मधुबनी : मिथिला स्टूडेंट यूनियन की ऐतिहासिक विजय, जिले में दो केंद्रीय विद्यालयों की घोषणा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

मधुबनी : मिथिला स्टूडेंट यूनियन की ऐतिहासिक विजय, जिले में दो केंद्रीय विद्यालयों की घोषणा

Two-kv-for-madhubani-msu-
मधुबनी, 01 अक्टूबर (रजनीश के झा)। मिथिला स्टूडेंट यूनियन द्वारा मधुबनी जिले में केंद्रीय विद्यालय स्थापना हेतु चलाए जा रहे दस वर्षों के ऐतिहासिक संघर्ष एवं व्यापक जन-अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है। सरकार ने मधुबनी जिले में दो केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की घोषणा की है, जो संपूर्ण मिथिला क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने 2015 से लगातार धरना, आमरण अनशन, हस्ताक्षर अभियान, जन-जागरण रैली, और प्रतिवर्ष समाहरणालय पर विशाल प्रदर्शन के माध्यम से यह मांग उठाई। वर्ष 2018 में संगठन ने आमरण अनशन करते हुए प्रशासन को बाध्य किया कि मधुबनी के राजनगर प्रखंड के परिहारपुर में विद्यालय हेतु 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए। उसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं शुरू होने व प्रशासनिक लापरवाही के विरुद्ध संगठन के कार्यकर्ता निरंतर आंदोलनरत रहे – जनसभाएँ, जिलाधिकारी को मांग-पत्र, बुद्धिजीवियों और आम जनता की भागीदारी के साथ कई बार सड़क से सदन तक संघर्ष किया गया। इन संघर्षों में छात्रों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों एवं बुद्धिजीवियों की सक्रिय भागीदारी रही। जनहित के इस आंदोलन में दर्जनों बार भूख हड़ताल, कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना, हजारों लोगों का हस्ताक्षर अभियान तथा अधिकार यात्रा जैसी गतिविधियाँ देखने को मिलीं। सरकार द्वारा दो केंद्रीय विद्यालयों की घोषणा मिथिला स्टूडेंट यूनियन के समर्पित प्रयास, सामूहिक संघर्ष और जनता की दृढ़ इच्छाशक्ति की जीत है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन सरकार से अपेक्षा करता है कि दोनों विद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया तत्काल प्रारम्भ की जाए ताकि जिले के हजारों विद्यार्थियों को शीघ्र लाभ मिल सके। मिथिला स्टूडेंट यूनियन शिक्षा, समान अवसर और क्षेत्रीय विकास के लिए अपने संघर्ष को जारी रखने के लिए दृढ़-संकल्पित है।

कोई टिप्पणी नहीं: