- 84 साल बाद यूपी को मिली सीनियर नेशनल की मेजबानी
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि खिलाड़ी ही देश को हर मैदान में ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। खेल हमें हार-जीत से ऊपर उठकर फिर से नई चुनौती के लिए तैयार होना सिखाता है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों का उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया। बहुत वर्षों बाद उत्तर प्रदेश में सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन यह संकेत देता है कि काशी अब केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि खेल संस्कृति की भी राष्ट्रीय पहचान बन रही है। आने वाले दिनों में यह आयोजन वाराणसी को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल विकास का नहीं, बल्कि खेलों का भी वैश्विक केंद्र बन रहा है। खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल नीति और खेल संगठनों में पारदर्शिता ने युवाओं को आगे बढ़ने का मंच दिया है। उन्होंने बताया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत गंभीरता से प्रयास कर रहा है, ताकि खिलाड़ियों को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि खेल अवसंरचना में हुए बदलाव का लाभ काशी को भी मिला है। आधुनिक स्टेडियम और बड़े आयोजनों ने वाराणसी को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दी है। जी-20 बैठक, प्रवासी भारतीय सम्मेलन और अब नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप, काशी लगातार बड़े आयोजनों का केंद्र बन रही है। उन्होंने अंत में खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह चैंपियनशिप भारत के खेल सपनों को नई ऊंचाई देगी।

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