- 14 साल में भी प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जबलपुर हाई कोर्ट को जमा नही करा पाया 11 लाख रूपये
- स्वीकृति नही होने पर भी पीजी कालेज सीहोर ने लगाई थी एल.एल बी, की कक्षाऐं
- बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के ग्यारह लाख रुपये भी हजम कर गया था कॉलेज प्रबंधन
खामियाजा भुगत रहे विद्यार्थी
विद्यार्थियों के द्वारा सनद नहीं देने का कारण पूछने पर बताया गया की पीजी कालेज प्रबंधक कमेटी के द्वारा ग्यारह लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है जिस वजह से सनद नहीं दी जा रही है। पीजी कॉलेज प्रबंधन के द्वारा उक्त गलती को स्वीकार किया गया लेकिन 14 साल बाद भी अबतक पीजी कॉलेज जबलपुर हाई कोर्ट को ग्यारह लाख रुपये का भुगतान नहीं कर पाया है। जिस का खामियाजा विद्यार्थियों को ही भुगतना पड़ रहा है और कई एलएलबी की पढ़ाई करने वाले छात्रों का अधिवक्ता बनने का सपना केवल सपना ही बनकर रह गया है।
बार काउंसिल ने लगा दी रोक
इस मामले में इछावर निवासी रजनी विश्वकर्मा सहित अन्य विधि विद्यार्थियों ने बताया की हमारे द्वारा वर्ष 2018 में एल एल बी, स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली गई थी है लेकिन जब 3 मार्च 2024 को जबलपुर में हाई कोर्ट में सनद के लिए नामांकन कराना चाहा तो इस बात की जानकारी प्राप्त हुई कि कालेज प्रबंधक कमेटी ने ग्यारह लाख रुपये का भुगतान ही नही किया है और अनुमति नही होने पर भी वर्ष 2010 से एलएलबी विधि स्नातक की कक्षा कॉलेज में आयोजित कराई जाती रही है। नवम्बर 2024 को बार काउंसिल आफ दिल्ली के द्वारा सनद देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कालेज कि उस गम्भीर त्रुटि के कारण आज कई छात्रों का भविष्य अंधकार मय हो चुका है।
आखिर कहा खर्च हो गया पैसा
समस्या के निराकरण के लिए पीजी कॉलेज से एलएलबी की डिग्री लेने वाले कुछ छात्रों ने उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सीएम हेल्पलाईन पर भी शिकायत दर्ज कराई है लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है छात्र अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है। इधर चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य छात्रों और उनके परिजनों को शासन से 11 लाख रूपये मिलते हीं जबलपुर हाई कोर्ट में जमा कराने का दिलाशा दे रहे है।

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