कविता : उड़ान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 6 अगस्त 2022

कविता : उड़ान

उड़ना है हमको उड़ना है।


पंछी की तरह उड़ना है।।


अब न किसी से डरना है।


हर मुश्किल से लड़ना है।।


गंदी सोच को मिटाएगें।


अच्छी सोच को आगे बढ़ाएंगे।।


इस बड़ी सी दुनिया में।


अपनी एक पहचान बनाएगें।।


बुरे पल को भूल जाएंगे।


कल में नहीं, आज में जिएंगे।।


इस छोटी सी जिंदगी में।


अपनी खुशियां जिएगें।।


हरे भरे हो पेड़ वहां।


सुगंध हो फूलों की जहां।।


न किसी का डर हो।


न भय हो कोई वहां।।


बस अपनी मंजिल नेक हो।


अब तो उड़ना है हमको, उड़ना है।।


पंछी की तरह उड़ना है।।



डॉली गढ़िया

डॉली गढ़िया

पोथिंग, कपकोट

बागेश्वर, उत्तराखंड

(चरखा फीचर)

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