प्रो झा ने कहा मैथिली अकादमी ने अभी तक महत्वपूर्ण 213 पुस्तकों का प्रकाशन किया था जिसमें से नौ पुस्तकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है ये पुस्तकें देश के कई राज्यों के विश्वविद्यालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में पढ़ाई जाती है शोधार्थी एवं पीएचडी करने वाले छात्र छात्राओं को मार्गदर्शन का काम करता है मैथिली अकादमी के पुस्तकों की मांग विदेशों में भी है ढेरों उपलब्धियों के बावजूद बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पिछले पांच महीनों से अकादमी के कार्यालयों को बंद करना कहीं से भी उचित नहीं कहा जा सकता है उन्होंने ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि मिथिला क्षेत्र से भाजपा एवं नीतीश कुमार सरकार को बहुत भारी जनसमर्थन मिला है लेकिन सात करोड़ मिथिलावासियों के मातृभाषा मैथिली पर लगातार हमला होना घोर आश्चर्यजनक है सबसे दुखद तब होता है जब मिथिला परिक्षेत्र के सांसद विधायक की चुप्पी तो मिथिलावासियों के हृदय को छलनी करता जा रहा है आखिर क्या कारण है कि हमारे क्षेत्र के विधायक एवं सांसद किस डर से चुप है क्यों नहीं मुंह खोल रहें है प्रो झा ने कहा राज्य या जिला के कोई भी राजनीतिक दलों के द्वारा इस अलोकतांत्रिक फैसला के खिलाफ आगे नहीं आना और निन्दनीय है इससे पहले नीतीश भाजपा की सरकार ने बीपीएससी से मैथिली भाषा को हटाया जो 1974 से इस राज्य में बीपीएससी के परीक्षा में था प्रो झा ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत मिथिला क्षेत्र के छात्र छात्राओं को मैथिली भाषा पढ़ने से रोक रही है क्योंकि यहाँ के छात्र उच्च पदाधिकारी नहीं हो सके।
प्रो झा ने बिहार सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि मिथिलावासियों का अपमान करना बंद करे नहीं तो जोरदार आंदोलन होगा उन्होंने घोषणा किया है बिहार सरकार के मिथिला मैथिली विरोधी मानसिकता को देखते हुए दिनांक 31 दिसंबर बुधवार को रहिका प्रखंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेगी एवं सरकार के नाम एक स्मारपत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से देगी और यदि अविलंब मैथिली अकादमी का ताला खोलने , प्रयाप्त बजट एवं पूर्ण कालीन कमिटी का गठन नहीं हुआ तो मैथिल समाज रहिका जिला मुख्यालय में भी धरना प्रदर्शन आयोजित करेगी प्रो झा ने मिथिला मैथिली प्रेमी प्रखंड एवं जिलावासियों आह्वान किया है कि निर्धारित तिथि को आयोजित कार्यक्रम में बढ़ चढकर भाग लें।

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