कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ. तिवारी ने शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध की प्रतिमा देकर किया। वुमेन्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दरभंगा की असिस्टेंट प्रोफेसर एवं ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. रश्मि कुमारी ने MeitY एवं DCE दरभंगा की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को स्किल-ओरिएंटेड ट्रेनिंग एवं डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में WIT दरभंगा की ओर से डॉ. चंद्रिका कुमारी (असिस्टेंट प्रोफेसर, बायो-इंफॉर्मेटिक्स विभाग) एवं श्रीमती काजल कुमारी (असिस्टेंट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग) भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर श्री प्रफुल चंद्र (सहायक प्राध्यापक एवं फैकल्टी-इन-चार्ज) ने कहा, “3D प्रिंटिंग केवल एक निर्माण तकनीक नहीं है, बल्कि यह भविष्य के उद्योगों की आधारशिला है। इस बूटकैम्प के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा, जिससे वे उद्योग की वास्तविक मांगों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगी।”
C-DAC, कोलकाता से आए श्री शास्वत रॉय (प्रोजेक्ट इंजीनियर) ने प्रतिभागियों को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के वर्तमान परिदृश्य, औद्योगिक उपयोगिता और भारत में इसके भविष्य पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। C-DAC के ट्रेनर्स श्री आदर्श आनंद, श्री जयप्रकाश कुमार और सुश्री शारदा कुमारी ने तकनीकी सत्रों का संचालन करते हुए प्रतिभागियों को CAD डिजाइनिंग, प्रोटोटाइप निर्माण, मटेरियल चयन और हार्डवेयर हैंडलिंग पर प्रायोगिक अनुभव प्रदान किया। बूटकैम्प में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन असिस्टेंट प्रोफेसर (यांत्रिक अभियांत्रण विभाग) एवं C-DAC लैब के इंचार्ज श्री प्रफुल चंद्र के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद-ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए श्री प्रफुल चंद्र ने कहा: “यह बूटकैम्प युवाओं में नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में MeitY, C-DAC और DCE का एक संयुक्त एवं प्रभावशाली प्रयास है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी का कोर्स पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के लिए करियर के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे।

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