सीहोर : रामलीला हमारे देश की प्राचीन परम्परा का जीवंत उदाहरण : पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 1 फ़रवरी 2025

सीहोर : रामलीला हमारे देश की प्राचीन परम्परा का जीवंत उदाहरण : पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय

  • अंतिम दिन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया

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सीहोर। शहर के सीवन नदी के समीपस्थ सनातन धर्म प्रचारक रामायण रामलीला मंडल के तत्वाधान में कलाकारों द्वारा चल रहे रामलीला महोत्सव का समापन हो गया। समापन अवसर पर रामलीला महोत्सव के अंतिम दिन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। इस मौके पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने कहा कि भारतीय समाज को सबसे उदांत आदर्श और सबसे गहरे संस्कार रामकथा ने ही दिया है। आज के हाईटेक युग में टेलीविजन चैनल, सेटेलाइट के माध्यम से चाहे जितने भी मनोरंजन के साधन हों, फिर भी लोग अधिक संख्या में वर्तमान परिवेश में भी रामलीला देखने आते हैं। सैकड़ों की संख्या में सभी आयु वर्ग के लोग रामलीला से आकर्षित होकर रामकथा देखने आते हैं और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करते हैं। रामलीला हमारे देश की प्राचीन परम्परा का जीवंत उदाहरण उन्होंने उत्तरप्रदेश काशी से पधारे हरीशचंद्र उपाध्याय उनकी टीम को स्वागत सम्मान करते हुए कहा कि भगवान गणेश की नगरी में आ सभी रामलीला मंडल का स्वागत वंदन है। आयोजन से जुड़े पंडित हरीशचंद्र उपाध्याय महाराज, पंकज ओझा वय, हेम प्रसाद ओझ, हरिओम शुक्ला, राकेश पांण्डेय, प्रमुख तिवारी, राजेन्द्र दुबे, विश्वनाथ, राधिका प्रसाद, लवकुश कुमार, शुभम उपाध्याय, राम कैलाश गौतम, अवधेश सिंह, राजू ढोलक-बादक आदि ने बताया कि पिछले 11 दिनों से चल रही रामलीला के दौरान काशी के कलाकारों द्वारा प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। बुधवार को आखिरी दिन भगवान राम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। 

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