कविता : सपने - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

गुरुवार, 1 सितंबर 2022

कविता : सपने

सपने वो नही होते, जो सोने के बाद आते हैं।


सपने तो वो होते हैं, जो हमें सोने नहीं देते हैं।


जो हमें हर रोज एक मंजिल दिखाते हैं,


हम में नया जोश भर देते हैं।


हमें हमारी मंजिल तक पहुंचाते हैं,


हम सपनों को पाने की जब मेहनत करते हैं।


सपने भी हमसे मिलने की चाहत करते हैं।


सपने वो होते हैं जो हमें राह दिखाते हैं,


कठिन डगर पर चलना सिखाते हैं।। 


 



नीमा गढ़िया
नीमा गढ़िया

पोथिंग, कपकोट

बागेश्वर, उत्तराखंड

चरखा फीचर

कोई टिप्पणी नहीं: