सुपौल : अधिग्रहण से घर-द्वार को मुक्त करा दें - Live Aaryaavart

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बुधवार, 15 सितंबर 2021

सुपौल : अधिग्रहण से घर-द्वार को मुक्त करा दें

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सुपौल. संत पापा फ्रांसिस ने कहा है कि वर्तमान समय में सभी धर्माध्यक्षों को समन्वय एवं बंधुत्व की खोज करने की जरूरत है.खोज करने के बाद आगे आने वाली चुनौतियों का सामना एक साथ करने में मदद मिलेगी.उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने आपको कठिनाइयों, व्यक्तिवाद और उदासीनता से लकवाग्रस्त होने न दें जो इस समय की विशेषता है.बल्कि ख्रीस्तियों को इन समस्याओं का सामना उदारता एवं सक्रिय सहभागिता और आज के समाज में मूल्यों की कमी के साथ असहमति जताते हुए करना चाहिए. उन्होंने इताली धर्माध्यक्षों से अपील की कि वे अतीत के लिए विषाद से ऊपर उठें और उन जगहों पर एक सांत्वना देनेवाली उपस्थिति बनने के लिए साहसिक कदम उठाएं जहां कठिनाइयाँ बहुत अधिक हैं. उन्होंने कहा कि पल्ली, ख्रीस्तीय जीवन के लिए प्रशिक्षण केंद्र तथा दूसरों के लिए सेवा का स्कूल बने, इस तरह विनम्रता एवं कोमलता चमकेगा.संत पापा ने अपने संदेश के अंत में पहल के लिए सराहना व्यक्त की जो धर्माध्यक्षों को योजना एवं मनोभाव बनाने में मदद करेगा ताकि लोग येसु से मुलाकात के प्रेम को पा सकेंगे.


वहीं आजकल भारत के कैथोलिक धर्माध्यक्षों ने ख्रीस्तानुयायियों के बीच एकता को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिये एक विशिष्ट पुस्तिका का प्रमोचन किया गया है.इस पुस्तिका का लक्ष्य स्थानीय कलीसियाई समुदायों एवं पुरोहितों में ख्रीस्त के अनुयायियों के बीच एकता के महत्व पर समझदारी उत्पन्न करना है. अगर कोई पुरोहित 139 साल पुरानी जमीन की कागजात पलटने लगे और दफन कब्र को खुदवाने लगे तो लोकधर्मी और याजकों के बीच एकता कायम होगी? इस समय मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के लतौना पल्ली में खेमाबाजी हो गयी है.यहां के लोगों का कहना है कि पोप से लेकर कार्डिनल तक चुनौतियों में मदद देने की वकालत कर रहे है कि लोगों के साथ कलीसिया में एका बनी रहे. यहां के रहवासियों का कहना है कि जब लतौना पल्ली में फादर विंसेंट फ्रांसिस थे.तब भक्तों को मृत्यु उपरांत स्वर्ग जाने की राह नहीं बताएं.मगर उक्त फादर ने भक्तों को सिविल कोर्ट जाने की राह सीखा दी.फादर ने चार सौ पचास से अधिक भक्तों पर जमीन हथियाने के आरोप में केस दायर कर दिया है.भक्तों पर आरोप है कि जमीन से अधिक जमीन भक्तों ने हथिया लिये है.वहीं भक्तों का कहना है कि हमलोगों ने वाजिब जमीन पर ही हक जमा रखे हैं.कागजात और जमीन साथ में है.अब तो नियम है कि 12 साल से कब्जा करने वालों की ही जमीन हो जाएगी.जो जमीन पर रोपे बोए वह जमीन का मालिक होए पर मुहर लगा दी है. वहीं भक्तों का कहना है कि हमलोगों से फादर विसेंट फ्रांसिस पचास हजार रू.की मांग कर रहे थे.फादर विसेंट फ्रांसिस कह रहे थे कि मांगी गयी राशि देने से केस में से नाम हटा देंगे.भक्तों का कहना है कि इससे साफ जाहिर हो रहा है कि फादर विसेंट फ्रांसिस केवल रू.लेना चाहते हैं.केस में जीत तो भक्तों की ही होगी. इस बीच पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा स्टेशन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की जा रही है.इसमें भक्तों की खेत और घर भी जा रहा है.इस चुनौती में मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप और पुरोहित साथ नहीं दे रहे है.वहां के रहवासी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह से निवेदन कर रहे है कि अधिग्रहण से घर-द्वार को मुक्त करा दें.पहले सर्वे को मान्य करे जिसमें खेत अधिग्रहण हो रहा था.

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