कैंडल लाईट प्रेयर की तरह सभी राज्यों में ईसाईयों द्वारा की जानी चाहिये - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 13 जनवरी 2023

कैंडल लाईट प्रेयर की तरह सभी राज्यों में ईसाईयों द्वारा की जानी चाहिये

Candle-light-prayer
पटना. छतीसगढ के आदिवासी ईसाईयों के साथ दुर्व्यवहार तथा वहाँ के चर्च में तोड़-फोड़ की अमानवीय घटना से आहत हो दिनांक 08 जनवरी 2023 को नयी दिल्ली के सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल में कैंडल लाईट प्रेयर का आयोजन किया गया था।जिसमें भारी संख्या में समुदाय के लोगों के साथ लगभग सभी धर्मों के धर्मगुरु तथा लोग शामिल हो नफरत की भावना त्याग आपसी सद्भाव की कामना करते हुए आदिवासी ईसाईयों की सुरक्षा तथा उनकी धार्मिक स्वतन्त्रता कज कामना की गई थी।उसी दिन पटना के एस.के .लॉरेन्स ने भी मोमबत्ती जला कर छत्तिसगढ़ के पीड़ित आदिवासियों की सलामती तथा अमन-शान्ति के लिये प्रार्थना की थी। इस सन्दर्भ में अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के महा सचिव एस.के. लॉरेन्स ने बताया कि उपरोक्त आह्वाहन को देखकर मन में यह बात आयी,कि जिस तरह इन दिनोंं विभिन्न राज्यों में ईसाईयत के खिलाफ घटनाएं घट रही हैं।लोग पीड़ित किये जा रहे हैं।आदिवासी ईसाईयों की सलामती के लिये 08 जनवरी को नयी दिल्ली में किये गये कैंडल लाईट प्रेयर की तरह सभी राज्यों में ईसाईयों द्वारा की जानी चाहिये। इसी सोंच के तहत कि कम से कम पटना में ही इस सन्दर्भ में कैंडल लाईट प्रेयर का आयोजन पटना के महा धर्माध्यक्ष के नेतृत्व में की जाए,पटना के महा धर्माध्यक्ष से एस.के.लॉरेन्स ने 11 जनवरी 2023 को मुलाकत की थी तथा छत्तिसगढ़ की घटना के सन्दर्भ में कैंडल लाईट प्रेयर कराने का अनुरोध किया था। एस.के.लॉरेन्स ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है,कि कल(12 जनवरी ) महा धर्माध्यक्ष के द्वारा जानकारी दी गई, कि कुर्जी चर्च के परिसर में शाम के साढ़े पाँच बजे से साढ़े छ: बजे तक उनके नेतृत्व में कैंडल लाईट प्रेयर का आयोजन किया जाएगा।जिसमें ईसाई समुदाय के साथ-साथ सभी धर्म के लोग भी शामिल हो सकते हैं। एस.के.लॉरेन्स ने दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे धर्म निरपेक्ष देश को किसकी नज़र लग गई है।जहाँ अमन-शान्ति,आपसी सद्भाव, भाईचारा तथा एक दूसरे के तकलीफ में हमेशा शामिल होने तथा मदद करने वाले लोग रहते आ रहे थे।सभी धर्म तो आपसी प्रेम-भाव,भाईचारा एक-दूसरे का सम्मान करने की बात करता है।तो फिर धर्म के नाम पर यह नफरत तथा शत्रुता क्यों? मृत्योपरांत नफरत करने, फैलाने तथा धर्म के नाम पर शत्रुता निभाने वाले लोग अपने- अपने ईश्वर को क्या जवाब देंगे?

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