- रसोइया,आशा,आंगनबाड़ी महिलाओं का जिला स्तरीय समागम सम्पन्न

मधुबनी, 21 जनवरी, (रजनीश के झा)। भाकपा-माले के जिला कार्यालय में जन मुद्दे और जनांदोलन की ताकतों के आधार पर बदलो बिहार की मुहिम को तेज करने के उद्देश्य के तहत पटना में आयोजित बदलो बिहार महाजूटान को सफल बनाने के लिए आज मधुबनी में कामकाजी महिलाओं ,बिद्दुतकर्मी एव संघर्षशिल जन संगठनो के कार्यकर्ताओं का समागम हुआ।समागम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव सह एमएलसी शशि यादव ने कहा कि भाजपा की नीतीश सरकार कामकाजी महिलाओं के पेट पर लात मार रही है और अफसरों को लूट की छूट दे रही है।पूरी दुनिया में जग हंसाई हो रही है कि 1650 रुपए मासिक मानदेय पर विद्यालय रसोइयों से काम लिया जा रहा है।ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान की रीढ़ आशाओं को जीने लायक भी मासिक मानदेय नहीं दिया जा रहा है। आशाओं के मासिक मानदेय वृद्धि के समझौते को लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री आना कानी कर रहे हैं।न्यायपूर्ण मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले जीविका कैडर को प्रताड़ित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी की महिलाओं को देश में सबसे कम मानदेय बिहार में मिलता है।उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाओं और मनरेगा मजदूरों ,बिद्धुतकर्मी का शोषण इसलिए हो रहा है क्योंकि हम एकजुट होकर नहीं लड़ते हैं। आगे उन्होंने कहा कि भाकपा माले ने अपने अपने मुद्दे को लेकर संघर्षरत समूहों को एकमंच पर लाकर सरकारी तानाशाही के खिलाफ अभियान शुरू किया है। इसके तहत 25 जनवरी को समागम होगा और 9मार्च को पटना के गांधी मैदान में महा जुटान होगा। पटना पहली बार महिलाओं की संगठित ताकत और दावेदारी का गवाह बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि लाल झंडा की मजबूती से ही दलित गरीबों और महिलाओं की दावेदारी बढ़ेगी।मधुबनी माले आंदोलन का नया गढ़ बनेगा।
महिला समागम को संबोधित करते हुए माले जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने कहा कि बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाएं मधुबनी से पटना के महा जुटान में हजारो की संख्या में भाग लेंगी।एक तरफ तानाशी सरकार है जो जनता पर दमन चला रही हैं, दूसरी तरफ अपने अधिकारो के लिए लड़ने बाली जनता है,जो नीतिश मोदी सरकार के दमन के खिलाफ संघर्ष चला रही है। भाकपा-माले तानाशी नीतिश सरकार के खिलाफ लड़ने बाली जनता को जोड़ने में सेतु का काम कर रही है। बैठक को खेग्रामस के नेता श्याम पंडित, आईसा के नेता मयंक कुमार यादव, बिद्दालय रसोईया संघ के उपेंद्र यादव, योगेंद्र यादव, नरेश पासवान, आशा संघ के जुली मिश्रा, पिंकी कुमारी, पुनीता कुमारी, मिनाक्षी देवी, बिद्दुतकर्मी से पवन कुमार यादव, बिजय कुमार यादव, उमाकांत शर्मा, संजय कुमार सिंह, मंजर हुसैन,जीविका संघ के बसंत कुमार,राजेश कुमार मुखिया, अमरेश पूर्वे,दिनेश प्रसाद सिंह वगैरह ने संबोधित किया, जबकि दर्जनों रसोईया, जीविका, एवं अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.
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