सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 24 जुलाई - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 24 जुलाई 2022

सीहोर (मध्य प्रदेश) की खबर 24 जुलाई

 निकाली गई कलश यात्रा, आज से शुभारंभ किया जाएगा शिव महापुराण का


सीहोर। हिंदू उत्सव समिति सीहोर के तत्वावधान में सोमवार से सात दिवसीय श्री शिव महापुराण की अमृत ज्ञान गंगा पंडित शैलेश तिवारी के श्री मुख से 25 से 31 जुलाई पावर हाउस चौराहा स्थित रुकमणी गोविंद गार्डन के सभागार में प्रतिदिन दोपहर दो से पांच बजे तक प्रवाहित होगी। इसकी तैयारियां करीब एक माह से समिति द्वारा की जा रही है। रविवार की शाम चार बजे से कलश यात्रा निकाली गई थी। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता ने बताया कि शिव महापुराण प्रतिदिन दोपहर दो बजे से पांच बजे तक प्रवाहित होगी शिव महापुराण कथा का शुभारंभ रविवार को  पूजा-अर्चना के साथ अमृत कलश यात्रा से हुआ। कलश यात्रा का विभिन्न सामाजिक संगठनों और अन्य ने शहर के विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।  शिव पुराण पर पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना कर आशीर्वाद ग्रहण कि या गया। महिलाएं गरबा नृत्य करती चल रही थी। लाल, पीली परिधानों में अमृत मंगल जल कलश शिरोधार्य किए चल रही थी शिव पुराण कलश यात्रा में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।   जानकारी के अनुसार सोमवार को सुबह दस बजे से 12 बजे तक प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक शिव महापुराण का आयोजन किया जाएगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर धर्म का लाभ लेने की अपील की है। 


धरती पुत्र पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर एक बार फिर बनेगा रिकार्ड, विश्वभर में घर-घर होगा पार्थिव शिवलिंग का निर्माण

  • आगामी 26 जुलाई सावन मास की शिवरात्रि पर विश्वभर में हर-हर महादेव, घर-घर महादेव
  • सावन मास की शिवरात्रि पर करोड़ों घरों में किया जाएगा पार्थिव शिवलिंग का निर्माण

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सीहोर। सावन मास में आगामी 26 जुलाई का आने वाली शिवरात्रि पर विश्व भर के सभी श्रद्धालुओं के द्वारा पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजन अर्चन का आयोजन किया जाएगा। दरअसल भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा लगातार दूसरे साल भी सावन मास में जारी सात दिवसीय सावन शिव महापुराण के माध्यम से यह संदेश दिया गया था कि सावन के पवित्र मास में मंगलवार को मासिक शिवरात्रि पावन अवसर होने से रात्रि सात बजे से अत्यंत शुभ मुहूर्त में घरों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका रुद्राभिषेक करने से अनेकों फायदे होते हैं घर में सुख शांति वैभव बना रहता है। इस साल सावन की शिवरात्रि का विशेष महत्व है और माता पार्वती और मां गंगा दोनों ही भगवान शिव के चरण छू रही है। उन्होंने बताया कि सामूहिक रूप से किसी आराध्य की पूजा का तत्काल फल मिलता है। गत वर्ष कोविड के बाद भी आस्था के साथ भव्य आयोजन किया गया था, देश ही नहीं विश्व में भी श्रद्धालुओं के द्वारा करोड़ों पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर पूजन किया गया था, इस साल उससे दूगना उत्साह दिखाई दे रहा है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में जारी शिव महापुराण के द्वारा भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा ने कहा कि शिव आराधकों के लिए महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि को ही भगवान शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे। माना जाता है कि इसी समय ब्रह्मा और विष्णु के द्वारा पहली बार शिवलिंग का पूजन किया गया था। परंतु एक वर्ष में एक महाशिवरात्रि और 11 शिवरात्रियां पड़ती हैं, जिन्हें मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। मासिक शिवरात्रि हर माह में एक बार आती है। इस तरह से 12 शिवरात्रि होती हैं। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर शिवरात्रि मनाई जाती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि विगत वर्ष भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के एक आह्वान पर हर-हर महादेव, घर-घर महादेव की तर्ज पर देश ही नहीं विदेशों में बसे श्रद्धालुओं ने पूर्ण विधि-विधान से पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर पूर्ण रूप से जलाभिषेक किया गया था। इस वर्ष भी पूरे उत्साह के साथ उक्त आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 26 जुलाई मंगलवार को चैनल पर लाइव, यू ट्यूब पर, फेसबुक पर लाइव रात्रि सात बजे से आठ बजे तक की जाएगी।


पूजा सामग्री

1- गेहूं के ... 21 दाने, 2- कमलगट्टे...5, 3- साबुत चावल...108, 4- काली मिर्च...21 दाने, 5- काली तिल...1 चुटकी, 6- धतूरा... 1, 7- बेलपत्र... 7,8-  शमी पत्र... 7, 9- गुलाब के पुष्प... 7


अभिषेक की सामग्री

1- दूध, 2- दही, 3- घी, 4- शक्कर, 5- शहद, 6- इत्र, 7- चंदन, 8- 3- सुपारी, 9- रोली, 10-  मोली, 11- चावल, 12- धूप, 13- कपूर, 14- दो मिट्टी के दीपक, 15- जनेऊ आदि शामिल है। माटी अगर ना मिले तो कोई भी ले सकते हैं चाहे वह घर में गमले की ही क्यों ना हो...ऑनलाइन पूजा होने से पहले ही शिवलिंग का निर्माण कर ले और मन में यह आस्था हो जैसे पार्वती जी ने शिव जी को अपना बनाने के लिए प्रार्थना की वैसी ही प्रार्थना आप अपने मन में रखें और श्री शिवाय नमस्तुभयम मंत्र का जाप करे।


महाविद्यालय छात्रों को हर घर तिरंगा अभियान की दी गई जानकारी


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शासकीय शहीद भगत सिंह कॉलेज आष्टा में जन अभियान परिषद द्वारा महाविद्यालय छात्रों को हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता सप्ताह में अपने-अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही अंकुर अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए पौधारोपण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महाविद्यालय के छात्रों को अंकुर ऐप डाउनलोड कराकर फोटो अपलोड करने की भी जानकारी दी गई।


इनरव्हील क्लब का पौधारोपण कार्यक्रम हुआ।

               

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इनरव्हील क्लब का पौधारोपण कार्यक्रम हुआ। गत दिवस इनरव्हील क्लब द्वारा वृक्षारोपण का कार्यक्रम विजयवर्गीय मोटर्स के फॉर्म पर संपन्न हुआ।   इनरव्हील अध्यक्ष श्रीमती शशि विजयवर्गीय ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति को प्रदूषण  से बचाने हेतु और पृथ्वी पर प्राकृतिक संतुलन बनाने हेतु आज वृक्षारोपण  हमारी नैतिक जिम्मेदारी, और आवश्यकता भी है । आज उसी दायित्व को पूरा करने हेतु  हम सब यहां उपस्थित हुए हैं।  सचिव हेमलता राठौर ने कहा हमने करीबन 25 पौधे लगाएं और आगे 75 पौधे और लगाने का सोचा है  हमने।  श्रीमती शशि विजयवर्गीय ने कहा इस प्रांगण में इन पौधो को लगाने का मुख्य कारण यही है इन पौधों का संरक्षण भी किया जा सके केवल पौधे लगा लेना ही काफी नहीं होता है उनका बचाव भी किया जा सके और उनमें समय-समय पर पानी और खाद डाला जा सके इसीलिए यहां यह भी अति आवश्यक है।  आर . ए.के कॉलेज से श्रीमान वर्मा जी ने पौधों के रखरखाव के बारे में  विस्तार से बताया।   मंडल की सभी सदस्यों कोषा. नीति ठकराल , तारा अग्रवाल, कुसुम सरेआम, नमिता श्रीवास्तव, मधु मिस्त्री, पम्मी  बादवा, मीरा कौशल, सीमा व्यास अर्चना वर्मा,   श्वेता  , माधवी आदि ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रियता से भाग लिया।


बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को एसडीईआरएफ की टीम एवं गोताखोरो ने सुरक्षित निकाला


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बीते दिन भारी वर्षा के चलते छीपानेर की ओर जाने वाली दगड़ी नदी एवं नाले में बाढ़ आ जाने के कारण ग्राम इटारसी के 6 लोग बाढ़ में फंसे हुए थे। लोगो के बाढ़ में फसे होने की सूचना मिलने पर एसडीईआरएफ की टीम एवं गोताखोरो ने मौके पर पहुंचकर सभी बाढ़ में फंसे 6 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला। नसरूल्लागंज एसडीएम श्री दिनेश तोमर एवं होमगार्ड के डिस्ट्रिक कमांडेंट श्री कुलदीप मलिक और नायब तहसीलदार श्री अजय झा भी मौके पर पहुंचे।


इन 06 लोगो को दगड़ी नदी की बाढ़ से सुरक्षित निकाला गया

दगड़ी नदी एवं नाले में बाढ़ आ जाने के कारण ग्राम इटारसी के श्री समोतीलाल उइके, श्री धनसिंह उइके, श्री राहुल सरयाम, श्री धर्मेन्द्र कहार, श्री जितेन्द्र इवने एवं श्री भीमसिंह इक्के को सुरक्षित निकाला गया। सभी लोगो ने जिला प्रशासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि एसडीईआरएफ की टीम एवं गोताखोरो ने सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर हमें सुरक्षित निकाल लिया। 


जिले में अब तक 725.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज, बीते 24 घंटे में 98.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज


जिले में 01 जून से 24 जुलाई 2022 तक 725.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जो कि गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 366.3 मिलीमीटर थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1148.4 मिलीमीटर है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 01 जून से 24 जुलाई तक जिले के वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 693.6 मिलीमीटर, श्यामपुर में 766.0, आष्टा में 597.0, जावर में 395.0, इछावर में 790.3, नसरूल्लागंज में 745.3, बुधनी में 767.0 और रेहटी में 1051.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।


बीते 24 घंटे में वर्षा

जिले में बीते 24 घंटे में प्रात: 24 बजे तक 98.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। वर्षामापी केन्द्र सीहोर में 38.1 मिलीमीटर, श्यामपुर में 113.0, आष्टा में 48.0, जावर में 60.0, इछावर में 49.0, नसरुल्लागंज में 100.2, बुधनी में 106.0 एवं रेहटी में 269.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।


10वीं की परीक्षा के लिए विद्यार्थी कर सकेंगे तीन भाषा विषय का चयन


माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शिक्षण-सत्र 2022-23 की हाई स्कूल परीक्षा के लिए विद्यार्थी को निर्धारित भाषा विषयों में से कोई तीन विषय का चयन करना होगा। नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क विषय का चयन करने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित भाषा विषयों में से कोई दो भाषा विषय का चयन करना होगा। चिल्ड्रन विथ स्पेशल नीड के विद्यार्थी गणित अथवा विज्ञान के स्थान पर चित्रकला अथवा गायन वादन अथवा तबला पखावज अथवा कंप्यूटर विषय में से कोई एक विषय ले सकेंगे। साथ ही ऐसे परीक्षार्थियों को तीन भाषा विषय में से दो भाषा विषय में छूट प्रदान की गई है। ऐसे परीक्षार्थी किसी एक भाषा विषय का चयन कर सकेंगे। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं में नियमित प्रवेश के लिए प्रवेश संबंधी मार्गदर्शिका पुस्तिका भी जारी की गई है।


नवीन व्यवसायिक शिक्षा में ट्रेड, जॉब रोल में प्रवेश


नवीन व्यवसायिक शिक्षा अंतर्गत ट्रेड, जॉब रोल में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को स्पष्ट किया गया है कि व्यवसायिक शिक्षा ट्रेड, जॉब रोल में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी भाषाओं के चयन में हिंदी एवं संस्कृत, उर्दू, शेष अन्य भाषाओं के साथ व्यवसायिक शिक्षा ट्रेड, जॉब रोल चयन कर सकते हैं। इसी प्रकार अंग्रेजी एवं संस्कृत, उर्दू, शेष अन्य भाषाओं के साथ व्यवसायिक शिक्षा ट्रेड, जॉब रोल का चयन कर सकते हैं। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी और संस्थान के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए है।


अमर शहीद कुंवर चैन सिंह के शहादत दिवस पर जिला प्रशासन ने दिया गॉड ऑफ ऑनर


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अमर शहीद कुंवर चैन सिंह के शहादत दिवस पर जिला प्रशासन द्वारा शहर के इन्दौर नाका स्थित कुंवर चैन सिंह की छतरी पर गॉड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके साथ ही नागरिकों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। उल्लेखनीय है कि 1857 की क्रांति के पहले की नरसिंहगढ़ रियासत के कुंवर चैन सिंह अपने दो साथी हिम्मत खां और बहादुर खां के साथ अंग्रेजी सेना से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उन्होंने अपने प्राणों की आहूति देकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का आगाज किया था। देश में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पहली सशस्त्र क्रांति 1858 में प्रारंभ हुई और देश भर में अंग्रेजो खिलाफ क्रांति की मशाल जलाई गयी तथा अनेक वीर सपूतों ने अंग्रेजी सेना से लड़ाई करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस क्रांति का नायक शहीद मंगल पाण्डे को माना जाता है। मेरठ क्रांति के 33 साल पहले ही इस क्रांति की शुरूआत हो चुकी थी। मालवा अंचल में अनेक वीरों ने अंग्रेजी सेना से बगावत कर युद्ध लड़ा और अपने प्राणों का बलिदान किया। स्वतंत्रता के इतिहास में सीहोर जिले की अन्य घटनाओं के साथ ही अमर शहीद कुंवर चैन सिंह की शहादत भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। सीहोर स्थित कुंवर चैन सिंह की छतरी पर गॉड ऑफ ऑनर की परम्परा मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 से शुरू की। सन् 1818 में ईस्ट इंडिया कंपनी और भोपाल के तत्कालीन नवाब के बीच हुए समझौते के बाद कंपनी ने सीहोर में एक हजार सैनिकों की छावनी बनाई। कंपनी द्वारा नियुक्त पॉलिटिकल एजेंट मैडॉक को इस फौजी टुकड़ी की कमान सौंपी गई। समझौते के तहत मैडॉक को भोपाल सहित नरसिंहगढ़, खिलचीपुर और राजगढ़ रियासत से संबंधित राजनीतिक अधिकार दिए गए। इस फैसले को नरसिंहगढ़ रियासत के युवराज अमर शहीद कुंवर चैन सिंह ने गुलामी की निशानी मानते हुए स्वीकार नहीं किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने अंग्रेजो के वफादार दीवान आनंदराम बख्शी और मंत्री रूपराम बोहरा को मार दिया। इन दोनों की हत्या के अभियोग से बचने के लिए अंग्रेजो ने कुछ शर्तें रखी जिसे कुंवर चैन सिंह ने ठुकरा दिया। अमर शहीद कुंवर चैन सिंह 24 जुलाई 1824 की दोपहर अपने घोड़े पर बैठकर कैम्प से बाहर जाने लगे तब अंग्रेजों के कर्मचारियों ने उन्हें यह कहते हुए रोका दिया कि आपको कैम्प से बाहर जाने की इजाजत नहीं है। इससे कुंवर चैन सिंह का स्वाभिमान आहत हुआ। उन्हें ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी कतई स्वीकार नहीं थी। वे मेडॉक और जॉनसन के आदेश की अवहेलना कर कैम्प से बाहर चले गये। मना करने के बाद भी कुंवर चैन सिंह के बाहर चले जाने से युद्ध की आशंका के चलते मेडॉक ने सेना को बुलवाने का प्रबंध किया और यह सेना डाबरी की छावनी, सीहोर की छावनी, भोपाल तथा होशंगाबाद से बुलवाई थी। लगभग 5 से 6 हजार सैनिक सीहोर पहुंच चुके थे। अंग्रेजी सेना ने 24 जुलाई 1824 की रात्रि में कुंवर चैन सिंह के कैम्प को घेर लिया और अंग्रेजी फौज द्वारा आक्रमण कर दिया गया। कुंवर चैन सिंह अपने विश्वस्त साथी हिम्मत खां और बहादुर खां सहित 43 सैनिकों के साथ अंग्रेजी फौज का वीरतापूर्वक सामना करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने अपने प्राणों की आहूति देकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का आगाज किया।


जन अभियान परिषद द्वारा उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित


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मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखण्ड सीहोर द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के तहत शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में बताया गया कि जन अभियान परिषद के माध्यम से शासन एवं समाज के बीच में सेतु का काम करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता निखारने के लिए उनको अपनी योग्यता को बढ़ाने का अवसर है। कार्यशाला में हर घर तिरंगा अभियान की विस्तृत जानकारी प्रदान की गइ। साथ ही सभी लोगो से स्वतंत्रता सप्ताह में अपने अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की गई।


उपसरपंच पद के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारियो को दिया गया प्रशिक्षण


उपसरपंच पद के निर्वाचन की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपादित कराने के लिए जनपद पंचायत इछावर में पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन पत्र भरने, पत्रों की संवीक्षा, मतपेटी तैयार करने सहित सभी मतदान प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।


बाढ़ एवं जलभराव क्षेत्र में फसे लोगो को जिला प्रशासन एवं एसडीईआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला

  • जिले में लगातार बारिश के कारण कई मार्गों के जलमगनीय पुलों पर आवागमन बंद

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जिले में भारी बारिश के चलते जिले की अनेक नदियो में जलस्तर बढ़ जाने एवं निचले स्थानो में जलभराव के कारण बाढ़ में फसे लोगो को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन एवं एसडीईआरएफ की टीम द्वारा पूरी तत्परता से कार्यवाही करते हुए फंसे हुए लोगो को सुरक्षित कर बाहर निकाला गया। पानी के तेज बहाव के कारण जिले में कई मार्गों के जलमगनीय पुलों पर सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कोटवार द्वारा भी मुनादी कर लोगो को सूचना दी जा रही है। अतिवर्षा के कारण कोलार डैम के 4 गेट भी खोले गए। जिसमें दो गेट आधा मीटर एवं दो गेट एक मीटर खोले गए। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नही जाने की अपील की गई है।


लगातार बारिश के कारण कुछ मार्गों के जलमगनीय पुलों पर आवागमन बंद

जिले में लगातार बारिश के चलते सीहोर से सेमरा दांगी, सीहोर से श्यामपुर, चांदवड-भडारखेड़ी, बरखेड़ाहसन-नाईखेड़ी मार्ग, बरखेड़ा हसन-देहरी मार्ग, सीहोर-बिलकिसगंज-नीलबड़ मार्ग, कोठरी कला-निपानिया मार्ग, रामनगर-इछावर मार्ग , इछावर-झालवी मार्ग, सीहोर शहर में बकरी पुल मार्ग बंद कर दिया गया।


पानी के बहाव से क्षतिग्रस्त रोड की मरम्मत

जिले में लगातार तेज बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण बिलकिसगंज-कोलार रोड क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसपर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए रोड की मरम्मत की गई और आवागमन पुनः प्रारंभ कराया गया।


ग्राम पिपलिया मीरा से 4 लोगो को सुरक्षित निकाला

जिले के ग्राम पिपलिया मीरा में बाढ़ में फंसे श्री नरसिंह, श्री भूरा, फूलवती एवं प्रियांशी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।


ग्राम नंदगांव से 12 लोगों को सुरक्षित निकाला

ग्राम नंदगांव से श्री बाबूलाल प्रजापति, श्री गायौतार प्रजापति, श्रीमती रमाबाई प्रजापति, श्री शुभम प्रजापति, श्री भूरा प्रजापति, सुनीता, अमीता, नानी, श्री राजेन्द्र, श्रीमती रीनाबाई, ऋषभ, सौरभ को सुरक्षित बाहर निकाला गया।


कुलास नदी से एक व्यक्ति को सुरक्षित निकाला

कुलास नदी का पानी भर जाने से बाढ़ में फंसे श्री गुलाब सिंह को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।


कलेक्टर ने की नागरिकों से अपील

लेक्टर श्री चंद्र मोहन ठाकुर ने नागरिकों से अपील की है कि नदी, नाले, रपटा पर जलभराव की स्थिति में वहां से गुजरने वाले रास्तों को बाढ़ एवं पानी होने की स्थिति में पार नहीं करें। वर्षा के दौरान नदी, तालाब एवं डेम के आसपास पिकनिक मनाने नहीं जाएं। उन्होंने सभी नागरिकों से खतरनाक और गहरे पानी वाली जगहों पर नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को नदी, तालाब, पोखर में नहाने अथवा पिकनिक के लिए जाने से मना करें।

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