पटना 12 सितंबर (रजनीश के झा)। आज गर्दनीबागी धरनास्थल पर माले महासचिव का- दीपंकर भट्टाचार्य बर्खास्त विशेष सर्वेक्षण संविदाकर्मियों के आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे और कहा कि बिहार बदलाव के मुहाने पर है- बदलाव का मतलब सिर्फ सत्ता का परिवर्तन नहीं है, महज कुर्सी का बदलाव नहीं है बल्कि इसका मतलब नीतियों में बदलाव है- एनडीए की सरकार नौकरी देने वाली नहीं, नौकरी छीनने वाली सरकार है- उन्होंने कहा कि पूरा इंडिया गठबंधन आपके आंदोलन के साथ है- उन्होंने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाते हुए कहा कि नौकरी छीनने वाली सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में उखाड़ फेंके- माले महासचिव ने यह भी कहा कि सरकार बिहार के आंदोलनकारी युवाओं से वार्ता नहीं करना चाहती, उलटे पुलिसिया दमन व उत्पीड़न का सहारा लेती है- यह बिहार के युवाओं के साथ घोर अन्याय है- सरकार ने अपने चरित्र का खुलासा कर दिया- सरकार तुरंत उनकी बर्खास्तगी का आदेश वापस ले, सभी संविदाकर्मियों को बर्खास्त करे, सेवा स्थायी करे और उनकी पांच सूत्री मांगों को पूरा करे- बिहार के युवा इस तानाशाही का मुंहतोड़ जवाब देंगे- देश में लोकतंत्र है, उसका तकाजा है कि आंदोलनकारियों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाता है- हम उनके आंदोलन का समर्थन करने आए हैं- स्थायी करण की मांग का जवाब बर्खास्तगी कभी भी नहीं हो सकती- नौजवानों व संविदाकर्मियों की एकता बरकरार है- मौके पर का- धीरेन्द्र झा, एमएलसी शशि यादव, ऐक्टू नेता रणविजय कुमार, आइसा के राज्य सह सचिव कुमार दिव्यम, पटना महानगर के सचिव जितेन्द्र कुमार, प्रेमचंद कुमार आदि उपस्थित थे।
शनिवार, 13 सितंबर 2025
पटना : बिहार बदलाव के मुहाने पर है : दीपंकर भट्टाचार्य
Tags
# बिहार
# बिहार चुनाव
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
बिहार चुनाव
Labels:
बिहार,
बिहार चुनाव
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें