बिहार : छात्र-युवा संगठनों ने 18 जून को बिहार बंद का किया आह्वान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 17 जून 2022

बिहार : छात्र-युवा संगठनों ने 18 जून को बिहार बंद का किया आह्वान

  • राजनीतिक-सामाजिक संगठनों व बिहार की जनता से बिहार बंद को सफल करने की अपील

bihar-band-aisa
पटना 16 जून, सेना में भर्ती के लिए मोदी सरकार की अग्निपथ योजना ने बिहार सहित पूरे देश में युवाओं को झकझोर दिया है. देश के कई हिस्सों से उनकी आत्महत्या की खबरें मिल रही हैं. छात्र-युवाओं के इस आक्रोश को देखते हुए होना यह चाहिए था कि सरकार इस योजना को तत्काल वापस ले लेती, लेकिन वह अड़ियल रवैया अपना रही है. छात्र-युवाओं की भावनाओं को समझने की बजाए भाजपा के लोग आइसा-इनौस व अन्य आंदोलनकारियों को बदनाम करने पर उतर आए हैं. यह घोर निंदनीय है. दो दिनों के आंदोलन के बाद सरकार महज बहाली की उम्र सीमा में एक साल बढ़ोतरी का आश्वासन दे रही है, वह भी केवल इसी साल के लिए. इसे स्वीकार करना कैसे संभव है? सरकार के इस अड़ियल व गैर जिम्मेदाराना रवैये के खिलाफ आइसा-इनौस, रोजगार संघर्ष संयुक्त मोर्चा और सेना भर्ती जवान मोर्चा ने 18 जून को बिहार बंद का आह्वान किया है. उक्त घोषणा आज सेना भर्ती जवान मोर्चा व लोकप्रिय युवा नेता राजू यादव, इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अगिआंव विधायक मनोज मंजिल, आइसा के महासचिव व पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, इनौस के सम्मानित बिहार राज्य अध्यक्ष व डुमराँव विधायक अजीत कुशवाहा, इनौस के राज्य अध्यक्ष आफताब आलम, राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, आइसा के राज्य सचिव सबीर कुमार और राज्य अध्यक्ष विकास यादव ने संयुक्त रूप से की. उन्होंने राजनीतिक-सामाजिक संगठनों व बिहार की जनता से सेना व युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए बिहार बंद को सक्रिय रूप से समर्थन देने की अपील की है. छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि यदि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ और युवाओं का मजाक उड़ाने वाली इस योजना को वापस नहीं लेती, तो बिहार बंद के बाद भारत बंद की ओर कदम बढ़ाया जाएगा. यह कैसा मजाक है कि महज 4 साल काम करने के बाद जब युवाओं की असली जिंदगी शुरू होगी, तब उन्हें रिटायर्ड कर दिया जाएगा. हमारी मांग है कि कृषि कानूनों की तरह इस योजना को अविलंब रद्द किया जाए और बिना किसी देरी के सशस्त्र बलों में नियमित भर्ती की बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए. आज देशव्यापी आह्वान पर आइसा-इनौस की ओर से राज्यव्यापी विरोध का भी कार्यक्रम चल रहा है. छात्र-युवा नेताओं ने एक बार फिर कहा है कि सरकार इस योजना को वापस करने में जितनी देर करेगी, आंदोलन उतना ही विस्फोटक होता जाएगा और तब इसके लिए केवल और केवल सरकार ही जिम्मेवार होगी.

कोई टिप्पणी नहीं: