पहाड़ पर नेटवर्क ढूंढने गई लड़की,
छेड़छाड़ से वहां भी बच न सकी,
बेटा गांव से परदेस पहुंच गया,
मगर मां बाप से उसका कनेक्शन टूट गया,
घर की खुशियां साझा करने के लिए,
दिन भर मां भटकती रही इधर उधर,
नेटवर्क न होने की वजह से,
बेटे को मिल न पाई घर की कोई खबर,
नेटवर्क की समस्या ने गांव के भविष्य को पीछे छोड़ा,
सबके सपनों को नेटवर्क की कमी ने इस तरह तोड़ा,
आधुनिक समय में भी गांव इस सुविधा से पीछे है,
विकास में पिछड़ने के डर से भागते सब इधर-उधर हैं,
न जाने कब बिछेगा गांव में नेटवर्क का जाल पूरा?
कब होगी अपनों से बात और कब गम दूर होगा।।
पूजा गोस्वामी
कक्षा 12
रौलियाना, गरुड़
उत्तराखंड
चरखा फीचर्स

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