मधुबनी : संपत्ति विरूपण की घटनाओं पर पैनी नजर रखने का दिया निर्देश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 23 सितंबर 2022

मधुबनी : संपत्ति विरूपण की घटनाओं पर पैनी नजर रखने का दिया निर्देश

Dm-madhubani
मधुबनी, जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका))सह डीएम अरविन्द कुमार वर्मा ने अधिकारियों को* *संपत्ति विरूपण की घटनाओं पर पैनी नजर* *रखने का निदेश दिया है।* उन्होंने कहा है कि ऐसी घटनाओं को काफी गंभीरता से लिया जाएगा तथा निदेशों की *अवहेलना या उल्लंघन* करने वाले अभ्यर्थियों/उनके समर्थकों पर *संपत्ति का विरूपण निरोध अधिनियम, 1987 की धारा-3* एवं *भारतीय दंड संहिता की धारा-426/427* के *अधीन कानूनी कार्रवाई की* जाएगी। आदर्श आचार संहिता कोषांग एवं विधि-व्यवस्था कोषांग सहित सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए *24x7* सक्रिय है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशों का *अक्षरशः अनुपालन* सुनिश्चित कराया जा रहा है।

*डीएम ने कहा कि नगरपालिका आम निर्वाचन, 2022 के अवसर पर अभ्यर्थियों तथा उनके* *समर्थकों द्वारा *सरकारी* *कार्यालयों/सरकारी उपक्रमों के भवनों/दीवारों/चहारदीवारी आदि को पोस्टर इत्यादि चिपकाकर विरूपित* करने की कार्रवाई से* रोका जाना आवश्यक है। बिहार सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के अनुसार कोई भी प्रत्याशी या उसके समर्थक *निजी भवनों को भी विरूपित नहीं कर सकते हैं।* बिहार सम्पत्ति का विरूपण अधिनियम, 1985 की धारा 3 के प्रावधानों में स्पष्ट किया गया है कि निजी भवनों पर भी *उसके स्वामी के नाम एवं पते के अतिरिक्त कुछ भी लिखा जाना* संपत्ति के विरूपण के दायरे में आएगा।डीएम ने कहा है कि निर्वाचन में अभ्यर्थियों द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु सम्पत्ति विरूपण के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निदेश दिया गया है। इसके अनुसार

 (i) किसी भी *सरकारी/सरकार के उपक्रमों के भवन, दीवार तथा चहारदीवारी* पर अभ्यर्थी तथा उनके समर्थकों द्वारा-

(क) किसी तरह का *पोस्टर/ सूचना नहीं चिपकाया* जायेगा।

(ख) *किसी तरह का *नारा* *नहीं* लिखा जायेगा।* 

(ग) किसी तरह का *बैनर अथवा झंडा नहीं लटकाया* जायेगा।

(ii) अभ्यर्थियों/उनके समर्थकों द्वारा *कोई होर्डिंग, गेट, तोरण द्वार अथवा कट-आउट* नहीं लगाया जाएगा।

(iii) कोई भी अभ्यर्थी या उसका समर्थक प्रतिबन्धों के अध्यधीन *अस्थायी और आसानी से हटाई जाने योग्य* विज्ञापन सामग्री जैसे *ध्वज और बैनर* को अधिभोगी (owner) की *स्वैच्छिक अनुमति के साथ निजी परिसरों में लगाया जा सकता है।* *डीएम ने कहा कि अनुमति किसी दबाव या धमकी से हासिल नहीं किया जाना चाहिए।* इस तरह के बैनर या ध्वज से *दूसरों को कोई परेशानी या किसी प्रकार का व्यवधान न हो* यह सुनिश्चित करना *अनिवार्य* होगा। इस संबंध में *लिखित रूप से प्राप्त स्वैच्छिक अनुमति* की फोटो कॉपी ध्वज और बैनर लगाने के *तीन दिनों* के अन्दर निर्वाची पदाधिकारी को प्रस्तुत की जानी चाहिए। *निजी सम्पत्ति के स्वामी के लिखित अनुमति के बगैर अभ्यर्थी या उसके समर्थक द्वारा* निजी सम्पत्ति का उपयोग प्रचार-प्रसार के निमित्त नहीं किया जा सकता है। निजी सम्पति के स्वामी द्वारा उक्त संबंध में निर्वाची पदाधिकारी को प्राप्त *शिकायत* के आधार पर अभ्यर्थी के विरुद्ध *सम्पत्ति अधिनियम के अधीन विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।* 

(iv) अभ्यर्थी द्वारा प्रचार-प्रसार के क्रम में पोस्टर/बैनर/पर्ची/पम्प्लेट इत्यादि को *अधिसूचना से लेकर मतदान समाप्ति के 48 घंटा पहले तक* प्रयुक्त किये जायेंगे। जिसे अभ्यर्थी द्वारा उन सभी स्थलों से पोस्टर/बैनर *मतदान समाप्ति के 72 घंटे के अन्दर* हटा लिया जाना अनिवार्य होगा, जिन स्थलों पर उनके द्वारा इन प्रचार सामग्रियों का उपयोग किया गया है। *डीएम ने कहा* कि यदि अभ्यर्थी द्वारा मतदान समाप्ति के 72 घंटे के अन्दर नहीं हटाया जाता है तो उसे स्थानीय प्रशासन द्वारा हटाने की कार्रवाई की जायेगी, *जिसमें होने वाला व्यय अभ्यर्थी से वसूल किया जाएगा।* साथ ही *अवहेलना/उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों/उनके समर्थको पर संपत्ति का विरूपण निरोध अधिनियम, 1987 की धारा-3 एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा-426/427 के अधीन कानूनी कार्रवाई* की जाएगी। निर्वाची पदाधिकारियों द्वारा इस संबंध में अभ्यर्थियों से एक *लिखित अंडरटेकिंग* भी लिया जाएगा।

*डीएम ने कहा* कि अभ्यर्थियों द्वारा शहरों में स्थानीय प्राधिकार द्वारा इस हेतु प्रचलित अधिनियम/नियम के अन्तर्गत *नियत स्थानों* पर अपने प्रचार के उद्देश्य से, *भुगतान* के आधार पर, बैनर/पोस्टर लगाए जा सकते हैं। किन्तु स्थानीय प्राधिकार द्वारा अनुमत वैसे स्थलों को *विस्तारित* (expand) नहीं किया जाएगा। यदि नियत स्थान पर बैनर/पोस्टर आदि के लिए इस तरह की जगह पहले ही किसी एजेंसी को उसे आगे अलग-अलग ग्राहकों को आवंटित करने के लिए दी गई है, तो संबंधित नगरपालिका प्राधिकरण के माध्यम से *निर्वाची पदाधिकारी* को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि *निर्वाचन अवधि के दौरान सभी अभ्यर्थियों* को निर्वाचन से संबंधित विज्ञापनों के लिए ऐसे विज्ञापन स्थान के प्रति *सुलभता का न्यायसंगत अवसर* मिले। *डीएम ने कहा कि शहरी निकाय में अभ्यर्थियों को प्रचार-प्रसार करने हेतु समान अवसर प्राप्त होना चाहिए इसके लिए नगरपालिका प्राधिकरण द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु उपलब्ध स्थलों का सभी अभ्यर्थियों के मध्य समानुपातिक रुप से एवं पहले आओ, पहले पाओ (First Come, First Serve) के आधार पर स्थलों का आवंटन सुनिश्चित किया जाए।* 

 *वाहनों का विरूपण:-* 

(क) निजी वाहनों में, मोटर वाहन अधिनियम और उसके अंतर्गत बने नियमों के प्रावधानों के अधीन, और अदालत के लागू आदेशों, यदि कोई हो, के अधीन *वाहनों के मालिक द्वारा* वाहन पर *अपनी इच्छा से* ध्वज और स्टिकर इस तरह से लगाये जा सकते हैं कि वे सड़क पर *अन्य उपयोगकर्त्ता* के लिए किसी भी *असुविधा या परेशानी का कारण नहीं* बने। यदि ध्वज और स्टीकर के इस तरह के प्रदर्शन का उद्देश्य *किसी विशेष अभ्यर्थी हेतु वोट मांगना* है, तो भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 171-ज के प्रावधानों का पालन किया जाना होगा।

(ख) *वाणिज्यिक वाहनों* पर, किसी भी ध्वज, स्टिकर आदि के प्रदर्शन की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक कि ऐसा वाहन जिला निर्वाचन पदाधिकारी/निर्वाची पदाधिकारी से अपेक्षिक *अनुमति* प्राप्त करने के बाद निर्वाचन अभियान हेतु *विधिमान्य* रूप से प्रयुक्त किया जा रहा वाहन न हो और उक्त अनुमति प्राप्त *वाहन के विंड स्क्रीन* पर *मूल रूप* में न दर्शाई गई हो।

*डीएम ने कहा कि चूंकि* नगरपालिका निर्वाचन *दलीय आधार पर नहीं हो रहा है,* इसलिये किसी राजनीतिक दल के नाम से कोई नारा बैनर एवं पोस्टर/पर्ची नहीं लगाया जायेगा एवं किसी प्रकार का प्रचार नहीं किया जायेगा। मुद्रित पोस्टर/पर्ची/बैनर के नीचे ( *मुख्य पृष्ट पर* ) प्रेस, जिसके *माध्यम* से मुद्रित कराया गया है, के *नाम एवं पता का उल्लेख होना चाहिये।* इसी प्रकार *हस्तलिखित* पोस्टर/परचा आदि के नीचे लिखने वाले का नाम एवं पता का उल्लेख (मुख्य पृष्ठ के निम्न भाग पर) रहना चाहिये। अभ्यर्थियों द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु मुद्रित किये जाने वाले पोस्टर/बैनर/पर्ची इत्यादि की *प्रतिलिपि* को निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। निर्वाची पदाधिकारी मीडिया कोषांग के माध्यम से यह निरीक्षण करने के उपरांत कि मुद्रित पोस्टर/बैनर/पर्ची इत्यादि में किसी भी जाति या धार्मिक या सामुदायिक भावना को ठेस नहीं पहुँचाया जा रहा है, अभ्यर्थियों को पोस्टर/बैनर/ पर्ची इत्यादि मुद्रित करने हेतु अनुमति प्रदान करेंगे। 

*बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 457* में उल्लेखित पुस्तिकाओं, पोस्टरों इत्यादि के मुद्रण के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।  

*स्थानीय चैनलों पर अनुमति के बिना प्रचार पर रोकः-* डीएम ने कहा कि अभ्यर्थियों द्वारा नगरपालिका निर्वाचन में स्थानीय समाचार चैनलों, सोशल मीडिया माध्यमों *(युट्यूब, फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम इत्यादि)* के माध्यम से प्रचार-प्रसार *निर्वाची पदाधिकारी की अनुमति के उपरांत ही किया जा सकता* है। निर्वाची पदाधिकारी के अनुमति के बिना यदि कोई अभ्यर्थी इन माध्यमों से प्रचार-प्रसार करते हुए पाया जाता है तो उस पर निर्वाची पदाधिकारी द्वारा *विधिसम्मत कार्रवाई* की जाएगी। *डीएम ने कहा कि स्थानीय समाचार चैनलों तथा सोशल मीडिया माध्यमों से अभ्यर्थी द्वारा प्रचार-प्रसार पर किया गया व्यय उसके कुल व्यय में सम्मिलित किया जाएगा।* उन्होंने कहा कि मीडिया कोषांग इस प्रकार के प्रचार-प्रसार पर पैनी नजर रखे हुए है

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