गठित टास्क फोर्सों के प्रमुख उद्देश्य :-
नशीली दवाओं, मादक पदार्थों, जाली मुद्रा, मानव तस्करी, वन्य सम्पदा, हथियारों एवं विष्फोटक पदार्थों की तस्करी से संबंधित नेटवर्क की पहचान और ध्वस्त करना ।
सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी और कार्रवार्ई को सशक्त करना ।
ख़ुफ़िया जानकारी के आदान-प्रदान और त्वरित कार्रवाई के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना ।
तस्करी में शामिल व्यक्तियों और गिरोहों के खिलाफ कड़ी कानून कार्रवाई सुनिश्चित करना ।
प्रगति की समीक्षा हेतु मासिक बैठक आयोजित कर संयुक्त रणनीति बनाना ।
इस अवसर पर महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल ने कहा कि माननीय गृह मंत्री भारत सरकार का नशीली दवाओं की तस्करी रोकने हेतु विशेष निर्देश है | माननीय प्रधानमंत्री ने भी देश की समस्याओं के प्रति केंद्रीय एवं राज्य सरकार की सभी एजेंसियों के एक साथ मिलकर एक टीम के रूप में कार्य करने का निर्देश है | इस दिशा में फ्रंटियर का यह प्रयास सराहनीय है | सीमा की सुरक्षा की चुनौती में सभी एजेंसियों को एक साथ कार्य करना सीमा प्रबंधन का महत्वपूर्ण एवं आवश्यक आयाम है। एंटी स्मगलिंग टास्क फ़ोर्स व एंटी नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स का गठन इस दिशा में एक निर्णायक और ठोस कदम है। हम इन चुनौतियों का सामना पूरी सख्ती और समर्पण के साथ करेंगे । सीमावर्ती लोगो को तस्कर विरोधी अभियान में शामिल करने हेतु संयुक्त प्रयास किया जायेगा । साथ ही सभी एजेंसियां आपसी ताल-मेल को बढाने हेतु संयुक्त प्रशिक्षण एवं अभ्यास में शामिल होंगी । इस अवसर पर श्री निशीत कुमार उज्जवल, भा.पु.से., महानिरीक्षक, सीमान्त पटना, अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था), अपर आयुक्त कस्टम (प्रिवेंटिव), जोनल डायरेक्टर (एन.सी.बी.) व एस.एस.बी. के वरीय अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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