- निजीकरण के खिलाफ़ हुंकार : संविदा कर्मियों की छंटनी और स्मार्ट मीटर थोपने पर गुस्से में बिजली कर्मचारी
नेताओं ने कहा कि निजीकरण की तैयारी के तहत मई माह में बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी की गई। 55 वर्ष की आयु पार करने वाले कर्मियों को हटाया गया और कई को “डाउनसाइजिंग” के नाम पर सेवा से बाहर कर दिया गया। इसका असर पूरे प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। प्रबंधन पर यह भी आरोप लगाया गया कि निजी घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के घरों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मिलने वाली रियायती बिजली सुविधा समाप्त की जा सके। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि नौ माह से चल रहा यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता और सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को समाप्त नहीं किया जाता। सभा को ई. मायाशंकर तिवारी, ई. विजय सिंह, अंकुर पांडेय, योगेंद्र कुमार, विशाल कुमार, गुलजार अहमद, संदीप कुमार, अमित कुमार, नागेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार और राजेंद्र सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

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