बिहार : डॉन बॉस्को एकेडमी का मोटो है फोर गॉड एंड कंट्री - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

सोमवार, 5 दिसंबर 2022

बिहार : डॉन बॉस्को एकेडमी का मोटो है फोर गॉड एंड कंट्री

  • निदेशक आल्फ्रेड जॉर्ज डी रोजारियो,प्रधानाचार्य मेरी अल्फोंसा और कोषाध्यक्ष/बर्सर माइकल डेनियल हैं
  •  डॉन बॉस्को एकेडमी का मोटो है फोर गॉड एंड कंट्री

Don-basco-academy-patna
पटना. पटना महाधर्मप्रांत के महामहिम महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लूपुरा ने 31 जनवरी 2022 को डॉन बॉस्को अकादमी का गोल्डन जुबली की शुरूआत दीप जलाकर किया था.वहीं शनिवार को डॉन बॉस्को एकेडमी के गोल्डन जुबली समारोह (Golden Jubilee Celebrations of Don Bosco Academy Patna) में हिस्सा लेने बिहार सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तेजप्रताप यादव स्कूल पहुंचे. इस दौरान स्कूली बच्चों में तेजप्रताप यादव के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई. बिहार सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तेजप्रताप यादव शनिवार को डॉन बॉस्को एकेडमी के गोल्डन जुबली समारोह में हिस्सा लेने स्कूल पहुंचे. इस दौरान स्कूली बच्चों में तेजप्रताप यादव के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई. कोई पास आकर तो दूर से उनके साथ अपनी तस्वीरों को कैमरे में कैद करने में लगे थे. इस दौरान तेज प्रताप यादव बच्चों के रंग में रंगे दिखे. मौके पर बच्चों के मनोरंज के लिए आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिता में उन्होंने अपना हाथ अजमाया. डॉन बॉस्को एकेडमी के गोल्डन जुबली समारोह में हिस्सा लेने स्कूल पहुंचे पर बच्चों ने उत्साह के साथ मंत्री तेजप्रताप यादव का जोरदार स्वागत किया. तेज प्रताप को अपने बीच में पाकर बच्चे काफी खुश दिखे. स्वागत के दौरान विद्यालय के निदेशक आल्फ्रेड जौर्ज डी रोज़ारियो एवं प्राचार्य मेरी अल्फाेंसा भी तेज प्रताप ने साथ मौजूद थे. खुद तेज प्रताप ने भी तो वॉलीबॉल और हैंडबॉल पर अपना हाथ आजमाया.  बताते चले कि जेसुइट द्वारा संचालित संत माइकल हाई स्कूल की नौकरी छोड़ने के श्री आल्फ्रेड जौर्ज डी रोज़ारियो और उनकी धर्मपत्नी डोरोथी डी रोज़ारियो ने मिलकर सेंट जॉन बॉस्को के नाम पर पटना में डॉन बॉस्को अकादमी  1973 में  स्थापित किया गया.इसके बाद आल्फ्रेड जौर्ज डी रोज़ारियो पीछे मुड़कर नहीं देखा.दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करते रहे.उन्होंने झारखंड प्रदेश में स्थित मैक्लुस्कीगंज, रांची- 829208 में डॉन बॉस्को अकादमी के सिस्टर स्कूल खोल दिए. यह भी बता दें कि 1933 में एंग्लो-इंडियन के लिए भारतीय उपनिवेश समाज द्वारा एक मातृभूमि या "मूलुक" के रूप में स्थापित किया गया था. एंग्लो-इंडियन ही इस सहकारी समिति में शेयर खरीद सकते थे - भारतीय औपनिवेशीकरण समाज बदले में उन्हें जमीन का एक भूखंड आवंटित करता था.दस वर्षों के भीतर यह 400 एंग्लो-इंडियन परिवारों का घर बन गया.इसी के बल पर एंग्लो-इंडियन समुदाय के होने के नाते आल्फ्रेड जौर्ज डी रोज़ारियो को बिहार विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के कोटे से विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. बता दें कि राजद के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल में एंग्लो-इंडियन समुदाय के आल्फ्रेड जौर्ज डी रोज़ारियो को बिहार विधानसभा में मनोनीत किया था.उनका मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल खत्म होने के बाद सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जोसेफ गोलस्टेन को बिहार विधानसभा में मनोनीत कर लिया.इस बीच 15 नवंबर 2000  में बिहार विभाजन के बाद मैक्लुस्कीगंज, रांची का सीमांकन झारखंड प्रदेश में पड़ जाने के बाद विधायक जोसेफ गोलस्टेन बिहार विधानसभा की तरह ही झारखंड विधानसभा में मनोनीत हो गए.विधायक जोसेफ गोलस्टेन के निधन के बाद विधायक पुत्र ग्लेन जोसेफ गोलस्टेन विधायक मनोनीत हो गए.इस बीच सबका साथ,सबका विकास,सबका सहयोग करने वाली सरकार ने संविधान में संशोधन कर एंग्लो-इंडियन समुदाय का संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया. एंग्लो- इंडियन समुदाय से मनोनीत होनेवाले एक सदस्य का कोटा झारखंड चला गया.इस समुदाय को विधान परिषद में प्रतिनिधित्व देने की मांग हो रही है.अधिवक्ताओं, किसानों समेत दूसरे वर्ग से प्रतिनिधित्व देने की मांग उठ रही है.उन्होंने वादा किये थे कि बिहार विधान परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर एंग्लो-इंडियन समुदाय,वकील आदि को मनोनीत करेंगे.  डॉन बॉस्को एकेडमी की प्राचार्य मेरी अल्फाेंसा ने कहा कि वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तेजप्रताप यादव  गोल्डन जुबली समारोह में आकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया.उन्होंने स्कूल में बच्चों के कई खेल गतिविधियों में हिस्सा लेकर उनका हौसला अफजाई की. गोल्डन जुबली समारोह के दौरान मेला लगाया गया.इस अवसर पर पचास बैलून को आकाश में उड़ाया गया.

कोई टिप्पणी नहीं: