मधुबनी : ककरौल (रहिका) के घटना में भाकपा-माले की कोई संलिप्तता नहीं - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

बुधवार, 3 अगस्त 2022

मधुबनी : ककरौल (रहिका) के घटना में भाकपा-माले की कोई संलिप्तता नहीं

madhubani-cpi-ml-news
मधुबनी/03 अगस्त, भाकपा-माले जिला कमिटी की ओर से तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 02 अगस्त को पुलिस अधीक्षक से मीलकर ककरौल की घटना पर सौंपा ज्ञापन प्रतिनिधिमंडल में  भाकपा-माले के जयनगर प्रखंड सचिव सह जिला कमिटी सदस्य व मिथिला कोशी जोन के सदस्य भूषण सिंह, बेनीपट्टी प्रखंड सचिव सह जिला कमिटी सदस्य व मिथिला कोशी जोन के सदस्य श्याम पंडित, हरलाखी प्रखंड सचिव सह मधुबनी जिला कमिटी सदस्य मदन चंद्र झा शामिल थे प्रतिनिधिमंडल ने अपने जिला कमिटी, मधुबनी की ओर से पार्टी की अधिकृत स्टैंड को मांग पत्र में उल्लेख करते हुए कहा है कि ककरौल (रहिका) के घटना में भाकपा-माले की कोई संलिप्तता नहीं है अगर किसी की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो वह उनका निजी मामला माना जाएगा सबूत को आधार बनाकर गहन अनुसंधान कराया जाय गहन अनुसंधान के बाद, घटना में जो भी निर्दोष पाये जाते हैं,उनका नाम मुकदमों से हटाया जाय।तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगाया जाय माले प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक मधुबनी से मीलकर सौंपे गए ज्ञापन में आगे कहा है कि रहिका थाना अंतर्गत ककरौल गांव में दिनांक 24 जुलाई को जमीन पर कब्जा कर झोपड़ी खड़ा करने के मामले को लेकर पुलिस एवं झोपड़ी खड़ा करने बालों के बीच अप्रिय घटना घट गई।घटना क्रम के समय ही मेरे पार्टी के जिला सचिव सह बिहार राज्य कमिटी सदस्य ध्रुब नारायण कर्ण से आपकी बातें हूई थी। जिसमें घटना को पार्टी सिस्टम व निर्णय के प्रतिकूल बताते हुए पार्टी की संलिप्तता को खारीज किये थे। फिर परिषद बाजार मधुबनी में मिडिया को दिये गये बाईट(साक्षात्कार) में इस आशय का बक्तब्य भी दिए थे। परंतु जब 26 जुलाई को मुकदमा की कापी मिली तो इसमें जिला सचिव सहित कई माले नेताओं का नाम देखकर जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण खुद ककरौल जाकर ग्रामीणों व प्रभावित भूस्वामियों से मुलाकात किये। प्रभावित भूस्वामियों ने जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण व माले नेता मनीष मिश्रा को निर्दोष बताया और कहा कि धोखे से आप दोनों माले नेताओं को नाम पड़ गया है।,  उपरोक्त ज्ञापन व मांग पर पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि घटना को अंजाम दिलाने में एक ब्यक्ति का साक्ष्य सबूत मिला है,जिसको किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। परंतु अन्य लोगों पर भी गहन अनुसंधान जारी है।जो भी व्यक्ति निर्दोष पाये जायेंगे उनका नाम हटा दिया जाएगा और जो दोषी प्रमाणित होंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।तब तक के लिए गिरफ्तारी अभियान पर रोक है

कोई टिप्पणी नहीं: