- 20 नाबालिगों पर केस दर्ज, पुलिस अज्ञात आयोजक की पहचान में जुटी, स्थानीय लोग भयभीत
रिपोर्टों के अनुसार, जुलूस में लल्लापुरा के मुस्लिम युवक और कुछ अज्ञात लोग भी शामिल थे। इसका संकेत है कि नाबालिग मोहरा बने और मुख्य आयोजक छिपे हुए हैं। अक्सर ऐसे मामलों में बड़े आयोजक या नेटवर्क नाबालिगों को सामने लाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की रणनीति अपनाते हैं। इस मामले में पुलिस की चुनौती सिर्फ जुलूस में शामिल नाबालिगों की पहचान नहीं, बल्कि अज्ञात संगठक और उनकी मंशा को उजागर करना है। समाज और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि ऐसी नई परंपराओं के बहाने किसी भी तरह की अराजकता या सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा न मिले। सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि जुलूस में लगभग 15-20 नाबालिग शामिल थे, जिन्होंने डीजे बजाकर नारेबाजी की और मार्ग अवरुद्ध कर आम जनता को परेशान किया। लल्लापुरा चौकी प्रभारी प्रशांत शिवहरे की तहरीर पर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने, नई परंपरा शुरू करने और सार्वजनिक मार्ग बाधित करने के आरोप में केस दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों ने इस जुलूस को लेकर भय और आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की नई परंपरा स्थापित कर वर्चस्व कायम करने और अराजकता फैलाने के प्रयासों पर निगरानी रखी जा रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर सभी की पहचान की जा रही है।

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