- कन्या केवल पूजनीय नहीं, संरक्षित भी हो : मंत्री दयाशंकर मिश्र ’दयालु’
नारी शक्ति का उत्सव और सामाजिक जागरण
पूजन के उपरांत पुलिस विभाग ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि कन्या केवल पूजनीय ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन की हकदार भी है।
प्रसाद, उपहार और सम्मान का संगम
महिला कल्याण विभाग के सौजन्य से 501 कन्याओं को प्रसाद, मिष्ठान और उपहार प्रदान किए गए। बालिकाओं के चेहरे उस क्षण खुशी से खिल उठे जब उन्हें समाज द्वारा शक्ति स्वरूप मानकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों एवं पुलिस विभाग के आरक्षियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने महिला सुरक्षा और सेवा कार्यों में विशेष योगदान दिया।
संदेश
नवरात्र अष्टमी पर 501 कन्याओं के पूजन का यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा का निर्वाह नहीं, बल्कि यह इस बात का सशक्त संदेश भी है कि कन्या पूजन की वास्तविकता तभी सार्थक होगी जब समाज में हर बालिका सुरक्षित, शिक्षित और स्वावलंबी होगी। जैसा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था, जिस देश की स्त्रियां शिक्षित, सबल और जागरूक होंगी, वही देश प्रगति और समृद्धि के शिखर पर पहुंचेगा। मिशन शक्ति 5.0 के तहत हो रहे ऐसे आयोजन नारी सम्मान और सशक्तिकरण की वह लौ प्रज्वलित कर रहे हैं, जो भविष्य की राह को उज्ज्वल बनाएगी।
मिशन शक्ति 5.0 : महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का अभियान
शुरुआत : प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की।
मुख्य लक्ष्य :
1. महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना।
2. स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
3. महिला उत्पीड़न की रोकथाम और त्वरित न्याय की व्यवस्था।
4. समाज में नारी शक्ति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना।
मिशन शक्ति 5.0 की विशेषता :
बड़े पैमाने पर कन्या पूजन और जागरूकता कार्यक्रम।
पुलिस, प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं की साझी भागीदारी।
महिलाओं के लिए कानूनी, स्वास्थ्य और परामर्श सेवाओं तक सहज पहुंच।
मिशन शक्ति 5.0 केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में “नारी सुरक्षा, नारी सम्मान” की संस्कृति को मजबूत करने की पहल है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें