशिक्षण दिया जाए। उसको आधारभूत प्रशिक्षण के रूप में महाविद्यालय के अप्रशिक्षित विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर लाभान्वित किया जाए। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों कि जानकारी महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा राज्य कार्यालय को प्रेषित की जायें ताकि उन विद्यार्थियों को राज्य कार्यालय द्वारा डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया जा सके। संभागवार एवं जिलेवार व्हाटसेप ग्रुप बनाये जायें तथा उन ग्रुप में क्षेत्र के सफल उद्यमीए एनजीओ ऐसे विद्यार्थियों जो अपना स्वयं का व्यवसाय कर रहे हों को भी जोड़ा जाए। प्रत्येक माह शासकीय, अशासकीय, संगठित, असंगठित क्षेत्र में नियोजित होने वाले विद्यार्थियों का डाटा संधारित किया जाए एवं उसकी जानकारी गूगल फॉर्म में दर्ज की जाए। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॅरियर मेलों में रोजगार कार्यालयों की प्रदर्शनियां भी लगाई जायें जिससे विद्यार्थियों को रोजगार कार्यालयों में पंजीयन कराने की सुविधा प्राप्त हो सके और रोजगार कार्यालयों से संपर्क कर उनके पंजीयन अनुसार रोजगार प्रदान कराया जाये। रोजगार-स्वरोजगार को मुख्य लक्ष्य बनायें और छोटे महाविद्यालय प्रति माह 01 से 03 विद्यार्थियों के रोजगार-स्वरोजगार तथा बड़े महाविद्यालय 05 से 10 रोजगार स्वरोजगार का लक्ष्य लेकर चलें तथा इसे पूरा करने के प्रयास भी करें। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों की सूची बनाकर निरंतर अपडेट करते रहें। शहरी क्षेत्र में पार्ट टाइम जॉब करने वाले विद्यार्थियों और रोजगार-स्वरोजगार प्राप्त विद्यार्थियों की सूची बनायें और निरंतर अपडेट करते रहें। 

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