तेजस्वी राजद व एनडीए की तुलनात्मक रिपोर्ट कार्ड करें जारी : जायसवाल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 6 जून 2022

तेजस्वी राजद व एनडीए की तुलनात्मक रिपोर्ट कार्ड करें जारी : जायसवाल

sanjay-jaiswal-attack-tejaswi
पटना : बिहार की एनडीए सरकार को लेकर विपक्ष के तरफ से रिर्पोट कार्ड जारी कर दिया गया है। एक तरफ जहां इसको लेकर बिहार एनडीए के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार ने चुप्पी साध ली है, वहीं दूसरी और भाजपा इस रिपोर्ट कार्ड को लेकर राजद पर जोरदार हमला बोला है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि तेजस्वी यादव ग़ालिब का ख्याल न पालें क्योंकि, बिहार में जो विकास की धारा बही है उसकी हकीकत सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि आज जो लोग करप्शन के मामले में सजायाफ्ता हैं, वे अपने कार्यकर्ताओं से भ्रष्टाचार को मिटाने की अपील कर रहे हैं। जिनके शासनकाल को याद कर लोग आज भी सिहर जाते हैं वे एनडीए सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं। आगे उन्होंने राजद के रिपोर्ट कार्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर राजद में तनिक भी ईमानदारी होती तो वह एनडीए और राजद के शासनकाल की तुलनात्मक रिपोर्ट पेश करती लेकिन, राजद का यह रिपोर्ट कार्ड कुतर्कों का पुलिंदा भर है। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी के शासनकाल में 1990 से लेकर 2000 में 118 नरसंहार की घटनाएं हुई थी, जिसमें 812 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। संजय जायसवाल ने कहा कि राजद के युवराज को बताना चाहिए कि एनडीए राज आते ही ऐसा क्या हो गया कि नक्सली आतंक और नरसंहार का काला अध्याय एक झटके से समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि बिहार में अब जंगलराज नहीं बल्कि सुशासन का राज है। संजय जायसवाल ने तेजस्वी यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर तेजस्वी यादव में हिम्मत है तो राजद शासनकाल और एनडीए शासनकाल की तुलनात्मक रिपोर्ट जारी करें। साथ ही तेजस्वी यादव को अपने रिपोर्ट कार्ड में यह भी बताना चाहिए था कि एक गरीब परिवार में जन्मे उनके पिता और उनके परिवार के पास अकुत संपत्ति कहां से आई।

कोई टिप्पणी नहीं: