विदिशा (मध्य प्रदेश) की खबर 24 अप्रैल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 24 अप्रैल 2022

विदिशा (मध्य प्रदेश) की खबर 24 अप्रैल

ग्राम पंचायतों के चुनाव टालना भाजपा सरकार का अलोकतांत्रिक कदम - विधायक शशांक भार्गव

  • ब्लाक कांग्रेस विदिशा ग्रामीण ने पंचायती राज स्थापना दिवस पर की संगोष्ठी़

vidisha news
विदिशाः- पंचायती राज के स्थापना दिवस के अवसर पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी विदिशा ग्रामीण एवं गुलाबगंज द्वारा “महात्मा गांधी” के सपनो ंका पंचायती राज एवं वर्तमान स्थिति” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी में विधायक शशांक भर्गव एवं पंचायती राज व्यवस्था में जुडे पूर्व जन प्रतिनिधियों ने अपने विचार प्रकट करते हुये भाजपा सरकार द्वारा विगत तीन वर्षांे में ़ित्रस्तरीय पंचायत चुनाव ना कराने को लेकर चिंता व्यक्त करते हुये सरकार के कदम को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये विधायक शशांक भार्गव ने विचार प्रकट करते हुये कहा कि महात्मा गांधी मानते थे भारत की आत्मा गांवों में बसती है। इसलिए उन्होंने आजादी के साथ ग्राम स्वराज का सपना देखा था। उनके सपने को पूरा करने के लिए प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को पंचायती राज की शुरूआत की। कांग्रेस की सरकारों के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों ने विभिन्न संविधान संशोधनो, अधिनियमों के माध्यम से सुदृढ त्रिस्तरीय पंचायतीराज की व्यवस्था बनाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ग्राम पंचायतों को इतने अधिकार दिए थे कि वे ग्राम स्तर पर ही चौकीदार, ऑगनवाडी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव व जनपद के माध्यम से शिक्षको ंकी भर्ती कर सकते थे। भाजपा सरकारों ने समय समय पर पंचायतों के अधिकारों में कटौती करने के साथ साथ उन्हे ं शक्तिविहीन किया। वर्तमान भाजपा सरकार पिछले तीन वर्षांे में पंचायत चुनाव टालती आ रही है और अब अन्य पिछडा वर्ग आरक्षण खत्म कर लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझा देना इस बात का संकेत है कि भाजपा देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था समाप्त करना चाहती है। प्रदेश के प्रबुद्धजनो को आगे आकर भाजपा सरकार के अलोकतांत्रिक निर्णय का विरोध करना चाहिए। पूर्व सरपंच प्रभुदयाल यादव, पूर्व सरपंच नंदकिशोर शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी चाहते थे, कि लंबे समय से उपेक्षित ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को सशक्त बनाने के लिए पंचायती राज का प्रभावी तरीके से लागू होना चाहिए।  बाबूलाल वर्मा, रमेश तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी.नरसिंहराव ने 1952 में 73 वां एवं 74 वां संविधान संसांधन संसद में पारित करवाकर पंचायती राज को पूर्ण रूप से संवैधानिक अधिकार का दर्जा दिया। डॉ शैलेन्द्र कटारिया, जिनेष जैन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनंिसह ने ही पहली बार शुरूआत कर 24 अपै्रल 2010 को राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस घोषित किया। उन्होंने कहा कि म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ग्राम पंचायतों को असीमित अधिकार प्रदान करते हुये त्रिस्तरीय पंचायती राज म.प्र. में लागू किया। उन्होने कहा कि ग्रामीणों को सुलभता से न्याय मिल सके, इसलिए ग्राम न्यायलयों की स्थापना की। इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष अजय कटारे, सुरेश मोतियानी, दिवान किरार, मलखानसिंह मीना, सुरेश बाबू पाठक, शांतीमल भण्डारी, दीपक कपूर, अमित सोनी, अजय दांत्रे, देवेन्द्र दांगी, डॉ. जितेनद्र ंिसह दांग, हरिओम किरार, सुनील रघुवंशी, रामराजसिंह दांगी, गणेश दांगी, संजीव प्रजापति, गोविन्द भार्गव, मुआज कामिल, विनोद राजपूत, मोनूपाल, शिवराज पिपरोदिया, किशोर सिंह रघुवंशी, गोविन्दसिंह राजपूत, निरंजनसिंह दांगी, वीरेन्द्र राजपूत, वृजेन्द्र वर्मा, मनोज कुशवाह, केामल प्रसाद जाटव, दशरथसिंह सेन, मनीष विश्वकर्मा मौजूद रहे. 


विश्व मलेरिया दिवस‘‘  का आयोजन आज


‘‘विश्व मलेरिया दिवस‘  प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को आयोजित किया जाता है। जिला मलेरिया अधिकारी बी एम वरुण ने बताया कि विगत वर्षोनुसार इस वर्ष भी कोविड- 19 महामारी की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुये विश्व मलेरिया दिवस का आयोजन किया जाना है। इस वर्ष मलेरिया दिवस की थीम मलेरिया के लिए नवाचार भारत में उन्मूलन है। कोविड- 19 प्रोटोकाल का पालन करते विदिशा शहर की जी.एन.एम. ट्रेंनिग सेंटर से  सोमवार 25 अप्रैल की प्रातः 8 बजे विश्व मलेरिया दिवस पर एक रैली आयोजित की गई है। जो बाजार के मुख्य मार्ग से होते हुई जिला चिकित्सालय प्रांगण में संपन्न होगी।


लटेरी में स्वास्थ मेला सोमवार को


आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम  तहत  जिले के सभी विकासखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय  स्वास्थ्य मेला का आयोजन जारी कार्यक्रम अनुसार सोमवार 25 अप्रैल को लटेरी के सामुदायिक स्वास्थ्य में उपरोक्त स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया है। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी अखंड प्रताप सिंह द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में लटेरी बीएमओ के द्वारा स्वास्थ्य मेले के परिपेक्ष में किए जाने वाले प्रबंधों की गहन समीक्षा ही नहीं की बल्कि व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया है खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लटेरी के सीएमओ डॉक्टर सुरेंद्र धाकड़ के समन्वय से दिनांक 25 अप्रैल 2022 को लटेरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में खंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जावेगा जिसकी तैयारियां का जायजा विकासखंड के बीएमओ डॉ सुरेंद्र धाकड़ के द्वारा  लिया जा रहा हैं मेले की तैयारियों के संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एपी सिंह द्वारा निर्देशित किया गया है मेले के शुभारंभ हेतु क्षेत्रीय विधायक एवं जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर मेले को सफल बनाने का पूर्ण प्रयास किया जाए साथ ही आने वाले हितग्राहियों को छाया पेयजल जांच औषधि आदि समस्त निशुल्क व्यवस्था की जाए एवं अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड एवं एलटीडी के प्रकरण सुगमता से तैयार किए जाएंगे।


अक्षय तृतीय पर बाल विवाह न हो, इसके लिये तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं


मध्यप्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिवर्ष देव उठनी ग्यारस एवं अक्षय तृतीय के अवसर पर बहुत अधिक संख्या में विवाह सम्मेलन एवं बाल विवाह होने की संभावनायें अधिक होती है। शासन के निर्देशों के परिपालन में पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी अक्षय तृतीय 5 मई के अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने के लिये कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव  ने तहसीलदार और ब्लॉक स्तर पर निगरानी समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति में अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सदस्य के रूप में अनुविभागी अधिकारी पुलिस, परियोजना अधिकारी संबंधित, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत संबंधित, तहसीलदार संबंधित, खण्ड शिक्षाधिकारी संबंधित, खण्ड चिकित्सा अधिकारी संबंधित एवं थाना प्रभारी या नगर निरीक्षक नियुक्त किया है। गठित दल विवाह आयोजन में निगरानी के दौरान सूचना प्राप्त होते ही बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत आवश्यक कार्यवाही करेंगे, उक्त दिनांकों में बाल विवाह की रोकथाम के लिये संबंधित अधिकारियों को एवं कंट्रोल रूम पर सूचित करेंगे। कार्यवाही का प्रतिवेदन पृष्ठांकित प्रारूप में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग में उपलब्ध करायेंगे। तथा एक प्रति जनसम्पर्क कार्यालय  को भी भेजना सुनिश्चित करेंगे।


विश्व टीकाकरण सप्ताह  का आयोजन आज से


राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुपालन में विश्व टीकाकरण सप्ताह का आयोजन विदिशा जिले में भी 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक किया जाएगा विश्व टीकाकरण सप्ताह के दरमियान संपादित होने वाले कार्यों को अंतिम रूप देने एवं शत प्रतिशत लक्ष्यों का क्रियान्वयन कराया जाना सुनिश्चित हो को ध्यान गत रखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने आज अपने चेंबर में संबंधों की बैठक आयोजित कर उन्हें शासन के दिशा निर्देशों से ही अवगत नहीं कराया बल्कि स्थानीय स्तर पर हम लक्ष्यों की पूर्ति कैसे करें के लिए किए जाने वाले नवा चारों को रेखांकित किया है मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ए पी सिंह ने आयोजन पूर्व तैयारियों की बैठक में कहा कि सभी रिक्त उप स्वास्थ्य केंद्रोजहां ए एन एम नहीं है में टीकाकरण आयोजित कर क्षेत्र में शत प्रतिशत जीरो से 5 वर्ष तक के बच्चों सर्वे कराकर टीकाकरण कर टीकाकरण का प्रतिशत 90ः से ऊपर किया जाना अनिवार्य बताया है । जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ डीके शर्मा ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों के समन्वय से उसका मुख्य उद्देश समझाते हुए जिले के जिन उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम नहीं है या पद रिक्त हैं वहां के मुख्यालय पर सी एच ओ द्वारा वैक्सीन कराए जाना एवं अन्य ग्रामों में व्यवस्था कर आशा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जीरो से 5 वर्ष तक के बंचित बच्चों जिन को टीकाकरण किया जाना है सर्वे कार्य कर सूची उपलब्ध कराना जिसके आधार पर कार्य योजना तैयार कर आरबीएस के टीम के वाहनों के द्वारा सभी ग्रामों में जिन उप स्वास्थ्य केंद्र पर ए एन एम की पदस्थापना नहीं है वहां माइक्रोन तैयार कर 30 तारीख तक सभी छूटे हुए पात्र  0से 5 वर्ष के हितग्राहियों को टीके लगाए जाने सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। 


नदियों में मछली पकड़ने वाले मछुआरों के भी बनाये जाएंगे किसान क्रेडिट कार्ड


नदियों में मत्स्याखेट करने वाले मछुआरों के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाए जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन की राज्यस्तरीय बैंकर्स कमेटी द्वारा निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। मत्स्य विभाग के सहायक संचालक श्री संतोष कुमार दुबे ने बताया है कि वर्तमान में जिले में प्रवाहित नदियों में मत्स्याखेट करने हेतु आवश्यक नाव व जाल क्रयकरण हेतु स्वयं के स्तर से मछुआरों द्वारा व्यवस्था की जा रही है। ऐसे मछुआरों के लिए 10 किलोग्राम जाल क्रय करने के 800 रूपये किलोग्राम के मान से अधिकतम 8 हजार ऋण सीमा तक का किसान क्रेडिट कार्ड जारी कराए जाने का प्रावधान है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक मछुआरों को ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होने पर ग्राम प्रधान व सचिव का प्रमाणीकरण आवश्यक है तथा नगरीय निकाय क्षेत्र का निवासी होने पर पार्षद का प्रमाणीकरण आवश्यक है। इसके साथ ही विभागीय क्षेत्रीय अधिकारी का प्रमाणीकरण भी आवश्यक है। योजना का लाभ लेने हेतु विकासखंड मुख्यालय अथवा जिला कार्यालय से कार्यालय दिवस अवधि में संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है।

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