संस्थान के योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह संस्थान पूर्वी क्षेत्र के किसानों के लिए फसल अनुसंधान, भूमि एवं जल प्रबंधन, बागवानी, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, डेयरी, प्राकृतिक खेती, कृषि प्रसंस्करण, पोषण वाटिका, जैविक प्रबंधन आदि अनेक क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। जलवायु अनुकूल खेती, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, संरक्षण कृषि और आईएआरआई पटना हब के माध्यम से शिक्षा में संस्थान ने विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजातीय उप-परियोजनाओं, ‘प्रयास’ कार्यक्रम, विभिन्न प्रशिक्षणों, जागरूकता अभियानों, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल तथा स्वच्छ–हरित परिसर जैसी गतिविधियों को सतत् रूप से संचालित किया जा रहा है। ‘लैब-टू-लैंड’ की अवधारणा पर बल देते हुए उन्होंने सभी को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गर्वपूर्वक उल्लेख किया कि बिहार और झारखंड में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का नोडल संस्थान बनने का दायित्व हमारे संस्थान को मिला, जिसे सभी के सामूहिक प्रयासों से सफलतापूर्वक निभाया गया एवं सभी लोग बढ़ी के पात्र हैं। इस अभियान के अंतर्गत संस्थान की 32 टीमों ने 2 लाख से अधिक किसानों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान “एक टीम – एक कार्य” की अवधारणा के अंतर्गत धान-परती भूमि प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन एवं न्यूनीकरण, स्मार्ट जल प्रबंधन, समेकित आर्द्रभूमि प्रबंधन, चारा एवं पशु आहार उत्पादन में नवाचार, डिजिटल कृषि, लघु एवं सीमांत किसानों के लिए नीतियाँ, प्राकृतिक खेती, कृषि-उद्यमिता विकास तथा बीज एवं पौध उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देगा। उन्होंने बताया कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आगामी योजनाओं में धान–मक्का प्रणाली के लिए परिशुद्ध पोषण प्रबंधन, सौर ऊर्जा आधारित कृषि, ड्रोन द्वारा कृषि रसायनों का छिड़काव, पेरी-अर्बन मॉडल, “शून्य भूख–शून्य प्रौद्योगिकी अंतर” पहल, एग्रीवोल्टाइक सिस्टम, एआई–आईओटी आधारित जल प्रबंधन, आर्सेनिक-रोधी PGPR तकनीक, उच्च तकनीक बागवानी, फ्यूचर फार्म मॉडल, मृदा जैविक कार्बन भंडारण तथा एआई आधारित बतख पालन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का विकास एवं प्रसार शामिल है। कार्यक्रम का समापन “नया भारत” थीम पर आधारित संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने, समाज में सद्भाव बनाए रखने, स्वच्छ-हरित परिसर को बढ़ावा देने और भोजन की बर्बादी रोकने का प्रण लिया। कार्यक्रम समापन के बाद संस्थान के कर्मियों एवं आईएआरआई हब के विद्यार्थियों के लिए मनोरंजक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन खेलों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

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