सीहोर : ज्योतिष को वेदों का एक अभिन्न अंग माना जाता : जितेन्द्र तिवारी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 13 जनवरी 2026

सीहोर : ज्योतिष को वेदों का एक अभिन्न अंग माना जाता : जितेन्द्र तिवारी

  • ज्योतिषाचार्य पंडित कुणाल व्यास को ज्योतिष शिरोमणि की उपाधि, संस्कार मंच ने लौटने पर किया सम्मान

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सीहोर। ज्योतिष को वेदों का एक अभिन्न अंग माना जाता है, विशेष रूप से वेदांगों में से एक ज्योतिष, इसका उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों, त्योहारों के सही समय और शुभ कार्यों के निर्धारण में किया जाता है, जिससे यह धार्मिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन जाता है। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का मानना है कि ज्योतिष शास्त्र, खगोलीय घटनाओं के माध्यम से दैवीय इच्छा या ब्रह्मांडीय व्यवस्था को समझने में मदद करता है। उक्त विचार इंदौर से अखिल भारतीय ज्योतिष-वास्तु एसोसिएशन से ज्योतिष पंडित कुणाल व्यास का सम्मान प्राप्त कर लौटने पर स्वागत करते हुए संस्कार मंच के संयोजक जितेन्द्र तिवारी ने कहे। इस मौके पर पंडित श्री व्यास का शाल श्रीफल से स्वागत सम्मान किया गया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान ज्योतिष शिरोमणी सम्मान प्राप्त करने वाले पंडित श्री व्यास ने बताया कि इंदौर में देवी अहिल्या विश्व विघालय एवं अखिल भारतीय ज्योतिष-वास्तु एसोसिएशन ज्योतिष-वास्तु-कर्मकांड एवं आध्यात्म के क्षेत्र में किए गए शोघ एवं अनुभवशीलता को दृष्टिगत रखते हुए संस्था द्वारा ज्योतिष शिरोमणी से सम्मानित किया गया है। यहां पर मौजूद मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि ज्योतिषाचार्य पंडित कुणाल व्यास तंत्र मंत्र यंत्र वैदिक ज्योतिष न्यूमैरोलॉजी वास्तु वैदिक कर्मकाण्ड में निपुण है। हिंदू धर्म व संस्कृति में ज्योतिष शास्त्र का बहुत महत्व है। ज्योतिष शास्त्र से ही हमें सूर्योदय, सूर्यास्त, सूर्य व चंद्र ग्रहण, ग्रहों की स्थिति, ग्रहों की युति, राशि व ऋतु परिवर्तन आदि की स्पष्ट महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।


आगामी दिनों में संस्कार मंच के द्वारा किया जाएगा सम्मेलन

संस्कार मंच के संरक्षक मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि आगामी दिनों में शहर में मंच के द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर ज्योतिष महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर प्रसिद्ध ज्योतिषाचायों के द्वारा शरीर में होने वाले लोगों पर ग्रहों का प्रभाव एवं उनके निवारण के लिए जानकारियां दी जाएगी।  इस आयोजन में नेपाल सहित देशभर के ख्यात विद्वान भाग लेंगे। महाधिवेशन में भारत के विभिन्न राज्यों से आए ज्योतिषाचार्य, वास्तुविद और आध्यात्मिक चिंतक ज्योतिष, वास्तु, तंत्र और अध्यात्म के गूढ़ विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

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